[GA4] ऑडियंस बनाना, उनमें बदलाव करना, और उन्हें संग्रहित करना

यह लेख वेबसाइट और/या ऐप्लिकेशन के उन मालिकों के लिए है जिन्हें Analytics में रिपोर्टिंग के लिए ऑडियंस बनानी है और उन्हें रीमार्केटिंग के लिए विज्ञापन प्लैटफ़ॉर्म पर एक्सपोर्ट करना है.

ऑडियंस की मदद से, कारोबार के हर पहलू के लिहाज़ से अहम उपयोगकर्ताओं को अलग-अलग सेगमेंट में बांटा जा सकता है. उपयोगकर्ताओं के किसी सबसेट का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए, उन्हें डाइमेंशन, मेट्रिक, और इवेंट के हिसाब से बांटा जा सकता है.

Analytics को जैसे ही उपयोगकर्ताओं से जुड़ा नया डेटा मिलता है, ऑडियंस में शामिल उपयोगकर्ताओं का फिर से आकलन किया जाता है. इससे यह पक्का हो पाता है कि उपयोगकर्ता अब भी ऑडियंस के लिए तय की गई ज़रूरी शर्तें पूरी करते हैं. अगर नए डेटा से पता चलता है कि उपयोगकर्ता, ऑडियंस के लिए तय की गई ज़रूरी शर्तें पूरी नहीं करते, तो उन्हें उन ऑडियंस से हटा दिया जाता है.

अगर आपने अपने Analytics खाते को Google Ads से जोड़ा है और लोगों के हिसाब से विज्ञापन दिखाने की सुविधा चालू करें विकल्प को डिफ़ॉल्ट विकल्प के तौर पर सेट किया है, तो आपकी ऑडियंस Google Ads में शेयर की गई लाइब्रेरी में दिखेंगी. यहां से उन्हें अपने विज्ञापन कैंपेन में इस्तेमाल किया जा सकेगा. मौजूदा या पिछले उपयोगकर्ताओं के साथ रीमार्केटिंग की जा सकती है. साथ ही, नए उपयोगकर्ताओं को भी ऑडियंस में शामिल करने के लिए मिलती-जुलती ऑडियंस बनाई जा सकती हैं.

Ads में उन उपयोगकर्ताओं की सूचियां होती हैं जो आपकी ऑडियंस में शामिल होते हैं. डेटा उपलब्ध होने पर, इन सूचियों में 30 दिनों का डेटा अपने-आप भर जाता है.

इस लेख में इन विषयों की जानकारी दी गई है:

मैनेजमेंट टेबल

इस टेबल में, पहले से तैयार ऑडियंस और आपकी बनाई कस्टम ऑडियंस होती हैं. ये ऑडियंस पहले से तय होती हैं:

  • सभी उपयोगकर्ता: ऐसे उपयोगकर्ता जिन्होंने पहले कभी आपका ऐप्लिकेशन लॉन्च किया है या आपकी वेबसाइट देखी है.
  • खरीदार: ऐसे उपयोगकर्ता जिन्होंने खरीदारी की है.

किसी ऑडियंस की ज़्यादा जानकारी वाली रिपोर्ट देखने के लिए, टेबल में उस ऑडियंस पर क्लिक करें. इस रिपोर्ट में उपयोगकर्ता मेट्रिक उन उपयोगकर्ताओं की गिनती करती हैं जो आपकी चुनी गई तारीख की सीमा के दौरान ऐक्टिव थे. वहीं, ऑडियंस में कुल उपयोगकर्ताओं की संख्या को गिना जाता है.

डुप्लीकेट ऑडियंस बनाना, उनमें बदलाव करना, उन्हें संग्रहित करना, और डैशबोर्ड पर लागू करना

डुप्लीकेट ऑडियंस बनाने, उनमें बदलाव करने, उन्हें संग्रहित करने या डैशबोर्ड पर उन्हें लागू करने के लिए, लाइन में सबसे दाईं ओर मौजूद ऐक्शन मेन्यू पर क्लिक करें.

 

आपको जिस प्रॉपर्टी में ऑडियंस बनानी है उस प्रॉपर्टी के लिए आपके पास मार्केटर की भूमिका होनी चाहिए, न कि एडिटर की भूमिका.

हर प्रॉपर्टी में ऑडियंस की संख्या ज़्यादा से ज़्यादा 100 हो सकती है.

ऑडियंस को जितनी चाहें उतनी डेस्टिनेशन पर पब्लिश किया जा सकता है.

Analytics पर ज़्यादा से ज़्यादा 100 ऑडियंस पब्लिश की जा सकती हैं.

ऑडियंस तय करना

किसी प्रॉपर्टी से इकट्ठा किए गए डाइमेंशन, मेट्रिक, और इवेंट डेटा के मुताबिक शर्तें सेट करके ऑडियंस तय की जा सकती है. ऑडियंस तय करने के बाद, उसमें ऐसे उपयोगकर्ताओं की जानकारी इकट्ठा होती है जो शर्तों को पूरा करते हैं.

Google Analytics में ऑडियंस के बारे में जानकारी

नई ऑडियंस बनाने पर, ऑडियंस को नए उपयोगकर्ता इकट्ठा करने में 24 से 48 घंटे लग सकते हैं. आम तौर पर, जब कोई नया उपयोगकर्ता ऑडियंस से जुड़ी ज़रूरी शर्तें पूरी करता है, तो उस नए उपयोगकर्ता को ऑडियंस में शामिल होने में एक से दो दिन लग सकते हैं.

स्कोप

शर्तों को तय करते समय, यह सेट करना भी ज़रूरी होता है कि उन शर्तों को कब पूरा किया जाना चाहिए. जैसे: सभी सेशन में, एक ही सेशन में या किसी एक इवेंट में. ज़्यादा से ज़्यादा 10 शर्तें सेट की जा सकती हैं.

स्टैटिक बनाम डाइनैमिक जांच

शर्तों के तहत स्टैटिक और डाइनैमिक जांच की जा सकती है. अगर उपयोगकर्ताओं ने ज़रूरी शर्तों को कभी भी पूरा किया हो, तो उन्हें स्टैटिक जांच में शामिल किया जाता है. उपयोगकर्ताओं को डाइनैमिक जांच में तब शामिल किया जाता है जब वे शर्तें पूरी करते हों. शर्तें पूरी न करने पर उन्हें बाहर रखा जाता है.

टाइम-विंडो वाली मेट्रिक

टाइम-विंडो वाली मेट्रिक के हिसाब से भी शर्तों को तय किया जा सकता है: यह तय किया जा सकता है कि मेट्रिक की शर्त, किसी उपयोगकर्ता के लाइफ़टाइम में किसी भी समय पूरी हो जाए तो उसे शामिल किया जा सकता है या अगर तय दिनों के अंदर पूरी हो जाए, तो भी उसे शामिल किया जा सकता है (उदाहरण के लिए, > सात दिन की किसी अवधि के दौरान पांच दिन में).

क्रम

क्रम का इस्तेमाल करके, यह तय किया जा सकता है कि शर्तें किस क्रम में पूरी होनी चाहिए: उदाहरण के लिए, पिछले चरण के बाद किसी भी समय, पिछले चरण के तुरंत बाद या किसी खास अवधि में. इनसे आपको पूरे क्रम का स्कोप भी तय करने में मदद मिलती है.

ऑडियंस तय करने के बाद

ऑडियंस तय करने के बाद, उसमें ऐसे उपयोगकर्ताओं की जानकारी इकट्ठा होती है जो शर्तों को पूरा करते हैं.

ऑडियंस तय करने पर, Analytics उसमें ऐसे उपयोगकर्ताओं को जोड़ता है जिन्होंने पिछले 30 दिनों के दौरान, ऑडियंस से जुड़ी ज़रूरी शर्तें पूरी की हैं. यह सिर्फ़ Google Ads की ऑडियंस पर लागू होता है.

 

ऑडियंस तय करने के बाद, समरी कार्ड में उन उपयोगकर्ताओं की जानकारी अपडेट हो जाती है जिन्होंने पिछले 30 दिनों में आपकी शर्तें पूरी की हैं. इससे आपको संभावित ऑडियंस साइज़ की जानकारी मिलती है.

तय करना

ऑडियंस तय करने के लिए:

  1. एडमिन पेज पर, डेटा डिसप्ले में जाकर ऑडियंस पर क्लिक करें.
  2. नई ऑडियंस पर क्लिक करें.
  3. ऑडियंस बनाने के लिए आपके पास तीन विकल्प हैं:

नीचे दी गई इमेज में अलग-अलग कंट्रोल के बारे में बताया गया है. इन कंट्रोल का इस्तेमाल, ऑडियंस तय करने के लिए किया जाता है.

नई ऑडियंस बनाना

  1. नई ऑडियंस पर क्लिक करें.
  2. कस्टम ऑडियंस बनाएं पर क्लिक करें.
  3. ऑडियंस के लिए कोई नाम और ब्यौरा डालें. इस नाम और ब्यौरे की मदद से, मैनेजमेंट टेबल में ऑडियंस की पहचान की जाती है.
  4. डाइमेंशन, मेट्रिक, और इवेंट के आधार पर शर्तें पूरी करने वाले उपयोगकर्ताओं को जोड़ने के लिए, नई शर्त जोड़ें पर क्लिक करें. उदाहरण के लिए: उम्र 18 से 24 या 25 से 34 में से कोई एक है.

    ऑडियंस बिल्डर के इस हिस्से का इस्तेमाल करने के उदाहरण देखें.

    • शर्त का स्कोप तय करें. कोई विकल्प चुनने के लिए, सबसे ऊपर दाईं ओर मौजूद मेन्यू का इस्तेमाल करें:
      • सभी सेशन में: उपयोगकर्ता के लाइफ़टाइम में सभी शर्तों का पूरा होना ज़रूरी है
      • एक ही सेशन में: सभी शर्तें एक ही सेशन में पूरी होनी चाहिए. इस बारे में ज़्यादा जानें कि सेशन का हिसाब कैसे लगाया जाता है
      • एक ही इवेंट में: सभी शर्तों का एक ही इवेंट में पूरा होना ज़रूरी है
    • डाइमेंशन
      • शर्तों में, डाइमेंशन के स्टैटिक और डाइनैमिक होने की जांच की जा सकती है. जिन उपयोगकर्ताओं ने कभी भी शर्तों (स्टैटिक जांच) को पूरा किया हो उन्हें शामिल करने के लिए कभी भी चुनें. यह विकल्प नहीं चुनने पर, ऑडियंस के लिए उपयोगकर्ता की जांच डाइनैमिक तौर पर होती है: उपयोगकर्ताओं को ऑडियंस में तब जोड़ा जाता है, जब वे शर्तों को पूरा करते हैं. शर्तों को पूरा न करने पर उन्हें ऑडियंस से हटा दिया जाता है.
    • मेट्रिक
      • अनुमानित मेट्रिक के साथ काम करने से जुड़ी जानकारी के लिए, अनुमानित दर्शक लेख पढ़ें.
      • शर्तें, टाइम-विंडो वाली मेट्रिक के हिसाब से भी तय की जा सकती हैं. उदाहरण के लिए: किसी भी सात दिन की अवधि में, लाइफ़टाइम वैल्यू पांच से ज़्यादा होनी चाहिए
      • टाइम-विंडो काउंट वाली वैल्यू या लाइफ़टाइम काउंट वाली वैल्यू में से किसका इस्तेमाल करना है, यह तय करने के लिए समयावधि विकल्प चुनें.
    • इवेंट
      • जब सभी सेशन को स्कोप के तौर पर सेट किया जाता है और event_count पैरामीटर चुना जाता है, तो इवेंट के लिए शर्तों में डाइनैमिक लुकबैक का इस्तेमाल किया जा सकता है.
        • समयावधि वाला स्विच चालू करें.
          इनमें से कोई एक चुनें:
          किसी भी समय (अगर किसी भी समय event_count ने थ्रेशोल्ड को पार किया हो, तो शर्त पूरी होगी)
          या
          सबसे हाल की समयावधि (आपने पिछली जिन तारीखों के बारे में बताया है उस दौरान, अगर event_count ने थ्रेशोल्ड को पार किया हो, तो शर्त पूरी होगी).
          समयावधि में दिनों की संख्या डालें.
    • ज़रूरत के हिसाब से OR या AND शर्तें जोड़ें.
  5. कोई दूसरी शर्त जोड़ने के लिए, शर्त ग्रुप जोड़ें पर क्लिक करें.
  6. तय किए गए क्रम में और तय की गई समयावधि (ज़रूरी नहीं) में शर्तें पूरी करने वाले उपयोगकर्ताओं को जोड़ने के लिए, क्रम जोड़ें पर क्लिक करें. उदाहरण के लिए: चरण 1: first_open, चरण 2: in_app_purchase.

    ऑडियंस बिल्डर के इस हिस्से का इस्तेमाल करने के उदाहरण देखें.

    • क्रम का स्कोप सेट करें: सभी सेशन में, एक ही सेशन में.
    • समय की सीमा को चालू पर सेट करें. साथ ही, वह अवधि तय करें जिसमें शुरू से आखिर तक का पूरा क्रम हो (उदाहरण के लिए, 30 मिनट).
    • पहले चरण के लिए स्कोप सेट करें: सभी सेशन में, एक ही सेशन में, एक ही इवेंट में.
    • पहले चरण के लिए शर्त को कॉन्फ़िगर करें.
    • हर एक चरण, जिसे आपको क्रम में जोड़ना है उसे जोड़ने के लिए चरण जोड़ें पर क्लिक करें.
      • अगर पहले चरण के बाद, दूसरा चरण किसी भी समय हो सकता है, तो एक के बाद दूसरा चरण सीधे नहीं आता चुनें.
      • अगर दूसरा चरण पहले के फ़ौरन बाद होना है, तो सीधे इसके बाद आता है चुनें.
      • चरणों के बीच, ज़्यादा से ज़्यादा समय दिखाने के लिए के अंदर चुनें.
      • चरण के लिए स्कोप सेट करें.
  7. खास उपयोगकर्ताओं को बाहर रखने वाली शर्त बनाने के लिए, बाहर रखने के लिए ग्रुप जोड़ें पर क्लिक करें.

    शर्त पूरी करने की अवधि के दौरान, उपयोगकर्ताओं को ऑडियंस से कुछ समय तक बाहर रखने के लिए उपयोगकर्ताओं को कुछ समय के लिए बाहर रखें वाले विकल्प को चुनें.

    ऐसे उपयोगकर्ताओं को ऑडियंस से बाहर करने के लिए जिन्होंने कभी शर्त को पूरा किया हो, उपयोगकर्ताओं को हमेशा के लिए बाहर करें को चुनें.

    सबसे पहले उपयोगकर्ताओं की जांच, INCLUDE की शर्तों और फिर EXCLUDE की शर्तों के मुताबिक की जाती है. अगर वे EXCLUDE शर्तों को पूरा करते हैं, तो उन्हें ऑडियंस में नहीं जोड़ा जाता.

    ऑडियंस बिल्डर के इस हिस्से का इस्तेमाल करने के उदाहरण.
  8. सदस्यता अवधि: उपयोगकर्ता को ऑडियंस में शामिल किए जाने के बाद ज़्यादा से ज़्यादा 540 दिन/18 महीने.

    नई गतिविधि होने पर रीसेट करें: यह विकल्प चालू होने पर ऑडियंस की सदस्यता अवधि 14 महीने की होती है.
    यह विकल्प बंद होने पर, ऑडियंस की सदस्यता अवधि बदलकर ज़्यादा से ज़्यादा 14 महीने हो जाती है. इसके अलावा, उपयोगकर्ता के डेटा का TTL (टीटीएल) रोल आउट होने पर और अगर ग्राहक ने साफ़ तौर पर दो महीने चुना है, तो आने वाले समय के लिए यह अवधि दो महीने पर सेट हो जाती है.
  9. हर बार जब आप किसी ऐसे व्यवहार में शामिल हों जिससे ऑडियंस में जोड़े जाने की शर्त पूरी होती है, तब आपकी सदस्यता अवधि इस विकल्प की पूरी वैल्यू पर रीसेट हो जाती है.

    दूसरे प्रॉडक्ट में एक्सपोर्ट की गई ऑडियंस के लिए, निजी डेटा के रखरखाव की सेटिंग का कंट्रोल GA के पास नहीं रहता. जिस प्रॉडक्ट में इन्हें एक्सपोर्ट किया गया है वह अपनी नीतियां लागू करेगा.
  10. अपनी शर्तों को सेव करके ऑडियंस बनाने के लिए, सेव करें पर क्लिक करें.

टेंप्लेट का इस्तेमाल करें

पूरी तरह कॉन्फ़िगर न की गई ऑडियंस को, ऑडियंस टेंप्लेट की कैटगरी में रखा जाता है. ये ऑडियंस पहले, डाइमेंशन और/या मेट्रिक के सेट के बारे में बताती हैं. इससे यह तय करने में आसानी होती है कि ऐप्लिकेशन और वेब पर आधारित कारोबार के लिए, ज़्यादातर किस तरह की ऑडियंस को शामिल किया जा सकता है.

उदाहरण के लिए, डेमोग्राफ़िक्स टेंप्लेट में उम्र, लिंग, भाषा, दिलचस्पी के हिसाब से असाइन किए गए आईडी, और जगह के डाइमेंशन शामिल होते हैं. इनका इस्तेमाल ऐसी किसी खास ऑडियंस को परिभाषित करने के लिए किया जा सकता है जिसमें आपकी दिलचस्पी हो. इस टेंप्लेट का इस्तेमाल करके, उन ऑपरेटर और डाइमेंशन वैल्यू को उपलब्ध कराया जाता है जो आपकी पसंद की ऑडियंस के बारे में बताती हैं. जैसे:

  • उम्र 18-24 से पूरी तरह मेल खाती है
  • लिंग, महिला से पूरी तरह मेल खाता है
  • वगैरह

ऑडियंस डेफ़िनिशन पूरी करने के बाद, एक नाम डालें और सेव करें पर क्लिक करें.

सुझाई गई ऑडियंस चुनें

Analytics पूरी तरह कॉन्फ़िगर की गई ऐसी ऑडियंस उपलब्ध कराता है जिसे इस्तेमाल किया जा सकता है. साथ ही, ज़रूरी होने पर, उनमें बदलाव भी किया जा सकता है. ये सुझाई गई ऑडियंस, उन कैटगरी पर आधारित होती हैं जिन्हें आपने Apple के App Store और Google Play में अपने ऐप्लिकेशन के लिए तय किया है. साथ ही, प्रॉपर्टी को कॉन्फ़िगर करते समय आपने जो जानकारी दी है, ये उस पर भी आधारित होती हैं. ज़्यादा जानें

उदाहरण के लिए, हाल ही में सक्रिय उपयोगकर्ता ऑडियंस इस तरह परिभाषित की गई है:

  • उपयोगकर्ता शामिल करें जब (इवेंट =) user_engagement

जिस ऑडियंस का सुझाव दिया गया है उसे बिना किसी बदलाव के वैसे ही इस्तेमाल किया जा सकता है या शर्तों या क्रमों को जोड़कर किया जा सकता है. इसके अलावा, ज़रूरत के मुताबिक सदस्यता अवधि बदलना भी मुमकिन है.

डिफ़ॉल्ट नाम का इस्तेमाल करके या नया नाम डालकर सेव करें पर क्लिक करें.

सुझाई गई अनुमानित ऑडियंस के साथ काम करने के बारे में जानकारी पाने के लिए, अनुमानित दर्शक देखें.

सर्च विज्ञापनों के लिए रीमार्केटिंग सूचियों (आरएलएसए) में इस्तेमाल करने के लिए, ऑडियंस को Google Ads के साथ शेयर करना

अगर आपने अपने Analytics खाते को Google Ads से जोड़ दिया है और लोगों के हिसाब से विज्ञापन दिखाने की सुविधा चालू करें को डिफ़ॉल्ट विकल्प के तौर पर चालू रखा है, तो सर्च विज्ञापनों के लिए रीमार्केटिंग सूचियों में इस्तेमाल करने के लिए, आपकी ऑडियंस को अपने-आप Google Ads के साथ शेयर कर दिया जाएगा.

ऑडियंस में वे उपयोगकर्ता शामिल किए जाते हैं जो डिवाइस लॉग इवेंट में तय की गई शर्तों को पूरा करते हैं. नई ऑडियंस तय करते समय, सूचियों को पूरा भरने में कुछ समय लग सकता है.

ध्यान दें कि आम तौर पर, ऑडियंस साइज़ रीमार्केटिंग सूची के साइज़ से अलग होगा. आम तौर पर, ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि Google Ads की रीमार्केटिंग सूचियों पर, ट्रैकिंग आईडी तब तक नहीं भेजे जा सकते, जब तक कि Google Ads खाते लिंक न हों.

Display & Video 360 और Search Ads 360 की मदद से ऑडियंस शेयर करना

Analytics को Display & Video 360 या Search Ads 360 से जोड़ने पर, आपकी Analytics ऑडियंस अपने-आप एक्सपोर्ट हो जाती हैं. ऐसा तब होगा, जब आपने Analytics प्रॉपर्टी में 'Google सिग्नल' चालू किया हो और लोगों के हिसाब से विज्ञापन दिखाने की सुविधा को चालू रखने के लिए, डिफ़ॉल्ट लिंक सेटिंग में बदलाव न किया हो.

ऑडियंस में बदलाव करना

ऑडियंस बनाने के बाद, आपके पास सिर्फ़ नाम और जानकारी में बदलाव करने का विकल्प होता है.

ऑडियंस में बदलाव करने के लिए:

  1. एडमिन पेज पर, डेटा डिसप्ले में जाकर ऑडियंस पर क्लिक करें.
  2. ऑडियंस की लाइन में, ज़्यादा > बदलाव करें पर क्लिक करें.
  3. नाम या जानकारी में बदलाव करें.
  4. सेव करें पर क्लिक करें.

ऑडियंस को संग्रहित करना

अगर आपने 100 ऑडियंस बनाने की तय सीमा छू ली है और आपको नई ऑडियंस बनानी हैं, तो उन ऑडियंस को संग्रहित किया जा सकता है जो अब आपके काम की नहीं हैं. किसी ऑडियंस को संग्रहित करने के बाद, उसी नाम से नई ऑडियंस बनाने के लिए 48 घंटे तक इंतज़ार करना पड़ सकता है.

किसी ऑडियंस को संग्रहित करने पर, उसे हमेशा के लिए हटा दिया जाता है. इस वजह से, संग्रहित की गई ऑडियंस को ऐक्सेस करना या वापस लाना मुमकिन नहीं है.

ऑडियंस संग्रहित करने के लिए:

  1. एडमिन पेज पर, डेटा डिसप्ले में जाकर ऑडियंस पर क्लिक करें.
  2. उस ऑडियंस की लाइन में, ज़्यादा > संग्रहित करें पर क्लिक करें.

सिलसिलेवार चरण के उदाहरण

चरण 4: नई शर्तें जोड़ना

कोई शर्त बनाते समय, स्कोप सेट करने के साथ शुरुआत करें.

फिर वह डेटा चुनें जो आपको शर्त के आधार पर हासिल करना है. डाइमेंशन, मेट्रिक, और इवेंट की सूची खोलने के लिए, नई शर्त जोड़ें पर क्लिक करें.

डाइमेंशन

डाइमेंशन, कैटगरी के हिसाब से दिखाए जाते हैं.

जब कोई डाइमेंशन चुना जाता है, तो उसके साथ ऑपरेटर भी चुना जाता है और उस डाइमेंशन के लिए वैल्यू भी तय की जाती है. उदाहरण के लिए, अगर उम्र को चुना जाता है, तो आपको इनमें से एक है या इनमें से एक नहीं है को भी ऑपरेटर के तौर पर चुनना होगा. साथ ही, वैल्यू के तौर पर, उम्र की एक सीमा भी बतानी होगी.

अगर आपको शर्त को पूरा करने वाले उपयोगकर्ताओं को ऑडियंस में शामिल करना है, तो किसी भी समय को भी चुना जा सकता है.

आपके चुने गए डाइमेंशन के आधार पर, ऑपरेटर बदल जाते हैं. उदाहरण के लिए, अगर आपने गेमिंग डाइमेंशन वर्चुअल मुद्रा को चुना है, तो आपके लिए ये ऑपरेटर उपलब्ध होंगे: इससे शुरू होता है, इस पर खत्म होता है, पूरी तरह मेल खाने वाले, और इनमें से एक भी इसमें शामिल है.

जब इन ऑपरेटर के साथ किसी डाइमेंशन के लिए वैल्यू तय की जाती है, तो आम तौर पर 'वैल्यू' फ़ील्ड में टेक्स्ट डालकर, वैल्यू दी जा सकती है. हालांकि, आपके पास कैलेंडर या सूची जैसे कंट्रोल से वैल्यू चुनने का विकल्प भी हो सकता है. अगर टेक्स्ट डालना ज़रूरी है, तो टाइप करते समय Analytics कोई जानी-पहचानी वैल्यू दिखाएगा. ज़रूरत पड़ने पर, उनमें से कोई एक वैल्यू चुनी जा सकती है.

मेट्रिक

जब कोई मेट्रिक चुनी जाती है, तो शर्त का आकलन इस आधार पर होता है कि मेट्रिक की वैल्यू की तुलना, उपयोगकर्ता के डेटा से कैसे की जा रही है. डाइमेंशन की ही तरह, यहां भी ऑपरेटर चुना जाता है और उसके लिए वैल्यू तय की जाती है.

उदाहरण के लिए, किसी उपयोगकर्ता को ऑडियंस में शामिल करने के लिए, उसकी लाइफ़टाइम वैल्यू आपकी तय की गई वैल्यू से ज़्यादा (>) होनी चाहिए.

किसी भी ___ दिन की अवधि में विकल्प से यह बताया जा सकता है कि मेट्रिक की कुल वैल्यू, शर्त के मुताबिक है या नहीं या फिर मेट्रिक की वैल्यू खास दिनों में शर्त पूरी करती है या नहीं. उदाहरण के लिए, उपयोगकर्ता के सभी डेटा के आधार पर, क्या मेट्रिक की कुल वैल्यू 100 से ज़्यादा हो गई है या फिर सात दिनों की किसी अवधि के दौरान यह 100 से ज़्यादा हुई है? अगर आपने यह विकल्प नहीं चुना है, तो मेट्रिक की कुल वैल्यू का इस्तेमाल किया जाता है. अगर आपने यह विकल्प चुना है, तो वैल्यू ऐसी होनी चाहिए जो आपकी बताई गई समय सीमा के दिनों की संख्या से मैच करती हो.

इवेंट

आपने जो भी इवेंट इकट्ठा किए हैं, उनमें से कोई एक चुनने का विकल्प आपके पास होता है. उदाहरण के लिए, first_visit.

कोई इवेंट चुनते समय, एक इवेंट पैरामीटर भी चुना जाता है.

संख्या वाली पैरामीटर वैल्यू

अगर कोई ऐसा इवेंट पैरामीटर चुना जाता है जिसमें संख्या वाली वैल्यू है, तो तुलना करने वाला ऑपरेटर चुनें (उदाहरण के लिए, <, >, =). इसे चुनने के बाद संख्या वाली वह वैल्यू डालनी होगी जिसका आपको इस्तेमाल करना है (उदाहरण के लिए, > 0).

अगर अंक वाला पैरामीटर event_count है और दायरा सभी सेशन में है, तो यह भी बताया जा सकता है कि जोड़ी गई वैल्यू आपकी शर्त से मेल खाती है या नहीं. इसके अलावा, यह भी बताया जा सकता है कि तय की गई अवधि के दौरान, उस वैल्यू का आपकी शर्त से मिलान हुआ या नहीं.

कुल वैल्यू आपकी शर्त से मैच हो सके, इसके लिए, समयावधि का स्विच बंद कर दें. यह स्विच डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रहता है.

यह बताने के लिए कि दी गई समयावधि में, वैल्यू आपकी कंडीशन से मैच हुई या नहीं:

  1. समयावधि वाला स्विच चालू करें.
  2. दिनों की संख्या डालें.
  3. अगर हाल के कुछ दिनों में, आपको सिर्फ़ उन उपयोगकर्ताओं को शामिल करना है जिनकी पैरामीटर वैल्यू, सबसे हाल के दिनों में (उदाहरण के लिए, सबसे हाल के सात दिनों में) कभी भी, तय की गई शर्त से मैच हुई थी, तो सबसे हाल की समयावधि को चुनें.

    अगर किसी अवधि में (उदाहरण के लिए सात दिनों की किसी अवधि में) आपको उन उपयोगकर्ताओं को शामिल करना है जिनकी पैरामीटर वैल्यू कभी भी, तय की गई शर्त से मैच हुई थी, तो किसी भी समय को चुनें
टेक्स्ट के तौर पर पैरामीटर वैल्यू

अगर कॉन्टेंट जैसा कोई पैरामीटर चुना जाता है जिसमें वैल्यू के तौर पर टेक्स्ट है और Analytics में डाइमेंशन जनरेट होता है, तो इससे शुरू होता है, इससे खत्म होता है, इसमें शामिल है, पूरी तरह मैच होता है या इनमें से एक है में से उपलब्ध कोई एक ऑपरेटर चुनें और वह टेक्स्ट वैल्यू डालें जिसका आपको इस्तेमाल करना है.

अगर आपको और शर्तें जोड़नी हैं, तो शर्त समूह जोड़ें पर क्लिक करें और पिछले चरणों के मुताबिक शर्तें तय करें.

अगर आपको कोई शर्त हटानी है, तो शर्त पर कर्सर घुमाएं और X पर क्लिक करें.

चरण 4 पर वापस जाएं

चरण 6: क्रम जोड़ें

अगर ऑडियंस डेफ़िनिशन के हिसाब से, उपयोगकर्ता का व्यवहार किसी खास क्रम में होना ज़रूरी है, तो एक या उससे ज़्यादा क्रम जोड़ें.

क्रम तय करते समय, सबसे पहले पूरे क्रम का स्कोप सेट करें.

अगर क्रम के चरणों का तय समय में पूरा होना ज़रूरी है, तो समयसीमा को चालू करके समय सेट करें.

क्रम के पहले चरण का स्कोप सेट करें.

चौथे चरण में दिए गए तरीके का इस्तेमाल करके, इस चरण के लिए शर्तें बनाएं.

क्रम में एक और चरण जोड़ने के लिए, 'चरण जोड़ें' पर क्लिक करें.

क्रम में एक और चरण जोड़ते समय, इनमें से किसी एक को चुनें:

  • एक के बाद दूसरा चरण सीधे नहीं आता है. पिछले चरण के बाद, किसी भी समय अगला चरण आ सकता है
    या
  • इसके बाद सीधे आता है अगला चरण पिछले चरण के फ़ौरन बाद आता है

चरण 6 पर वापस जाएं

चरण 7: बाहर रखने के लिए ग्रुप में जोड़ना

आपके पास ऐसी शर्तें तय करने का भी विकल्प होता है जो उपयोगकर्ताओं को कुछ समय के लिए या हमेशा के लिए बाहर निकाल देती हैं.

उदाहरण के लिए, अगर ऐसी ऑडियंस बनाई जाती है जो हर महीने ज़्यादा वैल्यू की खरीदारी करती है, तो उन उपयोगकर्ताओं को बाहर रखा जा सकता है जिनकी लाइफ़टाइम वैल्यू (एलटीवी) की मेट्रिक, 30 दिनों की अवधि में 100 से कम रही हो.

इसके अलावा, अगर आपकी ऑडियंस में किसी खास उम्र सीमा के उपयोगकर्ता शामिल हैं (उदाहरण के लिए, 18-24), तो हो सकता है कि तब आप उन्हें हमेशा के लिए निकालना चाहें, जब वे उस उम्र सीमा में न आते हों. उदाहरण के लिए, जब वे 25-34 साल की उम्र सीमा में शामिल हो गए हों.

सदस्यता में इस बदलाव को पूरा करने के लिए आपको किसी क्रम का इस्तेमाल करना होगा: उपयोगकर्ताओं को ऑडियंस में तब शामिल किया जाता है, जब वह उस उम्र समूह में आता हो जो आपने तय किया है. साथ ही, उस उम्र समूह से बाहर होते ही, उसे किसी भी समय ऑडियंस से निकाल दिया जाता है.

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