फ़िशिंग हमलों को रोकें और उनके बारे में रिपोर्ट करें

जब कोई व्यक्ति धोखे से आपकी निजी जानकारी को ऑनलाइन शेयर करवाने की कोशिश करता है, तो इसे फ़िशिंग हमला कहा जाता है.

फ़िशिंग कैसे की जाती है

फ़िशिंग आम तौर पर ईमेल, विज्ञापन या ऐसी साइटों के ज़रिए की जाती है, जो देखने में उन साइटों जैसी दिखती हैं जिनका आप पहले से इस्तेमाल कर रहे हैं. उदाहरण के लिए, आपको कोई ऐसा ईमेल मिल सकता है, जो देखने में आपके बैंक से भेजा गया लगता है. इसमें आपसे अपने बैंक खाता नंबर की पुष्टि करने के लिए कहा जाता है.

फ़िशिंग साइटें इस तरह की जानकारी मांग सकती हैं

  • उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड
  • सामाजिक सुरक्षा संख्या
  • बैंक खाता नंबर
  • पिन (व्यक्तिगत पहचान संख्या)
  • क्रेडिट कार्ड नंबर
  • आपकी मां का विवाह-पूर्व नाम
  • आपका जन्मदिन

फ़िशिंग साइटों की रिपोर्ट करें

वेब पर मिली फ़िशिंग साइटों की रिपोर्ट करें

अगर आपको लगता है कि आपको एक फ़िशिंग साइट मिली है, तो फ़िशिंग पेज की रिपोर्ट करें.

Google ट्रेडमार्क का उपयोग करने वाली साइटों की रिपोर्ट करें

अगर आपको लगता है कि कोई साइट Google ट्रेडमार्क या लोगो का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रही है, तो ट्रेडमार्क उल्लंघन की रिपोर्ट करें. उदाहरण के लिए, आपको कोई ऐसी साइट दिख सकती है, जो Google की नहीं है लेकिन उसके पेज पर Google या Gmail लोगो का इस्तेमाल किया गया है.

आपके Google खोज विज्ञापनों में दिखाई देने वाली फ़िशिंग साइट की रिपोर्ट करें

अगर कोई फ़िशिंग साइट आपके खोज नतीजे के पेज पर प्रायोजित लिंक के तौर पर दिखाई देती है, तो AdWords से संपर्क करके उस साइट की रिपोर्ट करें.

Google होने का दिखावा करने वाली साइट या ईमेल पते की रिपोर्ट करें फ़िशिंग साइट के ख़िलाफ़ सरकार से शिकायत करें

फ़िशिंग हमलों से बचें

जब भी किसी साइट से आपको व्यक्तिगत जानकारी मांगने वाला मैसेज मिलता है, तो सावधान हो जाएं. अगर आपको इस तरह का मैसेज मिलता है, तो उस साइट के सही होने की पुष्टि किए बिना मांगी गई जानकारी न दें. अगर हो सके, तो अपने ईमेल में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बजाय साइट को किसी दूसरी विंडो में खोलें.

Google कभी भी आपको ऐसे मैसेज नहीं भेजेगा, जिनमें बिना वजह आपसे आपका पासवर्ड या दूसरी व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाती है.

खुद को फ़िशिंग से बचाने के और तरीके