Improve with Search automation

खोज नतीजों के साथ दिखने वाले विज्ञापनों के ऑटोमेशन को गाइड करने का तरीका

ऑटोमेशन से ऐसे फ़ायदे मिलते हैं जिनकी मदद से अपने लक्ष्यों को बड़े पैमाने पर पूरा किया जा सकता है. मैन्युअल बिडिंग, सीमित मैच टाइप, जैसे कि एग्ज़ैक्ट या फ़्रेज़ मैच, और क्रिएटिव प्रोडक्शन और टेस्टिंग की मदद से ऐसा नहीं किया जा सकता. Google Ads आपको ऐसे टूल देता है जिनकी मदद से ऑटोमेशन को अपने कारोबार की ज़रूरतों के हिसाब से चलाया और अडजस्ट किया जा सकता है. ऑटोमेशन के फ़ायदे पाने के साथ-साथ, आपके पास खास बिडिंग, कीवर्ड मैचिंग, और क्रिएटिव रणनीतियों को जस का तस रखने का विकल्प है.

स्मार्ट बिडिंग की मदद से अडजस्ट और ऑप्टिमाइज़ करना

स्मार्ट बिडिंग से, अपने कैंपेन के कुछ खास पहलुओं में बदलाव किए जा सकते हैं. अगर बाहरी वजहों, जैसे कि इन्वेंट्री, स्थानीय नीतियों या बजट में बदलाव का अंदाज़ा लगाना हो, तो यह तरीका मददगार हो सकता है. किसी तय अवधि में, कम या ज़्यादा बिड भी लगाई जा सकती है.

अपने टारगेट और बजट में बदलाव करना

स्मार्ट बोली लगाने की रणनीति का इस्तेमाल करने वाले कैंपेन, सबसे सटीक कन्वर्ज़न मेज़रमेंट के आधार पर बिड सेट करते हैं. हालांकि, स्मार्ट तरीके से बोली लगाने की रणनीति का इस्तेमाल करके या अपने कारोबार के लक्ष्यों के हिसाब से, कैंपेन की परफ़ॉर्मेंस और डिलीवरी को मॉनिटर करते समय, हो सकता है कि आप अपने सीपीए टारगेट, आरओएएस टारगेट या बजट में बदलाव करना चाहें. इससे आपको अपने लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी.
टारगेट में बदलाव करना:
  • किसी पोर्टफ़ोलियो रणनीति का इस्तेमाल करने पर, एक साथ कई कैंपेन के लिए, पोर्टफ़ोलियो के लेवल पर अपने टारगेट में बदलाव करें.
  • अगर पोर्टफ़ोलियो बिड रणनीति का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, तो उन्हें अलग-अलग कैंपेन के लिए अडजस्ट किया जा सकता है.
  • आपके पास अपने कैंपेन में, विज्ञापन ग्रुप के लेवल पर आरओएएस या सीपीए टारगेट सेट करने का विकल्प है.

बजट को अडजस्ट करना:

  • आरओएएस या सीपीए लक्ष्य के बिना कन्वर्ज़न बढ़ाने या कन्वर्ज़न वैल्यू बढ़ाने की रणनीति का इस्तेमाल करने पर स्मार्ट बिडिंग, आपके रोज़ के बजट में ज़्यादा से ज़्यादा कन्वर्ज़न वॉल्यूम या कन्वर्ज़न वैल्यू दिलाएगी. अगर पोर्टफ़ोलियो बिड रणनीति का इस्तेमाल किया जा रहा है, तो शेयर किए गए बजट का इस्तेमाल करके, नई या मौजूदा पोर्टफ़ोलियो बिड रणनीति में सभी कैंपेन का बजट आसानी से मैनेज किया जा सकता है.

सुझाव पेज पर, बिडिंग और बजट के सुझाव मिलते हैं, ताकि आप पहले जितने आरओआई (लागत पर मुनाफ़ा) पर ज़्यादा परफ़ॉर्मेंस पा सकें.

टारगेट और बजट सिम्युलेटर:

जब आप अपने सीपीए या आरओएएस लक्ष्यों में बदलाव करें या टारगेट के लिए ऑप्टिमाइज़ न करके, अपने बजट में बदलाव करें, तो हमारा सुझाव है कि आप अपने स्मार्ट बिडिंग सिम्युलेटर की समीक्षा करें. इससे, यह देखा जा सकता है कि ये क्लिक, कन्वर्ज़न वैल्यू, कन्वर्ज़न, और खर्च जैसी अहम मेट्रिक पर कैसे असर डाल सकते हैं. ज़्यादा जानकारी के लिए, Search Network में स्मार्ट बिडिंग का इस्तेमाल करके टारगेट में बदलाव करने का तरीका देखें.

बिडिंग की रणनीति को किसी भी समय बदला जा सकता है. कोई बदलाव करने पर, परफ़ॉर्मेंस को स्थिर होने में कुछ समय लगेगा. इसकी वजह यह है कि सिस्टम, बिडिंग की नई रणनीति को ऑप्टिमाइज़ करना सीखता है. हमारा सुझाव है कि बिडिंग की रणनीतियों को बदलते समय, बिडिंग की नई रणनीति के लक्ष्य ऐसे रखें जो पिछली परफ़ॉर्मेंस से मिलते-जुलते हों. बिडिंग की मौजूदा रणनीति के लिए, ऑटोमैटिक बिडिंग की रणनीति को टेस्ट करने के लिए, प्रयोग का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. बिडिंग की उपलब्ध रणनीतियों के बारे में ज़्यादा जानने के लिए, ऑटोमेटेड बिडिंग के बारे में जानकारी देखें.

मेज़रमेंट और कन्वर्ज़न में बदलाव

स्मार्ट बिडिंग रणनीतियां, आपके कन्वर्ज़न और कन्वर्ज़न वैल्यू को ऑप्टिमाइज़ करती हैं. आपके पास कैंपेन बनाने के दौरान या कैंपेन बनाने के बाद, कन्वर्ज़न को बदलने का विकल्प है. अपने कैंपेन में बदलाव करने के लिए, कन्वर्ज़न वैल्यू के नियम भी जोड़े जा सकते हैं.
लक्ष्य: कैंपेन आपके खाते के डिफ़ॉल्ट लक्ष्यों के हिसाब से अपने-आप ऑप्टिमाइज़ करेंगे. अपने खाते के डिफ़ॉल्ट लक्ष्यों का इस्तेमाल न करने का विकल्प चुना जा सकता है. इसके बजाय, कस्टम लक्ष्यों की मदद से, वे कन्वर्ज़न चुने जा सकते हैं जिन्हें आपका कैंपेन ऑप्टिमाइज़ करेगा.
ध्यान दें: अपने कैंपेन में इस्तेमाल किए गए कन्वर्ज़न ऐक्शन या कन्वर्ज़न वैल्यू को बदलने से, परफ़ॉर्मेंस पर असर पड़ सकता है. आपको इसके मुताबिक आरओएएस या सीपीए टारगेट में बदलाव करना पड़ सकता है.

कन्वर्ज़न वैल्यू के नियम: अगर आपके पास ग्राहकों की जगह, डिवाइस या ऑडियंस की सूची के असाइनमेंट के आधार पर, उनके बारे में ऐसी अतिरिक्त जानकारी है, जो आपकी कन्वर्ज़न वैल्यू में पहले से मौजूद नहीं है, तो कन्वर्ज़न वैल्यू के नियमों का इस्तेमाल करें.

डेटा एक्सक्लूज़न: अगर आपको हाल ही में, कन्वर्ज़न ट्रैकिंग से जुड़ी कोई समस्या हुई थी, तो हमारा सुझाव है कि आप खराब डेटा वाली अवधि को बाहर रखने के लिए, डेटा एक्सक्लूज़न का इस्तेमाल करें. ऐसा करने से, हमारे सिस्टम गलत जानकारी देने वाले डेटा को ट्रेनिंग नहीं देंगे. उदाहरण के लिए, अगर आपकी साइट से कोई टैग गलती से हटा दिया गया था, तो हमारा सुझाव है कि उन दिनों के लिए डेटा एक्सक्लूज़न लागू करें जिनमें कन्वर्ज़न डेटा मौजूद नहीं है.

ध्यान दें: डेटा एक्सक्लूज़न का इस्तेमाल करके, स्मार्ट बिडिंग रणनीति में आ रही रुकावटों या गंभीर समस्याओं को हल किया जा सकता है. ज़्यादा या लंबे समय तक इनका इस्तेमाल करने से, स्मार्ट बिडिंग रणनीति की परफ़ॉर्मेंस पर बुरा असर हो सकता है.

त्योहारों पर होने वाले इवेंट या छुट्टियां

अगर आपको लगता है कि सीज़न के मुताबिक होने वाले इवेंट या छुट्टी के दिन परफ़ॉर्मेंस में कुछ समय के लिए बदलाव हो सकता है, तो स्मार्ट बिडिंग रणनीति में इसके हिसाब से सेटिंग की जा सकती है. उन अवधियों के दौरान सीज़न के मुताबिक बिड घटाने या बढ़ाने की सुविधा लागू की जा सकती है, जब आपको लगता है कि कन्वर्ज़न दरों में बहुत ज़्यादा बदलाव हो सकता है. सीज़न के मुताबिक बिड घटाने या बढ़ाने वाले टूल, एक से सात दिन तक के छोटे इवेंट के लिए बेहतर विकल्प हैं. अगर इन टूल को लंबे समय तक इस्तेमाल किया जाए, तो हो सकता है वे अच्छा परफ़ॉर्म न कर पाएं.
उदाहरण के लिए, दीपावली के वीकेंड में बिक्री का कोई इवेंट है और आपको उम्मीद है कि आपके ग्राहक, सामान्य से ज़्यादा दर पर कन्वर्ट होंगे. ऐसे में, स्मार्ट बिडिंग में सीज़न के मुताबिक बिड घटाने या बढ़ाने की सुविधा लागू करके, उसे ज़्यादा बिड लगाने के लिए सेट किया जा सकता है.

ब्रॉड मैच वाले नेगेटिव कीवर्ड

खोज के लिए इस्तेमाल होने वाले अनचाहे शब्दों से बचने के लिए, नेगेटिव कीवर्ड के तौर पर वे शब्द जोड़ें जिनमें ये अनचाहे शब्द हों.

नेगेटिव कीवर्ड बनाने और उन्हें कैंपेन पर लागू करने का तरीका

विज्ञापन ग्रुप, कैंपेन, और नेगेटिव कीवर्ड सूची में नेगेटिव कीवर्ड जोड़ने का तरीका:
  1. Google Ads खाते में साइन इन करें.
  2. बाईं ओर मौजूद पेज मेन्यू में, कीवर्ड पर क्लिक करें. इसके बाद, नेगेटिव कीवर्ड पर क्लिक करें.
  3. नेगेटिव कीवर्ड पर क्लिक करें.
  4. नेगेटिव कीवर्ड जोड़ें या नई सूची बनाएं चुनें.
  5. यह चुनें कि किसी कैंपेन या विज्ञापन ग्रुप में नेगेटिव कीवर्ड जोड़ने हैं या नहीं. इसके बाद, खास कैंपेन या विज्ञापन ग्रुप चुनें.
  6. हर लाइन में एक के हिसाब से, कीवर्ड जोड़ें. पक्का करें कि आपके नेगेटिव कीवर्ड, सामान्य कीवर्ड से ओवरलैप न हों. ऐसा होने पर आपका विज्ञापन नहीं दिखेगा. सही नोटेशन का इस्तेमाल करके मैच टाइप चुनें.
  7. अगर आपको किसी कैंपेन में अपने नेगेटिव कीवर्ड जोड़ने हैं, तो आपके पास कीवर्ड को किसी नई या मौजूदा नेगेटिव कीवर्ड सूची में सेव करने और उस सूची को कैंपेन पर लागू करने का विकल्प है. नई या मौजूदा सूची में सेव करें पर सही का निशान लगाएं, फिर अपनी नई सूची के लिए कोई नाम डालें या मौजूदा सूची चुनें.
  8. सेव करें पर क्लिक करें.

मौजूदा नेगेटिव कीवर्ड सूची का इस्तेमाल करने के लिए:

  1. नेगेटिव कीवर्ड सूची का इस्तेमाल करें को चुनें.
  2. वह कैंपेन चुनें जिस पर नेगेटिव कीवर्ड सूचियां लागू करनी हैं.
  3. उन नेगेटिव कीवर्ड सूचियों के बॉक्स पर सही का निशान लगाएं जिन्हें इस्तेमाल करना है.
  4. सेव करें पर क्लिक करें.

नेगेटिव कीवर्ड सूचियों को एक साथ कई कैंपेन में जोड़ने या हटाने के लिए:

  1. बाईं ओर दिए पेज मेन्यू में, कैंपेन पर क्लिक करें.
  2. आपको जिन कैंपेन में नेगेटिव कीवर्ड सूचियां लागू करनी हैं उनके बगल में मौजूद बॉक्स पर सही का निशान लगाएं.
  3. बदलाव करें पर क्लिक करें. इसके बाद, टारगेटिंग में बदलाव करें चुनें.
  4. नेगेटिव कीवर्ड सूचियां जोड़ने के लिए, नेगेटिव कीवर्ड सूचियां जोड़ें चुनें.
  5. इन कैंपेन में, जिन सूचियों को जोड़ना है उनके बगल में मौजूद बॉक्स पर सही का निशान लगाएं.
  6. लागू करें पर क्लिक करें.
  7. नेगेटिव कीवर्ड सूचियां हटाने के लिए, नेगेटिव कीवर्ड सूचियां हटाएं चुनें.
  8. आपको इन कैंपेन से जिन सूचियों को हटाना हो उनके बगल में मौजूद बॉक्स पर सही का निशान लगाएं.
  9. लागू करें पर क्लिक करें.

सलाह

  • नेगेटिव कीवर्ड के काम करने का तरीका पॉज़िटिव कीवर्ड के काम करने के तरीके से अलग होता है. नेगेटिव कीवर्ड के बारे में ज़्यादा जानें
  • हर उपयोगकर्ता की खोज को नेगेटिव के तौर पर जोड़ने के बजाय, खास शब्दों या वाक्यांशों की पहचान करके उन्हें ब्लॉक करें और नेगेटिव कीवर्ड के तौर पर जोड़ें.
  • नेगेटिव कीवर्ड का इस्तेमाल कम करें, क्योंकि हो सकता है कि इससे अनजाने में, अच्छी परफ़ार्मेंस वाले ट्रैफ़िक पर असर पड़े.

रिस्पॉन्सिव सर्च विज्ञापनों (सर्च क्वेरी के हिसाब से ढल जाने वाले विज्ञापन) में पिन करना

रिस्पॉन्सिव सर्च विज्ञापन बनाने के बाद, डिफ़ॉल्ट तौर पर हेडलाइन और जानकारी किसी भी क्रम में दिख सकती है. हालांकि, आपके पास अपने विज्ञापन में हेडलाइन और जानकारी दिखाने की जगह तय करने का विकल्प है. इसके लिए, पिन करने की सुविधा का इस्तेमाल करें.

हेडलाइन और जानकारी को खास पोज़िशन पर पिन करना

किसी हेडलाइन या जानकारी को पिन करने से, सिर्फ़ उसे ही पिन की गई खास पोज़िशन पर दिखाया जा सकता है. इसकी वजह से, अन्य हेडलाइन या जानकारी को उस खास पोज़िशन पर नहीं दिखाया जा सकता. कई हेडलाइन या जानकारी को एक ही पोज़िशन पर पिन करने से, यह पक्का होता है कि हर विज्ञापन के लिए उस पोज़िशन पर कम से कम एक हेडलाइन या जानकारी दिखेगी. अगर आपका कोई ज़रूरी मैसेज (जैसे कि नियम और शर्तें लागू हो सकती हैं) है, जो उपयोगकर्ताओं को दिखना चाहिए, तो आपको उसे "हेडलाइन पोज़िशन 1", "हेडलाइन पोज़िशन 2" या "जानकारी की पोज़िशन" पर पिन करना होगा. ऐसा करने पर, वह हमेशा दिखेगा.

ध्यान दें: विज्ञापन देने वाले ज़्यादातर लोगों को हम सुझाव देते हैं कि वे पिन न करें, क्योंकि इससे किसी संभावित ग्राहक की खोज से मेल खाने वाले और उसे दिखाए जाने वाले एसेट कॉम्बिनेशन की कुल संख्या कम हो जाती है.
  1. "विज्ञापन में बदलाव करें" पेज पर, उस हेडलाइन या जानकारी पर क्लिक करें जिसे आपको पिन करना है.
  2. हेडलाइन या जानकारी के बगल में दिखने वाले पिन आइकॉन Pin पर क्लिक करें.
  3. आपको हेडलाइन या जानकारी को जिस पोज़िशन पर पिन करना है उसे पॉप-अप बॉक्स से चुनें.
  4. सेव करें पर क्लिक करें.

पिन करने के लिए सलाह

  • किसी हेडलाइन या जानकारी को पिन करने से, सिर्फ़ उसे ही पिन की गई खास पोज़िशन पर दिखाया जा सकता है. इसकी वजह से, अन्य हेडलाइन या जानकारी को उस खास पोज़िशन पर नहीं दिखाया जा सकता. पिन करने से, किसी संभावित ग्राहक की खोज से मेल खाने वाली हेडलाइन या जानकारी की कुल संख्या कम हो जाती है. इसलिए, विज्ञापन देने वाले ज़्यादातर लोगों को हम सुझाव देते हैं कि वे पिन न करें.
  • हर पोज़िशन के लिए दो या तीन हेडलाइन या जानकारी को पिन करने की कोशिश करें, ताकि उनमें से किसी को भी उस पोज़िशन पर दिखाया जा सके. इससे, आपको आसानी से पता लग सकता है कि कौनसी हेडलाइन या जानकारी बेहतर परफ़ॉर्म करती है.
    • उदाहरण के लिए, अगर हेडलाइन “Official Website” को हेडलाइन पोज़िशन 1 पर पिन किया जाता है, तो ग्राहकों को दिखने वाले सभी विज्ञापनों में, पहली हेडलाइन के तौर पर “Official Website” दिखेगी. अगर दूसरी किसी हेडलाइन (उदाहरण के लिए, “The Official Site”) को हेडलाइन पोज़िशन 1 पर पिन किया जाता है, तो ग्राहकों को दिखने वाले सभी विज्ञापनों में, पहली हेडलाइन के तौर पर “Official Website” या “The Official Site” में से कोई एक हेडलाइन दिखेगी.
  • अगर आपके पास सभी उपलब्ध पोज़िशन पर पिन की गई हेडलाइन और/या जानकारी है, तो अनपिन की गई हेडलाइन और/या जानकारी नहीं दिखेगी.
  • हेडलाइन पोज़िशन 1, हेडलाइन पोज़िशन 2 या जानकारी की पोज़िशन 1 पर पिन की गई हेडलाइन या जानकारी हमेशा दिखेगी. हेडलाइन पोज़िशन 3 और जानकारी की पोज़िशन 2 पर पिन किए गए कॉन्टेंट को हर विज्ञापन में दिखाए जाने की गारंटी नहीं है. अगर आपके पास ऐसा टेक्स्ट है जिसे हर विज्ञापन में दिखाना ज़रूरी है, तो आपको उसे हेडलाइन पोज़िशन 1, हेडलाइन पोज़िशन 2 या जानकारी की पोज़िशन 1 में से किसी एक पर पिन करना होगा.
  • उपयोगकर्ताओं को आपका रिस्पॉन्सिव सर्च विज्ञापन कैसा दिखेगा, इसकी झलक देखने के लिए, 'झलक देखें' आइकॉन पर क्लिक करें.
क्या यह उपयोगी था?
हम उसे किस तरह बेहतर बना सकते हैं?

और मदद चाहिए?

मदद के दूसरे तरीकों के लिए साइन इन करें ताकि आपकी समस्या झटपट सुलझ सके

खोजें
खोज साफ़ करें
खोज बंद करें
Google ऐप
मुख्य मेन्यू
खोज मदद केंद्र
true
73067
false
false
false