कॉन्टेंट मैनेजर की ज़िम्मेदारियां और सुविधाओं का ऐक्सेस

ये सुविधाएं, सिर्फ़ उन पार्टनर के लिए उपलब्ध हैं जो YouTube Studio कॉन्टेंट मैनेजर का इस्तेमाल करते हैं.

YouTube की नीतियों का उल्लंघन करने पर क्या होता है

YouTube की नीतियों का पालन न करने वाले कॉन्टेंट मैनेजर को आधिकारिक चेतावनियां मिल सकती हैं. लापरवाही से, नुकसान पहुंचाने के लिए या जान-बूझकर कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम का गलत इस्तेमाल करने पर ऐसा होता है. YouTube, शर्तों या नीतियों का उल्लंघन करने वाले होस्ट किए गए या डिलीवर किए गए कॉन्टेंट को भी हटा सकता है. आधिकारिक चेतावनी मिलने की वजह से, शायद आपकी कंपनी को YouTube के कुछ प्रोग्राम और कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम की सुविधाओं का ऐक्सेस न मिल पाए. इसलिए, यह ज़रूरी है कि आपके पास ज़रूरी कंट्रोल हों, ताकि कोई भी आपके सिस्टम को बिना अनुमति के ऐक्सेस न कर पाए और आप YouTube की सभी नीतियों, दिशा-निर्देशों, और ज़रूरी शर्तों को पूरा कर पाएं.

कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम की सुविधाओं को ऐक्सेस न कर पाना

कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम की सुविधाओं का जान-बूझकर या अनजाने में गलत इस्तेमाल करने वाले पार्टनर इन सुविधाओं या इनसे जुड़ी दूसरी सुविधाओं को ऐक्सेस नहीं कर पाएंगे. साथ ही, उन्हें आधिकारिक चेतावनियां भी मिलेंगी. आम तौर पर, यह पाबंदी कुछ समय के लिए होती है और एक तय समयसीमा के बाद हट जाती है. कॉन्टेंट मैनेजमेंट नेटवर्क को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के मकसद से हम थोड़े समय के लिए, आपको इसकी कुछ सेवाओं को ऐक्सेस करने से रोक सकते हैं. सुविधाओं का ऐक्सेस वापस पाने के लिए, किसी पार्टनर को कितना इंतज़ार करना पड़ सकता है, यह कई बातों पर निर्भर करता है. जैसे, उल्लंघन की गंभीरता, इसकी वजह, उसके कारोबार पर इसका असर, और पिछले उल्लंघन. कुछ मामलों में, हमेशा के लिए कुछ सुविधाओं का ऐक्सेस बंद किया जा सकता है. आपके पार्टनर मैनेजर के पास इस बारे में सटीक जानकारी होगी और वह आपको आगे की कार्रवाई के बारे में ज़्यादा जानकारी दे पाएगा. अगर आपके चैनल का कोई पार्टनर मैनेजर नहीं है, तो क्रिएटर सहायता टीम से संपर्क करके इस बारे में ज़्यादा जानकारी पाई जा सकती है.

कॉन्टेंट मैनेजर के तौर पर आपकी ज़िम्मेदारियां

YouTube का कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस), बेहतरीन टूल का एक सुइट है. इसका गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर, YouTube के ईकोसिस्टम को नुकसान पहुंच सकता है. इस बात का ध्यान रखना कॉन्टेंट मैनेजर की ज़िम्मेदारी है कि होस्ट और डिलीवर किया गया कॉन्टेंट (जैसे, चैनल, वीडियो, आर्ट ट्रैक, ऐसेट मेटाडेटा, Content ID की रेफ़रंस फ़ाइलें वगैरह), YouTube की सभी नीतियों और दिशा-निर्देशों का पालन करता हो. इनमें हमारी सेवा की शर्तें, कम्यूनिटी दिशा-निर्देश, कमाई करने के लिए ज़रूरी शर्तें, और कॉन्टेंट मैनेजर के लिए तय की गई नीतियां शामिल हैं.

गंभीर और बार-बार किए जाने वाले उल्लंघन के मामले

हम इन नीतियों से जुड़े उल्लंघनों को बहुत गंभीरता से लेते हैं. कॉन्टेंट मैनेजर के लिए तय की गई नीतियों का बार-बार और गंभीर रूप से उल्लंघन करने वाले पार्टनरों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इन कार्रवाइयों में, कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम की अतिरिक्त सुविधाओं के ऐक्सेस पर रोक लगाने, कुछ सुविधाओं के ऐक्सेस पर लंबे समय तक रोक लगाने या कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम के ऐक्सेस पर पूरी तरह रोक लगाने जैसी कार्रवाइयां शामिल हो सकती हैं. इनके अलावा, YouTube के साथ किए गए समझौते को भी रद्द किया जा सकता है.

कुछ मामलों में, हम इन नीतियों का पालन करने के लिए "आखिरी चेतावनी" जारी कर सकते हैं. जिन कॉन्टेंट मैनेजर के लिए आधिकारिक तौर पर आखिरी चेतावनी जारी की जाएगी वे कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम की ज़्यादातर सुविधाएं ऐक्सेस नहीं कर पाएंगे. ऐक्सेस वापस पाने के लिए, उन्हें एक साल के अंदर यह साबित करना होगा कि उन्होंने ऐसा कोई उल्लंघन नहीं किया है. कॉन्टेंट मैनेजर के लिए तय की गई हमारी नीतियों का एक साल के अंदर फिर से उल्लंघन करने पर, YouTube के साथ उनके समझौते रद्द किए जा सकते हैं. ऐसा तब भी किया जा सकता है, जब सुविधाओं के गलत इस्तेमाल की जांच का अनुरोध न किया जाए या जांच में यह साबित हो जाए कि कॉन्टेंट मैनेजर ने ऐसा कोई उल्लंघन किया है.

कॉन्टेंट के एक से ज़्यादा मालिक होने के मामले

ध्यान दें कि अगर आपके पास YouTube पर एक से ज़्यादा कॉन्टेंट मैनेजर खातों को कंट्रोल करने का अधिकार है, तो किसी एक कॉन्टेंट मैनेजर खाते से उल्लंघन होने पर, हमारी तरफ़ से की जाने वाली कार्रवाई, उन अन्य खातों पर भी लागू हो सकती है.

कॉन्टेंट मैनेजर पर लागू होने वाली सामान्य नीतियां

ये नीतियां 'YouTube सीएमएस' का इस्तेमाल करने वाले हर पार्टनर पर लागू होती हैं

चैनल की ज़िम्मेदारी से जुड़ी नीति

इस बात का ध्यान रखना कॉन्टेंट मैनेजर की ज़िम्मेदारी है कि लिंक किए गए सभी चैनल, YouTube की कॉन्टेंट से जुड़ी नीतियों और दिशा-निर्देशों का पालन करें. यह बात आपके और आपके सभी सहयोगी चैनलों पर अपलोड किए गए कॉन्टेंट पर लागू होती है. आपके चैनल का मतलब उन चैनलों से है जिन्हें चलाने का हक और जिनका मालिकाना हक आपके ही पास है.

नीति से जुड़ी ज़रूरी शर्तें

  • कॉन्टेंट मैनेजर के ख़िलाफ़, 90 दिनों की अवधि में बुरे बर्ताव के 30 या इससे ज़्यादा मामले न हों. जैसे, खाता बंद करना, निलंबित करना या फिर कमाई करने की सुविधा बंद करना. कॉन्टेंट मैनेजर खाते से जुड़े सभी खातों पर यह नीति लागू होती है. यह उन पर भी लागू होती है जो इससे जुड़े नहीं हैं.
  • जो खाते कॉन्टेंट मैनेजर के खातों से जुड़े नहीं हैं उन पर 90 दिनों की अवधि में बुरे बर्ताव के 10 या इससे ज़्यादा मामले न हों.

नीति के उल्लंघन

अगर ऊपर बताई गई शर्तों का उल्लंघन किया जाता है, तो इसे नीति का पहला उल्लंघन माना जाएगा. 90 दिनों की अवधि में, नीति का पहली बार उल्लंघन करने पर चैनल को एक महीने के लिए निलंबित किया जाएगा. इस दौरान, कॉन्टेंट मैनेजर खाते से किसी नए चैनल को लिंक नहीं किया जा सकता या कोई नया चैनल नहीं बनाया जा सकता.

90 दिनों की अवधि में, नीति का दूसरी बार उल्लंघन करने पर चैनल को दो महीनों के लिए निलंबित कर दिया जाएगा. तीसरी और आखिरी बार इस नीति का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई होगी. जैसे, आपके चैनल को लंबे समय के लिए निलंबित करना या YouTube के साथ हुए आपके समझौते को खत्म करना.

इन तरीकों से इस नीति का पालन किया जा सकता है

चैनल जोड़ने के लिए तय की गई नीति
कॉन्टेंट मैनेजर को उन्हीं चैनलों को अपने खाते से जोड़ना चाहिए जिनके साथ उनकी साझेदारी हो या जिनसे इसकी अनुमति मिली हो. जो कॉन्टेंट मैनेजर, क्रिएटर्स के चैनलों को गलत तरीकों जैसे कि धोखे से या स्पैम के ज़रिए शामिल करते हैं या चैनल लिंक करने के अधिकार का गलत इस्तेमाल करते हैं वे कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम की सुविधाओं का ऐक्सेस खो सकते हैं.

नीति से जुड़ी ज़रूरी शर्तें:

  • कॉन्टेंट मैनेजर के लिए यह ज़रूरी है कि हर महीने चैनलों को जोड़ने के लिए, क्रिएटर को भेजे जाने वाले उनके न्योते को स्वीकार करने की दर 90% से ज़्यादा हो.
  • इस शर्त को पूरा न करने पर वे अगले एक महीने के लिए, नए चैनलों को जोड़ने की सुविधा इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.

इन तरीकों से इस नीति का पालन किया जा सकता है:

  • महीने के शुरुआती दिनों में ही न्योते भेजें. ऐसा करने से क्रिएटर्स को न्योते स्वीकार करने के लिए काफ़ी समय मिल जाता है.
  • सिर्फ़ उन चैनलों को न्योते भेजें जिनके बारे में आपको पता है और जिनके साथ आपके कारोबारी रिश्ते हैं.
  • ज़रूरत पड़ने पर, क्रिएटर्स से संपर्क करके उन्हें न्योता मंज़ूर करने की याद दिलाएं.
सिस्टम को गच्चा देने वाली गतिविधियों को रोकने की हमारी नीति
हमारा मानना है कि कॉन्टेंट मैनेजर अपने कॉन्टेंट मालिकों की तरफ़ से, उनके अधिकारों और कॉन्टेंट को मैनेज करते हैं. साथ ही, वे अपने नेटवर्क की समस्याओं को हल करते हैं और 'YouTube सीएमएस' का इस्तेमाल पूरी ज़िम्मेदारी से करते हैं. यही भरोसा 'YouTube सीएमएस' में पहले से मौजूद सुविधाओं के मामले में भी अहम है. YouTube के मौजूदा सिस्टम या प्रक्रियाओं को गच्चा देने के लिए, इन सुविधाओं का इस्तेमाल करने वाले कॉन्टेंट मैनेजर इस भरोसे को तोड़कर YouTube के पूरे नेटवर्क को नुकसान पहुंचाते हैं.

नीति से जुड़ी ज़रूरी शर्तें:

  • कॉन्टेंट मैनेजर को YouTube के सिस्टम, उसकी प्रोसेस या नीतियों में दखल देने और उनमें रुकावट डालने की अनुमति नहीं है.
  • इस शर्त का पालन न करना, नीति का गंभीर उल्लंघन माना जा सकता है. ऐसा होने पर, कॉन्टेंट मालिक के सभी खातों को बंद किया जा सकता है.

इस नीति का उल्लंघन करने के उदाहरण:

  • जो कॉन्टेंट YouTube पर कमाई करने की ज़रूरी शर्तें पूरी नहीं करता है उसके ज़रिए कमाई करने के लिए, कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करना. इसमें ऐसा कॉन्टेंट शामिल है जो हमारे कम्यूनिटी और ब्रैंड की सुरक्षा के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता है. साथ ही, इसमें वैसा कॉन्टेंट भी शामिल है जिस पर लागू होने वाले किसी भी कानून और नियम के ज़रिए पाबंदी लगाई गई है.
  • Content ID की ऐसी ऐसेट में मैन्युअल तरीके से अपना मालिकाना हक जोड़ना जिनकी बौद्धिक संपत्ति का अधिकार कानूनी तौर पर आपके नहीं है. कुछ समय के लिए भी ऐसा करने की अनुमति नहीं है.
  • दावे से जुड़े विवाद सुलझाने की प्रोसेस में रुकावट डालने के लिए, Content ID पर मैन्युअल तरीके से दावा करना.
  • ऐसे किसी भी चैनल को YouTube से मंज़ूरी लिए बिना अपने कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) खाते में दिखाना जिसके लिए पहले से मंज़ूरी लेना ज़रूरी है.
  • सिस्टम का गलत तरीके से इस्तेमाल करना या फ़ायदा उठाना. इसके अलावा, ऐसे फ़र्ज़ी तौर-तरीके अपनाना जिनका मकसद, लोगों को गुमराह करके, उनके साथ धोखाधड़ी, हेराफेरी या अन्य अमान्य गतिविधियां करके YouTube पर कमाई बढ़ाना हो.
  • ऐसे चैनलों, क्रिएटर्स या पार्टनरों की मदद करना जो कमाई करने से जुड़े YouTube के सिस्टम या प्रोग्राम अवैध तरीके से ऐक्सेस करते हैं.
कॉन्टेंट मैनेजर में, कॉपीराइट उल्लंघन की स्ट्राइक से जुड़ी नीति
कॉपीराइट उल्लंघन की स्ट्राइक मिलने पर, चैनल के स्तर पर कार्रवाई की जाती है. पार्टनरों की यह ज़िम्मेदारी है कि जिन चैनलों को वे मैनेज करते हैं उन पर इस तरह की स्ट्राइक न आए. अगर वे ऐसा नहीं कर पाते, तो उनके कॉन्टेंट मैनेजर पर, कॉपीराइट के मामलों में चैनल को मिली स्ट्राइक से जुड़ी मौजूदा नीतियों के तहत की जाने वाली कार्रवाइयों के साथ-साथ, दूसरी कार्रवाई भी की जा सकती है. पार्टनर की ओर से मैनेज किए जाने वाले चैनल को कॉपीराइट स्ट्राइक मिलने पर, कुछ सुविधाओं का ऐक्सेस सीमित कर दिया जाता है. इसका असर कॉन्टेंट के मालिक और उसके साथ काम करने वाले दूसरे कॉन्टेंट के मालिकों पर भी पड़ेगा.

नीति से जुड़ी ज़रूरी शर्तें:

अगर किसी पार्टनर को मैनेज किए जाने वाले सभी चैनलों के ख़िलाफ़ 90 दिनों की समयसीमा में कॉपीराइट उल्लंघन की 10 स्ट्राइक मिलती हैं, तो पार्टनर की समीक्षा की जाएगी. इसके नतीजे के तौर पर चैनल लिंक करने और वीडियो अपलोड करने की सुविधा बंद करने जैसी कार्रवाइयां की जा सकती हैं. साथ ही, पार्टनरशिप का कानूनी समझौता भी रद्द किया जा सकता है. 90 दिनों के बाद कॉपीराइट उल्लंघन की स्ट्राइक पर कार्रवाई नहीं होती. इसके बाद, इन्हें चैनल और कॉन्टेंट के मालिक के ख़िलाफ़ हुई कुल शिकायतों में नहीं गिना जाता है. YouTube को अधिकार है कि वह अपनी समझदारी से कभी भी कॉपीराइट के गलत इस्तेमाल की जांच करके मामले को हल कर सकता है.

इन तरीकों से इस नीति का पालन किया जा सकता है:

  • मैनेज करने के लिए नए चैनल चुनते समय सावधानी बरतें. ऐसे चैनल जोड़ने से बचें जिन पर स्ट्राइक मिलने की संभावना हो.
  • ज़्यादातर पार्टनर तब बेहतर काम करते हैं, जब वे ऐसे चैनलों की संख्या 120 से कम रखते हैं जिनके मालिक और उन्हें चलाने वाले, कॉन्टेंट के मालिक हों.
  • जिन चैनलों को मैनेज किया जा रहा है उनके क्रिएटर्स को कॉपीराइट के बारे में बताएं. साथ ही, यह पक्का करें कि वे YouTube की नीतियों के हिसाब से काम करते हों.
  • मैनेज किए जाने वाले चैनलों की संख्या बढ़ने पर, इस बात का खास ध्यान रखें कि उन्हें सही तरीके से कंट्रोल किया जा सके.
अगर आपको लगता है कि आपके चैनल के ख़िलाफ़ की गई कॉपीराइट उल्लंघन की स्ट्राइक सही नहीं हैं, तो कानूनी विरोध दर्ज किया जा सकता है या दावा वापस लेने का अनुरोध किया जा सकता है. इसके बारे में ज़्यादा जानें.
कॉपीराइट की शिकायतों के बारे में ज़्यादा जानने के लिए, आप सहायता केंद्र से संपर्क कर सकते हैं.
जवाबदेही के साथ खाते का ऐक्सेस देने और नया उपयोगकर्ता हासिल करने से जुड़ी नीति
YouTube अपने प्लैटफ़ॉर्म को सभी के लिए सुरक्षित और बेहतर बनाए रखने के लिए, कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम वाले ऐसे खातों को निलंबित या बंद कर सकता है जिन्हें किसी गैर-ज़िम्मेदार या प्रतिबंधित पक्षों के ज़रिए ऐक्सेस या मैनेज किए जाने की आशंका हो. इसके अलावा, हम ऐसे खातों के लिए सुविधाओं के ऐक्सेस से जुड़ी पाबंदियां भी लगा सकते हैं.
  • अपने कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम खाते से की जाने वाली हर गतिविधि के लिए, कॉन्टेंट मैनेजर ज़िम्मेदार होते हैं.
    • इस बात का ध्यान रखें कि आपके पास सुरक्षा के ऐसे पुख्ता उपाय हों जिनका इस्तेमाल करके, आप अपने कर्मचारियों पर नज़र रख सकें. साथ ही, हमारी नीतियों का पालन भी कर सकें. कर्मचारियों की कार्रवाइयों की जवाबदेही कंपनियों की होती है.
    • यह नीति तीसरे पक्ष की ऐसी कंपनियों पर भी लागू होती है जो कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम खाते के एडमिन के तौर पर काम करती हैं.
  • मुआवज़े या दूसरे फ़ायदों के लिए, ऐसे तीसरे पक्षों को अपने कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम खाते का ऐक्सेस देने की सख्त मनाही है जो आपसे नहीं जुड़े हैं या जिन पर रोक लगाई गई है.
    • कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम वाले अपने खाते का ऐक्सेस न तो किराये या लीज़ पर दें और न ही उसे बेचें.
    • अगर आपने कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम को मैनेज करने के लिए किसी तीसरे पक्ष के साथ पार्टनरशिप की है, तो उसे हमारे साथ पार्टनरशिप का कानूनी समझौता करना होगा.
    • कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम वाले अपने खाते का ऐक्सेस ऐसे संगठनों (या लोगों) को न दें जिन्होंने पहले कभी हमारी नीतियों का उल्लंघन किया हो.
    • अगर YouTube को पता चलता है कि आपके कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम खाते का ऐक्सेस किसी ऐसे पक्ष को मिल गया है जो आपसे जुड़ा नहीं है या जिस पर रोक लगाई गई है, तो YouTube कार्रवाई कर सकता है. उदाहरण के लिए, ऐक्सेस वापस ले सकता है या समझौते को खत्म कर सकता है.
अगर आप किसी दूसरी कंपनी के साथ जुड़ रहे हैं, तो YouTube को इसकी जानकारी देनी होगी. अगर आप किसी ऐसी कंपनी को अपने साथ जोड़ रहे हैं जिसके पास कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम का ऐक्सेस है, तो नोटिस भेजकर इसकी जानकारी भी YouTube को देनी होगी. कंपनी से जुड़ने के 30 दिनों के अंदर यह जानकारी देनी होगी.
सूचना में यह जानकारी तो होनी ही चाहिए:
  • वह तारीख जब खाते के मालिकाना हक में बदलाव लागू हुआ था या होने वाला है
  • मालिकाना हक हासिल करने वाली कंपनी के बारे में जानकारी. जैसे:
    • कानूनी नाम
    • कंपनी किस देश या राज्य में है
    • कंपनी का मुख्यालय
  • किस चीज़ का मालिकाना हक हासिल किया जा रहा है, उसकी जानकारी. जैसे:
    • आपकी सभी ऐसेट और कारोबार
    • आपके कारोबार का कोई खास हिस्सा
    • चुनिंदा ऐसेट
म्यूज़िक पार्टनर के लिए नीति
म्यूज़िक वाले कॉन्टेंट और इससे अलग कॉन्टेंट के बीच एक कनेक्शन होना चाहिए.
  • उदाहरण के लिए, कलाकार के इंटरव्यू, क्योंकि म्यूज़िक वाले कॉन्टेंट से इनका एक कनेक्शन होता है.
  • ऐसे संगीत पार्टनर जिनके पास बिना संगीत वाला कॉन्टेंट है उन्हें अपने पार्टनर मैनेजर के साथ इस पर चर्चा करनी चाहिए. इससे चैनल लिंक करने जैसी सुविधाओं का ऐक्सेस बनाए रखने में मदद मिल सकती है.

Content ID के लिए तय की गई नीतियां

ये नीतियां, उन पार्टनरों पर लागू होती हैं जिनके पास Content ID मैचिंग सिस्टम का ऐक्सेस है. Content ID पाने के लिए ज़रूरी शर्तें जानने के लिए, सहायता केंद्र पर जाएं.

Content ID के दायरे में आने वाला कॉन्टेंट
YouTube पर आपके अधिकारों को मैनेज करने के लिए, Content ID मैचिंग सिस्टम एक ज़बरदस्त टूल है. जटिल और संवेदनशील होने की वजह से यह ज़रूरी है कि कॉन्टेंट कुछ ज़रूरी शर्तें पूरी करे, ताकि रेफ़रंस के तौर पर उसका इस्तेमाल किया जा सके. इन शर्तों को पूरा करना आपकी ज़िम्मेदारी है. साथ ही, यह पक्का करें कि आपकी रेफ़रंस फ़ाइल सिर्फ़ उन वीडियो पर दावा करे जिनमें आपकी बौद्धिक संपत्ति का इस्तेमाल किया गया हो.

नीति से जुड़ी ज़रूरी शर्तें

  • आपने जिन देशों/इलाकों में मालिकाना हक होने का दावा किया है वहां रेफ़रंस फ़ाइल में मौजूद कॉन्टेंट पर सिर्फ़ आपका अधिकार होना चाहिए.
    • इन्हें रेफ़रंस के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता :
      • तीसरे पक्ष से लिया गया ऐसा कॉन्टेंट जिसका लाइसेंस, आपके अलावा दूसरों के पास भी है. जैसे, किसी देश/इलाके में खेल-कूद से जुड़े किसी बड़े इवेंट के ब्रॉडकास्ट के अधिकार.
      • क्रिएटिव कॉमंस या इसी तरह के ओपन लाइसेंस के तहत अपलोड किया गया कॉन्टेंट.
      • ऐसे फ़ुटेज, रिकॉर्डिंग या कंपोज़िशन जो सभी के लिए उपलब्ध हैं.
      • फ़ेयर यूज़ के सिद्धांतों के तहत इस्तेमाल की जा रही ऐसी क्लिप जो दूसरे स्रोतों से ली गई हैं.
      • ऐसा कॉन्टेंट जिसे बड़े पैमाने पर इसलिए बेचा गया है या उसका लाइसेंस दिया गया है, ताकि उसे दूसरे कॉन्टेंट में इस्तेमाल किया जा सके. जैसे, प्रोडक्शन म्यूज़िक.

यह ज़रूरी शर्त, रेफ़रंस के ऑडियो और विज़ुअल, दोनों कॉम्पोनेंट पर लागू होती है. उदाहरण के लिए, अगर आपकी ऑडियोविज़ुअल रेफ़रंस फ़ाइल में, तीसरे पक्ष का ऐसा ऑडियो शामिल है जिसके लिए आपने लाइसेंस नहीं लिया है, तो रेफ़रंस फ़ाइल डिलीवर करने से पहले उस ऑडियो को हटा देना चाहिए.

  • सही मैचिंग के लिए सभी रेफ़रंस फ़ाइल एक-दूसरे से अलग होनी चाहिए.
    • इन्हें रेफ़रंस फ़ाइल के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता :
      • कैरीओकी रिकॉर्डिंग, रीमास्टर, और साउंड-अलाइक (जाने-पहचाने या ओरिजनल संगीत से मेल खाने वाली) रिकॉर्डिंग.
      • साउंड इफ़ेक्ट, साउंडबेड या प्रोडक्शन लूप.
      • सभी के लिए उपलब्ध या तीसरे-पक्ष के कॉन्टेंट की ऐसी साउंड रिकॉर्डिंग जो उसी कॉन्टेंट की अन्य साउंड रिकॉर्डिंग से मिलती-जुलती हों. जैसे, शास्त्रीय संगीत या कुछ रीमिक्स.
  • एक रेफ़रंस फ़ाइल में, बौद्धिक संपत्ति से जुड़ा एक ही कॉन्टेंट होना चाहिए.
    • इन्हें रेफ़रंस फ़ाइल के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता :
      • गानों या कम अवधि के वीडियो का कंपाइलेशन.
      • मैशअप या लगातार चलने वाले डीजे मिक्स.
      • काउंटडाउन लिस्ट या एल्बम के सभी संगीत की पूरी रिकॉर्डिंग.
  • कॉन्टेंट से कमाई करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सभी रेफ़रंस फ़ाइलों के लिए यह ज़रूरी है कि वे YouTube की कॉन्टेंट नीतियों का पालन करें.

वीडियो गेम से जुड़े कॉन्टेंट पर लगने वाली खास पाबंदियां

  • वीडियो गेम पब्लिशर ही गेमप्ले फ़ुटेज या वीडियो गेम के ओरिजनल साउंडट्रैक (ओएसटी) वाली रेफ़रंस फ़ाइलें डिलीवर कर सकते हैं.
    • वीडियो गेम के ओरिजनल साउंडट्रैक ऐसी साउंड रिकॉर्डिंग को कहते हैं जो खास तौर पर गेम के लिए बनाई जाती हैं. लाइसेंस लेकर गेम में इस्तेमाल किए जाने वाले साउंडट्रैक को ओरिजनल साउंडट्रैक नहीं कहते.
    • यह नीति डिमांड पर लाइव दिखाए गए गेमिंग कॉन्टेंट पर भी लागू होती है.
      • ऐसे कॉन्टेंट को सुरक्षित रखने के लिए, Copyright Match Tool का इस्तेमाल करें या मैन्युअल तरीके से दावा करें.
  • ओरिजनल साउंडट्रैक के कवर वर्शन के सभी ऐसेट को रिव्यू के लिए भेजना ज़रूरी है.
    • अगर इन ऐसेट में मौजूद साउंड रिकॉर्डिंग किसी एम्बेड किए गए कंपोज़िशन की मेलोडी से मेल खाए, तो सिस्टम ऐसे वीडियो पर दावे कर सकते हैं जिन पर वीडियो गेम पब्लिशर दावा न करना चाहे.
Content ID के लिए रेफ़रंस फ़ाइलों की डिलीवरी से जुड़ी नीति
कॉन्टेंट मैनेजर को सिर्फ़ वे रेफ़रंस फ़ाइलें देनी चाहिए जो Content ID मैचिंग के लिए सही हों. गलत रेफ़रंस फ़ाइलें, क्रिएटर्स और YouTube पर अधिकारों को मैनेज करने वाले नेटवर्क, दोनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. ज़्यादा जानकारी के लिए सहायता केंद्र में Content ID के दायरे में आने वाला कॉन्टेंट पर जाएं.

नीति से जुड़ी ज़रूरी शर्तें:

  • सभी कंटेंट मैनेजर्स को यह पक्का करना होगा कि उनके कॉन्टेंट ओनर (मालिक) कैटलॉग में Content ID वाले गलत रेफ़रंस 1% से कम हों और 30 दिन की अवधि में 500 से ज़्यादा गलत रेफ़रंस न हों.
  • इस शर्त को न मानने पर, कॉन्टेंट के मालिक के लिए रेफ़रंस फ़ाइलें डिलीवर करने की सुविधा रोक दी जाएगी या बंद कर दी जाएगी.
Content ID पर मैन्युअल तरीके से दावा करने की नीति

मैन्युअल तरीके से दावा करने के बारे में जानकारी

मैन्युअल तरीके से दावा करने की सुविधा का इस्तेमाल करके, कॉन्टेंट मैनेजर ऐसे वीडियो पर दावा कर सकते हैं जिनमें उनके मालिकाना हक वाले कॉन्टेंट का इस्तेमाल किया गया हो. इस सुविधा का इस्तेमाल सिर्फ़ तब करना चाहिए, जब Content ID के दायरे में आने वाले कॉन्टेंट पर, अपने-आप दावा न हुआ हो. अगर कोई कॉन्टेंट, Content ID के दायरे नहीं आता है, तो उस पर मैन्युअल तरीके से दावा नहीं करना चाहिए.


मैन्युअल तरीके से दावा करने के लिए उपलब्ध टूल का ऐक्सेस, सिर्फ़ उन पार्टनरों को दिया गया है जिन्हें इसकी बहुत ज़्यादा ज़रूरत है. मैन्युअल तरीके से दावा करने की सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए, कड़ी शर्तें रखी गई हैं. ऐसा, YouTube पर मिलने वाली चार अहम आज़ादियों को ध्यान में रखकर किया गया है. इससे प्लैटफ़ॉर्म को सभी के लिए सुरक्षित और निष्पक्ष बनाए रखने में मदद मिलती है.

कॉन्टेंट पर दावा करने से जुड़ी शर्तें

शर्तें जानकारी
सिर्फ़ उन वीडियो पर दावा करें जिनमें मौजूद कॉपीराइट वाले कॉन्टेंट पर सिर्फ़ आपका अधिकार है. सिर्फ़ उस कॉन्टेंट के लिए दावा करें जिसका इस्तेमाल वीडियो में किया गया है.

जिस कॉन्टेंट (या कॉन्टेंट के हिस्से) का मालिकाना हक आपके पास नहीं है उसके लिए मैन्युअल तरीके से दावा न करें.


सेंसरशिप के लिए, मैन्युअल तरीके से दावा करने की सुविधा का गलत इस्तेमाल करने पर आपसे इस सुविधा का ऐक्सेस थोड़े समय या हमेशा के लिए वापस लिया जा सकता है. इसके अलावा, आपके ख़िलाफ़ अन्य कार्रवाइयां भी की जा सकती हैं.

सिर्फ़ उन वीडियो पर मैन्युअल तरीके से दावा करें जो Content ID वाले दावे के दायरे में आते हैं. Content ID का मैचिंग सिस्टम सिर्फ़ ऑडियो, विज़ुअल, और मेलोडी (संगीत धुन) पर दावा करता है. इसके लिए, यह किसी भी चैनल पर अपलोड किए जाने वाले कॉन्टेंट को पार्टनर की तरफ़ से डिलीवर किए गए कॉन्टेंट से मैच करके मेल खाने वाला कॉन्टेंट ढूंढता है. यह ज़रूरी है कि मैन्युअल रूप से किए गए सभी दावे, इस मुख्य फ़ंक्शन के आधार पर किए हों.

किसी थंबनेल या इमेज के आधार पर, मैन्युअल तरीके से दावा न करें.


ट्रेडमार्क, निजता या ऐसे दूसरे मामलों को मैनेज करने के लिए मैन्युअल तरीके से दावे न करें जो कॉपीराइट के तहत नहीं आते.

ऐसे वीडियो पर मैन्युअल तरीके से दावा न करें जिनमें क्रिएटर्स ने कॉपीराइट वाले किरदारों को अपने हिसाब से पेश किया हो.

प्रशंसकों के ज़रिए रिकॉर्ड किए गए किसी लाइव इवेंट (जैसे, नाटक, कॉमेडी शो या स्पोर्ट्स गेम) से जुड़े कॉन्टेंट पर तब तक मैन्युअल तरीके से दावा न करें, जब तक आपके पास रिकॉर्ड किए गए उस कॉन्टेंट के अधिकार न हों या आप कोई ऐसे म्यूज़िक पब्लिशर न हों जो अपने म्यूज़िक कंपोज़िशन के लिए दावा कर रहा है.

Content ID का इस्तेमाल म्यूज़िक कंपोज़िशन से जुड़े अधिकारों को ही मैनेज करने के लिए किया जाता है. किसी की लिखी कहानी या स्क्रिप्ट जैसे कॉन्टेंट के लिए नहीं.

हमारा सुझाव है कि अन्य कॉन्टेंट के लिए, कानूनी तौर पर वीडियो हटाने का अनुरोध करें या निजता से जुड़ी शिकायत दर्ज करें.

उन वीडियो पर मैन्युअल रूप से दावा न करें जिन पर वर्तमान में या पहले कभी, उसी कॉन्टेंट के लिए किसी ऐसेट के ज़रिए दावा किया गया हो. जिस कॉन्टेंट पर दावे से जुड़ा मामला हल हो चुका है उस पर मैन्युअल तरीके से दावा न करें.

मैन्युअल तरीके से डुप्लीकेट और एक से ज़्यादा दावे करना, सिस्टम को गच्चा देने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए बनी हमारी नीति का गंभीर उल्लंघन माना जा सकता है.
जिस वीडियो पर पहले से दावे मौजूद हों उस पर रेवेन्यू के बंटवारे को प्रभावित करने के मकसद से मैन्युअल तरीके से दावा न करें. इस नीति के उल्लंघन को सिस्टम को गच्चा देने वाली गतिविधियों को रोकने की हमारी नीति का गंभीर उल्लंघन माना जा सकता है.
अगर आपके मालिकाना हक की जानकारी पहले से ही किसी अन्य ऐसेट में शामिल है या शामिल होनी चाहिए थी, लेकिन गलती से नहीं जुड़ी है, तो वीडियो पर मैन्युअल तरीके से दावा न करें. अगर वीडियो के किसी हिस्से पर आपके कंपोज़िशन वाली साउंड रिकॉर्डिंग ऐसेट ने पहले से दावा किया हुआ है, तो उस पर कंपोज़िशन के लिए मैन्युअल तरीके से दावा न करें. कोशिश करें कि कंपोज़िशन के मालिकाना हक की जानकारी को साउंड रिकॉर्डिंग ऐसेट में ज़रूर जोड़ें.

कॉन्टेंट पर दावा करने के तरीकाें पर लागू शर्तें

शर्तें जानकारी
मैन्युअल रूप से दावा करने से पहले, आपको उस कॉन्टेंट की समीक्षा करनी होगी. मैन्युअल तरीके से दावा करने की प्रोसेस को ऑटोमैटिक बनाने की अनुमति नहीं है. मैन्युअल ऐक्शन की नीति देखें.
मैन्युअल रूप से दावा करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सभी ऐसेट में, सही और आसानी से समझ आने वाला मेटाडेटा हो. साथ ही, सही रेफ़रंस फ़ाइल मान्य फ़ॉर्मैट में हो. इस शर्त में सिर्फ़ एक अपवाद तब हो सकता है, जब ऐसेट की डिजिटल कॉपी या आईडी फ़ाइल, दावे वाले कॉन्टेंट के साथ मेल न खाती हो या हमारी रेफ़रंस नीतियों के हिसाब से उस पर पाबंदी लगाई गई हो.

हालांकि, ऐसी ऐसेट के लिए रेफ़रंस फ़ाइलाें की ज़रूरत नहीं होती, फिर भी यह ज़रूरी है कि सभी दावे बिलकुल एक जैसे कॉन्टेंट के लिए हों. साथ ही, मेटाडेटा में उनकी सटीक जानकारी दी गई हो (जैसे कि इसमें ‘बकेट' या 'कैच-ऑल' ऐसेट नहीं होनी चाहिए).

मैन्युअल तरीके से दावा करने में इस्तेमाल हुई ऐसेट, आपका मालिकाना हक सटीक तरीके से दिखाती हों. उदाहरण के लिए, अगर आप किसी इलाके के ब्रॉडकास्टर हैं और आपको अपने लाइसेंस वाले कॉन्टेंट के दोबारा अपलोड किए जाने पर दावा करना है, तो मैन्युअल तरीके से दावा करके दुनिया भर में कॉन्टेंट पर रोक लगाने की नीति लागू नहीं की जा सकती. ऐसा करने के लिए, आपके पास कॉन्टेंट को दुनिया भर में दिखाने के अधिकार होने चाहिए.

इसके अलावा, ऐसा हो सकता है कि ब्रॉडकास्टर के पास किसी इलाके में लाइसेंस वाले कॉन्टेंट को दिखाने के अधिकार हों, लेकिन इसका मतलब हमेशा यह नहीं होता कि वह उस इलाके में उस कॉन्टेंट का इस्तेमाल करके बनाए गए वीडियो पर दावा कर सकता है.
मैन्युअल तरीके से किए जाने वाले सभी दावों में सटीक टाइमस्टैंप होने चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि जिस कॉन्टेंट पर दावा किया गया है वह वीडियो में कहां है. आपके कॉन्टेंट से मेल खाने वाले हर सेगमेंट के लिए अलग से टाइमस्टैंप डालें.

जान-बूझकर या बार-बार गलत टाइमस्टैंप देने को हमारी नीतियों का गंभीर उल्लंघन माना जा सकता है.
ऐसे कॉन्टेंट पर मैन्युअल तरीके से दावा न करें जिस पर कमाई करने से जुड़ी नीति लागू होती है. भले ही, वह कम्यूनिटी दिशा-निर्देशों या ब्रैंड की सुरक्षा के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता हो. ऐसा करना, सिस्टम को धोखा देने वाली गतिविधियों को रोकने की हमारी नीति का उल्लंघन माना जा सकता है. ज़्यादा जानकारी यहां पढ़ें.
अगर किसी वीडियो के छोटे से हिस्से में ही ऑडियो कॉन्टेंट शामिल है, तो उस पर मैन्युअल तरीके से दावा करने पर 'कमाई की नीति' सिर्फ़ कुछ विशेष मामलों में ही लागू की जा सकती है. आम तौर पर, वीडियो के छोटे हिस्से में इस्तेमाल किए गए ऑडियो कॉन्टेंट पर मैन्युअल तरीके से दावा करके, सिर्फ़ उस पर रोक लगाने या ट्रैक करने की नीति लागू की जा सकती है. अन्य नीतियां तब लागू की जा सकती हैं, जब दावे वाला कॉन्टेंट:
​किसी वीडियो कंपाइलेशन, म्यूज़िक काउंटडाउन या संगीत की थीम वाले चैलेंज का हिस्सा हो.
  • किसी चैनल को ब्रैंड के तौर पर पेश करने वाले वीडियो के शुरुआती हिस्से/आखिरी हिस्से में शामिल हो.
  • किसी ऐसे वीडियो में शामिल हो जिस पर पहले से Content ID वाला कोई मान्य दावा मौजूद है और उसके साथ कमाई करने की नीति भी लागू की गई है.
  • किसी ऐसे आधिकारिक कलाकार चैनल पर अपलोड किए गए वीडियो में शामिल हो जिसका मालिक खुद दावेदार ही हो.
  • वीडियो के ज़्यादातर हिस्सों में शामिल हो.
अगर आपके ऑडियो कॉन्टेंट का किसी वीडियो में अनजाने में इस्तेमाल हुआ है, तो उस पर मैन्युअल दावा करते समय शायद आप 'कमाई करने से जुड़ी नीति' का विकल्प न चुन पाएं. हालांकि, आपके लिए 'ट्रैक' और 'ब्लॉक करने से जुड़ी नीति' विकल्प उपलब्ध रहेंगे. इस नीति के तहत, हम ऐसे मामलों को “अनजाने में इस्तेमाल करने” के मामले मानते हैं जिनमें:
  • क्रिएटर ने दावे वाले कॉन्टेंट को वीडियो में न जोड़ा हो और
  • कॉन्टेंट के साथ क्रिएटर का कोई इंटरैक्शन न हो.

“अनजाने में इस्तेमाल करने” के कुछ उदाहरण:

  • क्रिएटर के घर या दफ़्तर में दूसरे कमरे से आ रही टीवी की आवाज़.
  • किसी गुज़रती हुई कार में बज रहा संगीत.

ऐसे उदाहरण जो "अनजाने में इस्तेमाल करने" के मामलों में शामिल नहीं हैं:

  • गाना बजाकर उस पर नाचना, वाद्य यंत्र बजाना या गाना गाना.
  • ऐसा कोई भी कॉन्टेंट जिसे पोस्ट-प्रोडक्शन में या एडिटिंग सॉफ़्टवेयर की मदद से जोड़ा गया है.
  • वीडियो के ऐसे हिस्से पर बैकग्राउंड संगीत सुनाई देना जहां क्रिएटर उसको सीधे कंट्रोल कर सके. इसके अलावा, ऐसे मामले जहां वीडियो का मकसद ऑडियो को कैप्चर करना हो. जैसे, किसी कॉन्सर्ट की रिकॉर्डिंग.

Content ID और संवेदनशील कॉन्टेंट पर मैन्युअल रूप से रोक लगाना

संवेदनशील कॉन्टेंट पर रोक लगाने के लिए, Content ID की मदद से की जाने वाली मैन्युअल कार्रवाइयों की अनुमति YouTube पर नहीं है. Content ID में मैन्युअल तरीके से कोई ऐसी कार्रवाई न करें जिसकी वजह से, ऐसे कॉन्टेंट पर रोक लग जाए (1) जो आपके या आपके क्लाइंट के लिए संवेदनशील है और (2) जिसमें आपके कॉपीराइट वाले कॉन्टेंट का कोई हिस्सा शामिल है.
  • “संवेदनशील” का मतलब है कि उस कॉन्टेंट का इस्तेमाल इसलिए किया जा रहा है, ताकि उसके विषय, क्रिएटर्स, कॉपीराइट के मालिकों या पूरे कॉन्टेंट की आलोचना की जा सके और/या उसे गलत या नकारात्मक ढंग से दिखाया जा सके.
  • “मैन्युअल तरीके से कार्रवाई” में मैन्युअल रूप से दावा करने या कॉन्टेंट पर रोक लगाने के किसी मौजूदा दावे से जुड़ी नीति में बदलाव करना शामिल है. इनके अलावा, इसमें और भी चीज़ें शामिल हो सकती हैं.
  • अगर आपको लगता है कि उस कॉन्टेंट से आपके किसी कॉन्टेंट के कॉपीराइट का उल्लंघन हुआ है, तो डीएमसीए के तहत कॉन्टेंट हटाने का अनुरोध करें.
  • अगर डीएमसीए के तहत वीडियो हटाने का अनुरोध अस्वीकार कर दिया गया है और आपसे कॉपीराइट के अपवादों पर विचार करने के लिए कहा गया है, तो इसका मतलब यह नहीं कि आपको कॉन्टेंट को मैन्युअल तरीके से ब्लॉक करने, उस पर दावा करने या ऐसी ही कोई और कार्रवाई करने की अनुमति मिल गई है.
Content ID और राजनैतिक सेंसरशिप
Content ID का इस्तेमाल करके ऐसे राजनैतिक कॉन्टेंट पर रोक लगाना जिसका कॉपीराइट आपके पास नहीं है, हमारी नीतियों का गंभीर उल्लंघन है. YouTube इसकी अनुमति नहीं देता. ऐसी कोई भी कोशिश करने पर, उन सभी कॉन्टेंट ओनर खातों (कॉन्टेंट के मालिक के खातों) को बंद किया जा सकता है जिन्हें मैनेज करने का अधिकार कॉन्टेंट मैनेजर के पास है.

समस्याओं से बचने के लिए सलाह:

  • अपने खाते के ख़िलाफ़ किए गए "सिर्फ़ ब्लॉक करें" वाले दावों पर नज़र रखें. साथ ही, किसी भी समस्या की शिकायत सीधे अपने पार्टनर मैनेजर से करें.
Content ID वाले दावों पर मैन्युअल तरीके से की जाने वाली कार्रवाइयों की नीति
Content ID सिस्टम समीक्षा से जुड़ी कई कार्रवाइयों के लिए लोगों पर निर्भर रहता है. इनमें ये कार्रवाइयां शामिल हैं. हालांकि, इनके अलावा और भी कार्रवाइयां हो सकती हैं:
  • ऐसेट और रेफरंस फ़ाइलों के मालिकाना हक से जुड़े मुद्दे सुलझाना
  • संभावित और विवादित कॉपीराइट दावों की समीक्षा करना.

नीति से जुड़ी ज़रूरी शर्तें

  • मैन्युअल रूप से की जाने वाली कार्रवाइयों को अपने-आप होने वाली या पहले से तय प्रक्रिया में नहीं बदला जा सकता. इनके लिए मानवीय समीक्षा की ज़रूरत होती है.
  • यह ज़रूरी है कि संभावित या विवादित दावों की पुष्टि करने जैसी सभी मैन्युअल कार्रवाइयां:
    • किस-किस कॉन्टेंट पर आपका मालिकाना हक है, इसकी सही-सही जानकारी दें.
    • सभी ज़रूरी नियमों और कानूनों का पालन करें.
    • YouTube की सभी नीतियों का पालन करें, जैसे कि YouTube पर कमाई करने के लिए ज़रूरी शर्तें.

पाबंदियां

  • Content ID में मैन्युअल तरीके से कोई ऐसी कार्रवाई न करें जिसकी वजह से, ऐसे कॉन्टेंट पर रोक लग जाए (1) जो आपके या आपके क्लाइंट के लिए संवेदनशील है और (2) जिसमें आपके कॉपीराइट वाले कॉन्टेंट का कोई हिस्सा शामिल है.
    • “संवेदनशील” का मतलब है कि उस कॉन्टेंट का इस्तेमाल इसलिए किया जा रहा है, ताकि उसके विषय, क्रिएटर्स, कॉपीराइट के मालिकों या पूरे कॉन्टेंट की आलोचना की जा सके और/या उसे गलत या नकारात्मक ढंग से दिखाया जा सके.
    • “मैन्युअल तरीके से कार्रवाई” में मैन्युअल रूप से दावा करने या कॉन्टेंट पर रोक लगाने के किसी मौजूदा दावे से जुड़ी नीति में बदलाव करना शामिल है. इनके अलावा, इसमें और भी चीज़ें शामिल हो सकती हैं.
    • कॉपीराइट उल्लंघन के मामले में डीएमसीए (DMCA) के तहत वीडियो हटाने का अनुरोध किया जा सकता है.
    • अगर डीएमसीए के तहत वीडियो हटाने का अनुरोध अस्वीकार कर दिया गया है और आपसे कॉपीराइट के अपवादों पर विचार करने के लिए कहा गया है, तो इसका मतलब यह नहीं कि आपको कॉन्टेंट को मैन्युअल तरीके से ब्लॉक करने, उस पर दावा करने की अनुमति मिल गई है. इसमें मैन्युअल दावा जोड़ना और कॉन्टेंट पर रोक लगाने से जुड़ी नीति लागू करना शामिल है. इनके अलावा, इसमें और भी चीज़ें शामिल हो सकती हैं.
Content ID के लिए ज़रूरी ऐसेट को सही तरीके से मैनेज करने से जुड़ी नीति
गलत, नहीं पढ़ी जा सकने वाली या डुप्लीकेट ऐसेट Content ID सिस्टम में गड़बड़ी पैदा कर सकती हैं. इस वजह से, YouTube कॉन्टेंट मैनेजर से यह उम्मीद करता है कि वे जिन ऐसेट के मालिक हैं उन्हें सही तरीके से मैनेज करें. जो कॉन्टेंट मैनेजर ऐसा नहीं करते, उनके लिए कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम खाते को ऐक्सेस करने की सुविधा बंद की जा सकती है या उनके ऊपर अन्य जुर्माने लगाए जा सकते हैं.

नीति से जुड़ी ज़रूरी शर्तें

  • सभी ऐसेट का मेटाडेटा बिलकुल सटीक, एक जैसे फ़ॉर्मैट में, और पढ़ने में आसान होना चाहिए.
    • जिस वीडियो पर दावा किया है उसे अपलोड करने वाले को साफ़ तौर पर पता चलना चाहिए कि किस कॉन्टेंट पर दावा किया गया है और कॉन्टेंट का मालिक कौन है. ऐसेट के लिए ज़रूरी मेटाडेटा कॉन्टेंट के हिसाब से तय होता है:
      • साउंड रिकॉर्डिंग या संगीत वीडियो: इसमें आईएसआरसी (अंतरराष्ट्रीय मानक रिकॉर्डिंग कोड), शीर्षक, कलाकार, और रिकॉर्ड लेबल शामिल करें.
      • संगीत रचना: इसमें शीर्षक और गीतकार का नाम शामिल करें.
      • टेलीविज़न एपिसोड: इसमें शो का टाइटल और एपिसोड का टाइटल या उसकी संख्या शामिल करें.
      • फ़िल्म: इसमें शीर्षक और निर्देशकों के नाम शामिल करें.
      • खेल का ब्रॉडकास्ट: इसमें प्रतियोगियों या टीम के नाम और इवेंट की तारीख शामिल करें.
      • अन्य वेब ऐसेट: इसमें दी गई रेफ़रंस फ़ाइल की सही-सही जानकारी होनी चाहिए.
    • कॉन्टेंट डिलीवरी और आर्ट ट्रैक बनाने के लिए सही मेटाडेटा देने की ज़िम्मेदारी संगीत पार्टनरों की होती है.
    • अगर आपका मेटाडेटा हमारे क्वालिटी स्टैंडर्ड के मुताबिक न हुआ, तो हमारे पास वीडियो की डिलीवरी पर पाबंदी लगाने या उसे कंट्रोल करने का अधिकार है.
  • कॉन्टेंट मैनेजर इस बात का ध्यान रखें कि वे सही ऐसेट टाइप का इस्तेमाल कर रहे हों.
    • उदाहरण के लिए, संगीत कॉन्टेंट के लिए वेब ऐसेट का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. म्यूज़िक वीडियो ऐसेट को ऐसी लाइव परफ़ॉर्मेंस की रिकॉर्ड़िंग के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता जिसे उसके संगीत लेबल ने न बनाया हो.
  • अगर Content ID सिस्टम में किसी कॉन्टेंट की ऐसेट पहले से ही मौजूद हो, तो उसकी डुप्लीकेट ऐसेट न बनाएं.
    • नई ऐसेट बनाने के बजाय, मौजूदा ऐसेट में अपना मालिकाना हक जोड़ें.
  • ऐसी ऐसेट पर मालिकाना हक न जोड़ें जो आपकी बौद्धिक संपत्ति न हो.

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