सहमति मोड (बीटा वर्शन) के बारे में जानकारी

सहमति मोड की मदद से आप अपने उपयोगकर्ताओं की सहमति की स्थिति के आधार पर, अपने Google टैग के व्यवहार को कंट्रोल कर सकते हैं. आप यह बता सकते हैं कि आंकड़े और विज्ञापनों की कुकी को सहमति दी गई है या नहीं. उपयोगकर्ता की सहमति के बाद ही, Google टैग, बताए गए मकसद के लिए कुकी का इस्तेमाल करेंगे.

आप Google Ads में कन्वर्ज़न ट्रैकिंग और रीमार्केटिंग के लिए, सहमति मोड का इस्तेमाल कर सकते हैं.

सहमति मोड का इस्तेमाल इनके लिए भी किया जा सकता है:

अप्रैल 2021 से, Google Ads में कन्वर्ज़न मॉडलिंग (कन्वर्ज़न का अनुमान लगाने के लिए मशीन के इस्तेमाल का तरीका), सहमति मोड मॉडलिंग के लिए उपलब्ध होगी. ऐसा उन उपयोगकर्ताओं के लिए होगा जो ज़रूरी शर्तों को पूरा करते हैं. अनुमानित कन्वर्ज़न, "कन्वर्ज़न" कॉलम में दिखेंगे. साथ ही, इस डेटा का इस्तेमाल करने वाली, बाद की सभी रिपोर्ट में भी दिखेंगे.

ध्यान दें: फ़िलहाल, फ़ोन कॉल कन्वर्ज़न के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं है.
ध्यान दें: Google आपके डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा की पूरी ज़िम्मेदारी लेता है. हम आपके डेटा को गोपनीय और सुरक्षित रखते है. इसके लिए, हम कारोबार के उन सबसे अच्छे स्टैंडर्ड का इस्तेमाल करते हैं जिनकी मदद से हम अपने उपयोगकर्ताओं का डेटा सुरक्षित रखते हैं. हम सिर्फ़ उन कन्वर्ज़न की रिपोर्ट करते हैं जो एग्रीगेट किए गए हैं और जिनकी पहचान छिपाई गई है. हम सहमति मोड वाले आपके डेटा का इस्तेमाल किस तरह करते हैं, आप इस बारे में ज़्यादा जान सकते हैं.

यह कैसे काम करता है

सहमति मोड लागू होने पर, यहां दिए गए पिंग के व्यवहार में बदलाव होगा:

  • सहमति की स्थिति वाले पिंग (Google Ads और फ़्लडलाइट टैग): जिस पेज पर सहमति मोड लागू होता है उस हर पेज पर उपयोगकर्ता के विज़िट करने पर, सहमति की स्थिति वाले पिंग भेजे जाते हैं. साथ ही, कुछ टैग के लिए ये पिंग ट्रिगर भी किए जाते हैं, बशर्ते सहमति की स्थिति अस्वीकार से बदलकर स्वीकार की गई हो. उदाहरण के लिए, अगर कोई उपयोगकर्ता सहमति संवाद में ऑप्ट इन करता है. ये पिंग आपको विज्ञापन की स्टोरेज और आंकड़ों की स्टोरेज जैसी हर तरह की सहमति के लिए, सहमति की स्थिति की जानकारी देते हैं. सहमति की यह स्थिति, साइट के मालिक की तरफ़ से कॉन्फ़िगर की गई डिफ़ॉल्ट सहमति की स्थिति और/या स्वीकार या अस्वीकार की गई, अपडेट की गई सहमति की स्थिति होती है.
  • कन्वर्ज़न पिंग: कन्वर्ज़न पिंग इस बात की जानकारी देने के लिए भेजे जाते हैं कि कन्वर्ज़न हो चुका है.
  • Google Analytics पिंग: Google Analytics पिंग को वेबसाइट के हर उस पेज पर भेजा जाता है जहां Google Analytics लागू किया गया है और इवेंट लॉग किए जा रहे हैं.

सहमति मिलने के बाद, जुड़े हुए टैग सामान्य रूप से काम करने लगेंगे. विज्ञापन की स्टोरेज या आंकड़ों की स्टोरेज के लिए सहमति न दिए जाने पर, ग्लोबल साइट टैग या Google Tag Manager से इस्तेमाल किए जाने वाले जुड़े हुए Google टैग, अपने हिसाब से अपने व्यवहार में बदलाव करेंगे.

सहमति वाली भाषा और सहमति से जुड़े तीसरे पक्ष के समाधानों के उदाहरण जानने के लिए, cookiechoices.orgपढ़ें. Google Ads, अब टीसीएफ़ की 2.0 वर्शन वाली पारदर्शिता और सहमति की (टीसी) स्ट्रिंग को पढ़ सकता है और समझ सकता है. टीसीएफ़ के 2.0 वर्शन की मदद से, डिफ़ॉल्ट मैपिंग को फ़ॉलो करते हुए सहमति जताई जा सकती है. विज्ञापन देने वाले वे लोग जो कस्टमाइज़ करना चाहते हैं वे टीसीएफ़ के वर्शन 2 की डिफ़ॉल्ट मैपिंग को बंद करके, सहमति मोड का इस्तेमाल कर सकते हैं.

सहमति मोड वाले पिंग

पिंग में हमेशा ये चीज़ें शामिल की जा सकती हैं:

  • इसके काम करने की जानकारी (जैसे कि हेडर, जिन्हें ब्राउज़र ने जोड़ा हो):
    • टाइमस्टैंप
    • उपयोगकर्ता एजेंट
    • रेफ़रल देने वाला
  • एग्रीगेट या पहचान न बताने वाली जानकारी:
    • इस बात का संकेत कि साइट पर, उपयोगकर्ता के नेविगेट किए जाने वाले मौजूदा या पहले के किसी पेज के यूआरएल (उदाहरण के लिए, GCLID या DCLID) में, विज्ञापन पर क्लिक की जानकारी शामिल है या नहीं.
    • सहमति की स्थिति के बारे में बूलियन जानकारी.
    • हर एक पेज के लोड होने पर, जनरेट होने वाला कोई नंबर.
    • साइट का मालिक, सहमति वाले जिस प्लैटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करता है उसकी जानकारी, जैसे कि डेवलपर आईडी

आपके कन्वर्ज़न ट्रैकिंग टैग में सहमति मोड के व्यवहार

सहमति की सेटिंग और आपके टैग के कॉन्फ़िगरेशन के आधार पर, सहमति और कन्वर्ज़न के पिंग में नीचे दिए गए व्यवहार शामिल हो सकते हैं:

ad_storage='granted' and analytics_storage='granted' (डिफ़ॉल्ट):

  • विज्ञापन से जुड़ी कुकी, पढ़ी और लिखी जा सकती हैं.
  • आईपी पते इकट्ठा किए जाते हैं.
  • पेज का पूरा यूआरएल इकट्ठा किया जाता है. इसमें, यूआरएल पैरामीटर (उदाहरण के लिए, GCLID / DCLID) में मौजूद विज्ञापन पर क्लिक की जानकारी भी शामिल होती है.
  • तीसरे-पक्ष की कुकी, Google.com और doubleclick.net पर पहले से सेट की गई हैं. साथ ही, पहले पक्ष की कन्वर्ज़न कुकी (उदाहरण के लिए, _gcl_*) को ऐक्सेस किया जा सकता है.

ad_storage='denied':

  • कुकी का इस्तेमाल विज्ञापन के मकसद से नहीं किया जाता.
  • पहले पक्ष की मौजूदा विज्ञापन कुकी को पढ़ा नहीं जाएगा.
  • पहले से सेट की गई तीसरे पक्ष की कुकी को अनुरोध के हेडर में भेजे जाने से रोकने के लिए, अनुरोध किसी अलग डोमेन से भेजे जाते हैं.
  • Google Analytics, Google Ads की कुकी को पढ़ या लिख नहीं पाएगा. साथ ही, Google सिग्नल की सुविधाएं, इस ट्रैफ़िक के लिए डेटा इकट्ठा नहीं करेंगी.
  • आईपी पतों का इस्तेमाल यह जानने के लिए किया जाता है कि आईपी किस देश का है. हालांकि, हमारे Google Ads और फ़्लडलाइट सिस्टम से आईपी पते कभी भी लॉग नहीं किए जाते. साथ ही, जानकारी इकट्ठा करने के बाद, इन्हें तुरंत मिटा दिया जाता है. ध्यान दें: आईपी पतों को इकट्ठा करना, इंटरनेट कम्यूनिकेशन के तहत Google Analytics की एक सामान्य प्रक्रिया है. Google Analytics में आईपी पते की पहचान छिपाने के बारे में ज़्यादा जानें
  • आम तौर पर, विज्ञापन देने वालों के टैग (उदाहरण के लिए, ऑर्डर आईडी, वैल्यू) से इकट्ठा किए जाने वाले फ़ील्ड अब भी भेजे जाते हैं.
  • पेज का पूरा यूआरएल इकट्ठा किया जाता है. इसमें, यूआरएल पैरामीटर (उदाहरण के लिए, GCLID / DCLID) में मौजूद विज्ञापन पर क्लिक की जानकारी शामिल हो सकती है. विज्ञापन पर क्लिक की जानकारी का इस्तेमाल, सिर्फ़ ट्रैफ़िक के सटीक मेज़रमेंट का अनुमान लगाने के लिए किया जाएगा.

ad_storage='denied' + ads_data_redaction=true:

  • कुकी का इस्तेमाल विज्ञापन के मकसद से नहीं किया जाता.
  • पहले पक्ष की मौजूदा विज्ञापन कुकी को पढ़ा नहीं जाएगा.
  • पहले से सेट की गई तीसरे पक्ष की कुकी को अनुरोध के हेडर में भेजे जाने से रोकने के लिए, अनुरोध किसी अलग डोमेन से भेजे जाते हैं.
  • Google Analytics, Google Ads की कुकी को पढ़ या लिख नहीं पाएगा. साथ ही, Google सिग्नल की सुविधाएं, इस ट्रैफ़िक के लिए डेटा इकट्ठा नहीं करेंगी.
  • पेज का पूरा यूआरएल इकट्ठा किया जाता है. इसमें, यूआरएल पैरामीटर (उदाहरण के लिए, GCLID / DCLID) में मौजूद विज्ञापन पर क्लिक की जानकारी शामिल हो सकती है. विज्ञापन पर क्लिक की जानकारी का इस्तेमाल, सिर्फ़ ट्रैफ़िक के सटीक मेज़रमेंट का अनुमान लगाने के लिए किया जाएगा.
  • आईपी पतों का इस्तेमाल यह जानने के लिए किया जाता है कि आईपी किस देश का है. हालांकि, हमारे Google Ads और फ़्लडलाइट सिस्टम से आईपी पते कभी भी लॉग नहीं किए जाते. साथ ही, जानकारी इकट्ठा करने के बाद, इन्हें तुरंत मिटा दिया जाता है. ध्यान दें: आईपी पतों को इकट्ठा करना, इंटरनेट कम्यूनिकेशन के तहत Google Analytics की एक सामान्य प्रक्रिया है. Google Analytics में आईपी पते की पहचान छिपाने के बारे में ज़्यादा जानें
  • आम तौर पर, विज्ञापन देने वालों के टैग (उदाहरण के लिए, ऑर्डर आईडी, वैल्यू) से इकट्ठा किए जाने वाले फ़ील्ड अब भी भेजे जाते हैं.
  • विज्ञापन पर क्लिक के पहचानकर्ताओं वाले पेज के यूआरएल को छिपाने के लिए बदलाव किया जाता है.

analytics_storage='denied':

  • टैग, पहले-पक्ष की आंकड़ों की कुकी को पढ़ या लिख नहीं पाएगा.
  • ऐसे पिंग जिनमें कुकी न हो वे Google Analytics को भेजे जाएंगे, ताकि उनकी बेसिक मेज़रमेंट और मॉडलिंग की जा सके.

कन्वर्ज़न ट्रैकिंग के लिए सहमति मोड सेट अप करना

आप जब चाहें, तब सहमति मोड सेट अप करने के तरीके और सहमति के आधार पर टैग के व्यवहार में बदलाव करने के बारे में ज़्यादा जानें.

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