एट्रिब्यूशन मॉडल के बारे में जानकारी

ध्यान दें: Google पर अब फ़र्स्ट क्लिक, लीनियर, समय का नुकसान, और रैंक पर आधारित एट्रिब्यूशन मॉडल का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. काम नहीं करने वाले एट्रिब्यूशन मॉडल का इस्तेमाल करने वाले कन्वर्ज़न ऐक्शन को डेटा-ड्रिवन एट्रिब्यूशन का इस्तेमाल करने के लिए अपग्रेड कर दिया गया है. आपके पास लास्ट क्लिक मॉडल पर भी स्विच करने का विकल्प है. इस मॉडल का अब भी इस्तेमाल किया जा सकता है. काम न करने वाले मॉडल के बारे में ज़्यादा जानें.

कन्वर्ज़न की प्रोसेस के दौरान, हो सकता है कि ग्राहक, विज्ञापन देने वाले किसी एक ही व्यक्ति या कंपनी के कई विज्ञापनों से इंटरैक्ट करें. एट्रिब्यूशन मॉडल की मदद से, यह चुना जा सकता है कि आपके कन्वर्ज़न के लिए हर विज्ञापन इंटरैक्शन को कितना क्रेडिट दिया जाए.

एट्रिब्यूशन मॉडल की मदद से, विज्ञापनों की परफ़ॉर्मेंस को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है. साथ ही, इससे उपयोगकर्ता के पहले क्लिक से लेकर फ़ाइनल कन्वर्ज़न होने तक की प्रोसेस को ऑप्टिमाइज़ करने में भी मदद मिलती है.

इस लेख में कई तरह के एट्रिब्यूशन मॉडल की जानकारी दी गई है. साथ ही, यह भी बताया गया है कि उन्हें Google Ads में किस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. यह लेख कन्वर्ज़न ट्रैकिंग और बिडिंग के लिए एट्रिब्यूशन मॉडल को सेट करने के तरीके के बारे में जानकारी देता है. साथ ही, "मॉडल की तुलना" करने वाली एट्रिब्यूशन रिपोर्ट की मदद से, मॉडल की तुलना करने का तरीका भी बताता है.

फ़ायदे

विज्ञापन देने वाले ज़्यादातर लोग या कंपनियां, अपने ऑनलाइन विज्ञापन की सफलता का आकलन "लास्ट क्लिक" के आधार पर करती हैं. इसका मतलब है कि वे कन्वर्ज़न का पूरा क्रेडिट, सबसे लास्ट में क्लिक किए गए विज्ञापन और उसके कीवर्ड को देती हैं. हालांकि, इसमें फ़ाइनल कन्वर्ज़न होने से पहले के किसी दूसरे विज्ञापन इंटरैक्शन पर ध्यान नहीं दिया जाता.

एट्रिब्यूशन मॉडल की मदद से, यह कंट्रोल किया जा सकता है कि कन्वर्ज़न के लिए हर विज्ञापन इंटरैक्शन को कितना क्रेडिट दिया जाए. इसकी मदद से:

  • खरीदारी से पहले ही ग्राहकों तक पहुंचें: जैसे ही ग्राहक कन्वर्ज़न पाथ पर आएं, अपने कारोबार की तरफ़ उनका ध्यान खींचने के मौके तलाशें.
  • अपना कारोबार मैच करें: ऐसे मॉडल का इस्तेमाल करें जिससे आपके प्रॉडक्ट या सेवाओं को खोज रहे लोगों को आपका ऑफ़र पहले दिखे.
  • अपनी बिडिंग को बेहतर करें: विज्ञापनों की परफ़ॉर्मेंस की बेहतर जानकारी के आधार पर अपनी बिडिंग ऑप्टिमाइज़ करें.

अलग-अलग एट्रिब्यूशन मॉडल के बारे में जानकारी

फ़िलहाल, Google Ads में कई एट्रिब्यूशन मॉडल मौजूद हैं:

अंतिम क्लिक लास्ट क्लिक: कन्वर्ज़न का पूरा क्रेडिट, सबसे लास्ट में क्लिक किए गए विज्ञापन और उसके कीवर्ड को देता है.

डेटा-संचालित डेटा-ड्रिवन एट्रिब्यूशन: इसमें कन्वर्ज़न का क्रेडिट, इस कन्वर्ज़न ऐक्शन के पुराने डेटा के आधार पर दिया जाता है. यह मॉडल, दूसरे एट्रिब्यूशन मॉडल से अलग है. यह कन्वर्ज़न पाथ में हर इंटरैक्शन के असल योगदान का पता लगाता है और इसके लिए, आपके खाते के डेटा का इस्तेमाल करता है. "डेटा-ड्रिवन" मॉडल, ज़्यादातर कन्वर्ज़न ऐक्शन के लिए डिफ़ॉल्ट एट्रिब्यूशन मॉडल होता है. डेटा-ड्रिवन एट्रिब्यूशन के बारे में ज़्यादा जानें.

उदाहरण

आपका मुंबई के बांद्रा इलाके में लज़ीज़ नाम का एक रेस्टोरेंट है. एक महिला ग्राहक, आपके विज्ञापनों पर क्लिक करके आपकी साइट पर पहुंचती है. विज्ञापन पर क्लिक करने से पहले वह ये सभी खोजें करती है: "रेस्टोरेंट मुंबई", "रेस्टोरेंट बांद्रा", "तीन स्टार रेस्टोरेंट बांद्रा", और फिर "तीन स्टार रेस्टोरेंट लज़ीज़ बांद्रा." वह "तीन स्टार रेस्टोरेंट लज़ीज़ बांद्रा" के साथ दिखने वाले आपके विज्ञापन पर क्लिक करके बुकिंग करवाती है.

  • "लास्ट क्लिक" एट्रिब्यूशन मॉडल में, आखिरी कीवर्ड, "तीन स्टार रेस्टोरेंट लज़ीज़ बांद्रा" को कन्वर्ज़न का 100% क्रेडिट मिलेगा.
  • "डेटा-ड्रिवन" एट्रिब्यूशन मॉडल में, हर कीवर्ड को इस आधार पर क्रेडिट मिलेगा कि कन्वर्ज़न में उसका कितना योगदान रहा.

इन एट्रिब्यूशन मॉडल की तुलना करने का तरीका जानने और यह देखने के लिए कि आपके डेटा पर उनका क्या असर पड़ता है, नीचे मौजूद "मॉडल की तुलना" करने वाली रिपोर्ट का सेक्शन देखें.

आपके खाते में कन्वर्ज़न, क्रेडिट पाने वाले इन चैनलों से मिल सकते हैं:

  • Google के पेड चैनल: Google Ads के चैनलों को कन्वर्ज़न के लिए क्रेडिट मिल सकता है.
  • पेड चैनल: पेड मीडिया चैनलों को कन्वर्ज़न के लिए क्रेडिट मिल सकता है.
  • पेड और ऑर्गैनिक चैनल: पेड और ऑर्गैनिक चैनलों को कन्वर्ज़न के लिए क्रेडिट मिल सकता है.
  • [पब्लिशर] चैनल: सिर्फ़ [पब्लिशर] चैनलों को कन्वर्ज़न के लिए क्रेडिट मिल सकता है.
  • ऐसे चैनल जिनके बारे में जानकारी नहीं है: इनकी वजह से मिलने वाले कन्वर्ज़न का क्रेडिट इनके डेटा सोर्स को दिया जाता है.
क्रेडिट लेने वाले चैनल ऐसे चैनल होते हैं जिन्हें कन्वर्ज़न के लिए क्रेडिट दिया जा सकता है. अगर Google के कई प्रॉडक्ट में कन्वर्ज़न सेट अप किया जाता है, तो उन कन्वर्ज़न के लिए क्रेडिट पाने वाले चैनल, खाते में मेज़र की गई अन्य गतिविधि के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं. कन्वर्ज़न के लिए क्रेडिट पाने वाले चैनलों को Google Ads, Google Analytics, Search Ads 360, Display & Video 360, और Campaign Manager में "एट्रिब्यूशन मॉडल" की सेटिंग के साथ देखा जा सकता है.

कन्वर्ज़न और बिडिंग के एट्रिब्यूशन मॉडल के बारे में जानकारी

कन्वर्ज़न ट्रैकिंग में "एट्रिब्यूशन मॉडल" सेटिंग से यह तय किया जा सकता है कि हर कन्वर्ज़न ऐक्शन के लिए, कन्वर्ज़न का क्रेडिट कैसे दिया जाए. इस सेटिंग का इस्तेमाल वेबसाइट और Google Analytics कन्वर्ज़न ऐक्शन के लिए किया जा सकता है. अपने कन्वर्ज़न के लिए, एट्रिब्यूशन मॉडल ढूंढने और उसे सेट करने का तरीका जानें.

यह सेटिंग, आपके "कन्वर्ज़न" और "सभी कन्वर्ज़न" कॉलम में कन्वर्ज़न की गिनती के तरीके पर असर डालती है. ध्यान दें कि "कन्वर्ज़न" कॉलम में सिर्फ़ वे कन्वर्ज़न ऐक्शन शामिल होते हैं जिन्हें आपने मुख्य कन्वर्ज़न के तौर पर मार्क किया है.

आपके चुने हुए एट्रिब्यूशन मॉडल का असर, सिर्फ़ उस कन्वर्ज़न ऐक्शन पर पड़ता है जिस पर यह मॉडल लागू किया गया है. इस सेटिंग का असर, बिडिंग की उन सभी रणनीतियों पर भी पड़ता है जो "कन्वर्ज़न" कॉलम का डेटा इस्तेमाल करती हैं. इसका मतलब है कि अगर कन्वर्ज़न के लिए ऑप्टिमाइज़ करने वाली ऑटोमैटिक बिडिंग की रणनीति का इस्तेमाल किया जा रहा है, जैसे कि हर ऐक्शन के लिए खर्च का टारगेट (टारगेट सीपीए), हर क्लिक की बेहतर लागत (ईसीपीसी) या विज्ञापन खर्च पर रिटर्न के टारगेट (टारगेट आरओएएस), तो जिस एट्रिब्यूशन मॉडल को चुना जाएगा उससे आपकी बिडिंग को ऑप्टिमाइज़ करने के तरीके पर असर पड़ेगा.

अगर मैन्युअल बिडिंग की रणनीतियों का इस्तेमाल किया जाता है, तो बिडिंग तय करने के लिए अपने एट्रिब्यूशन मॉडल को बदला जा सकता है.

अगर यह तय नहीं हो पा रहा है कि कौनसा मॉडल चुनें, तो नीचे "मॉडल की तुलना" करने वाली रिपोर्ट का सेक्शन देखें. इसकी मदद से, अलग-अलग एट्रिब्यूशन मॉडल की तुलना की जा सकती है. अगर आपको कोई नया नॉन-लास्ट क्लिक एट्रिब्यूशन मॉडल आज़माना है, तो हमारी सलाह है कि पहले उस मॉडल को टेस्ट करके यह पता लगाएं कि वह आपके आरओआई (लागत पर रिटर्न) पर क्या असर डालता है.

ध्यान दें: अपने एट्रिब्यूशन मॉडल को "लास्ट क्लिक" से "डेटा-ड्रिवन" में बदलने से, यह पता करने में मदद मिलती है कि आपके कौनसे विज्ञापन इंटरैक्शन सबसे ज़्यादा असरदार हैं. डेटा-ड्रिवन एट्रिब्यूशन ऐसे हर विज्ञापन इंटरैक्शन को एक वैल्यू असाइन करता है जिसने कन्वर्ज़न प्रोसेस में योगदान दिया हो. साथ ही, उतने ही सीपीए पर ज़्यादा कन्वर्ज़न पाने में मदद करता है. "लास्ट क्लिक" से "डेटा-ड्रिवन" मॉडल पर स्विच करने के बाद, बिडिंग और टारगेट को बदलने के तरीके के बारे में ज़्यादा जानें.

"मॉडल की तुलना" करने वाली रिपोर्ट के बारे में जानकारी

ध्यान दें: "मॉडल की तुलना करने वाली रिपोर्ट" में, आपको यह बताने वाला मैसेज दिख सकता है कि चुनी गई तारीख की सीमा के लिए, पुराने डेटा का कुछ ही हिस्सा उपलब्ध है. ऐसा इसलिए हो सकता है कि आपके खाते ने हाल ही में क्रॉस-नेटवर्क एट्रिब्यूशन की ज़रूरी शर्तें पूरी की हों. परफ़ॉर्मेंस की सही मेट्रिक दिखाने के लिए, यह रिपोर्ट ऐसे नेटवर्क और कैंपेन को हटा देती है जिसमें ज़रूरत के मुताबिक डेटा नहीं होता. पूरा डेटा देखने के लिए, हाल ही की तारीख की सीमा चुनें.

"मॉडल की तुलना" करने वाली रिपोर्ट की मदद से, एक साथ दो अलग-अलग एट्रिब्यूशन मॉडल की तुलना की जा सकती है. अगर आपको ऐसे कीवर्ड, विज्ञापन ग्रुप, कैंपेन या डिवाइसों का पता लगाना है जिन्हें लास्ट-क्लिक के हिसाब से कम आंका गया है, तो "लास्ट क्लिक" मॉडल की तुलना "डेटा-ड्रिवन" मॉडल से करें. इससे, Google के एआई से तय किए गए कीवर्ड की वैल्यू की मदद से देखा जा सकता है कि कन्वर्ज़न से पहले, आपके ग्राहक किस-किस टचपॉइंट से होकर गुज़रे. डेटा-ड्रिवन एट्रिब्यूशन से आपको यह भी पता चलता है कि पूरे कन्वर्ज़न पाथ में विज्ञापन इंटरैक्शन की कितनी अहमियत थी.

सलाह: अलग-अलग एट्रिब्यूशन मॉडल के मुताबिक अपने सीपीए या आरओएएस का विश्लेषण करें

"मॉडल की तुलना" करने वाली रिपोर्ट के "कीमत / कन्वर्ज़न" और "कन्वर्ज़न वैल्यू / कीमत" कॉलम का इस्तेमाल करके, अलग-अलग एट्रिब्यूशन मॉडल के मुताबिक अपने सीपीए या आरओएएस की तुलना की जा सकती है. इससे उन कैंपेन या कीवर्ड की पहचान की जा सकती है जिन्हें "लास्ट क्लिक" वाले एट्रिब्यूशन मॉडल में कम आंका गया है. इसके बाद, पूरे कन्वर्ज़न पाथ में अपने कैंपेन और कीवर्ड की असल वैल्यू के हिसाब से बिड बदली जा सकती हैं.

अपने कन्वर्ज़न के लिए, एट्रिब्यूशन मॉडल ढूंढने और सेट करने का तरीका

अपना कन्वर्ज़न ऐक्शन सेट अप करते समय, एट्रिब्यूशन मॉडल सेट किया जा सकता है. इसके अलावा, एट्रिब्यूशन मॉडल की तुलना करने और किसी मौजूदा कन्वर्ज़न ऐक्शन का एट्रिब्यूशन मॉडल बदलने के लिए, नीचे दिए गए निर्देशों का पालन करें:

ध्यान दें: नीचे दिए गए निर्देश, Google Ads के नए वर्शन को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं. पिछले वर्शन का इस्तेमाल करने के लिए, "थीम" आइकॉन पर क्लिक करें और पिछले वर्शन का यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई) इस्तेमाल करें चुनें. अगर Google Ads के पिछले वर्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है, तो किसी पेज को खोजने के लिए, Google Ads में उपलब्ध प्रमुख सुविधाओं को झटपट ढूंढने की सुविधा या सबसे ऊपर मौजूद नेविगेशन पैनल में खोज बार का इस्तेमाल करें.

एट्रिब्यूशन मॉडल की तुलना करना

  1. अपने Google Ads खाते में, लक्ष्य आइकॉन Goals Icon पर क्लिक करें.
  2. सेक्शन मेन्यू में, मेज़रमेंट ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें.
  3. एट्रिब्यूशन पर क्लिक करें.
  4. बाईं ओर मौजूद पेज मेन्यू में, मॉडल की तुलना पर क्लिक करें.
  5. "डाइमेंशन" ड्रॉप-डाउन मेन्यू से कोई विकल्प चुनें.
  6. आपको जिन एट्रिब्यूशन मॉडल को देखना है और जिनकी तुलना करनी है उन्हें चुनने के लिए, "तुलना करें" और "इसके साथ" ड्रॉप-डाउन मेन्यू का इस्तेमाल करें.

टेबल के ऊपर मौजूद खोज बॉक्स का इस्तेमाल करके, खास कीवर्ड, विज्ञापन ग्रुप, कैंपेन या खाते खोजे जा सकते हैं.

किसी मौजूदा कन्वर्ज़न ऐक्शन के लिए एट्रिब्यूशन मॉडल बदलना

  1. अपने Google Ads खाते में, लक्ष्य आइकॉन Goals Icon पर क्लिक करें.
  2. सेक्शन मेन्यू में, कन्वर्ज़न ड्रॉप-डाउन पर क्लिक करें.
  3. खास जानकारी पर क्लिक करें.
  4. टेबल में, कन्वर्ज़न के नाम पर क्लिक करके उस कन्वर्ज़न को चुनें जिसमें आपको बदलाव करना है.
  5. सेटिंग में बदलाव करें पर क्लिक करें.
  6. एट्रिब्यूशन मॉडल पर क्लिक करके ड्रॉप-डाउन मेन्यू से एक एट्रिब्यूशन मॉडल चुनें.
  7. सेव करें पर क्लिक करें. इसके बाद, हो गया पर क्लिक करें.

कई खातों में होने वाले कन्वर्ज़न ट्रैक करना

मैनेजर खाता लेवल पर, कई खातों में होने वाले कन्वर्ज़न को ट्रैक करने की सुविधा का इस्तेमाल करके कन्वर्ज़न ट्रैक करने के लिए, आपको मैनेजर खाते में अपना एट्रिब्यूशन मॉडल चुनना होगा.

आपके रिपोर्टिंग कॉलम में एट्रिब्यूशन मॉडल

जब किसी कन्वर्ज़न ऐक्शन के लिए "एट्रिब्यूशन मॉडल" सेटिंग बदली जाती है, तो इससे सिर्फ़ आपके "कन्वर्ज़न" और "सभी कन्वर्ज़न" कॉलम में आपके कन्वर्ज़न की गिनती करने का तरीका बदलता है. अगर आपको देखना है कि आपने अभी-अभी जो एट्रिब्यूशन मॉडल चुना है उसके साथ आपका पुराना कन्वर्ज़न डेटा कैसा दिखेगा, तो "कॉलम" मेन्यू के "एट्रिब्यूशन" सेक्शन में दिए गए, "मौजूदा मॉडल" कॉलम का इस्तेमाल करें:

  • कन्वर्ज़न (मौजूदा मॉडल)
  • लागत / कन्वर्ज़न (मौजूदा मॉडल)
  • कन्वर्ज़न रेट (मौजूदा मॉडल)
  • कन्वर्ज़न वैल्यू (मौजूदा मॉडल)
  • कन्वर्ज़न वैल्यू / लागत (मौजूदा मॉडल)
  • कन्वर्ज़न वैल्यू / क्लिक (मौजूदा मॉडल)
  • वैल्यू / कन्वर्ज़न (मौजूदा मॉडल)

अगर आपने अभी-अभी एट्रिब्यूशन मॉडल बदला है और आपको यह जानना है कि इसका आपके कन्वर्ज़न डेटा पर कैसा असर होगा, तो ये कॉलम आपके लिए काम के हो सकते हैं. इन कॉलम की तुलना, अपने सामान्य कन्वर्ज़न ट्रैकिंग कॉलम से की जा सकती है. इससे आपको पता चलता है कि जिस एट्रिब्यूशन मॉडल को आपने अभी चुना है, अगर उसका इस्तेमाल पहले से किया जा रहा होता, तो आपका डेटा किस तरह से अलग होता.

नियमित "कन्वर्ज़न" कॉलम की तरह, इन कॉलम में ऐसे कोई कन्वर्ज़न ऐक्शन शामिल नहीं होंगे जिन्हें आपने मुख्य कन्वर्ज़न के तौर पर मार्क न करने का विकल्प चुना है. हालांकि, क्रॉस-डिवाइस कन्वर्ज़न डिफ़ॉल्ट तौर पर शामिल होते हैं.

ध्यान रखें कि इन कॉलम में डेटा शामिल होता है जिस पर आपके चुने हुए एट्रिब्यूशन मॉडल का कोई असर नहीं होता है. जैसे, कन्वर्ज़न बिलिंग के लिए पैसे चुकाएं का इस्तेमाल करने वाले Display Network कैंपेन का डेटा.

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