एट्रिब्यूशन मॉडल के बारे में जानकारी

कन्वर्ज़न के दौरान, खरीदार कई खोज कर सकता है और एक ही विज्ञापन देने वाले के कई विज्ञापनों के साथ इंटरैक्ट भी कर सकता है. एट्रिब्यूशन मॉडल से आप चुन सकते हैं कि आपके कन्वर्ज़न के लिए हर क्लिक को कितना क्रेडिट दिया जाए. आप खरीदार के पहले क्लिक को, अंतिम क्लिक को या कई मिले-जुले क्लिक को क्रेडिट दे सकते हैं.

एट्रिब्यूशन मॉडल से आप बेहतर तरीके से समझ सकते हैं कि आपके विज्ञापन कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं. इससे आपको उपयोगकर्ता के कन्वर्ज़न पाथ को ऑप्टिमाइज़ करने में मदद मिल सकती है.

इस लेख में अलग-अलग एट्रिब्यूशन मॉडल और Google Ads में उनका इस्तेमाल करने का तरीका बताया गया है. आप कन्वर्ज़न ट्रैकिंग और बोली-प्रक्रिया के लिए एट्रिब्यूशन मॉडल सेट करने का तरीका जानेंगे. साथ ही, अपनी एट्रिब्यूशन रिपोर्ट में "एट्रिब्यूशन मॉडलिंग" से मॉडल की तुलना करने का तरीका भी जानेंगे.

ध्यान रखें

एट्रिब्यूशन मॉडलिंग सिर्फ़ google.com के सर्च नेटवर्क और शॉपिंग विज्ञापनों के क्लिक के लिए उपलब्ध है. यह डिसप्ले नेटवर्क विज्ञापनों के साथ होने वाले इंटरैक्शन के लिए उपलब्ध नहीं है. एट्रिब्यूशन मॉडलिंग सिर्फ़ वेबसाइट, Google Analytics, फ़ोन कॉल, और कन्वर्ज़न कार्रवाइयों को इंपोर्ट करने के लिए उपलब्ध है. यह ऐप्लिकेशन और स्टोर के अंदर होने वाले कन्वर्ज़न के लिए उपलब्ध नहीं है.

फ़ायदे

विज्ञापन देने वाले ज़्यादातर लोग, अपने ऑनलाइन विज्ञापन की सफलता का आकलन "अंतिम क्लिक" के आधार पर करते हैं. इसका मतलब है कि वे कन्वर्ज़न का पूरा क्रेडिट सबसे आखिर में क्लिक किए गए विज्ञापन और उससे जुड़े कीवर्ड को देते हैं. हालांकि, इसमें ऐसे क्लिक पर ध्यान नहीं दिया जो खरीदारों ने इस दौरान किए हों.

एट्रिब्यूशन मॉडल से आप यह तय कर सकते हैं कि कन्वर्ज़न के लिए, हर विज्ञापन और कीवर्ड को कितना क्रेडिट मिलता है. इसकी मदद से आप:

  • खरीदारी चक्र में खरीदारों तक पहले पहुंच सकते हैं: खरीदारों के कन्वर्ज़न के दौरान उन्हें पहले प्रभावित करने के मौके तलाशें.
  • अपने कारोबार से मिलान कर सकते हैं: ऐसे मॉडल का इस्तेमाल करें जिससे खोज कर रहे लोगों को आपका ऑफ़र पहले दिखाई दे.
  • अपनी बोली-प्रक्रिया को बेहतर बना सकते हैं: विज्ञापनों की परफ़ॉर्मेंस की बेहतर जानकारी के आधार पर अपनी बोलियां ऑप्टिमाइज़ करें.

अलग-अलग एट्रिब्यूशन मॉडल के बारे में जानकारी

Google Ads में कई एट्रिब्यूशन मॉडल मौजूद हैं:

अंतिम क्लिकअंतिम क्लिक: कन्वर्ज़न का पूरा क्रेडिट, सबसे आखिर में क्लिक किए गए विज्ञापन और उससे जुड़े कीवर्ड को देता है.

अंतिम क्लिक मॉडल का इस्तेमाल करते समय, आपको हाल ही की समयावधि के लिए, "कन्वर्ज़न (मौजूदा मॉडल)" कॉलम की रिपोर्ट और "कन्वर्ज़न" कॉलम में कुछ समय का अंतर नज़र आ सकता है. यह समय का अंतर, अपने-आप सही हो जाता है.

प्रथम क्लिकपहला क्लिक: कन्वर्ज़न का पूरा क्रेडिट, सबसे पहले क्लिक किए गए विज्ञापन और उससे जुड़े कीवर्ड को देता है.

रेखीयलीनियर: कन्वर्ज़न का क्रेडिट, पाथ के सभी क्लिक के बीच बराबर बांटता है.

समय क्षयसमय का नुकसान: उन क्लिक को ज़्यादा क्रेडिट देता है जो कन्वर्ज़न के आस-पास के समय में हुए थे. क्रेडिट का बंटवारा एक 7 दिन के अर्ध-चक्र का इस्तेमाल करके किया जाता है. दूसरे शब्दों में, किसी कन्वर्ज़न से 8 दिन पहले होने वाले क्लिक को उस कन्वर्ज़न से 1 दिन पहले होने वाले क्लिक की तुलना में आधा क्रेडिट दिया जाता है.

स्थिति-आधारितस्थिति के आधार पर: सबसे पहले और सबसे आखिर में क्लिक किए गए विज्ञापन और उससे जुड़े कीवर्ड को 40% क्रेडिट देता है. यह बाकी 20% क्रेडिट, पाथ में हुए दूसरे क्लिक में बांट देता है.

डेटा-संचालितडेटा के आधार पर: इस कन्वर्ज़न कार्रवाई के पिछले डेटा के आधार पर हुए कन्वर्ज़न का क्रेडिट देता है. (यह सिर्फ़ उन ही खातों के लिए मौजूद है जिनमें काफ़ी डेटा है.)

उदाहरण

आप भारत के मुंबई में होटल आशियाना के स्वामी हैं. एक ग्राहक आपके विज्ञापनों पर क्लिक करके, आपकी साइट पर पहुंचती है. आपके विज्ञापन पर क्लिक करने से पहले उसने ये सभी खोजें की: "होटल पुणे", "होटल मुंबई", "3 स्टार होटल मुंबई", और उसके बाद "3 स्टार होटल आशियाना, मुंबई." उसने "3 स्टार होटल आशियाना, मुंबई" खोज के साथ आपका विज्ञापन देखकर कमरा बुक किया. वह "3 स्टार होटल आशियाना, मुंबई" के साथ दिखाई देने वाले आपके विज्ञापन पर क्लिक करके बुकिंग करवाती है.

  • "अंतिम क्लिक" एट्रिब्यूशन मॉडल में, अंतिम कीवर्ड, "3 स्टार होटल आशियाना, मुंबई" को कन्वर्ज़न का 100% क्रेडिट मिलेगा.
  • "पहले क्लिक" एट्रिब्यूशन मॉडल में, पहले कीवर्ड, "होटल पुणे" को कन्वर्ज़न का 100% क्रेडिट मिलेगा.
  • "लीनियर" एट्रिब्यूशन मॉडल में हर कीवर्ड को कन्वर्ज़न का एक जैसा क्रेडिट (हर एक को 25%) मिलेगा.
  • "समय का नुकसान" एट्रिब्यूशन मॉडल में, कीवर्ड "3 स्टार होटल आशियाना, मुंबई" को सबसे ज़्यादा क्रेडिट मिलेगा, क्योंकि इसकी खोज कन्वर्ज़न के समय के सबसे करीब की गई थी. कीवर्ड "होटल पुणे" को सबसे कम क्रेडिट मिलेगा, क्योंकि यह सबसे पहला कीवर्ड था.
  • "स्थिति-आधारित" एट्रिब्यूशन मॉडल में, "होटल पुणे" और "3 स्टार होटल आशियाना, मुंबई" दोनों को 40-40% क्रेडिट मिलेगा, जबकि "होटल मुंबई" और "3 स्टार होटल मुंबई" दोनों को 10-10% क्रेडिट मिलेगा.
  • "डेटा-प्रचालित" एट्रिब्यूशन मॉडल में, हर कीवर्ड को इस आधार पर क्रेडिट मिलेगा कि कन्वर्ज़न देने में उसका कितना योगदान रहा.

नोट: डेटा-प्रचालित एट्रिब्यूशन

जिन विज्ञापन देने वालों के पास काफ़ी डेटा होता है उनके पास छठा एट्रिब्यूशन मॉडल 'डेटा-प्रचालित एट्रिब्यूशन' का ऐक्सेस होता है. यह शक्तिशाली मॉडल कन्वर्ज़न कार्रवाई के लिए मिले डेटा के आधार पर कन्वर्ज़न का क्रेडिट देता है. यह दूसरे मॉडल से इसलिए अलग है, क्योंकि यह कन्वर्ज़न पाथ में हर कीवर्ड के वास्तविक योगदान की गिनती के लिए, आपके खाते के डेटा का इस्तेमाल करता है.

आपको अपनी “एट्रिब्यूशन मॉडल” सेटिंग और “एट्रिब्यूशन मॉडलिंग” रिपोर्ट में यह विकल्प सिर्फ़ तभी नज़र आएगा, जब आपके खाते में काफ़ी डेटा होगा.

डेटा-प्रचालित एट्रिब्यूशन के बारे में ज़्यादा जानें

इन एट्रिब्यूशन मॉडल की तुलना करने का तरीका जानने और यह देखने के लिए कि वे आपके डेटा पर कैसे असर डालते हैं, नीचे मौजूद एट्रिब्यूशन मॉडलिंग रिपोर्ट का सेक्शन देखें.

कन्वर्ज़न और बोली लगाने के लिए एट्रिब्यूशन मॉडल के बारे में जानकारी

कन्वर्ज़न ट्रैकिंग में "एट्रिब्यूशन मॉडल" सेटिंग से आप यह तय कर सकते हैं कि हर कन्वर्ज़न कार्रवाई के लिए, कन्वर्ज़न का क्रेडिट कैसे दिया जाए. आप इस सेटिंग का इस्तेमाल वेबसाइट और Google Analytics कन्वर्ज़न कार्रवाइयों के लिए कर सकते हैं. अपने कन्वर्ज़न के लिए, एट्रिब्यूशन मॉडल सेट करने का तरीका जानें

यह सेटिंग आपके "कन्वर्ज़न" और "सभी कन्वर्ज़न" कॉलम में कन्वर्ज़न की गिनती के तरीके पर असर डालती है. (ध्यान रखें कि “कन्वर्ज़न” कॉलम में सिर्फ़ वे कन्वर्ज़न कार्रवाइयां शामिल होती हैं जिन्हें आपने “‘कन्वर्ज़न' में शामिल करें” सेटिंग के साथ शामिल करने के लिए चुना है.) उदाहरण के लिए अगर आप “पहले क्लिक” को अपने एट्रिब्यूशन मॉडल के रूप में चुनते हैं, तो कन्वर्ज़न का क्रेडिट उस पहले विज्ञापन को दिया जाएगा जिसे खरीदारों ने कोई कन्वर्ज़न पूरा करने से पहले क्लिक किया था. आपकी रिपोर्ट में, कन्वर्ज़न की गिनती सबसे पहले क्लिक किए गए विज्ञापन के कैंपेन, विज्ञापन समूहों, विज्ञापनों, और कीवर्ड में की जाएगी.

आपने जिस एट्रिब्यूशन मॉडल को चुना है वह सिर्फ़ आपके सर्च नेटवर्क, शॉपिंग डेटा, और उस कन्वर्ज़न कार्रवाई पर असर डालता है जिस पर उसे लागू किया गया है. डिसप्ले नेटवर्क कन्वर्ज़न, ऐप्लिकेशन, और फ़ोन कॉल कन्वर्ज़न का क्रेडिट अब भी अंतिम क्लिक को दिया जाएगा.

यह सेटिंग, “कन्वर्ज़न” कॉलम के डेटा का इस्तेमाल करने वाली सभी बोली लगाने की रणनीतियों पर भी असर करती है. इसका मतलब है कि अगर आप कन्वर्ज़न के लिए, ऑप्टिमाइज़ करने वाली 'अपने-आप बोली लगाने की रणनीति', जैसे हर कार्रवाई की टारगेट लागत (सीपीए), बेहतर प्रति क्लिक लागत (ईसीपीसी) या विज्ञापन लागत पर मुनाफ़े को टारगेट करने वाली 'बोली रणनीति' (आरओएएस) का इस्तेमाल करते हैं, तो आप जिस एट्रिब्यूशन मॉडल को चुनेंगे उससे आपकी बोलियों को ऑप्टिमाइज़ करने के तरीके पर असर पड़ेगा.

अगर आप मैन्युअल तरीके से बोली लगाने की रणनीतियों का इस्तेमाल करते हैं, तो अपनी बोलियां सेट करने के लिए, आप अपना एट्रिब्यूशन मॉडल बदल सकते हैं.

अगर आप तय नहीं कर पा रहे हैं कि कौनसा मॉडल चुना जाए, तो नीचे एट्रिब्यूशन मॉडलिंग रिपोर्ट सेक्शन देखें. इसकी मदद से आप अलग-अलग एट्रिब्यूशन मॉडल की तुलना कर सकते हैं. अगर आप किसी नए गैर-अंतिम-क्लिक एट्रिब्यूशन मॉडल को इस्तेमाल कर रहे हैं, तो हमारी सलाह है कि पहले उस मॉडल को टेस्ट करके यह पता लगाएं कि वह आपके निवेश पर लाभ पर कैसे असर डालता है.

ध्यान दें: आपके एट्रिब्यूशन मॉडल को, अंतिम क्लिक से डेटा-प्रचालित एट्रिब्यूशन (DDA) में बदलने से यह तय करने में मदद मिलती है कि आपके कौनसे क्लिक या कीवर्ड सबसे ज़्यादा असरदार हैं. DDA ऐसे हर क्लिक और कीवर्ड को एक मान देता है जिसने कन्वर्ज़न प्रोसेस में योगदान दिया है और उसी सीपीए पर दूसरे कन्वर्ज़न दिलाने में मदद करता है. अंतिम-क्लिक से डेटा-प्रचालित एट्रिब्यूशन पर स्विच करने के बाद बोलियों और टारगेट को बदलने के तरीके के बारे में ज़्यादा जानें

एट्रिब्यूशन मॉडलिंग रिपोर्ट के बारे में जानकारी

एट्रिब्यूशन रिपोर्ट की “एट्रिब्यूशन मॉडलिंग” से आप दो अलग-अलग एट्रिब्यूशन मॉडल की तुलना कर सकते हैं. जिन कीवर्ड, विज्ञापन समूहों या कैंपेन का अंतिम-क्लिक के आधार पर कम महत्व है उन्हें खोजने के लिए आप पहले नीचे दी गई तुलनाओं को देख सकते हैं, उदाहरण के लिए:

  • खरीदारों को कन्वर्ज़न पाथ में आगे भेजने की शुरुआत करने वाले, ऐसे कीवर्ड जिन्हें कम आंका गया है उनकी पहचान करने के लिए “अंतिम क्लिक” मॉडल की तुलना “पहला क्लिक” मॉडल से करें. यह तब अहम है, जब आप अपनी वेबसाइट पर नए खरीदारों को ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में लाना चाहते हैं.
  • पूरे कन्वर्ज़न पाथ में खरीदारों की मदद करने वाले, कम महत्व वाले कीवर्ड की पहचान करने के लिए “अंतिम क्लिक” मॉडल की तुलना “लीनियर” मॉडल से करें. यह तब अहम है, जब आप खरीदारी के पूरे प्रोसेस के दौरान अपने खरीदारों के संपर्क में बने रहना चाहते हैं.

सलाह: अलग-अलग एट्रिब्यूशन मॉडल के लिए अपने सीपीए या आरओएएस का विश्लेषण करें

आप एट्रिब्यूशन मॉडलिंग का इस्तेमाल करके अलग-अलग एट्रिब्यूशन मॉडल के लिए, सीपीए और आरओएएस की तुलना कर सकते हैं. इससे आप, अंतिम-क्लिक एट्रिब्यूशन मॉडल का इस्तेमाल करके उन कैंपेन या कीवर्ड की पहचान कर सकते हैं जिन्हें ज़्यादा महत्व नहीं दिया गया. फिर आप पूरे कन्वर्ज़न पाथ में अपने कैंपेन और कीवर्ड के वास्तविक मान के आधार पर अपनी बोलियां बदल सकते हैं.

अपने कन्वर्ज़न के लिए, एट्रिब्यूशन मॉडल ढूंढने और सेट करने का तरीका

आप अपनी कन्वर्ज़न कार्रवाई सेट अप करते समय, एट्रिब्यूशन मॉडल सेट कर सकते हैं या एट्रिब्यूशन मॉडल की तुलना करने और किसी मौजूदा कन्वर्ज़न कार्रवाई का एट्रिब्यूशन मॉडल बदलने के लिए, नीचे दिए गए तरीके अपना सकते हैं:

एट्रिब्यूशन मॉडल की तुलना करना

  1. अपने Google Ads खाते में साइन इन करें.
  2. अपने खाते के ऊपरी दाएं कोने में मौजूद, 'टूल' आइकॉन पर क्लिक करें, फिर “आकलन” में, सर्च एट्रिब्यूशन चुनें.
  3. बाईं ओर पेज मेन्यू में, एट्रिब्यूशन मॉडलिंग पर क्लिक करें.
  4. निम्नलिखित में से एक का चयन करने के लिए अभियान पर क्लिक करें: अभियान, विज्ञापन समूह, या कीवर्ड.
  5. तुलना करने के लिए अंतिम क्लिक पर क्लिक करें: अंतिम क्लिक, पहला क्लिक, रेखीय, समय क्षय, या स्थान - आधारित.
  6. ड्रॉप-डाउन मेन्यू का उपयोग करके उस एट्रिब्यूशन मॉडल को चुनें जिसे आप देखना और तुलना करना चाहते हैं. आप तालिका के ऊपर स्थित सर्च बॉक्स से विशिष्ट कीवर्ड, विज्ञापन समूहों या अभियानों की खोज कर सकते हैं.

किसी मौजूदा कन्वर्ज़न कार्रवाई के लिए एट्रिब्यूशन मॉडल बदलें

  1. अपने Google Ads खाते में साइन इन करें.
  2. अपने खाते के ऊपरी दाएं कोने में मौजूद, 'टूल' आइकॉन पर क्लिक करें, फिर "आकलन" में कन्वर्ज़न चुनें.
  3. टेबल में, कन्वर्ज़न के नाम पर क्लिक करके वह कन्वर्ज़न चुनें, जिसमें आप बदलाव करना चाहते हैं.
  4. सेटिंग में बदलाव करें पर क्लिक करें.
  5. एट्रिब्यूशन मॉडल पर क्लिक करके ड्रॉप-डाउन मेन्यू से एक एट्रिब्यूशन मॉडल चुनें.
  6. पहले सेव करें पर, फिर हो गया पर क्लिक करें.
 

क्रॉस-खाता कन्वर्ज़न ट्रैकिंग

अगर आप मैनेजर खाते से कन्वर्ज़न ट्रैक करने के लिए, क्रॉस-खाता कन्वर्ज़न ट्रैकिंग का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको मैनेजर खाते में अपना एट्रिब्यूशन मॉडल चुनना होगा.

आपके रिपोर्टिंग कॉलम में मौजूद एट्रिब्यूशन मॉडल

जब आप किसी कन्वर्ज़न कार्रवाई के लिए “एट्रिब्यूशन मॉडल” सेटिंग बदलते हैं, तो इससे आगे चलकर सिर्फ़ आपके “कन्वर्ज़न” और “सभी कन्वर्ज़न” कॉलम में आपके कन्वर्ज़न की गिनती का तरीका बदलता है. अगर आप देखना चाहते हैं कि आपने जो एट्रिब्यूशन मॉडल अभी-अभी चुना है उसके साथ आपका पुराना कन्वर्ज़न डेटा कैसा दिखाई देगा, तो आप “मौजूदा मॉडल” कॉलम का इस्तेमाल कर सकते हैं:

  • कन्वर्ज़न (मौजूदा मॉडल)
  • लागत/कन्वर्ज़न (मौजूदा मॉडल)
  • कन्वर्ज़न दर (मौजूदा मॉडल)
  • कुल कन्वर्ज़न मूल्य (वर्तमान मॉडल)
  • कन्वर्ज़न मूल्य/लागत (वर्तमान मॉडल)
  • कन्वर्ज़न मूल्य/क्लिक (मौजूदा मॉडल)
  • मूल्य/कन्वर्ज़न (मौजूदा मॉडल)

अगर आपने अपना एट्रिब्यूशन मॉडल अभी-अभी बदला है और यह जानना चाहते हैं कि इसका आपके कन्वर्ज़न डेटा पर कैसा असर होगा, तो ये कॉलम काम के हो सकते हैं. आप अपने नियमित कन्वर्ज़न ट्रैकिंग कॉलम के साथ इन कॉलम की तुलना करके देख सकते हैं कि अगर आप, अभी-अभी चुने हुए एट्रिब्यूशन मॉडल का इस्तेमाल कर रहे होते, तो आपका डेटा कैसे अलग होता.

नियमित “कन्वर्ज़न” कॉलम की तरह, इन कॉलम में ऐसी कोई कन्वर्ज़न कार्रवाई शामिल नहीं होगी जिसे आपने “कन्वर्ज़न” में शामिल न किया हो. हालांकि, क्रॉस-डिवाइस कन्वर्ज़न डिफ़ॉल्ट तौर पर शामिल होते हैं.

ध्यान रखें कि इन कॉलम में "डिसप्ले नेटवर्क" के डेटा जैसा डेटा शामिल होता है जिस पर आपके चुने गए एट्रिब्यूशन मॉडल से कोई असर नहीं पड़ता.

कैंपेन पेज बनाम एट्रिब्यूशन रिपोर्ट में कन्वर्ज़न डेटा

आपकी एट्रिब्यूशन रिपोर्ट और कैंपेन पेज के कन्वर्ज़न डेटा में अंतर हो सकता है. यह अंतर नेटवर्क पर कन्वर्ज़न की गिनती करने के तरीके, इवेंट के समय, कन्वर्ज़न के स्रोत, और अलग-अलग डिवाइस की वजह से होता है.

एट्रिब्यूशन रिपोर्ट से आप यह अनुमान लगा सकते हैं कि आपके एट्रिब्यूशन मॉडल में किए गए बदलाव, कन्वर्ज़न रिपोर्टिंग पर कैसे असर डाल सकते हैं. कैंपेन पेज में कन्वर्ज़न से आपको अपना एट्रिब्यूशन मॉडल बदलने के बाद परफ़ॉर्मेंस का मूल्यांकन और ऑप्टिमाइज़ करने में मदद मिल सकती है. आप “मौजूदा मॉडल” कॉलम का इस्तेमाल करके एट्रिब्यूशन रिपोर्ट में पिछली परफ़ॉर्मेंस भी देख सकते हैं. इस तरह की रिपोर्टिंग के काम करने के तरीके के बारे ज़्यादा जानकारी के लिए एट्रिब्यूशन रिपोर्ट के बारे में जानकारी पढ़ें.

अगर आप मैनेजर खाते से कन्वर्ज़न ट्रैकिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो हमारा सुझाव है कि आप प्रबंधित खातों के बजाय मैनेजर खाते में एट्रिब्यूशन रिपोर्ट का इस्तेमाल करें.

रिपोर्टिंग अलग-अलग कैसे होती है

यहां बताया गया है कि एट्रिब्यूशन रिपोर्ट बनाम कैंपेन पेज में कैसे कन्वर्ज़न को अलग तरीके से रिपोर्ट किया जाता है:

  एट्रिब्यूशन रिपोर्ट कैंपेन पेज
इवेंट का समय कन्वर्ज़न का समय उस क्लिक से पहले इंप्रेशन का समय जिससे कन्वर्ज़न हुआ
नेटवर्क 'Google सर्च नेटवर्क' ट्रैफ़िक सर्च (इसमें सर्च पार्टनर भी शामिल हैं), डिसप्ले, YouTube
कन्वर्ज़न का स्रोत विज्ञापन देने वाले की वेबसाइट पर होने वाले कन्वर्ज़न, फ़ोन नंबर क्लिक कन्वर्ज़न, Analytics से इंपोर्ट किए गए लक्ष्य/लेन-देन और इंपोर्ट किए गए ऑफ़-लाइन कन्वर्ज़न. सभी स्रोत जिनमें ऑफ़लाइन कन्वर्ज़न, ऐप्लिकेशन कन्वर्ज़न, स्टोर विज़िट वगैरह शामिल हैं.
क्रॉस-डिवाइस कन्वर्ज़न क्रॉस-डिवाइस कन्वर्ज़न सिर्फ़ “क्रॉस-डिवाइस गतिविधि” रिपोर्ट में शामिल किए जाते हैं. बाकी सभी एट्रिब्यूशन रिपोर्ट में ये कन्वर्ज़न शामिल नहीं किए जाते हैं. "कन्वर्ज़न" कॉलम में सर्च, शॉपिंग, और डिसप्ले नेटवर्क के लिए क्रॉस-डिवाइस कन्वर्ज़न शामिल हैं.

इवेंट का समय

कैंपेन पेज पर मुख्य कन्वर्ज़न कॉलम का हिसाब, क्लिक के समय के मुताबिक लगाया जाता है, न कि कन्वर्ज़न के समय के मुताबिक.

उदाहरण के लिए, अगर आपके विज्ञापन पर पिछले हफ़्ते क्लिक किया गया था और वह इस हफ़्ते के ट्रैफ़िक में बदला है, तो क्लिक और कन्वर्ज़न दोनों की रिपोर्ट, मुख्य कन्वर्ज़न कॉलम में पिछले हफ़्ते में दिखेगी. इससे आप हर कन्वर्ज़न की लागत या विज्ञापन लागत पर मुनाफ़ा जैसी मेट्रिक का मापन ज़्यादा सटीक तरीके से कर सकते हैं, क्योंकि विज्ञापन की लागत का हिसाब क्लिक के समय के मुताबिक भी लगाया जाता है.

नेटवर्क

एट्रिब्यूशन रिपोर्ट में डेटा सिर्फ़ सर्च ट्रैफ़िक तक सीमित है, जबकि कैंपेन पेज में डेटा, सर्च पार्टनर ट्रैफ़िक के साथ डिसप्ले या YouTube कन्वर्ज़न को भी शामिल करेगा. ध्यान रखें कि इन नेटवर्क पर ट्रैफ़िक को सिर्फ़ अंतिम-क्लिक के आधार पर रिपोर्ट किया जा सकता है.

कन्वर्ज़न का स्रोत

कुछ कन्वर्ज़न स्रोत, कैंपेन पेज पर काम करते हैं लेकिन एट्रिब्यूशन रिपोर्ट में मौजूद नहीं होते. एट्रिब्यूशन रिपोर्ट के लिए, सिर्फ़ वेबसाइट कन्वर्ज़न, फ़ोन नंबर क्लिक कन्वर्ज़न, और इंपोर्ट किए गए Analytics लक्ष्य/लेन-देन की गिनती की जाती है. एट्रिब्यूशन रिपोर्ट, ऐप्लिकेशन कन्वर्ज़न और स्टोर विज़िट जैसे दूसरे स्रोतों की गिनती नहीं करती. इंपोर्ट किए गए ऑफ़लाइन कन्वर्ज़न, एट्रिब्यूशन रिपोर्ट में गिने जा सकते हैं. हर 1-2 दिन में कन्वर्ज़न अपलोड करने का सुझाव दिया जाता है. अपलोड किए जाने वाले कन्वर्ज़न 7 दिन से ज़्यादा पुराने नहीं होने चाहिए. कैंपेन पेज में, ये दूसरे स्रोत ट्रैक किए जाते हैं, लेकिन इन्हें सिर्फ़ अंतिम-क्लिक के आधार पर रिपोर्ट किया जा सकता है.

क्रॉस-डिवाइस कन्वर्ज़न

ये कन्वर्ज़न उन खरीदारों से मिलते हैं जिन्होंने अलग-अलग डिवाइस से Google में साइन इन किया है. कैंपेन पेज के “कन्वर्ज़न” कॉलम में सर्च, शॉपिंग, और डिसप्ले नेटवर्क के लिए क्रॉस-डिवाइस कन्वर्ज़न शामिल होते हैं. एट्रिब्यूशन रिपोर्ट में, आपको क्रॉस-डिवाइस कन्वर्ज़न सिर्फ़ “क्रॉस-डिवाइस गतिविधि” रिपोर्ट में मिल सकते हैं. क्रॉस-डिवाइस गतिविधि रिपोर्ट के बारे में ज़्यादा जानें.

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