आपके डेटा की सुरक्षा कैसे की जाती है

उपयोगकर्ताओं की निजता की सुरक्षा से जुड़े कानूनों का असर, कॉन्टेंट पब्लिशर, ऐप्लिकेशन डेवलपर, वेबसाइट पर आने वाले लोगों, और ऐप्लिकेशन इस्तेमाल करने वाले लोगों पर पड़ता है. इन कानूनों में, यूरोपियन इकनॉमिक एरिया के सामान्य डेटा से जुड़े सुरक्षा कानून (जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन) और कैलिफ़ोर्निया कंज़्यूमर प्राइवसी ऐक्ट शामिल हैं. Google निजता नीति और Google के खरीदारों और पार्टनर के लिए बनी साइट भी देखें. फ़िलहाल, ऐसे नियम कुछ भौगोलिक इलाकों पर लागू होते हैं. हालांकि, पब्लिशर और ऐप्लिकेशन डेवलपर अक्सर ऐसे कंट्रोल लागू करते हैं जिनसे सभी इलाकों के उपयोगकर्ताओं के अनुभव पर असर पड़ता है.

Google, डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. आप चाहे कोई पब्लिशर हों या ग्राहक, आपके पास निजता की सुरक्षा से जुड़े विकल्पों की जानकारी होना बेहद ज़रूरी है. इस पेज में दो तरह के उपयोगकर्ताओं के लिए, डेटा इकट्ठा करने और उसकी सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी गई है:

  • Google के मेज़रमेंट प्रॉडक्ट का इस्तेमाल करने वाले कॉन्टेंट पब्लिशर और ऐप्लिकेशन डेवलपर ("ग्राहक").
  • Google के मेज़रमेंट प्रॉडक्ट का इस्तेमाल करने वाली वेबसाइटों और ऐप्लिकेशन के उपयोगकर्ता ("उपयोगकर्ता").

डेटा इकट्ठा करना

Google मेज़रमेंट प्रॉडक्ट को चालू करने के लिए ग्राहक, वेब पेजों पर टैग और मोबाइल ऐप्लिकेशन के लिए SDK टूल का इस्तेमाल करते हैं. इकट्ठा किया गया मेज़रमेंट डेटा, ग्राहकों को अपने उपयोगकर्ताओं की ज़रूरतों के बारे में जानकारी देता है. इसकी मदद से उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाया जा सकता है और उनकी दिलचस्पी के हिसाब से ज़्यादा काम के विज्ञापन दिखाए जा सकते हैं. इस बारे में ज़्यादा जानने के लिए, दिलचस्पी के मुताबिक विज्ञापन दिखाने की सुविधा लेख पढ़ें.

Google के टैग, उपयोगकर्ता इंटरैक्शन को मेज़र करने के लिए कुकी का इस्तेमाल करते हैं. वहीं, SDK टूल इसी काम के लिए, ऐप्लिकेशन इंस्टेंस आईडी का इस्तेमाल करता है. ये आइडेंटिफ़ायर, उपयोगकर्ता के व्यवहार के बारे में जानकारी देते हैं. हालांकि, Google, ग्राहकों को Google Analytics को व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी भेजने से रोकता है. कुकी और ऐप्लिकेशन आईडी का इस्तेमाल, ऊपर बताए गए निजता कानूनों के दायरे में आता है. Google के ग्राहकों को, सेव की जा रही जानकारी के बारे में उपयोगकर्ताओं को बताना होगा. साथ ही, उन्हें अपनी सहमति देने या न देने का विकल्प भी देना होगा.

इस पेज पर ये सेक्शन देखें:

Google Analytics का इस्तेमाल करने वाली साइटों और ऐप्लिकेशन पर जाने वाले लोगों के लिए जानकारी

हमारी निजता नीति

Google में, हम यह अच्छी तरह जानते हैं कि आपको हम पर भरोसा है. इसलिए, आपके डेटा की सुरक्षा और निजता बनाए रखना हमारी ज़िम्मेदारी है. इसी ज़िम्मेदारी के तौर पर, हम आपको बताते हैं कि हमारे प्रॉडक्ट या सेवाओं का इस्तेमाल करने पर, हम आपसे कौनसी जानकारी लेते हैं. साथ ही, यह भी बताते हैं कि हम यह जानकारी आपसे क्यों ले रहे हैं और आपके अनुभव को बेहतर बनाने के लिए हम इसका इस्तेमाल कैसे करते हैं. इस बारे में पूरी जानकारी Google की निजता नीति और सिद्धांत में दी गई है. इसमें बताया गया है कि आपके Google Analytics समेत Google के प्रॉडक्ट और सेवाओं का इस्तेमाल करने पर, हम आपकी निजी जानकारी को कैसे इस्तेमाल करते हैं.

Google Analytics कुकी और आइडेंटिफ़ायर

Google Analytics का इस्तेमाल करने वाले ग्राहक की वेबसाइट पर आने वाले लोगों (उपयोगकर्ता) की गतिविधियों की रिपोर्ट देने के लिए, Google Analytics खास तौर से पहले-पक्ष की कुकी का इस्तेमाल करता है. उपयोगकर्ता, कुकी को बंद कर सकते हैं या किसी कुकी को मिटा सकते हैं. ज़्यादा जानें

इसके अलावा, Google Analytics एक वैकल्पिक ब्राउज़र ऐड-ऑन के साथ भी काम करता है. यह ऐड-ऑन एक बार इंस्टॉल और चालू होने पर, ऐसी किसी भी साइट के लिए Google Analytics की मेज़रमेंट सुविधा को बंद कर देता है जिस पर उपयोगकर्ता ने विज़िट किया है. ध्यान दें कि यह ऐड-ऑन सिर्फ़ Google Analytics की मेज़रमेंट सुविधा को बंद करता है.

जहां कोई ऐप्लिकेशन या साइट, ऐप्लिकेशन या Firebase SDK के लिए Google Analytics का इस्तेमाल करता है वहां Google Analytics एक ऐप्लिकेशन-इंस्टेंस आइडेंटिफ़ायर इकट्ठा करता है - यह रैंडम (बिना किसी क्रम के) तौर पर जनरेट किया गया नंबर है, जो किसी ऐप्लिकेशन के यूनीक इंस्टॉलेशन की पहचान करता है. जब भी कोई उपयोगकर्ता अपना विज्ञापन आइडेंटिफ़ायर (Android पर विज्ञापन आईडी और iOS पर विज्ञापन देने वालों के लिए आईडी) रीसेट करता है, तब ऐप्लिकेशन-इंस्टेंस आइडेंटिफ़ायर भी रीसेट हो जाता है.

जिन साइटों या ऐप्लिकेशन में, Google Ads जैसे दूसरे Google विज्ञापन प्रॉडक्ट के साथ Google Analytics को लागू किया जाता है, वहां दूसरे (अतिरिक्त) विज्ञापन आइडेंटिफ़ायर इकट्ठा किए जा सकते हैं. उपयोगकर्ता इस सुविधा से ऑप्ट-आउट कर सकते हैं और विज्ञापन की सेटिंग का इस्तेमाल करके, इस कुकी के लिए अपनी सेटिंग मैनेज कर सकते हैं. ज़्यादा जानें

Google Analytics, इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) पते भी इकट्ठे करता है. इसका इस्तेमाल सेवा को सुरक्षित बनाने के लिए किया जाता है. साथ ही, इससे वेबसाइट मालिकों को यह जानने में मदद मिलती है कि उनके उपयोगकर्ता किस देश, राज्य या शहर से आते हैं. इसे "आईपी का भौगोलिक स्थान" भी कहा जाता है. Google Analytics, इकट्ठा किए गए आईपी को मास्क करने का एक तरीका उपलब्ध कराता है. इसके बारे में जानकारी नीचे दी गई है. यहां इस बात का ध्यान रखें कि भले ही वेबसाइट के मालिक Google Analytics का इस्तेमाल न करते हों, लेकिन उनके पास उपयोगकर्ताओं के आईपी पते की जानकारी होती है.

Google Analytics का इस्तेमाल करने वाली साइटों और ऐप्लिकेशन के लिए जानकारी

सामान्य डेटा से जुड़े सुरक्षा कानून के तहत Google Analytics

Google, Google Analytics के लिए डेटा प्रोसेसर के तौर पर काम करता है. इसकी जानकारी हमारी विज्ञापन डेटा प्रोसेसिंग की शर्तों में दी गई है. यह Google के साथ सीधे तौर पर कानूनी समझौता करने वाले सभी Google Analytics ग्राहकों के लिए उपलब्ध है. ज़्यादा जानें

Google Analytics, जीडीपीआर के तहत एक डेटा प्रोसेसर है, क्योंकि यह हमारे ग्राहकों का डेटा इकट्ठा करके उसे प्रोसेस करता है. हालांकि, इसके लिए ग्राहकों के निर्देश ज़रूरी होते हैं. हमारे ग्राहक ऐसे डेटा कंट्रोलर के तौर पर काम करते हैं जिनके पास अपने डेटा को इकट्ठा किए जाने, ऐक्सेस किए जाने, और रखरखाव से जुड़े सारे अधिकार होते हैं. साथ ही, वे जब चाहें डेटा मिटा भी सकते हैं. Google, डेटा का इस्तेमाल किस तरह करेगा यह Google Analytics के ग्राहकों के साथ उसके कानूनी समझौते की शर्तों से तय होता है. साथ ही, यह उन सेटिंग से भी तय होता है जिन्हें ग्राहक ने हमारे प्रॉडक्ट के यूज़र इंटरफ़ेस से चालू किया है.

कैलिफ़ोर्निया कंज़्यूमर प्राइवसी ऐक्ट (सीसीपीए) के तहत Google Analytics

Google Analytics के ग्राहक, सीसीपीए के मुताबिक काम कर सकें, इसके लिए हमने डेटा प्रोसेसिंग की शर्तों को अपडेट किया है. यह अपडेट, सेवा देने वाली कंपनी के लिए, सीसीपीए की अतिरिक्त शर्तें जोड़ने के लिए किया गया है. बाद में जोड़ी गई इन सभी शर्तों के मुताबिक Google Analytics, अपने ग्राहकों को सेवा देने वाली कंपनी के तौर पर काम करेगा. ऐसा Google के प्रॉडक्ट और सेवाओं के साथ डेटा शेयर करने की सेटिंग बंद होने पर होगा. साथ ही, Google Analytics में ग्राहकों ने जो डेटा इकट्ठा किया है उसका इस्तेमाल सिर्फ़ Google Analytics की सेवाएं देने में करेगा. जिन ग्राहकों ने हमारी डेटा प्रोसेसिंग की शर्तों को स्वीकार नहीं किया है वे इन निर्देशों के मुताबिक ऐसा कर सकते हैं. जो ग्राहक हमारी डेटा प्रोसेसिंग की शर्तें पहले ही स्वीकार कर चुके हैं उन्हें सीसीपीए में सेवा देने वाली कंपनी के लिए, अलग से जोड़ी गई शर्तों को स्वीकार करने के लिए कोई और कदम नहीं उठाना होगा. ग्राहकों को सीसीपीए के लिए सेवा देने वाली कंपनी की दूसरी शर्तों के साथ-साथ Google Analytics में डेटा के इस्तेमाल से जुड़ी शर्तों को भी पढ़ना चाहिए, ताकि यह पक्का किया जा सके कि ये शर्तें ग्राहकों के लिए बनाए गए नियम से जुड़ी शर्तों का पालन करती हैं या नहीं.

शर्तों का पालन करने में ग्राहकों की मदद करने के लिए, Google Analytics में कई टूल मौजूद हैं. इन टूल का इस्तेमाल करके डेटा इकट्ठा करने का तरीका कंट्रोल किया जा सकता है. साथ ही, यह भी कंट्रोल किया जा सकता है कि विज्ञापनों को मनमुताबिक बनाने के लिए इस डेटा का इस्तेमाल किया जाएगा या नहीं. इन टूल के बारे में ज़्यादा जानकारी नीचे दी गई है.

अगर आपने Google Analytics को किसी दूसरे प्रॉडक्ट से जोड़ा है, तो कृपया Google Analytics के साथ जोड़ने के बारे में खास जानकारी देखें.

Lei Geral de Proteção de Dados (LGPD) के तहत Google Analytics

Google, Google Analytics के लिए डेटा प्रोसेसर के तौर पर काम करता है. इसकी जानकारी हमारी विज्ञापन डेटा प्रोसेसिंग की शर्तों में दी गई है. यह Google के साथ सीधे तौर पर कानूनी समझौता करने वाले सभी Google Analytics ग्राहकों के लिए उपलब्ध है. ज़्यादा जानें

Google Analytics, LGPD (ब्राज़ील में डेटा की सुरक्षा से जुड़ा कानून) के तहत एक डेटा प्रोसेसर है, क्योंकि Google Analytics हमारे ग्राहकों से डेटा इकट्ठा करके उसे प्रोसेस करता है. हालांकि, इसके लिए ग्राहकों के निर्देश ज़रूरी होते हैं. हमारे ग्राहक ऐसे डेटा कंट्रोलर के तौर पर काम करते हैं जिनके पास अपने डेटा को इकट्ठा किए जाने, ऐक्सेस किए जाने, और रखरखाव से जुड़े सारे अधिकार होते हैं. साथ ही, वे जब चाहें डेटा मिटा भी सकते हैं. Google, डेटा का इस्तेमाल किस तरह करेगा यह Google Analytics के ग्राहकों के साथ उसके कानूनी समझौते की शर्तों से तय होता है. साथ ही, यह उन सेटिंग से भी तय होता है जिन्हें ग्राहक ने हमारे प्रॉडक्ट के यूज़र इंटरफ़ेस से चालू किया है.

अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफ़र

ऑनलाइन विज्ञापन और मेज़रमेंट से जुड़े निजी डेटा को यूरोप से बाहर भेजते समय, Google, मानक अनुबंध के उपनियम (एसएससी) का पालन करता है. उन सेवाओं के लिए जहां Google, डेटा प्रोसेसर के तौर पर काम करता है वहां काम का डेटा ट्रांसफ़र करने के लिए ज़रूरी होने पर, Google Ads की डेटा प्रोसेसिंग की शर्तों में, यूरोपियन कमीशन की ओर से जारी किए गए काम के मानक अनुबंध के उपनियम (एससीसी) (जीडीपीआर के तहत डेटा ट्रांसफ़र को वैध बनाने के लिए) और यूके के मानक अनुबंध के उपनियम (यूके के कानून के मुताबिक, जीडीपीआर के तहत डेटा ट्रांसफ़र को वैध बनाने के लिए) शामिल होते हैं.

डेटा की सुरक्षा के लिए लागू कानूनों का पालन करते हुए, डेटा को कानून के मुताबिक ट्रांसफ़र करना हमारी ज़िम्मेदारी है.

Google Analytics की मदद से इकट्ठा किया गया डेटा

पहले-पक्ष की कुकी

Google Analytics पहले-पक्ष की कुकी इकट्ठा करता है. साथ ही, डिवाइस/ब्राउज़र, आईपी पते, और ऑन-साइट/ऐप्लिकेशन गतिविधियों से जुड़ा डेटा जमा करता है. इनकी मदद से Google Analytics का इस्तेमाल करने वाली वेबसाइट और/या ऐप्लिकेशन पर हुए उपयोगकर्ता इंटरैक्शन के आंकड़ों को मेज़र और रिपोर्ट किया जाता है. कुकी सेटिंग, User-ID, डेटा इंपोर्ट, और मेज़रमेंट प्रोटोकॉल जैसी सुविधाओं की मदद से ग्राहक, कुकी और इकट्ठा किए गए डेटा को पसंद के मुताबिक बना सकते हैं. ज़्यादा जानें

उदाहरण के लिए, Google Analytics के ऐसे ग्राहक जिन्होंने डेटा इकट्ठा करने के लिए analytics.js या gtag.js को चालू किया है, वे यह कंट्रोल कर सकते हैं कि बदली हुई पहचान वाले या किसी रैंडम क्लाइंट आइडेंटिफ़ायर को स्टोर करने के लिए कुकी का इस्तेमाल करना है या नहीं. अगर ग्राहक कोई कुकी सेट करना चाहता है, तो लोकल पहले-पक्ष की कुकी में इकट्ठा की गई जानकारी को रैंडम आइडेंटिफ़ायर (उदाहरण के लिए, 12345.67890) के तौर पर बदल दिया जाता है.

ऐप्लिकेशन SDK टूल के लिए Google Analytics का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए, हम एक ऐप्लिकेशन इंस्टेंस आइडेंटिफ़ायर इकट्ठा करते हैं. यह संख्या रैंडम रूप से तब जनरेट की जाती है, जब उपयोगकर्ता पहली बार ऐप्लिकेशन को इंस्टॉल करता है.

विज्ञापन आइडेंटिफ़ायर

जहां ग्राहक Google Analytics की विज्ञापन सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं वहां Google विज्ञापन कुकी इकट्ठा की जाती हैं. इनका इस्तेमाल Google Display Network पर रीमार्केटिंग जैसी सुविधाओं को चालू करने के लिए किया जाता है. ये सुविधाएं उपयोगकर्ताओं की विज्ञापन की सेटिंग, Google Analytics की विज्ञापन सुविधाओं की नीति की शर्तों, और Google की ईयू उपयोगकर्ता की सहमति से जुड़ी नीति के तहत आती हैं. इसके लिए, ग्राहकों को कानूनी ज़रूरतों के हिसाब से कुकी के लिए सहमति लेना ज़रूरी है. इसमें लोगों के हिसाब से दिखाए जाने वाले विज्ञापनों के लिए सहमति भी शामिल है. Google, विज्ञापन कुकी का इस्तेमाल कैसे करता है, इसके बारे में ज़्यादा जानकारी पाने के लिए Google विज्ञापन से जुड़ी निजता नीति के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल पढ़ें. जब उपयोगकर्ता से सहमति मिलने तक विज्ञापन सुविधाएं बंद रहती हैं, तब भी डेटा इकट्ठा करने की सामान्य प्रोसेस पर असर डाले बिना, Google Analytics का इस्तेमाल किया जा सकता है (Google Analytics की निजता सेटिंग पढ़ें). साथ ही, दिलचस्पी के मुताबिक विज्ञापन दिखाने के मकसद से खास डेटा को इस्तेमाल होने से रोका जा सकता है (दिलचस्पी के मुताबिक विज्ञापन दिखाने का तरीका नीचे देखें).

आईपी पता

Google Analytics, वेबसाइट पर आने वाले लोगों के भौगोलिक स्थान का पता लगाने के लिए आईपी पते का इस्तेमाल करता है. इसका इस्तेमाल सेवा की सुरक्षा और हमारे ग्राहकों की सुरक्षा के लिए भी किया जाता है. ग्राहक आईपी मास्किंग लागू कर सकते हैं, ताकि Google Analytics पूरे पते के बजाय, इकट्ठे किए गए आईपी पते के सिर्फ़ एक हिस्से का इस्तेमाल करे. इसके अलावा, ग्राहक अपनी मर्ज़ी से आईपी पते बदलने के लिए, आईपी बदलें सुविधा का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.

व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी देने पर पाबंदी

हमारे समझौते ग्राहकों को व्यक्तिगत पहचान जुड़ी जानकारी को Google Analytics में भेजने से रोकते हैं. ग्राहकों को ये सबसे सही तरीके अपनाकर, यह पक्का करना चाहिए कि Google Analytics को व्यक्तिगत पहचान की जानकारी नहीं भेजी जा रही है.

डेटा का इस्तेमाल किसके लिए किया जाता है?

Google, ग्राहकों को Google Analytics मेज़रमेंट सेवा देने के लिए Google Analytics डेटा का इस्तेमाल करता है. कुकी और ऐप्लिकेशन इंस्टेंस आईडी जैसे आइडेंटिफ़ायर का इस्तेमाल, ग्राहक की साइटों और/या ऐप्लिकेशन पर उपयोगकर्ता की गतिविधियों को मेज़र करने के लिए किया जाता है. वहीं, आईपी पते का इस्तेमाल सेवा की सुरक्षा और ग्राहक को यह बताने के लिए किया जाता है कि उनके उपयोगकर्ता किस इलाके, शहर या देश में रहते हैं. ग्राहक यह भी चुन सकते हैं कि Google Analytics से इकट्ठा होने वाले डेटा का इस्तेमाल साइट/ऐप्लिकेशन को पसंद के मुताबिक बनाने, दिलचस्पी के मुताबिक विज्ञापन बनाने या उन्हें दिखाने के लिए किया जाए या नहीं. (विज्ञापनों को मनमुताबिक बनाने का तरीका नीचे देखें).

डेटा ऐक्सेस करना

हम ग्राहक की अनुमति के बिना Google Analytics का डेटा शेयर नहीं करते हैं. इसमें प्रॉडक्ट के यूज़र इंटरफ़ेस में सेटिंग के ज़रिए शेयर करना भी शामिल है. इसके अलावा, Google Analytics कानूनी समझौते की शर्तों के तहत साफ़ तौर पर दी गई अनुमति के बिना भी Google Analytics का डेटा शेयर नहीं करते. कानूनी रूप से ज़रूरी कोई परिस्थिति आने पर ही यह डेटा शेयर किया जाता है.

ग्राहक, व्यू और बदलाव करने की अनुमतियों को कॉन्फ़िगर करके, Analytics खातों या प्रॉपर्टी में खुद के डेटा ऐक्सेस को कंट्रोल कर सकते हैं. साथ ही, वे उन कर्मचारियों या अन्य प्रतिनिधियों के ऐक्सेस को भी कंट्रोल कर सकते हैं जिनके पास ग्राहक के Analytics खाते में लॉगिन करने की अनुमति है. ज़्यादा जानें

डेटा की सुरक्षा में लगी Google की इंजीनियरिंग टीमें, डेटा को बाहरी खतरों से बचाती हैं. Google, संगठन के अंदर डेटा के इस्तेमाल (उदाहरण के लिए, कर्मचारियों से) पर सख्त ऐक्सेस कंट्रोल रखता है. ऐसा करने के लिए वह इंटरनल पॉलिसी कंट्रोल और अपने-आप काम करने वाला टेक्निकल कंट्रोल, जैसे कि पुष्टि करना, एसएसएल, और सुरक्षा लॉग का इस्तेमाल करता है. साथ ही, ऐक्सेस सिर्फ़ उन ही लोगों को मिलता है जिन्हें कारोबार के लिए डेटा ऐक्सेस की ज़रूरत होती है.

प्रॉडक्ट लिंकिंग की खास जानकारी

जब किसी Analytics प्रॉपर्टी को किसी अन्य Google प्रॉडक्ट या सेवा खाते ("इंटिग्रेशन पार्टनर") से लिंक किया जाता है, तब उस Analytics प्रॉपर्टी के कुछ डेटा को ऐक्सेस और लिंक किए गए खाते में एक्सपोर्ट किया जा सकता है. लिंकिंग इंटिग्रेशन के ज़रिए डेटा एक्सपोर्ट होने के बाद, इस डेटा पर इंटिग्रेशन पार्टनर की शर्तें और नीतियां लागू होंगी.

ध्यान दें कि इंटिग्रेशन पार्टनर को डेटा भेजे जाने के बाद, इस डेटा पर इंटिग्रेशन पार्टनर की शर्तें लागू होती हैं. साथ ही, इस डेटा पर Google Analytics का ऐक्सेस या कंट्रोल खत्म हो जाता है.

ग्राहक, Analytics के प्रॉडक्ट लिंकिंग की खास जानकारी वाले यूज़र इंटरफ़ेस में अपने प्रॉडक्ट इंटिग्रेशन लिंकिंग की जानकारी देख सकते हैं और उसे मैनेज कर सकते हैं.

डेटा शेयर करना

Google Analytics में ग्राहकों को डेटा शेयर करने के लिए कई तरह की सेटिंग मिलती हैं. इनकी मदद से ग्राहक, उस डेटा को अपने हिसाब से इस्तेमाल और ऐक्सेस कर सकते हैं जिसे Analytics के डेटा इकट्ठा करने के तरीके से जमा किया गया था. जैसे, JavaScript कोड, मोबाइल SDK, और मेज़रमेंट प्रोटोकॉल. ध्यान दें कि ये सेटिंग सिर्फ़ उस डेटा पर लागू होती हैं जिसे Analytics का इस्तेमाल करके वेबसाइटों, मोबाइल ऐप्लिकेशन, और दूसरी डिजिटल डिवाइस से इकट्ठा किया गया है. किसी ग्राहक के Analytics का इस्तेमाल करने से जुड़े डेटा पर ये सेटिंग लागू नहीं होती हैं, जैसे कि प्रॉपर्टी की संख्या और किस तरह की अन्य सुविधाएं कॉन्फ़िगर की गई हैं. Analytics सेवा की सुरक्षा और उसे बनाए रखने की ज़रूरत के हिसाब से भी Analytics डेटा का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए, इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि ग्राहक की डेटा शेयरिंग की सेटिंग क्या है. ज़्यादा जानें

निजी डेटा का रखरखाव करने, उसे मिटाने, और पोर्टेबिलिटी के लिए डेटा के कंट्रोल

डेटा का रखरखाव

डेटा के रखरखाव से जुड़े कंट्रोल की मदद से, ग्राहक उस अवधि को कम या ज़्यादा कर सकते हैं जिसके लिए Google Analytics सर्वर में उनके उपयोगकर्ता-लेवल और इवेंट-लेवल डेटा इकट्ठा किए जाते हैं. सभी ग्राहकों को अपने डेटा के रखरखाव से जुड़ी सेटिंग की समीक्षा करनी चाहिए और पक्का करना चाहिए कि निजी डेटा के रखरखाव की सही अवधि चुनी गई हो.

उपयोगकर्ता का डेटा मिटाना

Google Analytics से किसी एक उपयोगकर्ता का डेटा मिटाने के लिए, ग्राहक के पास दो विकल्प होते हैं: पहला, Google Analytics User Deletion API में एक उपयोगकर्ता आइडेंटिफ़ायर पास करना. दूसरा, हमारी उपयोगकर्ता एक्सप्लोरर रिपोर्ट का इस्तेमाल करना. हालांकि, इससे उस उपयोगकर्ता का कुल डेटा नहीं मिटता है, जैसे कि विज़िट किए गए पेजों के यूआरएल.

उपयोगकर्ता के लेवल पर डेटा का ऐक्सेस और पोर्टेबिलिटी

ग्राहक हमारी उपयोगकर्ता एक्सप्लोरर रिपोर्ट या User Activity API के ज़रिए, किसी भी उपयोगकर्ता आइडेंटिफ़ायर के लिए इवेंट की जानकारी देख सकते हैं. ये सुविधाएं ग्राहकों को किसी एक उपयोगकर्ता आइडेंटिफ़ायर के इवेंट लेवल के डेटा का विश्लेषण करने और उसे एक्सपोर्ट करने के विकल्प मुहैया कराती हैं. साथ ही, उपयोगकर्ता से जुड़े पूरे इवेंट डेटा को एक्सपोर्ट करके, क्वेरी की जाने लायक एक ही जगह पर रखने के लिए, 360 इस्तेमाल करने वाले ग्राहक अपनी प्रॉपर्टी को BigQuery से इंटिग्रेट कर सकते हैं.

दिलचस्पी के मुताबिक विज्ञापन दिखाना

अगर ग्राहक चाहें, तो सभी Analytics डेटा और विज्ञापन आइडेंटिफ़ायर (“Google Analytics की निजता सेटिंग” देखें) को इकट्ठा किए जाने की सुविधा बंद करने के बजाय, सिर्फ़ विज्ञापनों को मनमुताबिक बनाने के लिए ही अपने Analytics डेटा को इस्तेमाल किए जाने का विकल्प चुन सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक इस बारे में बेहतर जानकारी पाना चाहता है कि उसकी वेबसाइट पर अलग-अलग डिवाइस से कितने यूनीक उपयोगकर्ता आते हैं, तो वह 'Google सिग्नल' को चालू कर सकता है. इसके अलावा, वह इस डेटा को Google Analytics से जुड़े किसी विज्ञापन खाते, जैसे कि Google Ads में रीमार्केटिंग के मकसद से एक्सपोर्ट होने से रोक भी सकता है. ग्राहक अपनी पूरी प्रॉपर्टी से इकट्ठा किए गए डेटा के लिए, दिलचस्पी के मुताबिक विज्ञापन दिखाने की सुविधा को बंद कर सकते हैं या अलग-अलग इवेंट या उपयोगकर्ताओं (ऐप्लिकेशन, वेबसाइटों, और मेज़रमेंट प्रोटोकॉल) के लिए भी इसे बंद कर सकते हैं. Firebase के लिए Google Analytics या Google Analytics 4 प्रॉपर्टी का इस्तेमाल करने वाले ग्राहक खास इवेंट या उपयोगकर्ता प्रॉपर्टी (जैसे कि 'खरीदारी' या 'लिंग') को बाहर भी कर सकते हैं, ताकि इनका इस्तेमाल दिलचस्पी के मुताबिक विज्ञापन बनाने के लिए न किया जा सके.

अगर दिलचस्पी के मुताबिक विज्ञापन दिखाने की सेटिंग में से इनमें से किसी को भी, मतलब 1) प्रॉपर्टी-लेवल का सारा डेटा, 2) अलग-अलग इवेंट या 3) खास इवेंट के नाम या उपयोगकर्ता प्रॉपर्टी को निकाल दिया गया है, तो Analytics, पोस्टबैक में 'एनपीए' नाम का एक और सिग्नल जोड़ देगा. इसका मतलब यह है कि नेटवर्क को लोगों के हिसाब से विज्ञापन दिखाने के लिए, इस डेटा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. ध्यान दें कि हर नेटवर्क का, ऐसे 'एनपीए' सिग्नल को इस्तेमाल करने का तरीका, ऐसे ही नेटवर्क से तय होता है.

डेटा की निजता और सुरक्षा

सर्टिफ़िकेशन

ISO 27001

Google ने Google Analytics के साथ-साथ अपने कई प्रॉडक्ट के लिए सेवा देने वाले सिस्टम, ऐप्लिकेशन, लोगों, टेक्नोलॉजी, प्रक्रियाओं, और डेटा सेंटर के लिए, ISO 27001 सर्टिफ़िकेशन हासिल किया है. हमारे ISO अनुपालन के बारे में ज़्यादा जानें और हमारा सर्टिफ़िकेट (PDF) डाउनलोड करें या ISO 27001 के बारे में ज़्यादा जानें.

जानकारी की सुरक्षा

वेब-आधारित कंप्यूटिंग में डेटा और ऐप्लिकेशन, दोनों की सुरक्षा ज़रूरी होती है. Google, ऐप्लिकेशन और डेटा मैनेजमेंट, दोनों की सुरक्षा के लिए कई संसाधनों का इस्तेमाल करता है, ताकि ऐसे लोग डेटा को ऐक्सेस न कर पाएं जिनके पास अनुमति नहीं है.

डेटा परंपरागत फ़ाइल सिस्टम या डेटाबेस के बजाय, कोड के फ़ॉर्मैट में जमा होता है, ताकि परफ़ॉर्मेंस बेहतर रहे. ऐक्सेस देने के लिए डेटा को कई फ़िज़िकल और लॉजिकल वॉल्यूम में फैला दिया जाता है, जिससे उसके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ मुश्किल होती है.

Google के ऐप्लिकेशन, कई टेनेंट वाले और डिस्ट्रिब्यूट किए गए एनवायरमेंट में काम करते हैं. हर ग्राहक के डेटा को एक मशीन या कुछ मशीनों पर अलग-अलग रखने के बजाय, Google के सभी उपयोगकर्ताओं (उपभोक्ता, कारोबार, यहां तक कि Google का निजी डेटा भी) का डेटा, Google की कई एक जैसी मशीनों से बने शेयर किए गए ढांचे के बीच बांटा जाता है और Google के डेटा सेंटर में मौजूद होता है.

इसके अलावा, Google Analytics अपनी JavaScript लाइब्रेरी और मेज़रमेंट डेटा के सुरक्षित ट्रांसमिशन को पक्का करता है. Google Analytics, डिफ़ॉल्ट रूप से एचटीटीपी स्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट सिक्योरिटी (एचएसटीएस) का इस्तेमाल करता है. यह एसएसएल (एचटीटीपीएस) के बजाय एचटीटीपी पर काम करने वाले ब्राउज़र को असली उपयोगकर्ताओं, वेबसाइटों, और हमारे सर्वर के बीच होने वाले सभी कम्यूनिकेशन के लिए, उसे सुरक्षित करने के प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करने का निर्देश देता है. ज़्यादा जानें

ऑपरेशनल सिक्योरिटी (सुरक्षा और रिस्क मैनेजमेंट से जुड़ी एक प्रोसेस) और आपदा के बाद डेटा की बहाली

हार्डवेयर की गड़बड़ी, प्राकृतिक आपदा या किसी दूसरी गंभीर वजह से सेवा में आने वाली दिक्कतों को कम करने के लिए, Google ने अपने सभी डेटा सेंटर में बड़े पैमाने पर आपदा के बाद डेटा की बहाली का कार्यक्रम लागू किया है. इस कार्यक्रम में, खराब होने पर पूरे सिस्टम को बंद करने वाले पॉइंट को रोकने के लिए कई कॉम्पोनेंट शामिल किए गए हैं. इनमें से कुछ कॉम्पोनेंट के बारे में यहां बताया गया है:

डेटा प्रतिरूप आपदा की स्थिति में डेटा उपलब्ध कराने के लिए, Google के डिस्ट्रीब्यूटेड फ़ाइल सिस्टम में इकट्ठा Google Analytics डेटा की कॉपी अलग-अलग डेटा सेंटर में मौजूद सिस्टम में तैयार की जाती हैं.

दुनिया में अलग-अलग जगहों पर मौजूद डेटा सेंटर Google के डेटा सेंटर दुनिया भर में मौजूद हैं और उन्हें इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि आपदा या किसी एक क्षेत्र में हुई दुर्घटना के बावजूद सेवा में किसी तरह की रुकावट न हो.

लचीला और रिडंडेंट इंफ़्रास्ट्रक्चर Google के कंप्यूटिंग क्लस्टर, आपदा से सफलता से उबरने और डेटा की कॉपियां रखने जैसी चीज़ों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किए गए हैं, जिससे कोई खराबी होने पर पूरे सिस्टम को बंद करने वाला पॉइंट और सामान्य उपकरणों की खराबी और पर्यावरण से जुड़े जोखिमों से होने वाले असर को कम किया जा सके.

आपदा की स्थिति में सेवा जारी रखने की योजना डेटा रिडंडंसी (डेटा की कॉपियां रखना) और अलग-अलग इलाकों में स्थित डेटा सेंटर के अलावा, Google ने माउंटेन व्यू, कैलिफ़ोर्निया में मौजूद अपने मुख्यालय के लिए भी कारोबार को चालू रखने की योजना बनाई हुई है. यह योजना बड़ी आपदाओं, जैसे कि भूकंप या महामारी की स्थिति से निपटने के लिए बनाई गई है. इस योजना को यह मानकर बनाया गया है कि लोग और सेवाएं करीब 30 दिन तक उपलब्ध नहीं रहेंगे. इस योजना का मकसद, ग्राहकों के लिए हमारी तमाम सेवाओं को किसी भी हाल में बनाए रखना है.

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