कॉन्टेंट मैनेजर के लिए तय की गई नीतियां

YouTube के लिए यह अहम है कि कॉन्टेंट मैनेजमेंट वाला हमारा नेटवर्क बिना किसी भेदभाव के काम करे. साथ ही, यहां पूरी ईमानदारी से काम हो और किसी तरह का बुरा बर्ताव न किया जाता हो. इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए हमने कई नीतियां बनाई हैं. ये नीतियां कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) के ज़रिए, कॉन्टेंट मैनेजर को मिलने वाली सुविधाओं के इस्तेमाल को कंट्रोल करती हैं. अपने कॉन्टेंट के मालिकों की तरफ़ से सभी कॉन्टेंट मैनेजर, इन नीतियों और मानकों का पालन करने के लिए ज़िम्मेदार होंगे.

कॉन्टेंट मैनेजर के लिए बनाई गई हमारी नीतियों का उल्लंघन करने पर होने वाली कार्रवाइयां

सीएमएस की सुविधाओं को ऐक्सेस न कर पाना

सीएमएस की सुविधाओं का जान-बूझकर या अनजाने में गलत इस्तेमाल करने वाले पार्टनर, इन सुविधाओं को ऐक्सेस नहीं कर पाएंगे. आम तौर पर, ऐसा कुछ समय के लिए होता है और अलग-अलग नीतियों के हिसाब से इसकी समयसीमा अलग-अलग होती है. हमें जब भी लगेगा कि आपकी गतिविधि से हमारी नीतियों का उल्लंघन हो सकता है, तब हम आपको इस बारे में चेतावनी देंगे. अगर आप इनमें से किसी भी नीति का उल्लंघन करते हैं, तो आपको इस बारे में ईमेल भी भेजा जाएगा. आपके पार्टनर मैनेजर के पास इस उल्लंघन के बारे में खास जानकारी होगी और वह आपको आगे की कार्रवाई के बारे में ज़्यादा जानकारी दे पाएगा. अगर आपके चैनल का कोई पार्टनर मैनेजर नहीं है, तो आप क्रिएटर सहायता टीम से संपर्क करके इस बारे में ज़्यादा जानकारी पा सकते हैं.

गंभीर और बार-बार किए जाने वाले उल्लंघन के मामले

हम इन नीतियों को बहुत गंभीरता से लेते हैं. उन पार्टनर के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी जो कॉन्टेंट मैनेजर के लिए तय की गई हमारी नीतियों का बार-बार और गंभीर रूप से उल्लंघन करते हैं. इन कार्रवाइयों में, सीएमएस की दूसरी सुविधाओं के ऐक्सेस पर रोक लगाने, खास सुविधाओं के ऐक्सेस पर लंबे समय तक रोक लगाने या सीएमएस के ऐक्सेस पर पूरी तरह रोक लगाने जैसी कार्रवाइयां शामिल हो सकती हैं. इनके अलावा, YouTube के साथ किए गए किसी भी समझौते को रद्द किया जा सकता है.

कुछ मामलों में, हम इन नीतियों का पालन करने के लिए "आखिरी चेतावनी" जारी कर सकते हैं. जिन कॉन्टेंट मैनेजर को आधिकारिक तौर पर आखिरी चेतावनी जारी की जाएगी वे सीएमएस की ज़्यादातर सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. ऐसा तब तक होगा, जब तक सुविधाओं के गलत इस्तेमाल की जांच में उसी साल यह साबित नहीं हो जाता कि उन्होंने ऐसा कोई उल्लंघन नहीं किया है. कॉन्टेंट मैनेजर के लिए तय की गई नीतियों का उस साल में फिर से उल्लंघन करने पर, YouTube के साथ उनके समझौते रद्द किए जा सकते हैं. ऐसा तब भी किया जा सकता है, जब सुविधाओं के गलत इस्तेमाल की जांच का अनुरोध न किया जाए या जांच में यह साबित न हो पाए कि कॉन्टेंट मैनेजर ने ऐसा कोई उल्लंघन नहीं किया है.

कॉन्टेंट के एक से ज़्यादा मालिकों का मालिकाना हक

ध्यान दें, अगर YouTube पर आपको एक से ज़्यादा कॉन्टेंट मैनेजर कंट्रोल करने का हक मिला है, तो किसी एक कॉन्टेंट मैनेजर में उल्लंघन होने पर लगने वाला जुर्माना, आपके मालिकाना हक वाले सभी कॉन्टेंट मैनेजर पर लागू हो सकता है. 

कॉन्टेंट मैनेजर के लिए तय की गई सामान्य नीतियां

ये नीतियां 'YouTube सीएमएस' का इस्तेमाल करने वाले हर पार्टनर पर लागू होती हैं

चैनल की ज़िम्मेदारी से जुड़ी नीति

इस बात का ध्यान रखना कॉन्टेंट मैनेजर की ज़िम्मेदारी है कि उससे जुड़े हुए सभी चैनल, YouTube की कॉन्टेंट से जुड़ी नीतियों और दिशा-निर्देशों का पालन करें. यह नीति ऐसे वीडियो पर लागू होती है जिसे मालिकाना हक वाले चैनलों और उनकी ओर से चलाए जा रहे चैनलों (O&O) पर अपलोड किया गया हो. साथ ही, इसमें उनके सहयोगी चैनलों पर अपलोड किए गए वीडियो भी शामिल हैं. 

नीति से जुड़ी ज़रूरी शर्तें

  • कॉन्टेंट मैनेजर पर 90 दिनों की अवधि में, ऐसे 30 से ज़्यादा मामले नहीं होने चाहिए जिनमें सुविधाओं के गलत इस्तेमाल पर चैनलों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई हो. जैसे कि खाता बंद करना, निलंबित करना या फिर कमाई करने की सुविधा बंद करना. कॉन्टेंट मैनेजर से जुड़े हुए और नहीं जुड़े हुए, दोनों तरह के खातों के चैनलों पर यह नीति लागू होगी. 
  • कॉन्टेंट मैनेजर से नहीं जुड़े हुए खातों पर 90 दिनों की अवधि में, ऐसे 10 से ज़्यादा मामले नहीं होने चाहिए जिनमें सुविधाओं के गलत इस्तेमाल पर चैनलों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई हो.

नीति के उल्लंघन

अगर आप इस सीमा को पार कर लेते हैं, तो इसे नीति के पहले उल्लंघन के रूप में गिना जाएगा. शुरुआती 90 दिनों की अवधि में, नीति का पहली बार उल्लंघन करने पर चैनल को एक महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा. इस दौरान, आप अपने कॉन्टेंट मैनेजर में नया चैनल नहीं बना सकते या कोई नया चैनल नहीं जोड़ सकते. 

90 दिनों की अवधि में, नीति का दूसरी बार उल्लंघन करने पर चैनल को दो महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा. तीसरी और आखिरी बार इस नीति का उल्लंघन करने पर बड़ी कार्रवाई होगी. जैसे कि आपके चैनल को लंबे समय तक निलंबित करना या YouTube के साथ हुए आपके समझौते को खत्म करना.

इन तरीकों से आप इस नीति का पालन कर सकते हैं

चैनल जोड़ने के लिए तय की गई नीति
क्रिएटर के चैनलों को अपने नेटवर्क में जोड़ने से पहले, कॉन्टेंट मैनेजर का उन चैनलों के साथ काम करना ज़रूरी है. जो कॉन्टेंट मैनेजर, क्रिएटर्स के चैनलों को स्पैम या धोखे से शामिल करते हैं या चैनल जोड़ने के अधिकार का गलत इस्तेमाल करते हैं वे सीएमएस की सुविधाओं का ऐक्सेस खो सकते हैं.

नीति में तय की गई ज़रूरी शर्तें:

  • कॉन्टेंट मैनेजर के लिए यह ज़रूरी है कि हर महीने उनके चैनल से जुड़ने के लिए भेजे गए कम से कम 90% न्योते स्वीकार हों.
  • जिन कॉन्टेंट मैनेजर के 90% या इससे ज़्यादा न्योते मंज़ूर नहीं हो पाते वे एक महीने के लिए नए चैनल जोड़ने की सुविधा इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.

इन तरीकों से आप इस नीति का पालन कर सकते हैं:

  • महीने के शुरुआती दिनों में ही न्योते भेजें. ऐसा करने से क्रिएटर्स को न्योते स्वीकार करने के लिए काफ़ी समय मिल जाता है.
  • सिर्फ़ उन चैनलों को न्योते भेजें जिनके बारे में आपको पता है और जिनके साथ आप कारोबार करते हैं.
  • ज़रूरत पड़ने पर, क्रिएटर्स से संपर्क करके उन्हें अपने न्योते मंज़ूर करने की याद दिलाएं.
सिस्टम को धोखा देने वाली गतिविधियों को रोकने की हमारी नीति
हमारा मानना है कि कॉन्टेंट मैनेजर अपने कॉन्टेंट मालिकों की तरफ़ से, उनके अधिकारों और कॉन्टेंट का प्रबंधन करते हैं. साथ ही, वे अपने नेटवर्क की समस्याओं को हल करते हैं और 'YouTube सीएमएस' का इस्तेमाल पूरी ज़िम्मेदारी से करते हैं. यही भरोसा 'YouTube सीएमएस' में पहले से मौजूद सुविधाओं के मामले में भी अहम है. जो कॉन्टेंट मैनेजर YouTube के मौजूदा सिस्टम या प्रक्रियाओं को धोखा देने के लिए, इन सुविधाओं का गलत इस्तेमाल करते हैं वे उस भरोसे को तोड़कर YouTube के पूरे नेटवर्क को नुकसान पहुंचाते हैं.

नीति में तय की गई ज़रूरी शर्तें:

  • कॉन्टेंट मैनेजर को YouTube के सिस्टम, उसकी प्रक्रियाओं या नीतियों में दखल देने या उनसे छेड़छाड़ करने की गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति नहीं है.
  • इस नीति के उल्लंघन को गलत इस्तेमाल का एक गंभीर मामला माना जाता है. इसकी वजह से आपके कॉन्टेंट के मालिक से जुड़े सभी खातों को बंद किया जा सकता है.

इस नीति का उल्लंघन करने के उदाहरण:

  • जो वीडियो YouTube पर कमाई करने की ज़रूरी शर्तें पूरी नहीं करता है उसके ज़रिए गलत तरीके से कमाई करने के लिए सीएमएस का इस्तेमाल करना. इसमें ऐसा कॉन्टेंट शामिल है जो हमारे ग्रुप दिशा-निर्देशों और ब्रैंड की सुरक्षा के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता है. साथ ही, इसमें वैसा कॉन्टेंट भी शामिल है जिस पर लागू होने वाले किसी भी कानून और नियम के ज़रिए पाबंदी लगाई गई है.
  • Content ID की ऐसी एसेट में मैन्युअल तरीके से अपना मालिकाना हक जोड़ना जिनकी बौद्धिक संपत्ति का मान्य अधिकार आपके पास थोड़े समय के लिए भी नहीं रहा है.
  • दावे से जुड़े विवाद को हल करने की प्रक्रिया में रुकावट डालने के लिए, Content ID पर मैन्युअल तरीके से दावा करना.
कॉन्टेंट मैनेजर के ख़िलाफ़ कॉपीराइट की शिकायत के लिए तय की गई नीति
जब किसी चैनल के ख़िलाफ़ कॉपीराइट शिकायत होती है, तो चैनल के स्तर पर लगने वाले जुर्माने लगाए जाते हैं. पार्टनर को अपने प्रबंधित चैनलों पर कॉपीराइट की शिकायतें पाने से बचना चाहिए. अगर वे ऐसा नहीं कर पाते, तो उनके कॉन्टेंट मैनेजर पर चैनल की शिकायत से जुड़ी मौजूदा नीतियों के साथ-साथ जुर्माने भी लगाए जाएंगे. अगर आपके किसी पार्टनर चैनल की शिकायत होती है और उस पर जुर्माना लगता है, तो आपको मिलने वाली कुछ सुविधाओं पर भी रोक लग जाएगी. इसका असर कॉन्टेंट के मालिक और उसके साथ काम करने वाले दूसरे कॉन्टेंट के मालिकों पर भी पड़ेगा.

नीति में तय की गई ज़रूरी शर्तें:

अगर किसी पार्टनर को अपने सभी प्रबंधित चैनलों के ख़िलाफ़ 90 दिनों की समयसीमा में कॉपीराइट के उल्लंघन की 10 शिकायतें मिलती हैं, तो पार्टनर की समीक्षा की जाएगी. इसके नतीजे के तौर पर चैनल जोड़ने और वीडियो अपलोड करने की सुविधा बंद करने जैसी कार्रवाइयां की जा सकती हैं. साथ ही, साझेदारी का समझौता भी रद्द किया जा सकता है. 90 दिनों के बाद कॉपीराइट के उल्लंघन की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती. इसके बाद, इन्हें चैनल और कॉन्टेंट के मालिक के ख़िलाफ़ हुई कुल शिकायतों में नहीं गिना जाता है. YouTube को अधिकार है कि वह अपने विवेक से कभी भी कॉपीराइट के गलत इस्तेमाल की जांच करके मामले को हल कर सकता है.

इन तरीकों से आप इस नीति का पालन कर सकते हैं:

  • प्रबंधित करने के लिए नए चैनल चुनते समय सावधानी बरतें. ऐसे चैनल जोड़ने से बचें जिनसे आपकी शिकायतों की कुल संख्या के बढ़ने की संभावना हो.
  • ज़्यादातर पार्टनर उस स्थिति में बेहतर काम करते हैं, जब वे ऐसे चैनलों की संख्या 120 से कम रखते हैं जिनके मालिक और उन्हें चलाने वाले, कॉन्टेंट के मालिक हों.
  • आप जिन चैनलों को प्रबंधित करते हैं उन्हें कॉपीराइट के बारे में समझाएं. साथ ही, पक्का करें कि वे YouTube की नीतियों के हिसाब से काम करते हों.
  • आपके प्रबंधित किए जाने वाले चैनलों की संख्या बढ़ने पर, इस बात का खास ध्यान रखें कि आप उन चैनलों को सही तरीके से कंट्रोल कर सकें.
आप जब चाहें, अपने YouTube खाते में जाकर अपने पार्टनर के ख़िलाफ़ हुई शिकायतें देख सकते हैं. अगर आपको लगता है कि आपके ख़िलाफ़ की गई कॉपीराइट शिकायतें सही नहीं हैं, तो आप कानूनी विरोध दर्ज कर सकते हैं या दावा वापस लेने का अनुरोध कर सकते हैं. इसके बारे में ज़्यादा जानें.
कॉपीराइट की शिकायतों के बारे में ज़्यादा जानने के लिए, आप सहायता केंद्र से संपर्क कर सकते हैं.
खाते का ऐक्सेस और प्राप्ति नीति
अपने नेटवर्क को सुरक्षित और बेहतर बनाए रखने के लिए, YouTube ऐसे सीएमएस खातों को प्रतिबंधित, निलंबित या खत्म कर सकता है जिनके बारे में उसे लगता है कि उन्हें किसी गैर-ज़िम्मेदार या रोक लगाए गए पक्ष ने हैक कर लिया है. 
  • कॉन्टेंट मैनेजर अपने सीएमएस खाते से की जाने वाली हर कार्रवाई के लिए ज़िम्मेदार हैं.
    • इस बात का ध्यान रखें कि आपके पास सुरक्षा के ऐसे पुख्ता उपाय हों जिनका इस्तेमाल करके, आप अपने कर्मचारियों पर नज़र रख सकें. साथ ही, हमारी नीतियों का पालन भी कर सकें. कंपनियां अपने हर कर्मचारी की कार्रवाइयों के लिए ज़िम्मेदार हैं.
    • यह नीति तीसरे पक्ष की ऐसी कंपनियों पर भी लागू होती है जो सीएमएस खाते के एडमिन के तौर पर काम करती हैं.  
  • मुआवज़े या दूसरे फ़ायदे के लिए, ऐसे तीसरे पक्षों को अपने सीएमएस खाते का ऐक्सेस देने की सख्त मनाही है जो किसी सरकार से नहीं जुड़े हैं या जिन पर रोक लगाई गई है.
    • अपने सीएमएस खाते का ऐक्सेस न तो किराये या लीज़ पर दें, और न ही उसे बेचें.
    • अगर आप किसी तीसरे पक्ष के साथ पार्टनरशिप करते हैं और अपनी तरफ़ से उसे अपने सीएमएस खाते के एडमिन का काम करने देते हैं, तो उस संगठन का पार्टनरशिप समझौता सीधे हमसे होना चाहिए. 
    • अपने सीएमएस खाते का ऐक्सेस ऐसे संगठनों (या संबंधित लोगों) को न दें जिन्होंने पहले कभी हमारी नीतियों का उल्लंघन किया हो.
    • अगर YouTube को पता चले कि आपके सीएमएस खाते का ऐक्सेस किसी ऐसे पक्ष को मिल गया है जो किसी सरकार से नहीं जुड़ा है या जिस पर रोक लगाई गई है, तो YouTube उस पर कार्रवाई कर सकता है. उदाहरण के लिए, YouTube किसी व्यक्ति का ऐक्सेस निरस्त कर सकता है या किसी भी संबंधित पक्ष के साथ हुए समझौते को खत्म कर सकता है.
अगर कॉन्टेंट मैनेजर के तौर पर आप किसी दूसरी कंपनी के साथ जुड़ रहे हैं, तो YouTube को इसकी जानकारी देनी होगी. अगर आप किसी ऐसी कंपनी के साथ जुड़ रहे हैं जो सीएमएस खाते का प्रबंधन करती है, तो आपको नोटिस भेजकर इसकी जानकारी भी YouTube को देनी होगी. कंपनी से जुड़ने के 30 दिन के अंदर आपको यह नोटिस भेजना होगा.

Content ID के लिए तय की गई नीतियां

ये नीतियां उन पार्टनर पर लागू होती हैं जो Content ID की मदद से, मिलते-जुलते वीडियो की पहचान करने वाले सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं. आप सहायता केंद्र में जाकर Content ID के लिए तय की गई ज़रूरी शर्तों के बारे में ज़्यादा जानकारी पा सकते हैं.

Content ID पाने के लिए ज़रूरी कॉन्टेंट की नीति
YouTube पर आपके अधिकारों को प्रबंधित करने के लिए, Content ID मैचिंग सिस्टम एक ज़बरदस्त टूल है. जटिल और संवेदनशील होने की वजह से यह ज़रूरी है कि कॉन्टेंट कुछ ज़रूरी शर्तें पूरी करे, ताकि पहचान फ़ाइल के तौर पर उसका इस्तेमाल किया जा सके. इन शर्तों का पालन करना आपकी ज़िम्मेदारी है. साथ ही, यह पक्का करें कि आपकी पहचान फ़ाइल सिर्फ़ उन वीडियो पर दावा करे जिनमें आपकी बौद्धिक संपत्ति का इस्तेमाल किया गया हो.

नीति से जुड़ी ज़रूरी शर्तें

  • आप जिन देशों/इलाकों में मालिकाना हक रखने का दावा करते हैं उन देशों/इलाकों की पहचान फ़ाइल की सामग्री के खास अधिकार आपके पास होने चाहिए.
    • ऐसे कॉन्टेंट के उदाहरण जो पहचान फ़ाइल के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की शर्तें पूरी नहीं करता:
      • ऐसे वीडियो जिनका लाइसेंस किसी तीसरे पक्ष से लिया गया है और जिनके इस्तेमाल के अधिकार आपके अलावा दूसरों के पास भी हैं. जैसे कि किसी देश/इलाके में किसी बड़े खेल इवेंट के प्रसारण के अधिकार
      • Creative Commons या इसी तरह के मुफ़्त/ओपन लाइसेंस के तहत जारी किए गए वीडियो.
      • ऐसी फ़ुटेज, रिकॉर्डिंग या रचनाएं जो सबके लिए उपलब्ध हैं.
      • फ़ेयर यूज़ के सिद्धांतों के तहत इस्तेमाल की जाने वाली ऐसी क्लिप जो दूसरे स्रोतों से ली गई हैं.
      • ऐसा कॉन्टेंट जिसे बड़े पैमाने पर इसलिए बेचा गया है या उसका लाइसेंस दिया गया है, ताकि उसका इस्तेमाल दूसरे वीडियो में किया जा सके. जैसे कि तैयार किया गया संगीत
  • सही मैचिंग के लिए सभी पहचान फ़ाइलें काफ़ी हद तक अलग-अलग होनी चाहिए.
    • ऐसे कॉन्टेंट के उदाहरण जो पहचान फ़ाइल के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की शर्तें पूरी नहीं करता:
      • कराओके रिकॉर्डिंग, रीमास्टर, और साउंड-अलाइक (एक जैसे संगीत वाली) रिकॉर्डिंग.
      • साउंड इफ़ेक्ट, साउंडबेड या प्रोडक्शन लूप.
      • सभी के लिए उपलब्ध वीडियो की ऐसी संगीत रिकॉर्डिंग जो उसी वीडियो की दूसरी संगीत रिकॉर्डिंग से मेल खाती हो. जैसे कि क्लासिकल म्यूज़िक.
  • हर पहचान फ़ाइल में बौद्धिक संपत्ति के तौर पर सबसे अलग कॉन्टेंट होना चाहिए.
    • ऐसे कॉन्टेंट के उदाहरण जो पहचान फ़ाइल के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की शर्तें पूरी नहीं करता:
      • गानों या छोटे वीडियो वाली रचनाएं.
      • मैशअप या लगातार चलने वाले DJ मिक्स.
      • काउंटडाउन लिस्ट या एल्बम के संगीत की पूरी रिकॉर्डिंग.
  • वीडियो से कमाई करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सभी पहचान फ़ाइलों के लिए यह ज़रूरी है कि वे YouTube की कॉन्टेंट की नीतियों का पालन करें.

वीडियो गेम से जुड़े कॉन्टेंट पर लगने वाले खास प्रतिबंध

  • सिर्फ़ वीडियो गेम प्रकाशक पहचान फ़ाइलें भेज सकते हैं, जिनमें गेमप्ले फ़ुटेज या वीडियो गेम के मूल साउंडट्रैक (OST) शामिल हों. 
    • वीडियो गेम के मूल साउंडट्रैक ऐसी साउंड रिकॉर्डिंग होते हैं जिन्हें खास तौर पर किसी वीडियो गेम के लिए बनाया जाता है. ये ऐसे ट्रैक नहीं हैं, गेम में शामिल करने के लिए जिनका लाइसेंस लिया गया हो.
    • यह नीति लाइव दिखाए गए वीडियो गेमिंग कॉन्टेंट के वीओडी (वीडियो ऑन डिमांड) पर भी लागू होती है. 
      • ऐसे कॉन्टेंट को सुरक्षित रखने के लिए, Copyright Match Tool का इस्तेमाल करें या मैन्युअल तरीके से दावा करें.
  • वीडियो गेम के ओएसटी के कवर वर्शन की साउंड रिकॉर्डिंग से जुड़ी सभी एसेट की समीक्षा करके पता लगाया जाएगा कि वे नीति का उल्लंघन न करती हों.
    • अगर इन एसेट में मौजूद साउंड रिकॉर्डिंग किसी वीडियो गेम के ओएसटी से मेल खाती है, तो उस स्थिति में कुछ ऐसे दावे भी हो सकते हैं जो शायद उसके प्रकाशक नहीं करना चाहते हों.
Content ID की मिलती-जुलती पहचान फ़ाइलें देने की नीति
कॉन्टेंट मैनेजर को सिर्फ़ वे पहचान फाइलें देनी चाहिए जो Content ID से मिलती-जुलती हों. अमान्य पहचान फ़ाइलें, क्रिएटर और YouTube के अधिकार प्रबंधन नेटवर्क, दोनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. आप सहायता केंद्र में जाकर Content ID के लिए ज़रूरी शर्तें पूरी करने वाले कॉन्टेंट के बारे में ज़्यादा जान सकते हैं.

नीति में तय की गई ज़रूरी शर्तें:

  • सभी कॉन्टेंट मैनेजर को Content ID से जुड़ी अमान्य पहचान फ़ाइलों की संख्या अपने कॉन्टेंट के मालिक की फ़ाइलों की कुल संख्या के 1% से कम रखनी चाहिए. साथ ही, 30 दिनों की अवधि में अमान्य पहचान फ़ाइलों की संख्या 500 से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए.
  • तय संख्या से ज़्यादा अमान्य फ़ाइलें होने पर, कॉन्टेंट के मालिक के लिए पहचान फ़ाइलें देने की सुविधा रोक दी जाएगी या बंद कर दी जाएगी.
Content ID पर मैन्युअल रूप से दावा करने की नीति

मैन्युअल रूप से दावा करने के बारे में जानकारी

मैन्युअल रूप से दावा करने की सुविधा का इस्तेमाल करके, कॉन्टेंट मैनेजर ऐसे वीडियो पर दावा कर सकते हैं जिनमें उनके मालिकाना हक वाले कॉन्टेंट का इस्तेमाल किया गया हो. इस सुविधा का इस्तेमाल सिर्फ़ तब ही करना चाहिए, जब दावा करने की प्रक्रिया में किसी तरह की समस्या आ रही हो. अगर किसी खास तरह के वीडियो पर, Content ID के मिलते-जुलते वीडियो की पहचान करने वाली तकनीक से दावा नहीं किया जा सकता हो, तो उस स्थिति में मैन्युअल रूप से भी दावा नहीं करना चाहिए. 
मैन्युअल रूप से दावा करने के टूल का ऐक्सेस सिर्फ़ उन ही पार्टनर को दिया गया है जिन्हें इसकी बहुत ज़्यादा ज़रूरत है. मैन्युअल रूप से दावा करने की सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए कड़ी शर्तें रखी गई हैं. ऐसा YouTube की चार चीज़ों की आज़ादी को ध्यान में रखकर किया गया है, जिससे यह बेहतर और सबके काम करने लायक नेटवर्क बना रहे.

आप किस कॉन्टेंट पर दावा कर सकते हैं, इसके लिए लागू शर्तें

 प्रतिबंधित  जानकारी
सिर्फ़ उन वीडियो पर दावा करें जिनके लिए आपके पास खास कॉपीराइट अधिकार हैं. सिर्फ़ उस कॉन्टेंट के लिए दावा करें जिसका इस्तेमाल अपलोड किए गए किसी वीडियो में किया गया हो.

जिस कॉन्टेंट (या कॉन्टेंट के हिस्से) का मालिकाना हक आपके पास न हो उसके लिए मैन्युअल रूप से न दावा करें.


सेंसरशिप के लिए गलत तरीके से मैन्युअल दावे न करें. ऐसा करने पर, आपके लिए यह सुविधा तुरंत या हमेशा के लिए बंद की जा सकती है. साथ ही, आप पर दूसरे जुर्माने भी लगाए जा सकते हैं.

सिर्फ़ उन वीडियो पर मैन्युअल रूप से दावा करें जिन पर Content ID मैचिंग की सुविधा हो.
 
Content ID का मैचिंग सिस्टम सिर्फ़ किसी अपलोड करने वाले के वीडियो और पार्टनर के पहचान वीडियो से जुड़े दावों की जांच करता है. इसमें ऑडियो, विज़ुअल, और किसी गाने की मिलती-जुलती धुन पर दावों की जांच की जाती है. यह ज़रूरी है कि मैन्युअल रूप से किए गए सभी दावे, इस मुख्य फ़ंक्शन के आधार पर किए हों.

वीडियो पर किसी थंबनेल या इमेज के आधार पर मैन्युअल रूप से दावा न करें.


ट्रेडमार्क, निजता या कॉपीराइट के तरह नहीं आने वाले दूसरे मामलों को प्रबंधित करने के लिए, मैन्युअल रूप से दावे न करें. 

ऐसे वीडियो पर मैन्युअल रूप से दावा न करें जिनमें कॉपीराइट वाले चरित्रों को उन वीडियो के क्रिएटर ने अपने तरीके से पेश किया हो.

किसी लाइव इवेंट (जैसे कि नाटक, कॉमेडी शो या खेल-कूद से जुड़े गेम) की प्रशंसकों की ओर से की गई रिकॉर्डिंग पर तब तक मैन्यअल रूप से दावा न करें, जब तक आपके पास उस रिकॉर्डिंग के अधिकार न हों या आप उस संगीत रचना के प्रकाशक न हों. 

Content ID सिर्फ़ संगीत रचना से जुड़े अधिकारों के प्रबंधन तक सीमित है. इसमें लिखे हुए या स्क्रिप्ट वाले कॉन्टेंट शामिल नहीं हैं. 

हमारा यह सुझाव है कि अन्य सभी कॉन्टेंट के लिए, कानूनी तौर पर वीडियो हटाने का अनुरोध करें या निजता से जुड़ी शिकायत दर्ज करें.

उन वीडियो पर मैन्युअल रूप से दावा न करें जिन पर पहले से दावा किया गया हो या जिन पर इसी कॉन्टेंट के लिए किसी एसेट के ज़रिए दावा किया गया हो. इस पाबंदियों में ऐसे वीडियो पर मैन्युअल रूप से दावा करना शामिल है जिनमें इसी कॉन्टेंट पर पहले किए गए दावे निपटाए जा चुके हैं.

मैन्युअल तरीके से डुप्लीकेट और एक से ज़्यादा दावे करना, सिस्टम को धोखा देने वाली गतिविधियों को रोकने की हमारी नीति का गंभीर उल्लंघन माना जा सकता है. 
आय के बंटवारे की अमान्य व्यवस्था बनाने के लिए, किसी वीडियो पर पहले से मौजूद दावों में मैन्युअल तरीके से किए गए दावे न जोड़ें. इस नीति के उल्लंघन को सिस्टम को धोखा देने वाली गतिविधियों को रोकने की हमारी नीति का गंभीर उल्लंघन माना जा सकता है.
अगर वीडियो की दूसरी एसेट के मालिक के तौर पर आपको पहले ही शामिल कर लिया गया है या किया जाना है, तो वीडियो पर मैन्युअल रूप से दावा न करें. वीडियो के किसी ऐसे सेगमेंट पर कंपोज़िशन के मालिकाना हक का मैन्युअल रूप से दावा न करें जिस पर पहले से साउंड रिकॉर्डिंग एसेट में शामिल आपके कंपोज़िशन को लेकर दावा किया गया हो. जहां तक हो सके, साउंड रिकॉर्डिंग में कंपोज़िशन के मालिकाना हक को शामिल किया जाना चाहिए.

कॉन्टेंट पर दावा करने के तरीकाें पर लागू शर्तें

शर्तें जानकारी
मैन्युअल रूप से दावा करने से पहले, आपको उस कॉन्टेंट की समीक्षा करनी होगी.
 
मैन्युअल रूप से दावा करने की प्रक्रिया को अपने-आप काम करने वाली प्रक्रिया बनाने की अनुमति नहीं है. मैन्युअल ऐक्शन की नीति देखें.
मैन्युअल रूप से दावा करने के लिए इस्तेमाल होने वाली सभी एसेट सटीक हों, उनमें आसानी से समझने लायक मेटाडेटा, और मान्य पहचान सामग्री हो. इस शर्त में सिर्फ़ एक अपवाद तब हो सकता है, जब पहचान सामग्री दावे वाली सामग्री के साथ मेल न खाती हो या हमारी पहचान नीतियों के हिसाब से उस पर पाबंदी लगाई गई हो. 

हालांकि, ऐसी एसेट के लिए पहचान फ़ाइलाें की ज़रूरत नहीं होती, फिर भी यह ज़रूरी है कि सभी दावे बिल्कुल एक जैसे कॉन्टेंट के लिए हों. साथ ही, मेटाडेटा में उनकी सटीक जानकारी दी गई हो (जैसे कि इसमें 'बकेट' या 'कैच-ऑल' एसेट नहीं होनी चाहिए).

मैन्युअल तरीके से दावा करने में इस्तेमाल हुई एसेट, आपका मालिकाना हक सटीक तरीके से दिखाती हों. उदाहरण के लिए, अगर आप एक क्षेत्रीय प्रसारणकर्ता हैं और अपने लाइसेंस वाले कॉन्टेंट को दोबारा अपलोड किए जाने पर दावा कर रहे हैं, तो आप मैन्युअल रूप से दावा करके दुनिया भर में कॉन्टेंट पर रोक लगाने की नीति लागू नहीं करा सकते. ऐसा करने के लिए, आपके पास कॉन्टेंट को दुनिया भर में दिखाने के अधिकार होने चाहिए.

इसके अलावा, प्रसारणकर्ताओं के पास किसी इलाके में लाइसेंस वाले कॉन्टेंट को दिखाने के अधिकार हो सकते हैं. हालांकि, इसका हमेशा यह मतलब नहीं होता कि उनके पास उस इलाके में उस कॉन्टेंट वाले वीडियो पर दावा करने का अधिकार भी होगा.
मैन्युअल रूप से किए गए सभी दावों में सटीक टाइमस्टैंप शामिल होने चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि जिस कॉन्टेंट पर दावा किया गया है वह वीडियो में किस जगह पर है. हर एक मिलते-जुलते सेगमेंट को अलग-अलग टाइमस्टैंप से बताना ज़रूरी है.

जान-बूझकर या बार-बार गलत टाइमस्टैंप देने को हमारी नीतियों का गंभीर उल्लंघन माना जा सकता है.
ऐसा कॉन्टेंट जो YouTube की कम्यूनिटी या ब्रैंड सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता हो उस पर मैन्युअल रूप से दावा न करें, फिर चाहे उस पर 'कमाई करने' की नीति लागू होती हो या नहीं. इसे सिस्टम को धोखा देने वाली गतिविधियों को रोकने की हमारी नीति का उल्लंघन माना जा सकता है. ज़्यादा जानकारी यहां पढ़ें.
किसी वीडियो के छोटे से हिस्से में इस्तेमाल किए गए ऑडियो कॉन्टेंट पर मैन्युअल रूप से दावा करके, बहुत कम मामलों में कमाई करने की नीतियां लागू की जा सकती हैं. आम तौर पर, वीडियो के छोटे से हिस्से में इस्तेमाल किए गए ऑडियो कॉन्टेंट पर मैन्युअल रूप से दावा करके, सिर्फ़ उस पर रोक लगाने या निगरानी करने की नीतियां लागू की जा सकती हैं. जब तक इस्तेमाल किया गया कॉन्टेंट:
​किसी वीडियो संकलन, संगीत काउंटडाउन या संगीत के थीम वाली चुनौती का हिस्सा न हो.
  • किसी चैनल को ब्रैंड के तौर पर पेश करने वाले वीडियो के परिचय/आउटरो में शामिल हो.
  • किसी ऐसे वीडियो में शामिल हो जिस पर पहले से कोई मान्य Content ID दावा मौजूद हो और उसके साथ कमाई करने की नीति लागू की गई हो.
  • किसी ऐसे आधिकारिक कलाकार चैनल पर अपलोड किए गए वीडियो में शामिल हो जिसका मालिक खुद दावेदार ही हो.
  • वीडियो के ज़्यादातर हिस्सों में शामिल हो.
अगर आपका ऑडियो कॉन्टेंट "अनजाने में इस्तेमाल" किया गया है, तो उस पर मैन्युअल रूप से दावा करके, शायद आप कमाई करने की नीति लागू न कर सकें. हालांकि, अपने कॉन्टेंट का किसी भी तरह से इस्तेमाल किए जाने पर, आप आम तौर पर 'रोक लगाने' या 'निगरानी करने' की नीतियां लागू कर सकते हैं. इस नीति के मुताबिक, हम ऐसे मामलों को “अनजाने में इस्तेमाल करने” के मामले मानते हैं:
  • क्रिएटर ने दावे वाले कॉन्टेंट को वीडियो में नहीं जोड़ा था और
  • कॉन्टेंट के साथ क्रिएटर का कोई संबंध नहीं है.

“अनजाने में इस्तेमाल करने” के कुछ उदाहरण:

  • क्रिएटर के घर या दफ़्तर में दूसरे कमरे से आ रही टीवी की आवाज़.
  • किसी गुज़रती हुई कार में बज रहा संगीत.

ऐसे उदाहरण जो "अनजाने में इस्तेमाल करने" के मामलों में शामिल नहीं हैं:

  • संगीत के साथ गाना, नाचना या खेलना.
  • ऐसा कोई भी कॉन्टेंट जिसे पोस्ट-प्रोडक्शन या एडिटिंग सॉफ़्टवेयर की मदद से जोड़ा गया है.
  • वीडियो के ऐसे हिस्से पर बैकग्राउंड संगीत सुनाई देना जहां क्रिएटर उसको सीधे कंट्रोल कर सकता है. इसके अलावा, ऐसे मामले जहां वीडियो का मकसद ऑडियो को कैप्चर करना हो, जैसे कि किसी कॉन्सर्ट की रिकॉर्डिंग.
Content ID और राजनैतिक सेंसरशिप
YouTube पर राजनैतिक सेंसरशिप के लिए Content ID का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है. ऐसी कोई भी कोशिश करने पर, कॉन्टेंट मैनेजर जिन कॉन्टेंट के मालिकों के खाते प्रबंधित करते हैं उनके सभी खाते बंद किए जा सकते हैं.

समस्याओं से बचने के लिए सलाह:

  • अपने खाते के ख़िलाफ़ किए गए "सिर्फ़ ब्लॉक करें" वाले दावों पर नज़र रखें. साथ ही, किसी भी समस्या की शिकायत सीधे अपने पार्टनर मैनेजर से करें.
Content ID पर मैन्युअल रूप से की जाने वाली कार्रवाइयों की नीति
Content ID, कॉन्टेंट मैनेजर की ओर से मैन्युअल रूप से की जाने वाली कई समीक्षा कार्रवाइयों पर निर्भर रहती है. इनमें ये कार्रवाइयां शामिल हैं. हालांकि, इनके अलावा और भी कार्रवाइयां हो सकती हैं:
  • ऐसी पहचान सामग्री और एसेट का मालिकाना हक ठीक करना जिनके बारे में साफ़-साफ़ जानकारी नहीं है.
  • संभावित और विवादित कॉपीराइट दावों की समीक्षा करना.

नीति से जुड़ी ज़रूरी शर्तें

  • मैन्युअल रूप से की जाने वाली कार्रवाइयों को अपने-आप होने वाली या पहले से तय प्रक्रिया में नहीं बदला जा सकता. इनके लिए मानवीय समीक्षा की ज़रूरत होती है.
  • संभावित या विवादित दावों की पुष्टि करने जैसी सभी मैन्युअल रूप से की जाने वाली कार्रवाइयों के लिए ज़रूरी है की वे:
    • किस-किस कॉन्टेंट पर आपका मालिकाना हक है, इसकी सटीक जानकारी दें.
    • सभी ज़रूरी कानूनों और नियमों का पालन करें.
    • YouTube की सभी नीतियों का पालन करें. जैसे कि YouTube पर कमाई करने के लिए ज़रूरी शर्तें.
Content ID के लिए ज़रूरी एसेट मैनेजमेंट से जुड़ी शर्तें
गलत, नहीं पढ़ी जा सकने वाली या डुप्लीकेट एसेट Content ID सिस्टम में गड़बड़ी पैदा कर सकती हैं. इस वजह से, YouTube कॉन्टेंट मैनेजर से यह उम्मीद करता है कि वे जिन एसेट के मालिक हैं उनका सही तरीके से प्रबंधन करें. जो कॉन्टेंट मैनेजर ऐसा नहीं करते, उनके लिए सीएमएस खाते को ऐक्सेस करने की सुविधा बंद की जा सकती है या उनके ऊपर अन्य जुर्माने लगाए जा सकते हैं.

नीति से जुड़ी ज़रूरी शर्तें

  • सभी एसेट का मेटाडेटा बिल्कुल सटीक, एक जैसा, और पढ़ने में आसान होना चाहिए.
    • अपलोड करने वाले को साफ़ तौर पर पता चल जाना चाहिए कि किस वीडियो पर दावा किया जा रहा है और उस वीडियो का मालिक कौन है. जैसा कॉन्टेंट हो उसके हिसाब से ज़रूरी कम से कम मेटाडेटा आपको अपनी एसेट में शामिल करना चाहिए:
      • साउंड रिकॉर्डिंग या संगीत वीडियो: इसमें आईएसआरसी (अंतरराष्ट्रीय मानक रिकॉर्डिंग कोड), शीर्षक, कलाकार, और रिकॉर्ड लेबल शामिल करें.
      • संगीत रचना: इसमें शीर्षक और गीतकार का नाम शामिल करें.
      • टेलिविज़न एपिसोड: इसमें कार्यक्रम का शीर्षक और एपिसोड का शीर्षक या उसकी संख्या शामिल करें.
      • फ़िल्म: इसमें शीर्षक और निर्देशकों के नाम शामिल करें.
      • खेल का ब्रॉडकास्ट: इसमें प्रतियोगियों या टीम के नाम और इवेंट की तारीख शामिल करें.
      • अन्य वेब एसेट: इसमें संबंधित पहचान वीडियो की सटीक जानकारी होनी चाहिए.
    • कॉन्टेंट डिलीवरी और आर्ट ट्रैक बनाने के लिए शामिल किया गया मेटाडेटा कितना सटीक है, इसकी ज़िम्मेदारी संगीत पार्टनर की होती है.
    • अगर मेटाडेटा हमारे क्वालिटी स्टैंडर्ड पर खरा नहीं उतरता, तो हम कॉन्टेंट डिलीवरी को रोक सकते हैं या उसे बंद कर सकते हैं.
  • कॉन्टेंट मैनेजर इस बात का ध्यान रखें कि वे जिस तरह की एसेट का इस्तेमाल कर रहे हैं वह बिल्कुल सटीक हो.
    • उदाहरण के लिए, पार्टनर संगीत कॉन्टेंट के लिए वेब एसेट का इस्तेमाल नहीं कर सकते. संगीत वीडियो एसेट को ऐसे लाइव कार्यक्रम की रिकॉर्ड़िंग के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता जिसे उसके संगीत लेबल ने नहीं बनाया हो.
  • अगर Content ID सिस्टम में किसी कॉन्टेंट की एसेट पहले से ही मौजूद हो, तो उसकी डुप्लीकेट एसेट ना बनाएं. 
    • नई एसेट बनाने के बजाय, मौजूदा एसेट पर अपना मालिकाना हक जोड़ें.
  • ऐसी एसेट पर मालिकाना हक न जोड़ें जो आपकी बौद्धिक संपत्ति न हो. 
क्या यह उपयोगी था?
हम उसे किस तरह बेहतर बना सकते हैं?