परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट (Search)

परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट, Google Search के नतीजों में आपकी साइट की परफ़ॉर्मेंस के बारे में अहम मेट्रिक दिखाती है: साइट कितनी बार दिखती है, खोज के नतीजों में साइट की औसत पोज़िशन, क्लिक मिलने की दर (सीटीआर), और आपके नतीजों से जुड़ी कोई खास विशेषता (जैसे कि ज़्यादा बेहतर नतीजे (रिच रिज़ल्ट)). खोज में अपनी साइट की परफ़ॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए इस जानकारी का इस्तेमाल करें, उदाहरण के लिए:

  • देखें कि समय के साथ आपका खोज ट्रैफ़िक कैसे बदलता है, यह कहां से आ रहा है, और ऐसी कौनसी खोज क्वेरी हैं जो आपकी साइट को सबसे ज़्यादा दिखा सकती हैं.
  • जानें कि कौनसी क्वेरी स्मार्टफ़ोन पर की गई हैं. साथ ही, इस जानकारी का इस्तेमाल करके अपनी मोबाइल टारगेटिंग (विज्ञापन के लिए सही दर्शक चुनना) को बेहतर बनाएं.
  • देखें कि Google के खोज नतीजों में, किन पेजों के लिए क्लिक मिलने की दर (सीटीआर) सबसे ज़्यादा है और किन में सबसे कम.

 

परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट खोलें

 

Search Console में मौजूद परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट - Google Search Console की ट्रेनिंग

रिपोर्ट को कॉन्फ़िगर करना

रिपोर्ट का डिफ़ॉल्ट व्यू, Google Search के खोज नतीजों में आपकी साइट को पिछले तीन महीनों में मिले क्लिक और इंप्रेशन से जुड़ा डेटा दिखाता है.

 

रिपोर्ट का डेटा एक्सपोर्ट करने का तरीका

कई रिपोर्ट में डेटा को एक्सपोर्ट करने के लिए, एक्सपोर्ट करें बटन होता है. चार्ट और टेबल, दोनों का डेटा एक्सपोर्ट किया जाता है. रिपोर्ट में ~ या - (उपलब्ध नहीं है/संख्या नहीं है) के तौर पर दिखाया गया कोई भी मान, डाउनलोड किए गए डेटा में शून्य होगा.

 

डेटा का चार्ट पढ़ना

आपके चुने गए टैब के हिसाब से, चार्ट में अलग-अलग तरह का डेटा दिखाया जाता है. इस डेटा में आपकी प्राॅपर्टी को मिले कुल क्लिक, कुल इंप्रेशन, क्लिक मिलने की औसत दर (सीटीआर), और प्राॅपर्टी की औसत पोज़िशन की जानकारी शामिल होती है. चार्ट में दिखने वाला डेटा प्राॅपर्टी के हिसाब से एक साथ दिखाया जाता है. अलग-अलग तरह की मेट्रिक को समझने और उनकी गिनती कैसे की जाती है, यह जानने के लिए मेट्रिक देखें. सबसे नया डेटा शुरुआती हो सकता है. शुरुआती डेटा का संकेत तब मिलता है, जब आप ग्राफ़ पर उसे चुनते हैं या उस पर माउस घुमाते हैं.

चार्ट का डेटा हमेशा प्राॅपर्टी के हिसाब से एक साथ दिखाया जाता है. हालांकि, आप इस डेटा को पेज या खोज नतीजों में दिखने के तरीके के हिसाब से फ़िल्टर कर सकते हैं.

चार्ट में हर मेट्रिक के आंकड़ों का जोड़ दिखाया जाता है. चार्ट के आंकड़ों का जोड़, टेबल के आंकड़ों के जोड़ से अलग हो सकता है.

रिपोर्ट के आंकड़ों को ठीक से समझने के लिए डाइमेंशन, मेट्रिक, और डेटा के बारे में जानकारी देखें.

डेटा की टेबल को पढ़ना

टेबल में डेटा को चुने गए डाइमेंशन के हिसाब से ग्रुप में दिखाया जाता है (जैसे कि क्वेरी, पेज या देश के हिसाब से).

टेबल में दिखने वाला डेटा प्राॅपर्टी के हिसाब से एक साथ दिखाया जाता है. हालांकि, आप इस डेटा को पेज या खोज नतीजों में दिखने के तरीके के हिसाब से फ़िल्टर कर सकते हैं.

कई वजहों से, टेबल में दिखने वाले आंकड़ों का जोड़, चार्ट में दिखने वाले आंकड़ों के जोड़ से अलग हो सकता है.

रिपोर्ट के आंकड़ों को ठीक से समझने के लिए डाइमेंशन, मेट्रिक, और डेटा के बारे में जानकारी देखें.

रिपोर्ट की टेबल क्यों गायब हो गई?

कुछ ऐसे मामले होते हैं जहां टेबल, चार्ट में अलग से कोई जानकारी नहीं जोड़ती. ऐसे मामलों में, टेबल को रिपोर्ट में शामिल नहीं किया जाता. उदाहरण के लिए, अगर आप देश के हिसाब से बनाई गई किसी टेबल में क्लिक की संख्या दिखाते हैं और अमेरिका की यूनाइटेड किंगडम से तुलना करते हैं, तो आपको इस तरह की टेबल दिखेगी:

देश अमेरिका के क्लिक यूनाइटेड किंगडम के क्लिक
अमेरिका 1,000 0
यूनाइटेड किंगडम 0 1,000

यह टेबल कोई ऐसी जानकारी नहीं देती जो ग्राफ़ में पहले से मौजूद नहीं है. इसलिए, इसे रिपोर्ट में शामिल नहीं किया जाएगा.

डाइमेंशन और फ़िल्टर

आप नीचे दिए गए डाइमेंशन के हिसाब से डेटा को ग्रुप में बांट सकते हैं और फ़िल्टर कर सकते हैं. डेटा को ग्रुप में जोड़ने के लिए, टेबल के ऊपर दिए गया डाइमेंशन टैब चुनें. फ़िल्टर करने का तरीका यहां पढ़ें.

क्वेरी

ये वे क्वेरी स्ट्रिंग हैं जिन्हें उपयोगकर्ताओं ने Google पर खोजा था. सिर्फ़ वे क्वेरी स्ट्रिंग जिनकी पहचान नहीं छिपाई गई और जिनके नतीजों में आपकी साइट दिखी.

पहचान छिपाकर की गई क्वेरी

ऐसी खोज क्वेरी बहुत कम होती हैं. इन्हें पहचान छिपाकर की गई क्वेरी कहा जाता है. क्वेरी करने वाले की पहचान छिपाए रखने के लिए, इन्हें खोज नतीजों में नहीं दिखाया जाता. पहचान छिपाकर की गई क्वेरी को टेबल में कभी शामिल नहीं किया जाता. पहचान छिपाकर की गई क्वेरी को चार्ट में दिखने वाले कुल आंकड़ों में तब तक शामिल किया जाता है, जब तक कि आप क्वेरी के हिसाब से फ़िल्टर नहीं लगाते (ऐसा दोनों तरह की क्वेरी के फ़िल्टर के लिए होता है. इनमें 'यह शामिल हो' या 'यह शामिल न हो' वाले फ़िल्टर शामिल हैं).

अगर आपकी साइट पर पहचान छिपाकर की गई क्वेरी की संख्या काफ़ी ज़्यादा है, तो आपको फ़िल्टर वाले नतीजों (जिन क्वेरी में some_string हैं) और बिना फ़िल्टर वाले नतीजों (जिन क्वेरी में some_string नहीं हैं) में बहुत ज़्यादा अंतर दिख सकता है. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि पहचान छिपाकर की गई क्वेरी का डेटा, फ़िल्टर में शामिल नहीं किया जाता.

क्वेरी के हिसाब से डेटा को फ़िल्टर करने या ग्रुप में बांटने पर, डेटा को प्राॅपर्टी के हिसाब से एक साथ दिखाया जाता है.

क्वेरी के हिसाब से डेटा को फ़िल्टर करने पर, शायद आपको टेबल या चार्ट में लाॅन्ग टेल वाला डेटा न दिखे. क्वेरी के हिसाब से डेटा को ग्रुप में बाँटने पर, शायद आपको टेबल में लाॅन्ग टेल वाला डेटा न दिखाई दे. ऐसा उन साइटों पर सबसे ज़्यादा देखने को मिलता है जो बहुत बड़ी होती हैं.

अगर आपको वह खोज क्वेरी अब नहीं दिख रही जो हाल ही में दिखी थी, तो यह जांच लें कि कहीं आपने ऐसा कोई फ़िल्टर तो नहीं लगाया है जिससे नतीजे छिप जाते हैं.

सामान्य तौर पर क्वेरी की सूची का इस्तेमाल इस तरह किया जाता है

  • देख लें कि क्वेरी की सूची में आपकी उम्मीद के मुताबिक शब्द हैं या नहीं. अगर आपको वे शब्द दिखाई नहीं देते जिन्हें आप देखना चाहते हैं, तो हो सकता है कि आपकी साइट पर उन शब्दों से जुड़ा उतना काम का कॉन्टेंट मौजूद न हो जितना होना चाहिए. अगर इस सूची में ऐसे शब्द दिखते हैं जो आपके हिसाब से सूची में नहीं होने चाहिए थे (जैसे कि "वायग्रा" या "कसीनो"), तो शायद आपकी साइट हैक हो गईहो.
  • ज़्यादा इंप्रेशन और कम क्लिक मिलने की दर (सीटीआर) वाली क्वेरी ढूंढें. इन क्वेरी की मदद से, आप अपने उपयोगकर्ताओं की पसंद के मुताबिक अपने शीर्षकों और स्निपेट को बेहतर बना सकते हैं.
  • ब्रैंड का नाम शामिल करते हुए और ब्रैंड का नाम शामिल न करते हुए की गई क्वेरी को अलग-अलग जोड़ें. आप शायद यह देखना चाहें कि जब उपयोगकर्ता किसी खास स्ट्रिंग, जैसे किसी ब्रैंड के नाम के साथ या उसके बिना क्वेरी करते हैं, तो कितनी क्वेरी के नतीजों के तौर पर आपकी साइट दिखती है. पहचान छिपाकर की गई क्वेरी को गिना नहीं जा सकता और क्वेरी के हिसाब से फ़िल्टर लगाने पर लाॅन्ग टेल वाला डेटा नहीं दिखाया जाता. इसलिए, आप इस तरह की क्वेरी की संख्या का सिर्फ़ अनुमान लगा सकते हैं. ब्रैंड के नाम वाली क्वेरी का प्रतिशत इस तरीके से निकाला जाता है:
    (ऐसी क्वेरी जिनमें "खास वैल्यू" शामिल है)
    (ऐसी क्वेरी जिनमें "खास वैल्यू" शामिल नहीं है) + (ऐसी क्वेरी जिनमें "खास वैल्यू" शामिल है)
पेज

फ़ाइनल यूआरएल वह होता है जिसे किसी भी स्किप रीडायरेक्ट के बाद Search के नतीजे से जोड़ा जाता है (नीचे देखें).

इस रिपोर्ट का ज़्यादातर परफ़ॉर्मेंस डेटा, पेज के कैननिकल यूआरएल के हिसाब से दिखाया गया है, न कि डुप्लीकेट यूआरएल के हिसाब से. इसका मतलब है कि जब उपयोगकर्ता Search के नतीजों में किसी डुप्लीकेट यूआरएल पर क्लिक करता है, तो क्लिक की गिनती कैननिकल यूआरएल के लिए होती है, न कि उस यूआरएल के लिए जिस पर उपयोगकर्ता पहुंचता है. इसलिए, शायद परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट में डुप्लीकेट यूआरएल के लिए एक भी क्लिक न दिखे. हालांकि, आपकी साइट के लाॅग में दिख सकता है कि उपयोगकर्ता उस पेज पर Google Search से पहुंचे थे. यूआरएल जांचने वाला टूल इस्तेमाल करके, आप जान सकते हैं कि किस यूआरएल को पेज के कैननिकल यूआरएल के तौर पर चुना गया है.

क्लिक और इंप्रेशन की एक छोटी सी संख्या, कैननिकल यूआरएल के बजाय उस यूआरएल को असाइन की जा सकती है जिस पर उपयोगकर्ता ने क्लिक किया या उसे खोज नतीजों में देखा. उदाहरण के लिए, मोबाइल पर खोज के नतीजों में दिखने वाले कुछ knowledge panel के लिंक और कुछ hreflang एट्रिब्यूट वाले नतीजे.

अगर आपकी साइट के डेस्कटॉप, मोबाइल या एएमपी वर्शन मौजूद हैं, तो आप डुप्लीकेट पेजों पर आ रहे ट्रैफ़िक का पता लगा सकते हैं. ऐसे मामले में, आप डिवाइस (डेस्कटॉप या मोबाइल) या एएमपी खोज नतीजों में दिखने के तरीके के हिसाब से फ़िल्टर करके, यूआरएल को मिलने वाले क्लिक देख सकते हैं.

 

पेज का डाइमेंशन चुनने पर, टेबल में डेटा को प्राॅपर्टी के बजाय पेज के हिसाब से एक साथ दिखाया जाता है. हालांकि, ग्राफ़ में दिखने वाले डेटा पर, चुने गए डाइमेंशन का कोई असर नहीं होता. इसमें डेटा को प्राॅपर्टी के हिसाब से ही दिखाया जाता है.

पेज के हिसाब से डेटा को ग्रुप में बांटने पर, हो सकता है कि आपको टेबल में लाॅन्ग टेल वाला डेटा न दिखे. ऐसा उन साइटों पर सबसे ज़्यादा देखने को मिलता है जो बहुत बड़ी होती हैं.

स्किप रीडायरेक्ट: Google जिस यूआरएल को खोज के नतीजों में दिखाता है वह लिंक के असली यूआरएल से अलग हो सकता है. उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि किसी साइट पर पेज के दो वर्शन हैं: डेस्कटॉप इस्तेमाल करने वालों के लिए example.com/mypage और मोबाइल इस्तेमाल करने वालों के लिए m.example.com/mypage. डेस्कटाॅप और मोबाइल, दोनों से खोज करने पर Google आपको डेस्कटाॅप वर्शन का ही यूआरएल दिखा सकता है. हालांकि, खोज के लिए इस्तेमाल हुए डिवाइस के हिसाब से <a> लिंक का टारगेट पेज अलग होगा. डेस्कटाॅप पर दिखने वाला लिंक, पेज के डेस्कटाॅप वर्शन पर ले जाएगा. मोबाइल डिवाइस पर दिखने वाला लिंक, पेज के मोबाइल वर्शन पर ले जाएगा. इसे स्किप रीडायरेक्ट कहा जाता है.
देश

वह देश जहां कॉन्टेंट को देखा या उस पर क्लिक किया गया था, जैसे कि कनाडा या मेक्सिको.

डिवाइस

उपयोगकर्ता ने Google पर खोज के लिए किस डिवाइस का इस्तेमाल किया. जैसे: डेस्कटाॅप, टैबलेट या मोबाइल. अगर आपने अलग-अलग तरह के डिवाइस के लिए अलग-अलग प्राॅपर्टी बनाई हैं (जैसे कि मोबाइल डिवाइस के लिए m.example.com और डेस्कटाॅप के लिए example.com), तो शायद आप डोमेन प्रॉपर्टी का इस्तेमाल किए बिना इनके मेट्रिक के बीच तुलना न कर पाएं.

खोज का टाइप [सिर्फ़ फ़िल्टर करने पर]

लोगों ने जिस लिंक को देखा वह खोज के किस टैब में था:

  • वेब: सभी टैब में दिखने वाले नतीजे. इसमें, 'सभी' टैब में दिखने वाली सभी इमेज या वीडियो नतीजे शामिल होते हैं.
  • इमेज: खोज के नतीजों के इमेज टैब में दिखने वाले नतीजे.
  • वीडियो: खोज के नतीजों के वीडियो टैब में दिखने वाले नतीजे.
  • समाचार: खोज के नतीजों के समाचार टैब में दिखने वाले नतीजे.

अलग-अलग खोज के हिसाब से नतीजों के पेज का लेआउट भी काफ़ी अलग होता है. इसलिए, खोज के तरीकों के हिसाब से, डेटा को ग्रुप में नहीं बांटा जा सकता. उदाहरण के लिए, इमेज के लिए खोज नतीजे में क्रम संख्या 30 वाला नतीजा पहले पेज पर हो सकता है, लेकिन वेब खोज में क्रम संख्या 30 वाला नतीजा तीसरे पेज पर हो सकता है.

खोज किस तरह की है, इसके आधार पर डेटा को अलग से स्टोर किया जाता है

किसी यूआरएल की हर तरह की खोज के लिए, सभी क्लिक, इंप्रेशन, और पोज़िशन का डेटा अलग से स्टोर किया जाता है. उदाहरण के लिए, कोई इमेज वेब नतीजों और इमेज के नतीजों, दोनों में दिख सकती है, लेकिन उस इमेज के लिए क्लिक, इंप्रेशन, और पोज़िशन का डेटा, वेब खोज और इमेज खोज के लिए अलग-अलग रिकॉर्ड किया जाता है.

उदाहरण के लिए, हो सकता है कि पेज example.com/aboutme.html पर होस्ट की गई इमेज के लिए आपके पास यह डेटा हो:

खोज का टाइप इंप्रेशन क्लिक पोज़िशन
इमेज 20 10 23
वेब 30 30 7
खोज नतीजों में दिखने का तरीका

खोज के किसी खास तरह के नतीजे या सुविधा के हिसाब से डेटा को ग्रुप में रखता है.

अलग-अलग तरह से खोज नतीजों में दिखने के तरीके:

खोज नतीजों में दिखने के तरीके के मुताबिक डाइमेंशन या फ़िल्टर का इस्तेमाल करने पर, टेबल में डेटा को प्रॉपर्टी के बजाय पेज के हिसाब से दिखाया जाता है. हालांकि, ग्राफ़ में डेटा को प्रॉपर्टी के हिसाब से ही बांटा जाता है.

फ़िल्टर की सुविधा वाली सूची में सिर्फ़ उस तरह के नतीजों के लिए फ़िल्टर के विकल्प दिखाए जाते हैं जिनके इंप्रेशन आपके पास हैं. उदाहरण के लिए, अगर आपके पास कोई एएमपी नतीजा नहीं है, तो आपको फ़िल्टर की सूची में एएमपी नहीं दिखेगा.

किसी एक सत्र में पेज को खोज नतीजों में दिखाने के लिए कई सुविधाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, हर तरह की सुविधा के लिए सिर्फ़ एक इंप्रेशन को गिना जाएगा. उदाहरण के लिए, किसी पेज पर एक ही क्वेरी में ज़्यादा बेहतर नतीजे (रिच रिज़ल्ट) का लिंक और खोज नतीजे का लिंक, दोनों हो सकते हैं.

फ़िल्टर किए गए क्लिक की संख्या

खोज नतीजों में दिखने के तरीके के हिसाब से फ़िल्टर करने पर, किसी यूआरएल को मिले क्लिक की संख्या दिखती है. हालांकि, यह ज़रूरी नहीं है कि ये सभी क्लिक, फ़िल्टर की गई सुविधा में उपलब्ध लिंक में मौजूद हों. ऐसा इसलिए है, क्योंकि क्लिक की गिनती सिर्फ़ यूआरएल के हिसाब से की जाती है, न कि यूआरएल और सुविधा के हिसाब से. हालांकि, इस बात की गारंटी है कि उपयोगकर्ता ने नतीजों के उसी ग्रुप में इस यूआरएल और सुविधा वाले लिंक को देखा है, जहां पर उसने उस यूआरएल वाले लिंक पर क्लिक किया था.

उदाहरण के लिए: कोई उपयोगकर्ता Google पर "नई कार" खोजता है और उसे नतीजों में 'न्यू कार वर्ल्ड' पर ले जाने वाले एक सामान्य लिंक के साथ ही, उसी पेज पर ले जाने वाला एएमपी लिंक भी दिखता है. इसका मतलब है कि क्लिक भले ही किसी भी लिंक पर क्यों न किया जाए, इस क्लिक की गिनती हमेशा उसी यूआरएल के लिए की जाएगी. अगले दिन, मोहित (वेबसाइट के मालिक) अपनी साइट की परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट को खोलते हैं और पेज के हिसाब से नतीजों को ग्रुप में बांटते हैं. इसके बाद, वे एएमपी सुविधा के हिसाब से नतीजों को फ़िल्टर करते हैं और उन्हें पता चलता है कि उस यूआरएल पर एक क्लिक मिला है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि रिपोर्ट में इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि उपयोगकर्ता ने एएमपी लिंक पर क्लिक किया है या स्टैंडर्ड लिंक पर.

तारीख
यह आपके डेटा को दिन के मुताबिक ग्रुप में बांटता है. इस डेटा में शुरुआती डेटा शामिल हो सकता है. सभी तारीखें पैसिफ़िक समय क्षेत्र (पीटी) के हिसाब से हैं
डिफ़ॉल्ट रूप से, सिर्फ़ दिन पूरा हो जाने पर ही उसके डेटा को शामिल किया जाता है (मतलब रात के 12 बजे से अगली रात के 12 बजे तक); अगर आप दिन के बीच में किसी समय तक का डेटा पाना चाहते हैं (उदाहरण के लिए, आज का डेटा), तो आपको तारीख फ़िल्टर में बदलाव करके, शुरुआत की तारीख सेट करनी होगी.

मेट्रिक

रिपोर्ट में उस टैब पर टॉगल करें जिसके मेट्रिक (आंकड़े) आप देखना चाहते हैं.

नीचे दी गई मेट्रिक उपलब्ध हैं:

  • क्लिक - Google के खोज नतीजों में ऐसे क्लिक की संख्या जिनसे उपयोगकर्ता आपकी प्रॉपर्टी पर पहुंचा हो. ज़्यादा जानें.
  • इंप्रेशन - उपयोगकर्ता ने आपकी साइट के कितने लिंक Google के खोज नतीजों में देखे. इंप्रेशन की गिनती तब की जाती है, जब उपयोगकर्ता नतीजों में मौजूद पेज पर पहुंचता है. भले ही व्यू में नतीजे पर स्क्रोल नहीं किया गया हो. हालांकि, आपकी साइट अगर नतीजों के दूसरे पेज पर मौजूद है और उपयोगकर्ता सिर्फ़ पहले पेज को देखता है, तो आपकी साइट के लिए इंप्रेशन की गिनती नहीं की जाती है. इंप्रेशन की गिनती प्रॉपर्टी या पेज के हिसाब से की जाती है. ध्यान रखें कि नतीजों में दिखने वाले कुछ ऐसे पेज (इमेज खोज) भी होते हैं जिन्हें कहीं तक भी स्क्रोल किया जा सकता है. ऐसे मामलों में, इंप्रेशन की संख्या के लिए नतीजे दिखाने वाले पेज को तब तक स्क्रोल करने की ज़रूरत होती है, जब तक आपकी साइट का नतीजा न दिखे. ज़्यादा जानें.
  • सीटीआर - क्लिक मिलने की दर: क्लिक की संख्या को इंप्रेशन की संख्या से भाग देने पर मिलने वाला नंबर. अगर डेटा की किसी लाइन में कोई इंप्रेशन मौजूद नहीं है, तो क्लिक मिलने की दर (सीटीआर) को डैश (-) के रूप में दिखाया जाता है, क्योंकि क्लिक मिलने की दर (सीटीआर) को शून्य से भाग दिया जाता है.
  • औसत जगह [सिर्फ़ चार्ट के लिए]- आपकी साइट के सबसे ऊपर दिखने वाले नतीजों की औसत जगह. उदाहरण के लिए, अगर आपकी साइट के 2, 4, और 6 नंबर पर तीन नतीजे मौजूद हैं, तो उसकी औसत जगह 2 बताई जाती है. अगर दूसरी क्वेरी के नतीजों में साइट की पोज़िशन 3, 5, और 9 आती है, तो आपकी साइट की औसत पोज़िशन (2 + 3)/2 = 2.5. अगर डेटा की किसी लाइन में कोई इंप्रेशन नहीं होता है, तो औसत पोज़िशन डैश (-) के रूप में दिखाई जाएगी, क्योंकि वहां कोई नंबर मौजूद नहीं है. ज़्यादा जानें.
  • पोज़िशन [सिर्फ़ टेबल] - टेबल में पोज़िशन की वैल्यू, यूआरएल के खोज नतीजों में औसत पोज़िशन के बारे में बताती है. उदाहरण के लिए, क्वेरी के हिसाब से ग्रुप में रखते समय पोज़िशन, खोज के नतीजों में दी गई क्वेरी की औसत पोज़िशन होती है. मान की गिनती करने का तरीका जानने के लिए ऊपर औसत स्थान देखें.

अपना डेटा फ़िल्टर करना

आप डेटा को एक से ज़्यादा डाइमेंशन की मदद से फ़िल्टर कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर आप अभी क्वेरी के हिसाब से डेटा फ़िल्टर कर रहे हैं, तो आप "देश='अमेरिका' और डिवाइस='मोबाइल'" फ़िल्टर जोड़ सकते हैं.

फ़िल्टर लगाने का तरीका:

  • पेज पर अलग-अलग तरह की खोज और तारीख वाले मौजूदा फ़िल्टर के आगे + नया लेबल पर क्लिक करें.

फ़िल्टर हटाने का तरीका:

  • मौजूदा फ़िल्टर के आगे अभी नहीं पर क्लिक करें. आप अलग-अलग तरह की खोज या तारीख के फ़िल्टर नहीं हटा सकते.

किसी फ़िल्टर को बदलने का तरीका:

  • फ़िल्टर पर क्लिक करें और वैल्यू रीसेट करें.

क्वेरी या यूआरएल के मुताबिक डेटा फ़िल्टर करने से कुल संख्या पर असर हो सकता है.

तारीख के मुताबिक डेटा फ़िल्टर करते समय, सिर्फ़ उन दिनों की जानकारी शामिल की जाती है जो पूरे हो चुके होते हैं. उदाहरण के लिए, अगर आप "पिछले सात दिनों" का डेटा देखना चाहते हैं, तो आपको हाल ही के पूरे सात दिनों का डेटा दिखाया जाएगा. अगर आज के लिए सिर्फ़ आधे दिन का डेटा उपलब्ध है, तो इसका मतलब है कि सात दिनों की अवधि में, कल का दिन और उससे पहले के छह दिन शामिल होंगे.

केस-सेंसिटिव (बड़े और छोटे अक्षरों में अंतर) होना

पेज के, पूरी तरह से मेल खाने वाले यूआरएल के फ़िल्टर केस-सेंसिटिव होते हैं. इन्हें छोड़कर, क्वेरी और पेज यूआरएल के बाकी सभी फ़िल्टर केस-इनसेंसिटिव होते हैं. इसका मतलब है कि यूआरएल या क्वेरी के, शामिल है/शामिल नहीं है/पूरी तरह से मेल खाता है/कस्टम (रेगुलर एक्सप्रेशन) वाले फ़िल्टर, केस-इनसेंसिटिव होते हैं. हालांकि, पूरी तरह से मेल खाने वाले यूआरएल के फ़िल्टर केस-सेंसिटिव होते हैं.

आप रेगुलर एक्सप्रेशन को केस-सेंसिटिव बना सकते हैं. इसके बारे में नीचे बताया गया है.

रेगुलर एक्सप्रेशन फ़िल्टर

अगर आप कस्टम (रेगुलर एक्सप्रेशन) फ़िल्टर चुनते हैं, तो आप चुने हुए आइटम के लिए किसी रेगुलर एक्सप्रेशन (एक वाइल्डकार्ड मैच) से फ़िल्टर कर सकते हैं. आप पेज के यूआरएल और उपयोगकर्ता क्वेरी के लिए, रेगुलर एक्सप्रेशन के फ़िल्टर इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा, RE2 सिंटैक्स का इस्तेमाल भी किया जाता है.

  • आप यह तय कर सकते हैं कि किस स्ट्रिंग को दिखाया जाए, आपके रेगुलर एक्सप्रेशन से मेल खाने वाली स्ट्रिंग को या मेल न खाने वाली स्ट्रिंग को. डिफ़ॉल्ट तौर पर वे स्ट्रिंग दिखाई जाती हैं जो आपके रेगुलर एक्सप्रेशन से मेल खाती हैं.
  • डिफ़ॉल्ट तौर पर, "कुछ हिस्सों का मिलान" किया जाता है. इसका मतलब है कि आपका रेगुलर एक्सप्रेशन तब तक टारगेट स्ट्रिंग में कहीं भी मेल खा सकता है, जब तक कि आप स्ट्रिंग के शुरू या आखिर में, क्रमश: ^ या $ का मेल होना ज़रूरी नहीं बना देते.
  • डिफ़ॉल्ट तौर पर, रेगुलर एक्सप्रेशन के मिलान केस-सेंसिटिव नहीं होते हैं. केस-सेंसिटिव मिलान करने के लिए, आप रेगुलर एक्सप्रेशन स्ट्रिंग की शुरुआत में "(?-i)" का इस्तेमाल कर सकते हैं. उदाहरण के लिए: (?-i)AAA, https://example.com/AAA से मेल खाएगा, लेकिन https://example.com/aaa से नहीं
  • अगर रेगुलर एक्सप्रेशन का सिंटैक्स अमान्य होता है, तो मिलान से जुड़ा कोई नतीजा नहीं दिखेगा.
  • रेगुलर एक्सप्रेशन का मिलान करना मुश्किल होता है; आपका एक्सप्रेशन काम करता है या नहीं, यह देखने के लिए लाइव टेस्टिंग टूल का इस्तेमाल करके देखें या RE2 सिंटैक्स की पूरी गाइड पढ़ें
सामान्य रेगुलर एक्सप्रेशन

यह कुछ बुनियादी रेगुलर एक्सप्रेशन हैं:

वाइल्डकार्ड जानकारी
.

किसी भी एक वर्ण से मेल खाता है.

  • "m.n", "men" और "man", दोनों से मेल खाता है, लेकिन "meen" से नहीं
[वर्ण]

[ ] के अंदर मौजूद किसी भी एक आइटम से मैच होता है.

  • "c[aie]t", "cat", "cit", और "cet" से मेल खाता है
  • "i[o0-9]n", "ion" और "i7n" से मेल खाता है, लेकिन "ian" से नहीं
*

पिछले अक्षर या शून्य या ज़्यादा बार आने पर मेल खाता है:

  • "fo*d", "fd", "fod", "food", और "foooooooood" से मेल खाता है
  • "https*://example", http://example" और "https://example" से मेल खाता है
+

पिछले अक्षर या एक या ज़्यादा बार आने पर मेल खाता है:

  • "fo+d", "fod", "food", "foooooooood" से मेल खाता है, लेकिन "fd" से नहीं
|

OR ऑपरेटर, | ऑपरेटर के पहले या बाद के एक्सप्रेशन से मेल खाता है.

  • "New York|San Francisco", "I love New York" और "I love San Francisco", दोनों से मेल खाता है
\d

एक अंक 0-9

  • "\d\d\d abc", "123 abc" से मेल खाता है
\D

कोई भी बिना अंक वाला (उदाहरण के लिए, कोई अक्षर या वर्ण, जैसे कि + या , या ?)

  • "\D\D\D 123", "aaa 123" से मेल खाता है, लेकिन "123 123" से नहीं
\s

कोई खाली सफ़ेद जगह (टैब, खाली जगह)

  • "1\s2\s3", "1 2 3" से मेल खाता है
\S

जो खाली सफ़ेद जगह न हो.

  • "fire and ice" स्ट्रिंग में (\S)+, "fire" "and" "ice" से मेल खाता है. हालांकि, यह पूरी स्ट्रिंग और किसी भी खाली जगह से मेल नहीं खाता.
(?-i)

इसके बाद आने वाले सभी वर्णों के लिए केस-सेंसिटिव मिलान करता है.

  • "(?-i)AAA, https://example.com/AAA से मेल खाएगा, लेकिन https://example.com/aaa से नहीं
^

आपके एक्सप्रेशन की शुरुआत में, सीमा, टारगेट स्ट्रिंग की शुरुआत से मेल खाती है.

  • "^example", "example" से मेल खाता है, लेकिन "an example" से नहीं
  • "example", "example" और "an example", दोनों से मेल खाता है

अलग-अलग ग्रुप की तुलना करना

आप किसी एक डाइमेंशन के हिसाब से ग्रुप बनाकर, उसमें मौजूद दो वैल्यू के बीच डेटा की तुलना कर सकते हैं. ऐसा करने के लिए, उस डाइमेंशन को चुनना ज़रूरी नहीं है. उदाहरण के लिए, जब क्वेरी के हिसाब से ग्रुप में बांटा गया हो, तो आप दो तारीखों (इस हफ़्ते बनाम पिछले हफ़्ते) या दो देशों (अमेरिका बनाम फ़्रांस) से मिले क्लिक के बीच तुलना कर सकते हैं. पेज या खोज में दिखने के तरीके के हिसाब से डेटा की तुलना करने पर, क्लिक मिलने की दर (सीटीआर), इंप्रेशन, और क्लिक की मेट्रिक की गिनती बदल सकती है. किसी एक मेट्रिक की वैल्यू की तुलना करते समय, हर लाइन की वैल्यू की तुलना, नतीजों के टेबल में मौजूद अंतर दिखाने वाले कॉलम में दिखती है.

ग्रुप के डेटा की तुलना करने के लिए:

  1. तुलना को फ़िल्टर (उदाहरण के लिए, तारीख या खोज के टाइप) के ज़रिए मैनेज किया जाता है. ऐसे में, मौजूदा फ़िल्टर में बदलाव करें या नया फ़िल्टर जोड़ने के लिए, नया पर क्लिक करें.
  2. फ़िल्टर प्रॉपर्टी वाले डायलॉग बॉक्स में, तुलना करें चुनें.
  3. तुलना करने के लिए डाइमेंशन या समय जोड़ें और लागू करें पर क्लिक करें.
  4. आप एक बार में सिर्फ़ एक तुलना कर सकते हैं. तुलना के लिए, नया फ़िल्टर जोड़ने पर मौजूदा तुलना हटा दी जाएगी. उदाहरण के लिए, अगर आप तारीखों की तुलना कर रहे हैं और फिर देशों के बीच तुलना जोड़ते हैं, तो देशों की तुलना, तारीख की तुलना को बदल देगी.

कुछ तुलनाएं जो बड़े काम की हो सकती हैं:

  • पिछले हफ़्ते की तुलना में अहम बदलाव वाली क्वेरी देखने के लिए, अंतर के हिसाब से क्रम में लगाएं.
  • अपनी मोबाइल साइट पर की गई कुल खोजों की तुलना, अपनी डेस्कटॉप साइट पर की गई मोबाइल खोजों से करें. अगर आप किसी डोमेन प्रॉपर्टी का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो आपको हर साइट के लिए अलग परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट खोलनी होगी और अपनी डेस्कटॉप साइट (www.example.com) पर मोबाइल डिवाइस से की गई खोजों की तुलना, मोबाइल साइट (m.example.com) पर की गई सभी खोजों से करनी होगी.
आप एक बार में सिर्फ़ एक डाइमेंशन (तारीख, क्वेरी वगैरह) के डेटा की तुलना कर सकते हैं. दूसरे डाइमेंशन के आधार पर बनाए गए ग्रुप में नई तुलना जोड़ने से मौजूदा तुलना हट जाएगी. उदाहरण के लिए, अगर आप इस हफ़्ते के क्लिक से पिछले हफ़्ते (तारीख) की तुलना कर रहे हैं, तो अमेरिका और जापान (देश) के बीच कोई तुलना जोड़ने पर तारीख की सीमा डिफ़ॉल्ट पर रीसेट हो जाएगी.

अगर आप दो ग्रुप की तुलना करते हैं और कोई वैल्यू एक ग्रुप में बहुत कम मिलती है, लेकिन दूसरे ग्रुप में ऐसा नहीं है, तो पहला ग्रुप दिखाकर बताएगा कि उस लाइन के लिए संख्या उपलब्ध नहीं है. उदाहरण के लिए, अगर आप जर्मनी और थाईलैंड के बीच क्वेरी इंप्रेशन की तुलना कर रहे हैं, तो हो सकता है कि "Deutsche Bundesbank" के नतीजे वाली लाइन आपको जर्मनी के लिए इंप्रेशन की संख्या और थाईलैंड के लिए (उपलब्ध नहीं) दिखाए. इसकी वजह यह है कि थाईलैंड के लिए इंप्रेशन की संख्या, नतीजों की लॉन्ग टेल के आखिर में है. यह ज़रूरी नहीं कि इसका मतलब शून्य हो. इसका मतलब यह है कि यह उस ग्रुप के लिए सूची में बहुत नीचे मौजूद है. हालांकि, अगर आप कभी-कभी इस्तेमाल की जाने वाली वैल्यू के मुताबिक फ़िल्टर लगाते हैं (इस उदाहरण में "Deutsche Bundesbank"), तो आपको दोनों डाइमेंशन के लिए डेटा की वैल्यू दिखनी चाहिए.

डेटा के बारे में ज़्यादा जानकारी

परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट में हर प्रॉपर्टी के लिए, डेटा को अलग से गिना जाता है. इसका मतलब है कि इनमें से हर एक यूआरएल के लिए, डेटा की अलग से गिनती की जाती है:

  • https://example.com/
  • http://example.com/
  • http://m.example.com/

हालांकि, अगर आप डोमेन प्रॉपर्टी इस्तेमाल करते हैं, तो उस डोमेन के एचटीटीपी और एचटीटीपीएस, दोनों वर्शन का पूरा डेटा एक साथ दिखाया जाता है.

इस डेटा में Google Search के उन विज्ञापनों से मिले इंप्रेशन या क्लिक शामिल नहीं होते हैं जो आपकी वेबसाइट पर ले जाते हैं.

पिछली बार अपडेट करने की तारीख

रिपोर्ट में पिछली बार अपडेट किए जाने की तारीख में वह आखिरी तारीख दिखती है जिसके लिए डेटा मौजूद होता है.

क्लिक, इंप्रेशन, और पोज़िशन का हिसाब कैसे लगाया जाता है?

क्लिक और इंप्रेशन की गिनती कैसे होती है और पोज़िशन का हिसाब कैसे लगाया जाता है, इस बारे में ज़्यादा जानकारी पाने के लिए यह पढ़ें.

शुरुआती डेटा

खोज की परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट में शामिल नया डेटा कभी-कभी शुरुआती डेटा होता है. इसका मतलब है कि डेटा की पुष्टि किए जाने से पहले इसमें कुछ बदलाव हो सकते हैं. आम तौर पर, शुरुआती डेटा तीन दिन के अंदर का ही होता है. हालांकि, कुछ हद तक सभी शुरुआती डेटा की पुष्टि हो चुकी होती है. शुरुआती डेटा का संकेत तब मिलता है, जब आप चार्ट में उस पर माउस घुमाते हैं.

शुरुआती डेटा को Search की परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट के चार्ट और टेबल, दोनों में शामिल किया जाता है. साथ ही, इसे Search Console की खास जानकारी देने वाले पेज के परफ़ॉर्मेंस चार्ट में भी दिखाया जाता है.

डेटा के बीच अंतर

Search Console में आपको डेटा के बीच कुछ अंतर दिख सकता है

चार्ट के सभी आंकड़ों के जोड़ और टेबल के आंकड़ों के जोड़ में अंतर

आपको कई वज़हों से चार्ट के सभी आंकड़ों के जोड़ और टेबल के आंकड़ों के जोड़ में अंतर दिखाई दे सकता है:

सामान्य वजहें:

  •  जब आप कोई पेज या खोज नतीजों में दिखने के तरीके वाला फ़िल्टर जोड़ते हैं, तो कभी-कभी आपको चार्ट में और उसके ऊपर, क्लिक और इंप्रेशन की संख्या में बढ़ोतरी (कभी-कभी बहुत ज़्यादा बढ़ोतरी) दिख सकती है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि ये फ़िल्टर लगाने पर, आपके डेटा को प्रॉपर्टी के बजाय पेज के हिसाब से अलग-अलग ग्रुप में दिखाया जाता है. (ध्यान दें कि कुछ मामलों में, क्लिक और इंप्रेशन की कुल संख्या बढ़ने के बजाय कम हो सकती है. ऐसा तकनीकी वजहों से होता है.) इसके ठीक उलट, रिपोर्ट से सभी पेज और खोज नतीजों में दिखने के तरीके वाले फ़िल्टर हटाने पर, क्लिक और इंप्रेशन की संख्या में कमी दिख सकती है. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि सभी डेटा को यूआरएल के बजाय प्रॉपर्टी के हिसाब से अलग-अलग ग्रुप में दिखाया जाता है.
  • टेबल के डेटा को पेज के हिसाब से या खोजने के लिए इस्तेमाल होने वाली क्वेरी के मुताबिक फ़िल्टर किया जा सकता है. जब इसमें "यह शामिल हो" और "यह शामिल न हो" के फ़िल्टर लगाए जाते हैं, तो दोनों तरह के फ़िल्टर से मिलने वाले नतीजों की संख्या का जोड़, सभी फ़िल्टर हटाकर दिखने वाले नतीजों की कुल संख्या से अलग हो सकता है. उदाहरण के लिए, हो सकता है कि "ऐसी क्वेरी जिनमें यह शब्द शामिल किया गया हो:mouse" और "ऐसी क्वेरी जिनमें यह शब्द शामिल न किया गया हो:mouse" का जोड़, सभी क्वेरी फ़िल्टर हटाए जाने पर दिखने वाले नतीजों की कुल संख्या के बराबर न हो. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि पहचान छिपाकर की गई क्वेरी को डेटा में शामिल नहीं किया जाता और फ़िल्टर करते समय, जगह की कमी की वजह से कम डेटा दिखता है.
  • कुछ असामान्य मामलों में, जब आप किसी पेज या क्वेरी को फ़िल्टर करते हैं, तब आपको चार्ट और टेबल के डेटा के बीच अंतर दिख सकता है. इसकी वजह यह है कि ग्रुप बनाने और फ़िल्टर करने के तरीकों के आधार पर डेटा की काट-छांट की जाती है. ऐसे मामलों में, जब चार्ट और टेबल के आंकड़ों के जोड़ में अंतर होता है, तो असल जोड़ के तौर पर उस वैल्यू को लिया जाता है जो बड़ी (या उससे भी ज़्यादा) होती है.
  • असर न डालने वाले फ़िल्टर (जैसे कि अपनी साइट के मूल यूआरएल "example.com/" के नतीजे फ़िल्टर करना) जोड़ने पर कई वजहों से अंतर दिख सकते हैं.

चार्ट के आंकड़ों का जोड़ ज़्यादा होना:

  • टेबल में ज़्यादा से ज़्यादा 1,000 लाइनें दिखाई जा सकती हैं. इसलिए, हो सकता है कि कुछ लाइनें हटा दी जाएं.
  • क्वेरी के हिसाब से डेटा देखते समय, पहचान छिपाकर की गई क्वेरी (बहुत कम इस्तेमाल होने वाली क्वेरी) के नतीजे टेबल में नहीं दिखते.
  • हर दिन के कुल आंकड़ों में कभी-कभी होने वाली क्वेरी छोड़ी जा सकती हैं.

टेबल के कुल आंकड़ों का ज़्यादा होना:

  • जब टेबल को पेज या खोज नतीजों में दिखने के तरीके के आधार पर ग्रुप में बांटा जाता है, तब टेबल के सभी आंकड़ों का जोड़ यूआरएल के आधार पर होता है, लेकिन चार्ट के सभी आंकड़ों का जोड़ प्रॉपर्टी के आधार पर किया जाता है. इसलिए, अगर कोई प्रॉपर्टी एक खोज में कई बार दिखती है, तो उसे चार्ट में एक नतीजे के रूप में गिना जाता है. हालांकि, टेबल में उसे एक से ज़्यादा नतीजों के तौर पर माना जाता है.
  • खोज नतीजों में दिखने के कुछ तरीके, दूसरे तरीकों की सब-कैटगरी होते हैं. उदाहरण के लिए, नौकरी की सूची ज़्यादा बेहतर नतीजों (रिच रिज़ल्ट) की एक सब-कैटगरी है, इसलिए दोनों पंक्तियों में एक ही नतीजा दिखेगा.

Search Console और दूसरे टूल के बीच अंतर

Search Console का डेटा, दूसरे टूल में दिखाए गए डेटा से कुछ अलग हो सकता है. इसकी ये वजहें हो सकती हैं:

  • उपयोगकर्ता की निजता को बनाए रखने के लिए, परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट में सारा डेटा नहीं दिखाया जाता है. उदाहरण के लिए, शायद हम बहुत कम संख्या में की जाने वाली या निजी और संवेदनशील जानकारी वाली कुछ क्वेरी को ट्रैक न करें.
  • हमारे स्रोत डेटा की प्रोसेसिंग की वजह से, दूसरे स्रोतों में दिए गए आंकड़े, हमारे आंकड़ों से अलग हो सकते हैं (उदाहरण के लिए, डुप्लीकेट निकालने की प्रक्रिया). हालांकि, ये बदलाव बहुत ज़्यादा नहीं होने चाहिए.
  • आंकड़ों का हिसाब लगाने और उन आंकड़ों के वेबमास्टर में दिखने के समय में कुछ अंतर हो सकता है. हालांकि, डेटा कुछ समय के अंतर पर प्रकाशित होता है, फिर भी हम इसे लगातार इकट्ठा करते हैं. आम तौर पर, इकट्ठा किया गया डेटा दो-तीन दिनों में उपलब्ध हो जाना चाहिए.
  • समय क्षेत्र की वजह से भी डेटा में अंतर दिख सकता है. परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट में हर दिन का डेटा कैलिफ़ोर्निया के स्थानीय समय के हिसाब से दिखाया जाता है. इस रिपोर्ट में हर दिन के डेटा को कैलिफ़ोर्निया के स्थानीय समय के हिसाब से लेबल किया जाता है. अगर आपके दूसरे सिस्टम अलग-अलग समय क्षेत्र का इस्तेमाल करते हैं, तो हो सकता है कि आपके रोज़ के व्यू पूरी तरह से मेल न खाएं. उदाहरण के लिए, Google Analytics, वेबमास्टर के स्थानीय समय क्षेत्र के मुताबिक समय दिखाता है.
  • Google Analytics जैसे कुछ टूल, सिर्फ़ ऐसे उपयोगकर्ताओं से आने वाले ट्रैफ़िक पर नज़र रखते हैं जिन्होंने अपने ब्राउज़र में JavaScript चालू किया हो.
  • डाउनलोड किया गया डेटा उपलब्ध नहीं है या डेटा की वैल्यू संख्या के रूप में नहीं है. अगर आप रिपोर्ट का डेटा डाउनलोड करते हैं, तो रिपोर्ट में या (उपलब्ध नहीं है/संख्या नहीं है) के रूप में दिख रही कोई भी वैल्यू डाउनलोड किए गए डेटा में शून्य होगी.

डेटा को प्रॉपर्टी के हिसाब से और पेज के हिसाब से ग्रुप में रखने के बीच अंतर

चार्ट पर मौजूद पूरा डेटा प्रॉपर्टी के हिसाब से ग्रुप में रखा जाता है. खोज नतीजों में दिखने के तरीके के हिसाब से या पेज के हिसाब से ग्रुप में रखे गए डेटा को छोड़कर, टेबल में मौजूद बाकी पूरा डेटा प्रॉपर्टी के हिसाब से बनाए ग्रुप में रखा जाता है.

प्रॉपर्टी के हिसाब से डेटा दिखाए जाने पर, दिखने वाला डेटा उस साइट का होगा जिस साइट में खोज नतीजे के टारगेट लिंक का कैननिकल यूआरएल होगा.

  • इंप्रेशन देखने के लिए, अगर कोई प्रॉपर्टी खोज नतीजों के पेज पर दो बार दिखती है, तो प्रॉपर्टी के हिसाब से डेटा दिखाए जाते समय सिर्फ़ एक इंप्रेशन गिना जाता है. खोज नतीजों में दिखने के तरीके के हिसाब से या पेज के हिसाब से डेटा का ग्रुप बनाते समय, हर खास पेज को अलग-अलग गिना जाता है.
  • क्लिक देखने के लिए, अगर कोई प्रॉपर्टी खोज नतीजों के पेज पर दो बार दिखती है और उपयोगकर्ता एक लिंक पर क्लिक करता है, पेज से बाहर आता है, और फिर उसी प्रॉपर्टी के दूसरे लिंक पर क्लिक करता है, तो प्रॉपर्टी के हिसाब से डेटा दिखाए जाते समय इसे एक क्लिक गिना जाता है. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि उपयोगकर्ता दोनों लिंक से एक ही साइट पर पहुंच रहा है.
  • पोज़िशन के लिए, प्रॉपर्टी के हिसाब से डेटा दिखाए जाने पर, खोज नतीजों में आपकी प्रॉपर्टी की सबसे ऊपर दिखने वाली पोज़िशन बताई जाती है. खोज नतीजों में दिखने के तरीके के हिसाब से या पेज के हिसाब से डेटा दिखाए जाते समय, खोज नतीजों में पेज की सबसे ऊपर वाली पोज़िशन बताई जाती है.
  • क्लिक मिलने की दर (सीटीआर) के लिए, अगर खोज के नतीजों में एक ही साइट के कई पेज दिखते हैं, तो प्रॉपर्टी के हिसाब से डेटा दिखाए जाने पर क्लिक मिलने की दर ज़्यादा होती है और औसत पोज़िशन ऊपर होती है. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि क्लिक मिलने की दर की गिनती करने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है. उदाहरण के लिए, मान लें "बच्चों के लिए पालतू जानवर" के खोज नतीजों में एक ही प्रॉपर्टी से यही तीन नतीजे दिखते हैं. साथ ही, उपयोगकर्ता इनमें से हर नतीजे पर तय समय में बार-बार क्लिक करते हैं:
Google Search के नतीजे प्रॉपर्टी के हिसाब से दिखाई जाने वाली मेट्रिक (आंकड़े) पेज के हिसाब से दिखाई जाने वाली मेट्रिक (आंकड़े)
  1. www.petstore.example.com/monkeys
  2. www.petstore.example.com/ponies
  3. www.petstore.example.com/unicorns

क्लिक मिलने की दर (सीटीआर): 100%
किसी साइट के लिए सभी क्लिक जोड़ दिए जाते हैं

क्लिक मिलने की दर (सीटीआर): 33%
तीन पेज दिखाए गए, हर पेज के लिए एक तिहाई क्लिक

औसत पोज़िशन: 1
नतीजों में साइट की सबसे ऊपर दिखने वाली पोज़िशन
औसत पोज़िशन: 2
(1 + 2 + 3) / 3 = 2
क्या यह उपयोगी था?
हम उसे किस तरह बेहतर बना सकते हैं?
true
क्या आप Search Console पहली बार इस्तेमाल कर रहे हैं?

क्या आपने पहले कभी Search Console इस्तेमाल नहीं किया? चाहे आप इसे सीखना चाहते हों, एसईओ विशेषज्ञ हों या वेबसाइट डेवलपर हों, आप यहां से शुरुआत कर सकते हैं.

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