ऐप्लिकेशन कैंपेन के बारे में जानकारी

आप ऐप्लिकेशन विज्ञापनदाता होने के नाते, पैसे देकर सेवाएं इस्तेमाल करने वाले लोगों को अपने ऐप्लिकेशन से जोड़ना चाहते हैं. आप उन लोगों से कैसे जुड़ेंगे? ऐप्लिकेशन कैंपेन आपके लिए इस प्रोसेस को आसान बनाते हैं. इनसे Google सर्च, Google Play, YouTube, Google डिसप्ले नेटवर्क, और Google डिस्कवर जैसी Google की सबसे बड़ी प्रॉपर्टी में ऐप्लिकेशन का प्रचार करना आसान हो जाता है. आपको सिर्फ़ टेक्स्ट की कुछ पंक्तियां, बोली, और कुछ एसेट जोड़ने हैं. इसके बाद, बाकी सब कुछ ऑप्टिमाइज़ किया जाता है, ताकि आपके उपयोगकर्ता आपको आसानी से खोज सकें.

इस लेख में ऐप्लिकेशन कैंपेन के काम करने के तरीकों के बारे में बताया गया है. शुरू करने के लिए, Google पर ऐप्लिकेशन का प्रचार करने के सबसे सही तरीकों को देखें. साथ ही, ऐप्लिकेशन कैंपेन बनाने का तरीका जानें.

क्या आप अपने ऐप्लिकेशन का प्रचार करने के लिए तैयार हैं? अपना 'ऐप्लिकेशन कैंपेन' सेट करने के लिए यहां पर क्लिक करें.

यह कैसे काम करता है

ज़्यादातर Google Ads कैंपेन से अलग, ऐप्लिकेशन कैंपेन में आपको व्यक्तिगत विज्ञापन डिज़ाइन करने की ज़रूरत नहीं होती. इसके बजाय, हम आपके विज्ञापन टेक्स्ट आइडिया और एसेट का इस्तेमाल करेंगे. इसमें आपके ऐप्लिकेशन के स्टोर पेज के एसेट शामिल हैं. इनका इस्तेमाल करके कई फ़ॉर्मैट और नेटवर्क में अलग-अलग तरह के विज्ञापन डिज़ाइन किए जाएंगे. शुरू करने के लिए, आपको कुछ टेक्स्ट, शुरुआती बोली, और बजट बताना होगा. साथ ही, हमें अपने विज्ञापनों की भाषाओं और टारगेट की जाने वाली जगहों की जानकारी भी देनी होगी. हमारा सुझाव है कि आप विज्ञापन के लिए कम से कम एक लैंडस्केप इमेज, एक पोर्ट्रेट वीडियो, और एक लैंडस्केप वीडियो दें. साथ ही, जहां ज़रूरत हो वहां HTML5 एसेट भी दें. हमारे सिस्टम अलग-अलग तरह के एसेट मिला-जुला कर देखेंगे और वही विज्ञापन दिखाएंगे जिनकी परफ़ॉर्मेंस अक्सर अच्छी रहती है. इसके लिए आपको अलग से कुछ नहीं करना होगा.

हर डाउनलोड से आपको ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा हो, इसके लिए Google Ads अपने आप टारगेटिंग (विज्ञापनों के लिए सही दर्शक चुनना) करता है और बोली लगाता है. आप इन-ऐप्लिकेशन कन्वर्ज़न जैसी अहम कार्रवाई के आधार पर अहम उपयोगकर्ता ढूंढने के लिए, अपनी कैंपेन टारगेटिंग (विज्ञापन के लिए सही दर्शक चुनना) को ऑप्टिमाइज़ कर सकते हैं.

हमारा सिस्टम, ऐप्लिकेशन विज्ञापनों को तुरंत जनरेट करता है. आपके विज्ञापन बनाने के लिए, Google Ads आपके अपलोड किए गए टेक्स्ट, इमेज, वीडियो या HTML5 एसेट या जिस ऐप्लिकेशन स्टोर में आपका ऐप्लिकेशन है वहां उसकी लिस्टिंग के एसेट को मिला सकता है. चाहे आपके ऑप्टिमाइज़ेशन का मकसद इंस्टॉल पाना हो, ऐप्लिकेशन कन्वर्ज़न हो या विज्ञापन लागत पर मुनाफ़े को टारगेट करने वाली 'बोली रणनीति' (tROAS) हो, आपके ऑप्टिमाइज़ेशन के मकसद को पूरा करने के लिए, सिस्टम आपके विज्ञापनों को रोटेट करता है. साथ ही, यह आपके ऐप्लिकेशन के ज़्यादा से ज़्यादा डाउनलोड हासिल करने के लिए बोलियों को अपने-आप एडजस्ट करता है. उदाहरण के लिए, अगर टेक्स्ट की एक पंक्ति दूसरी की तुलना में बेहतर परफ़ॉर्म कर रही है, तो सिस्टम बेहतर टेक्स्ट को ज़्यादा बार दिखाने का तरीका "सीख" लेगा. ऐप्लिकेशन कैंपेन में विज्ञापनों के बारे में ज़्यादा जानें.

आपके विज्ञापन कहां दिखाए जा सकते हैं

आपके विज्ञापन Google की सभी प्रॉपर्टी पर दिखाए जा सकते हैं. इसमें Google सर्च, Google Play, YouTube, Google डिसप्ले नेटवर्क, AdMob, Google डिस्कवर, हमारे सर्च पार्टनर, और ऐप्लिकेशन विज्ञापनों को होस्ट करने वाले कई दूसरे प्रकाशक शामिल हैं. आपके विज्ञापन ऐसी जगहों पर दिखाए जा सकते हैं:

Google सर्च नेटवर्क

Google आपके विज्ञापन को खोज के लिए इस्तेमाल हुए ऐसे शब्दों से मिलाकर देखता है, जो आपके ऐप्लिकेशन या उसकी श्रेणी से मिलते-जुलते हैं. Google Ads कई तरीके इस्तेमाल कर आपके कीवर्ड जनरेट करता है. इसमें Google Play पर खोज के लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों का सहारा लेना भी शामिल है.

Google Play

  • Google Play खोज के नतीजे
  • Google Play संबंधित ऐप्लिकेशन सेक्शन: "आप इसे भी पसंद कर सकते हैं" और "इस ऐप्लिकेशन से संबंधित"
  • Google Play होम पेज: "आपके लिए सुझाए गए"

Google आपके विज्ञापन उन लोगों को दिखा सकता है जो आपके ऐप्लिकेशन के काम के शब्दों और ऐप्लिकेशन की खोज करते हैं. साथ ही, आपके विज्ञापन उन लोगों को भी दिखाए जा सकते हैं जो आपके ऐप्लिकेशन से मिलते-जुलते ऐप्लिकेशन के ज़्यादा जानकारी वाले पेज पर जाते हैं.

YouTube

  • YouTube पर काम के पेज या सामग्री.

Google Ads आपके विज्ञापनों को YouTube पर ऐसी जगह दिखा सकता है जहां उन्हें सबसे ज़्यादा क्लिक मिल सकते हैं और जहां से आपका ऐप्लिकेशन डाउनलोड किए जाने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है.

Google डिसप्ले नेटवर्क

Google Display Network Ad, home screen

  • Gmail
  • अन्य ऐप्लिकेशन
  • समाचार साइटें, ब्लॉग की मोबाइल वेबसाइटें, और इंटरनेट पर मौजूद दूसरी साइटें

Google डिस्कवर

Google Discover Ad

फ़िलहाल, Android फ़ोन पर सिर्फ़ अंग्रेज़ी भाषा सेटिंग में उपलब्ध है.

अब आपके विज्ञापन 'Google डिस्कवर' पर दिखाए जा सकते हैं. इसका मतलब है कि आप उपयोगकर्ता के लिए सही रुचियों के हिसाब से उन्हें आकर्षक विज्ञापन दिखा सकेंगे.

कैंपेन ऑप्टिमाइज़ेशन और बोली लगाना

ऐप्लिकेशन कैंपेन में आपके मार्केटिंग के लक्ष्यों के लिए ऑप्टिमाइज़ करने के तीन अलग-अलग तरीके हैं:

ज़्यादा इंस्टॉल पाने पर ध्यान देना. Google Ads आपकी बोलियों और टारगेटिंग (विज्ञापन के लिए सही दर्शक चुनना) को ऑप्टिमाइज़ करेगा, ताकि आपको अपने ऐप्लिकेशन के लिए ज़्यादा से ज़्यादा नए उपयोगकर्ता मिल सकें. आपकी सेट की गई बोली वह औसत रकम होनी चाहिए जिसे आप हर बार अपना ऐप्लिकेशन इंस्टॉल किए जाने पर खर्च करना चाहते हैं. Google Ads के नए वर्शन में एक बेहतर विकल्प मौजूद है. इससे आप उन उपयोगकर्ताओं को टारगेट कर सकते हैं जिनकी ऐप्लिकेशन इंस्टॉल करने और कोई खास कार्रवाई करने की संभावना ज़्यादा है. इस विकल्प के लिए, आप अब भी इंस्टॉल के लिए ही बोली लगाएंगे.

चुनी हुई इन-ऐप्लिकेशन कार्रवाई पाने पर ध्यान देना. अगर आपका लक्ष्य ज़्यादा अहम उपयोगकर्ताओं को ढूंढना है और आपकी इन-ऐप्लिकेशन कार्रवाई एक कन्वर्ज़न इवेंट के रूप में तय है, तो इस विकल्प का इस्तेमाल करें. Google Ads उन लोगों पर ध्यान देगा जिनकी वे इन-ऐप्लिकेशन कार्रवाइयां करने की उम्मीद ज़्यादा है जो आपने इस कैंपेन के लिए चुनी हुई हैं. टारगेट सीपीए (हर कार्रवाई की लागत) को उस औसत रकम पर सेट करें, जो आप तब खर्च करना चाहेंगे जब कोई व्यक्ति आपके ऐप्लिकेशन में चुनी गई इन-ऐप्लिकेशन कार्रवाई को पूरा करता है.

इस तीसरे, ज़्यादा बेहतर विकल्प पर विचार करने से पहले, इंस्टॉल या इन-ऐप्लिकेशन कार्रवाई बढ़ाएं.

ध्यान दें: ऐप्लिकेशन कैंपेन के लिए टारगेट आरओएएस फ़िलहाल बीटा वर्शन में है.

इन-ऐप्लिकेशन कार्रवाई से ज़्यादा फ़ायदा उठाने पर ध्यान दें. इन-ऐप्लिकेशन कार्रवाई पर ध्यान देने वाले कैंपेन के लिए, Google Ads उन लोगों पर फ़ोकस करेगा जिनसे समय के साथ ज़्यादा फ़ायदा मिलने की संभावना है. आपकी तय की गई बोली, औसत कन्वर्ज़न मान (उदाहरण के लिए, आय) होनी चाहिए, जो कि आप विज्ञापनों पर खर्च किए गए हर डॉलर के लिए पाना चाहेंगे. इसे टारगेट विज्ञापन लागत पर मुनाफ़ा (टारगेट ROAS) कहा जाता है. अगर आपका लक्ष्य यह पक्का करना है कि उपयोगकर्ता आपके खर्च किए जाने वाले विज्ञापनों के हर एक डॉलर के लिए कन्वर्ज़न विंडो के दौरान इन-ऐप्लिकेशन खरीदारी के 0.5 डॉलर खर्च करते हैं, तो आप 50% का टारगेट आरओएएस तय करेंगे.

बोली लगाने की इस रणनीति का इस्तेमाल करने के लिए, आपको अपने ऐप्लिकेशन में 'Firebase के लिए Google Analytics' की सॉफ़्टवेयर डेवलपमेंट किट (SDK टूल) इंस्टॉल करनी होगी. आप जिन कन्वर्ज़न इवेंट पर बोली लगा रहे हैं (और जिनके साथ मान भेज रहे हैं) वे Firebase SDK टूल से भी मिलने चाहिए.

बोलियां सेट करने के बारे में ज़्यादा जानने के लिए, ऐप्लिकेशन कैंपेन में बोली लगाने के बारे में पढ़ें.

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