उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम चुनने का विकल्प देने वाले पायलट कार्यक्रम में रजिस्टर करना

जो डेवलपर लोगों को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम चुनने का विकल्प देने वाले पायलट कार्यक्रम के तहत कोई अन्य बिलिंग सिस्टम ऑफ़र कर रहे हैं, उन्हें 13 मार्च, 2024 से अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई इस्तेमाल करने होंगे. इसे इस्तेमाल करने का तरीका जानने के लिए, नीचे दी गई जानकारी देखें और हमारी अन्य बिलिंग सिस्टम के लिए बने एपीआई को इंटिग्रेट करने से जुड़ी गाइड पर जाएं.

इस पायलट कार्यक्रम को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि Google Play के बिलिंग सिस्टम के साथ-साथ अन्य बिलिंग सिस्टम उपलब्ध कराने के विकल्प को टेस्ट किया जा सके. साथ ही, उपयोगकर्ताओं को यह विकल्प उपलब्ध कराने में हमें मदद मिल सके. हम अलग-अलग देशों के डिज़िटल मार्केट से सुझाव पाना चाहते हैं, ताकि उपयोगकर्ताओं को लगातार बेहतर अनुभव दे सकें. इस पायलट कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले लोगों से सेवा शुल्क लेना जारी रहेगा. इस शुल्क का इस्तेमाल Play और Android के प्रॉडक्ट को और बेहतर बनाने के लिए किया जाता है. यह ज़रूरी है कि डेवलपर, लागू होने वाला सेवा शुल्क Google को चुकाएं.

नीचे दी गई ज़रूरी शर्तों को पूरा करने वाले डेवलपर, पायलट कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं.

ज़रूरी शर्तें

इस पायलट कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ये बातें ज़रूरी हैं:

  • आपका ऐप्लिकेशन:
    • डिवाइस के किसी भी साइज़, डाइमेंशन या कॉन्फ़िगरेशन में इस्तेमाल होने वाला ऐसा ऐप्लिकेशन या गेम होना चाहिए जो ईईए में रहने वाले उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) इस्तेमाल करने की अनुमति देता हो या
    • नॉन-गेमिंग कैटगरी वाला ऐसा मोबाइल या टैबलेट ऐप्लिकेशन होना चाहिए जिसे इस्तेमाल करने वाले लोग यहां बताए गए देशों से हों.
  • डेवलपर का कारोबार रजिस्टर होना चाहिए.

ज़रूरी शर्तें

इस पायलट कार्यक्रम में शामिल डेवलपर को यहां दी गई ज़रूरी शर्तें पूरी करना ज़रूरी है:

  1. उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) चुनने का विकल्प देने की सुविधा, पायलट कार्यक्रम के लिए तय किए गए देशों में ज़रूरी शर्तें पूरी करने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए ही उपलब्ध कराई जानी चाहिए. फ़िलहाल, इस कार्यक्रम को यहां दिए गए देशों में चलाया जा रहा है:
    • यूरोपियन इकनॉमिक एरिया (ईईए) के देश
    • ऑस्ट्रेलिया
    • ब्राज़ील
    • इंडोनेशिया
    • जापान
    • दक्षिण अफ़्रीका
    • अमेरिका
  2. कोई अन्य बिलिंग सिस्टम सिर्फ़ ऐप्लिकेशन में उपलब्ध कराएं.
  3. क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के डेटा को हैंडल करने के मामले में, पेमेंट कार्ड इंडस्ट्री डेटा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड (पीसीआई-डीएसएस) का पालन करना चाहिए.
  4. यह ज़रूरी है कि डेवलपर, अन्य बिलिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले उपयोगकर्ताओं को ग्राहक सहायता उपलब्ध कराएं. यह सेवा, अन्य बिलिंग सिस्टम का इस्तेमाल करके खरीदे गए सभी प्रॉडक्ट के लिए उपलब्ध होनी चाहिए. साथ ही, डेवलपर को बिना मंज़ूरी वाले लेन-देन की शिकायत करने और उनका समाधान करने के लिए सिस्टम भी बनाना चाहिए.
  5. Google को तय सेवा शुल्क चुकाएं. जब कोई उपयोगकर्ता किसी अन्य बिलिंग सिस्टम का इस्तेमाल करके खरीदारी करता है, तो डेवलपर को तय सेवा शुल्क से 4% कम शुल्क देना पड़ता है.
  6. अन्य बिलिंग सिस्टम वाले एपीआई इंटिग्रेट करें. इससे, उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव देना और रिपोर्टिंग की ज़रूरतों को पूरा करना आसान हो जाता है. जो डेवलपर अब तक अन्य बिलिंग सिस्टम वाले एपीआई इंटिग्रेट करने के लिए तैयार नहीं हैं उनके पास 13 मार्च, 2024 तक मैन्युअल तरीके से, उपयोगकर्ता की पसंद के हिसाब से स्क्रीन को इम्प्लीमेंट करने और लेन-देन की रिपोर्ट भेजने का विकल्प है.
  7. अन्य बिलिंग सिस्टम वाले एपीआई इंटिग्रेट करने से पहले, डेवलपर को उपयोगकर्ता अनुभव से जुड़े मौजूदा दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा. इससे उपयोगकर्ताओं को लगातार बेहतर अनुभव मिलेगा और उन्हें सही फ़ैसला लेने में मदद मिलेगी.
  8. ऐप्लिकेशन में रजिस्टर करने से जुड़ी प्राथमिकताओं में कोई बदलाव करने से पहले डेवलपर हमें सूचना दें. जैसे, किसी खास ऐप्लिकेशन या देश के लिए, उपयोगकर्ता की पसंद का बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) चुनने की सुविधा को चालू या बंद करना. बदलाव सबमिट करने के तरीके के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, अक्सर पूछे जाने वाले सवाल देखें.

कृपया ध्यान दें कि पायलट कार्यक्रम से जुड़ी ज़रूरी शर्तें बदल सकती हैं. हम यह भी बताना चाहते हैं कि समय बीतने के साथ नई ज़रूरतों और सुझावों के हिसाब से हम पायलट कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी में भी बदलाव कर सकते हैं.

अन्य बिलिंग सिस्टम वाले एपीआई इंटिग्रेट करना

अगर आपको उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) चुनने की सुविधा उपलब्ध करानी है और इसे उपलब्ध कराने की तारीख से ही अन्य बिलिंग सिस्टम वाले एपीआई इस्तेमाल करने हैं, तो इन चरणों को पूरा करना होगा:

  1. इस पेज पर दी गई ज़रूरी शर्तों को पढ़ें और देखें कि आपके ऐप्लिकेशन ज़रूरी शर्तें पूरी करते हैं या नहीं.
  2. Google की सहायता टीम की मदद से, बिलिंग सिस्टम की जानकारी वाला फ़ॉर्म भरें, सेवा की शर्तें स्वीकार करें, और कार्यक्रम में रजिस्टर करने के सभी ज़रूरी चरण पूरे करें. उदाहरण के लिए, शर्तों के मुताबिक पेमेंट्स प्रोफ़ाइल सेट अप करना.
  3. इस एपीआई इंटिग्रेशन गाइड में बताया गया तरीका अपनाकर, अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई के इंटिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी करें.
  4. Play Console में अन्य बिलिंग सिस्टम की सेटिंग मैनेज करें. इससे हर ऐप्लिकेशन में अन्य बिलिंग सिस्टम इस्तेमाल करने के लिए ऑप्ट इन/ऑप्ट आउट किया जा सकेगा. साथ ही, पेमेंट के तरीकों के लोगो और सदस्यता मैनेज करने के यूआरएल भी अपलोड किए जा सकेंगे.
  5. अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई इस्तेमाल करें और जिन देशों में पायलट कार्यक्रम चल रहे हैं वहां किए गए सभी लेन-देन की रिपोर्ट, Google Play को 24 घंटे के अंदर भेजें.
  6. अगर रिपोर्ट अपने-आप भेजने की सुविधा के बिना ही अन्य बिलिंग सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी, तो चालू सदस्यताओं के लिए एपीआई की मदद से बार-बार किए जाने वाले लेन-देन की रिपोर्ट देने से पहले, आपको ExternalTransactions API की मदद से इन सदस्यताओं को माइग्रेट करना होगा. सदस्यताएं माइग्रेट करने की यह प्रक्रिया, अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई पर माइग्रेट करने की समयसीमा, 13 मार्च, 2024 से पहले पूरी करना ज़रूरी है. यह प्रक्रिया सिर्फ़ एक बार पूरी करनी होगी. ज़्यादा जानकारी के लिए, अक्सर पूछे जाने वाले सवाल पढ़ें.

अगर आप पहले से ही इस कार्यक्रम में शामिल हैं और अन्य बिलिंग सिस्टम वाले एपीआई पर माइग्रेट किया जा रहा है, तो ऊपर के पहले और दूसरे चरण को छोड़कर आगे बढ़ें. ऊपर दिए गए चरणों को पूरा करने और एपीआई का इस्तेमाल करके लेन-देन की रिपोर्ट भेजने के बाद, आपको लेन-देन की रिपोर्ट मैन्युअल तरीके से नहीं भेजनी होगी.

रिपोर्ट अपने-आप भेजने की सुविधा के बिना ही अन्य बिलिंग सिस्टम इंटिग्रेट करना

अगर आपको उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) चुनने का विकल्प देना है, लेकिन आप अब तक अन्य बिलिंग सिस्टम वाले एपीआई इंटिग्रेट करने के लिए तैयार नहीं हैं, तो मैन्युअल तरीके से रजिस्टर करें. इसके लिए, आपको यहां दिए गए चरण पूरे करने होंगे:

  1. इस पेज पर दी गई ज़रूरी शर्तों को पढ़ें और देखें कि आपके ऐप्लिकेशन ज़रूरी शर्तें पूरी करते हैं या नहीं.
  2. Google की सहायता टीम की मदद से, बिलिंग सिस्टम की जानकारी वाला फ़ॉर्म भरें और सेवा की शर्तें स्वीकार करें. साथ ही, इस कार्यक्रम में शामिल होने के सभी चरण पूरे करें. उदाहरण के लिए, शर्तों के मुताबिक पेमेंट्स प्रोफ़ाइल सेट अप करना.
  3. रजिस्ट्रेशन फ़ॉर्म में, उन ऐप्लिकेशन और ज़रूरी शर्तें पूरी करने वाले देशों की जानकारी दें जिनमें आपको उपयोगकर्ता की पसंद के बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) की सुविधा देनी है. यह फ़ॉर्म, बिलिंग की जानकारी वाला फ़ॉर्म भरने के बाद, आपके ईमेल पते पर भेजा जाएगा.
  4. इस पेज पर दी गई ज़रूरी शर्तों को पूरा करें.
  5. इनवॉइस तैयार करने के लिए, अन्य बिलिंग सिस्टम से किए गए सभी लेन-देन का हिसाब-किताब Google Play को भेजना होगा. जो डेवलपर, जानकारी वाले फ़ॉर्म को पूरा भरकर सबमिट करेंगे और कार्यक्रम में शामिल होने की प्रक्रिया को पूरा करेंगे उन्हें हर महीने भेजी जाने वाली रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए जाएंगे.
  6. माइग्रेट करने की समयसीमा खत्म होने से पहले, अन्य बिलिंग सिस्टम वाले एपीआई इंटिग्रेट करें. उन सभी सदस्यताओं को माइग्रेट करें जो तब चालू हुई थीं, जब आपने अपने-आप रिपोर्ट भेजने की सुविधा के बिना ही अन्य बिलिंग सिस्टम उपलब्ध कराया था. साथ ही, Play Console में अन्य बिलिंग सिस्टम की सेटिंग अपडेट करें. चालू सदस्यताओं को माइग्रेट करने और एपीआई इस्तेमाल करके लेन-देन की रिपोर्ट भेजने के बाद, आपको मैन्युअल तरीके से लेन-देन की रिपोर्ट नहीं भेजनी होगी. सदस्यताएं माइग्रेट करने की यह प्रक्रिया, अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई पर माइग्रेट करने की समयसीमा, 13 मार्च, 2024 से पहले पूरी करना ज़रूरी है. यह प्रक्रिया सिर्फ़ एक बार पूरी करनी होगी. ज़्यादा जानकारी के लिए, अक्सर पूछे जाने वाले सवाल पढ़ें.

अगर आपके कुछ और सवाल हैं, तो यहां हमारी सहायता टीम से संपर्क करें.

जानकारी वाला फ़ॉर्म खोलें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इस पायलट कार्यक्रम के लिए, अन्य बिलिंग सिस्टम के साथ-साथ Google Play का बिलिंग सिस्टम ज़रूरी क्यों है?

Google Play का यह मानना है कि उपयोगकर्ताओं को, Google Play से इंस्टॉल किए गए ऐप्लिकेशन से डिजिटल प्रॉडक्ट की खरीदारी करने पर, अपनी पसंद के हिसाब से Play के बिलिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने का विकल्प मिलना चाहिए. उपयोगकर्ताओं की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, हमने Google Play के बिलिंग सिस्टम को इस तरह से डिज़ाइन किया है कि इन-ऐप्लिकेशन खरीदारी करते समय उपयोगकर्ताओं का भरोसा बना रहे. ऐसा हो सकता है कि अन्य बिलिंग सिस्टम, Google Play के बिलिंग सिस्टम जैसी सुरक्षा या पेमेंट करने के विकल्प और सुविधाएं न दे पाएं. जैसे, माता-पिता के कंट्रोल, फ़ैमिली ग्रुप के लिए पेमेंट के तरीके, सदस्यता मैनेज करने की सुविधा, Google Play के उपहार कार्ड, और Play Points.

आपको अब भी सेवा शुल्क की ज़रूरत क्यों है?

Google Play का सेवा शुल्क, सिर्फ़ हमारी पेमेंट सुविधा को इस्तेमाल करने के लिए नहीं लिया जाता है. Android और Google Play की सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ, हम इसका इस्तेमाल Android और Google Play को और बेहतर बनाने में करते हैं. इससे उपयोगकर्ताओं को ऐसी सुविधाएं दी जाती हैं जिनसे हम पर उनका भरोसा बढ़ता है. सेवा शुल्क के बारे में ज़्यादा जानने के लिए, इस लेख पर जाएं.

सिर्फ़ ईईए में रहने वाले गेम डेवलपर को अनुमति क्यों दी गई है?

ईईए के देशों में 6 मार्च, 2024 से गेमिंग और नॉन-गेमिंग ऐप्लिकेशन के लिए, उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) चुनने का विकल्प उपलब्ध होगा. ज़रूरी शर्तें पूरी करने वाले अन्य सभी देशों में, सिर्फ़ नॉन-गेमिंग ऐप्लिकेशन में उपयोगकर्ताओं की पसंद का बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) चुनने की सुविधा मिलती है. हम आगे की ज़रूरतों और मिलने वाले सुझावों के हिसाब से पायलट कार्यक्रम को डेवलेप करते रहेंगे.

यूरोपियन इकनॉमिक एरिया (ईईए) में कौन-कौनसे देश शामिल हैं?

फ़िलहाल, ईईए में ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, क्रोएशिया, साइप्रस गणराज्य, चेक गणराज्य, डेनमार्क, एस्टोनिया, फ़िनलैंड, फ़्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, आइसलैंड, आयरलैंड, इटली, लातविया, लिख्तेंस्ताइन, लिथुआनिया, लक्ज़मबर्ग, माल्टा, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्पेन, और स्वीडन शामिल हैं.

किस तरह के प्रॉडक्ट की खरीदारी के लिए, उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) चुनने की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है?

उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) चुनने की सुविधा, नॉन-गेमिंग मोबाइल और टैबलेट ऐप्लिकेशन में डिजिटल कॉन्टेंट और सेवाएं खरीदने (जैसे, इन-ऐप्लिकेशन खरीदारी और सदस्यताएं) के लिए दी जा सकती है. हालांकि, यह सुविधा ज़रूरी शर्तें पूरी करने वाले देशों में रहने वाले लोगों को ही मिल सकती है. साथ ही, ईईए में रहने वाले उपयोगकर्ता इस सुविधा का इस्तेमाल डिवाइस के किसी भी साइज़, डाइमेंशन या कॉन्फ़िगरेशन वाले ऐप्लिकेशन या गेम में कर सकते हैं.

अन्य देशों में उपयोगकर्ता की पसंद के बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) वाली सुविधा के साथ-साथ, क्या कुछ देशों में Google Play के बिलिंग सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है?

हां. रजिस्टर करने की प्रक्रिया के दौरान, आपको उन देशों की जानकारी देनी होगी जिनमें आपने पायलट कार्यक्रम के लिए, उपयोगकर्ता की पसंद के बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) वाली सुविधा दी है.

हाल ही में, ईईए में मौजूद उपयोगकर्ताओं के लिए लागू किए गए डिजिटल मार्केट्स ऐक्ट (डीएमए) का पालन करते हुए, क्या लोगों की पसंद के बिलिंग सिस्टम के पायलट कार्यक्रम और बिलिंग के लिए, अन्य विकल्प को चुनने की सुविधा देने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लिया जा सकता है?

हां. दोनों कार्यक्रमों में हिस्सा लिया जा सकता है. हालांकि, रजिस्टर करने की प्रक्रिया के दौरान आपको यह बताना होगा कि उपयोगकर्ता की पसंद के बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) वाली सुविधा दी जा रही है या बिलिंग के लिए अन्य विकल्प देने वाली सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. किसी ऐप्लिकेशन में, हर देश के लिए एक बार में सिर्फ़ एक कार्यक्रम चुना जा सकता है.

मैंने बिलिंग के लिए अन्य विकल्प उपलब्ध कराने के ईईए कार्यक्रम के लिए पहले ही रजिस्ट्रेशन करा लिया है. उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम चुनने का विकल्प देने वाले पायलट कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए, क्या मुझे फिर से साइन अप करना होगा?

अगर आपने 1 सितंबर, 2022 से पहले, ईईए कार्यक्रम के लिए साइन अप किया है और आपको Google Play के बिलिंग सिस्टम के साथ-साथ, उपयोगकर्ताओं को किसी अन्य बिलिंग सिस्टम को चुनने का विकल्प देना है, तो आपको उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम चुनने का विकल्प देने वाले पायलट कार्यक्रम में रजिस्टर करना होगा. इसके लिए, आपको जानकारी वाला फ़ॉर्म फिर से सबमिट करना होगा. हालांकि, उपयोगकर्ताओं को बिलिंग के लिए अन्य विकल्प देने के लिए, आपको फ़ॉर्म फिर से सबमिट करने की ज़रूरत नहीं है.

अगर आपने 1 सितंबर, 2022 के बाद, ईईए कार्यक्रम के लिए साइन अप किया है, तो लोगों की पसंद के बिलिंग सिस्टम के पायलट कार्यक्रम में शामिल होने के लिए, आपको जानकारी वाला फ़ॉर्म फिर से सबमिट करने की ज़रूरत नहीं है. हालांकि, आपको ऐप्लिकेशन के अपडेट किए गए पैकेज के लिए रजिस्ट्रेशन फ़ॉर्म सबमिट करना होगा. इसमें आपको हमें यह बताना होगा कि ईईए में शामिल हर देश के लिए, उपयोगकर्ता की पसंद के बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) वाली सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है या नहीं.

किसी अन्य बिलिंग सिस्टम से किए गए लेन-देन कैसे सबमिट किए जाते हैं?

किसी अन्य बिलिंग सिस्टम की मदद से किए गए लेन-देन की रिपोर्ट 14 नवंबर, 2023 से अन्य बिलिंग सिस्टम वाले एपीआई इस्तेमाल करके भेजी जा सकती है. ध्यान रहे कि इस तरह के पेमेंट स्वीकार होने के 24 घंटों के अंदर उनकी रिपोर्ट भेजना ज़रूरी है. ये एपीआई, डेवलपर के लिए रिपोर्टिंग को आसान बनाते हैं. साथ ही, ये अन्य बिलिंग सिस्टम से होने वाले लेन-देन को Google Play के टॉप चार्ट में दिखाने की सुविधा भी देते हैं. चालू सदस्यताओं को माइग्रेट करने का तरीका जानने के लिए, कृपया यहां दिए गए अक्सर पूछे जाने वाले सवाल देखें. ये उन चालू सदस्यताओं को माइग्रेट करने का तरीका है जो ऑटोमेशन के बिना, अन्य बिलिंग सिस्टम की सुविधा ऑफ़र करने के दौरान शुरू हुई थीं.

अगर आपने अब तक अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई के साथ इंटिग्रेट नहीं किया है, तो 13 मार्च, 2024 तक मैन्युअल तरीके से लेन-देन की रिपोर्ट भेजी जा सकती है. अगर लेन-देन की रिपोर्ट मैन्युअल तरीके से दी जाती है, तो आपको हर महीने के पांचवें कामकाजी दिन तक, लेन-देन से मिलने वाली रकम की रिपोर्ट भेजनी होगी. यह रिपोर्ट, महीने में सिर्फ़ एक बार ही भेजने की ज़रूरत है. उदाहरण के लिए, अक्टूबर 2023 में किए गए लेन-देन की रिपोर्ट भेजने की आखिरी तारीख 7 नवंबर, 2023 है. जानकारी देने वाला फ़ॉर्म भरने के बाद, हम उस जानकारी की समीक्षा करेंगे जो आपने इस फ़ॉर्म में दी है. साथ ही, पैसे देकर किए जाने वाले लेन-देन की जानकारी देने का तरीका भी बताएंगे. इसके अलावा, हम यह भी बताएंगे कि सेवा शुल्क और लागू होने वाले टैक्स चुकाने के लिए, आपको कितने पैसे भेजने होंगे.

मैंने इस बात की जानकारी देने के लिए ऐप्लिकेशन पैकेज से जुड़ा रजिस्ट्रेशन फ़ॉर्म सबमिट किया है कि किन देशों में, अपने उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) चुनने का विकल्प देने वाली सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकेगा. मैं अपने ऐप्लिकेशन पैकेज के रजिस्ट्रेशन के विकल्पों में किए जाने वाले किसी भी बदलाव के बारे में Google को कैसे सूचना दूं?

अगर आपको ऑटोमेशन के बिना कोई अन्य बिलिंग सिस्टम ऑफ़र करना है, तो आपको अपडेट किए गए ऐप्लिकेशन पैकेज से जुड़ा रजिस्ट्रेशन फ़ॉर्म सबमिट करना होगा. आपको ऐसा तब भी करना होगा, जब किसी ऐप्लिकेशन पैकेज के लिए उपलब्ध बिलिंग सिस्टम के किसी अन्य विकल्प में बदलाव किया जाता है. कृपया ध्यान दें कि कोई भी अपडेट, यूनिवर्सल कोऑर्डिनेटेड टाइम (यूटीसी) में अगले महीने की पहली तारीख से ही लागू होगा. इसमें लागू किए जाने वाले सेवा शुल्क में होने वाले बदलाव भी शामिल हैं.

अगर अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई इस्तेमाल करके, अन्य बिलिंग सिस्टम ऑफ़र किया जा रहा है, तो Play Console की अन्य बिलिंग सिस्टम की सेटिंग पर जाकर, किसी ऐप्लिकेशन पैकेज के लिए उस देश में उपलब्ध अन्य बिलिंग सिस्टम के विकल्प में बदलाव किया जा सकता है. अपडेट तुरंत लागू हो जाएंगे. इनमें, सेवा शुल्क में होने वाले बदलाव भी शामिल हैं.

क्या उपयोगकर्ता इस कार्यक्रम से डिजिटल कॉन्टेंट की खरीदारी कर सकते हैं?

हां, इस कार्यक्रम के तहत, डेवलपर अपने ऐप्लिकेशन में एम्बेड किए गए वेबव्यू में, वेब पर आधारित पेमेंट का इस्तेमाल पैसे चुकाने के अन्य तरीके के तौर पर कर सकते हैं. पैसे चुकाने के अन्य तरीकों की तरह, इन्हें भी इस पेज पर बताए गए कार्यक्रम की ज़रूरी शर्तों को पूरा करना होगा. इनमें, लोगों की सुरक्षा और भरोसे से जुड़ी ज़रूरी शर्तों के साथ-साथ, सेवा शुल्क की जानकारी भी शामिल है.

क्या मुझे उपयोगकर्ता की पसंद के बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) वाली सुविधा उपलब्ध करानी ज़रूरी है?

नहीं, उपयोगकर्ता यह अपने हिसाब से चुन सकता है. अगर आपको उपयोगकर्ता की पसंद के बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) वाली सुविधा उपलब्ध नहीं करानी है, तो कुछ करने की ज़रूरत नहीं है.

क्या दक्षिण कोरिया में बिलिंग सिस्टम का अन्य विकल्प अब भी उपलब्ध है?

हां, यह सुविधा उपलब्ध है. हालांकि, दक्षिण कोरिया, लोगों की पसंद के बिलिंग सिस्टम के पायलट कार्यक्रम का हिस्सा नहीं है, फिर भी हम सभी डेवलपर को दक्षिण कोरिया में उनके मोबाइल और टैबलेट उपयोगकर्ताओं के लिए Google Play के साथ-साथ अन्य बिलिंग सिस्टम उपलब्ध कराने का अधिकार देना जारी रखेंगे. अगर दक्षिण कोरिया के लोग आपका ऐप्लिकेशन इस्तेमाल करते हैं, तो आपको अपने ऐप्लिकेशन में कोई अन्य बिलिंग सिस्टम जोड़ने के लिए ज़्यादा जानकारी, सहायता केंद्र के इस लेख पर मिल सकती है. अगर आपको, उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम चुनने का विकल्प देने वाले पायलट कार्यक्रम में शामिल देशों में मौजूद अपने उपयोगकर्ताओं को इसकी सुविधा देने के लिए हिस्सा बनना है, तो आपको बिलिंग सिस्टम की जानकारी वाला फ़ॉर्म भरकर इस पायलट कार्यक्रम में हिस्सा लेना होगा.

अगर मुझे उपयोगकर्ता की पसंद का बिलिंग सिस्टम उपलब्ध कराना है या यह विकल्प पहले से उपलब्ध है, तो मुझे इस पेज पर बताई गई उपयोगकर्ता अनुभव से जुड़ी ज़रूरी शर्तें कब तक पूरी करनी होंगी?

अगर अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई के साथ, उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) चुनने का विकल्प देने वाली सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, तो क्लाइंट-साइड एपीआई को उस सुविधा के साथ इंटिग्रेट करके और उनका इस्तेमाल करके, उपयोगकर्ता अनुभव से जुड़ी ज़रूरी शर्तों को पूरा किया जाएगा. इस सुविधा का इस्तेमाल करने वाले सभी डेवलपर को 14 मार्च, 2023 से, अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई इंटिग्रेट करने होंगे. इससे, उपयोगकर्ताओं के लिए उनकी पसंद की स्क्रीन रेंडर करने और लेन-देन की जानकारी दी जा सकेगी.

अगर आप अब तक अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई इंटिग्रेट करने के लिए तैयार नहीं हैं, तो आपको उपयोगकर्ता अनुभव से जुड़े फ़िलहाल के दिशा-निर्देशों को मैन्युअल तरीके से लागू करना होगा.

क्या भारत में अन्य बिलिंग सिस्टम का विकल्प अब भी उपलब्ध है?

हां. भारत में हाल ही में हुए कानूनी बदलावों के मुताबिक, अब हम सभी डेवलपर को भारत में Google Play के बिलिंग सिस्टम के साथ-साथ अन्य बिलिंग सिस्टम उपलब्ध कराने की सुविधा दे रहे हैं. यह सुविधा, भारत में उन उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराई जा सकती है जो Google Play से मोबाइल और टैबलेट में डाउनलोड किए गए ऐप्लिकेशन में इन-ऐप्लिकेशन खरीदारी करते हैं. यह कार्यक्रम, लोगों की पसंद के बिलिंग सिस्टम के पायलट कार्यक्रम से अलग है. भारत में उपयोगकर्ताओं को अन्य बिलिंग सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराने और इसके लिए रजिस्टर करने से जुड़ी ज़रूरी शर्तों के बारे में ज़्यादा जानने के लिए, कृपया सहायता केंद्र के इस लेख पर जाएं.

मेरे ऐप्लिकेशन को भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए, लोगों की पसंद के बिलिंग सिस्टम के पायलट कार्यक्रम में रजिस्टर किया गया है. क्या मुझे भारत में अन्य बिलिंग सिस्टम के लिए होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए, फिर से साइन अप करना होगा?

अगर आपका ऐप्लिकेशन भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए, 22 फ़रवरी, 2023 से पहले लोगों की पसंद के बिलिंग सिस्टम के पायलट कार्यक्रम में रजिस्टर किया गया था, तो अब आपको भारत में होने वाले अन्य बिलिंग सिस्टम के कार्यक्रम के लिए फिर से रजिस्टर करने की ज़रूरत नहीं है. हालांकि, अगर किसी ऐप्लिकेशन पैकेज के लिए किसी देश में अन्य बिलिंग सिस्टम में बदलाव किया जाता है, तो आपको अक्सर पूछे जाने वाले सवाल में दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा.

मैंने नॉन-गेमिंग ऐप्लिकेशन के पायलट कार्यक्रम में पहले ही रजिस्टर कर लिया है. ईईए में लोगों की पसंद के बिलिंग सिस्टम के पायलट कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए, क्या मुझे अपने गेमिंग ऐप्लिकेशन के लिए फिर से साइन अप करना होगा?

नहीं. अगर आप फ़िलहाल पायलट कार्यक्रम में शामिल हैं, तो आपके पास Play Console की मदद से, इस कार्यक्रम में अपना गेमिंग ऐप्लिकेशन रजिस्टर करने का विकल्प है. इसके बाद, ईईए में रहने वाले उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) उपलब्ध कराया जा सकता है. सहायता केंद्र के इस लेख में, ऐप्लिकेशन के रजिस्ट्रेशन के लिए दिए गए निर्देशों का पालन करें.

अगर मुझे ईईए में रहने वाले उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) उपलब्ध कराना हो, तो मैं मोबाइल और टैबलेट के अलावा दूसरे डिवाइसों के साइज़, डाइमेंशन या कॉन्फ़िगरेशन के हिसाब से अन्य बिलिंग सिस्टम वाले एपीआई कैसे इंटिग्रेट करूं?

अन्य बिलिंग सिस्टम वाले एपीआई, ज़रूरी शर्तें पूरी करने वाले सभी साइज़, डाइमेंशन या कॉन्फ़िगरेशन वाले डिवाइसों पर एक ही तरह से लागू किए जा सकते हैं. शुरू करने के बारे में ज़्यादा जानकारी वाले दिशा-निर्देशों और संसाधनों के लिए, इस इंटिग्रेशन गाइड का इस्तेमाल करें.

अगर आपको Android Auto पर, उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) चुनने का विकल्प उपलब्ध कराना है, तो इसका इस्तेमाल शुरू करने के बारे में ज़्यादा जानकारी पाने के लिए, कृपया हमसे संपर्क करें.

अन्य बिलिंग सिस्टम वाले एपीआई इस्तेमाल करने के क्या फ़ायदे हैं? लेन-देन की रिपोर्ट भेजने के लिए एपीआई का इस्तेमाल करने से पहले, क्या मुझे उपयोगकर्ता को उसकी पसंद की स्क्रीन दिखाने के लिए, अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई जोड़ने होंगे?

डेवलपर के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए, अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई इस तरह डिज़ाइन किए गए हैं कि उन्हें इंटिग्रेट करके एक साथ इस्तेमाल किया जा सके. अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई के ये फ़ायदे हैं:

  • अन्य बिलिंग सिस्टम की स्क्रीन Google Play रेंडर करता है. इसका मतलब है कि पसंद की स्क्रीन बनाने के साथ-साथ, स्क्रीन और/या उस पर मौजूद जानकारी के रखरखाव की ज़िम्मेदारी आपकी नहीं है.
  • लेन-देन की रिपोर्ट भेजने का आसान तरीका, जिसमें मैन्युअल तरीके से टच पॉइंट नहीं बनाने पड़ते. साथ ही, इसमें एग्रीगेशन या डेटा का हिसाब लगाने की गलतियां भी कम होती हैं.
  • अन्य बिलिंग सिस्टम से किए गए ऐसे लेन-देन Google Play के टॉप चार्ट में दिखेंगे जिनकी रिपोर्ट एपीआई की मदद से भेजी गई है.

इसके अलावा, हमने ये सुधार भी किए हैं, ताकि आपके लिए किसी अन्य बिलिंग सिस्टम को इस्तेमाल करना आसान हो जाए:

  • उपयोगकर्ता की पसंद के अनुभव को मैनेज करना.
  • Play Console की मदद से अन्य बिलिंग सिस्टम की सेटिंग को खुद मैनेज करना. इसमें, ज़रूरी शर्तें पूरी करने वाले हर ऐप्लिकेशन और देश के लिए, उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) चुनने की सुविधा देने का विकल्प चालू या बंद करना, पेमेंट के तरीकों के लोगो मैनेज करना, सदस्यता मैनेज करने वाले यूआरएल वगैरह शामिल हैं.
  • अन्य बिलिंग सिस्टम से किए गए लेन-देन की ऐसी रिपोर्ट जो एपीआई की मदद से भेजी गई हैं और जिन्हें एक्सपोर्ट भी किया जा सकता है. इनमें अन्य जानकारी शामिल होती है. जैसे, इस्तेमाल किया गया एक्सचेंज रेट, ऐप्लिकेशन से जुड़ा पैकेज आईडी, और सेवा शुल्क की दर.
अन्य बिलिंग सिस्टम वाले एपीआई को इंटीग्रेट करने के बारे में ज़्यादा जानकारी कहां मिलेगी?

अन्य बिलिंग सिस्टम वाले एपीआई का फ़ायदा पाने के लिए, Google Play के बिलिंग सिस्टम के साथ-साथ अपने मौजूदा इंटिग्रेशन को आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है. अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई, हमारी Play Billing Library और Play Developer APIs के डिज़ाइन पैटर्न और सिद्धांतों के मुताबिक बने हैं. इसका मतलब है कि यह आपके मौजूदा डिज़ाइन के साथ काम करेगा और आपकी टीमों के लिए इसे समझना भी आसान होगा.

इंटिग्रेशन गाइड में, किसी अन्य बिलिंग सिस्टम को इस्तेमाल करने और इसे इस्तेमाल करने में आने वाली समस्याओं के समाधान से जुड़े दिशा-निर्देश और संसाधन दिए गए हैं. इसके अलावा, इसमें एक बार की जाने वाली खरीदारी और बार-बार की जाने वाली खरीदारी से जुड़ी समस्याओं के कई उदाहरण भी शामिल हैं. साथ ही, इसमें सैंपल कोड स्निपेट भी शामिल किए गए हैं, जिन्हें लागू करना आसान है. हम इन एपीआई और दूसरे संसाधनों पर डेवलपर के सुझाव, शिकायत या राय का स्वागत करते हैं. इनसे हमें मदद मिलेगी. अगर अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई के बारे में आपका कोई सवाल या सुझाव हो, राय देनी हो या शिकायत करनी हो, तो हमसे संपर्क करने के लिए यहां क्लिक करें.

मैंने उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद का बिलिंग सिस्टम (यूज़र चॉइस बिलिंग) चुनने की सुविधा देने का विकल्प पहले ही चालू कर लिया है. किसी अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई का इस्तेमाल करने के लिए मुझे क्या करना होगा?

माइग्रेट करने की आखिरी तारीख 13 मार्च, 2024 से पहले, अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई इंटिग्रेट करना में बताए गए चरणों को पूरा करें. मैन्युअल पीरियड से सभी चालू सदस्यताओं का माइग्रेशन करने के बाद, अगर एपीआई का इस्तेमाल करके लेन-देन की रिपोर्ट दी जाती है, तो आपको लेन-देन की रिपोर्ट मैन्युअल तरीके से भेजने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

अगर मैंने रिपोर्ट अपने-आप भेजने की सुविधा के बिना ही अन्य बिलिंग सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराई थी, तो मैं चालू सदस्यताओं के लिए अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई की मदद से बार-बार किए जाने वाले लेन-देन की रिपोर्ट कैसे भेजूं?

अगर रिपोर्ट अपने-आप भेजने की सुविधा के बिना ही अन्य बिलिंग सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी, तो चालू सदस्यताओं के लिए आपको एपीआई की मदद से बार-बार किए जाने वाले लेन-देन की रिपोर्ट देने से पहले, ExternalTransactions API की मदद से इन सदस्यताओं को माइग्रेट करना होगा. सदस्यताएं माइग्रेट करने की यह प्रक्रिया, अन्य बिलिंग सिस्टम के एपीआई पर माइग्रेट करने की समयसीमा, 13 मार्च, 2024 से पहले पूरी करना ज़रूरी है. यह प्रक्रिया सिर्फ़ एक बार पूरी करनी होगी. माइग्रेट करने के बाद, बार-बार किए जाने वाले लेन-देन की रिपोर्ट, आपको एपीआई की मदद से ही देनी होगी. इसके लिए, आपको मैन्युअल तरीके से रिपोर्ट भेजने की ज़रूरत नहीं है.

अगर आपने चालू सदस्यता को अभी तक माइग्रेट नहीं किया है, तो आपको मैन्युअल तरीके से रिपोर्ट भेजने के मौजूदा निर्देशों की मदद से रिपोर्ट भेजना जारी रखना होगा.

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