पहुंच और फ़्रीक्वेंसी को मापना

अगस्त 2020 से, हम Google Ads से कुकी-आधारित पहुंच मेट्रिक हटा रहे हैं. यूनीक रीच मेट्रिक, कुकी-आधारित पहुंच मेट्रिक की जगह लेंगी. पहुंच को मापने के लिए, ये मुख्य मेट्रिक हो जाएंगी. कुकी-आधारित पहुंच मेट्रिक वे डेटा नहीं दिखाएंगी जिनके खत्म होने की तारीख 31 जुलाई, 2019 के बाद की है.

डिसप्ले और वीडियो कैंपेन की पहुंच और फ़्रीक्वेंसी डेटा का विश्लेषण करके, आप बेहतर तरीके से समझ सकते हैं कि आपके विज्ञापन कितने लोगों को दिखाए गए. साथ ही, यह भी जान सकते हैं कि किसी खास समय अवधि में उन ही लोगों को कितनी बार ये विज्ञापन दिखाए गए. आप चाहे किसी मैसेज पर ज़ोर देना चाहते हों या नए लोगों तक पहुंचना चाहते हों, इस जानकारी से आप यह बेहतर ढंग से समझ सकते हैं कि आप लोगों तक पहुंचने के लक्ष्य हासिल कर पा रहे हैं या नहीं.

पहुंच और फ़्रीक्वेंसी की मेट्रिक

यूनीक रीच

यूनीक रीच मेट्रिक से उन लोगों की कुल संख्या पता चलती है जिन्हें विज्ञापन दिखाया गया है.  ये मेट्रिक, बुनियादी कुकी मापन से ज़्यादा जानकारी देती हैं. इनसे आपको यह समझने में मदद मिलती है कि आपका विज्ञापन लोगों को अलग-अलग डिवाइस, फ़ॉर्मैट, और नेटवर्क पर कितनी बार दिखाया गया.

इन दिनों लोग भाग-दौड़ में लगे रहते हैं और दिन भर में कई तरह के डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं. हमारे यूनीक रीच मॉडल, विज्ञापन की कुल पहुंच मापते हैं. इसके लिए उन मामलों पर गौर किया जाता है जब लोगों को अलग-अलग डिवाइस पर वही विज्ञापन दिखाई देता है या जब कई लोग एक ही डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं.

यूनीक रीच मेट्रिक में ये शामिल हैं:

  • यूनीक उपयोगकर्ता
  • हर उपयोगकर्ता पर औसत इंप्रेशन फ़्रीक्वेंसी
  • हर उपयोगकर्ता पर औसत इंप्रेशन फ़्रीक्वेंसी (7 दिन)
  • हर उपयोगकर्ता पर औसत इंप्रेशन फ़्रीक्वेंसी (30 दिन)

कुकी के आधार पर रीच

आप "यूनीक रीच" मेट्रिक के अलावा, कुकी के आधार पर भी रीच मेट्रिक देख सकते हैं. कुकी की सहायता से हम पहुंच का अनुमान लगा सकते हैं, क्योंकि वे अलग-अलग ब्राउज़र का पता लगा सकती हैं. कुकी के हिसाब से पहुंच का पता लगाने के लिए Google Ads उन कुकी की संख्या गिनता है जिन्हें किसी विज्ञापन ने पेश किया था. साथ ही, Google Ads उन कुकी की संख्या भी गिनता है जिन्होंने विज्ञापन पर होने वाले क्लिक को रिकॉर्ड किया था. यह मापन सिर्फ़ एक अनुमान होता है, क्योंकि कुछ लोग कई ब्राउज़र या कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं जिनमें अलग-अलग कुकी होती हैं. इस वजह से उन्हें एक से ज़्यादा बार गिना जा सकता है. अगर आप फ़्रीक्वेंसी कैपिंग का इस्तेमाल करते हैं, तो कुकी वाली मेट्रिक से आपको फ़ायदा हो सकता है. इसकी वजह यह है कि फ़्रीक्वेंसी कैप कुकी पर लागू होती हैं, यूनीक उपयोगकर्ताओं पर नहीं.

कुकी वाली पहुंच मेट्रिक में ये होते हैं:

  • यूनीक कुकी
  • हर कुकी के लिए औसत इंप्रेशन फ़्रीक्वेंसी
  • यूनीक दर्शक (कुकी)
  • हर कुकी के लिए औसत व्यू फ़्रीक्वेंसी

पहुंच और फ़्रीक्वेंसी डेटा देखें

आप पहुंच और फ़्रीक्वेंसी डेटा देख सकते हैं. इसके लिए आपको आंकड़ों की टेबल में इन मेट्रिक के लिए कॉलम जोड़ने होंगे. इसके बाद, ड्रॉप-डाउन मेन्यू में एक खास अवधि चुननी होगी. आपको ये कॉलम "रीच मेट्रिक" में मिलेंगे. ये सिर्फ़ तब ही दिखेंगे, जब आप 'कैंपेन' पेज पर होंगे.

कॉलम जोड़ने या हटाने का तरीका जानें

Google पहुंच का हिसाब कैसे लगाता है

यूनीक रीच का हिसाब कैसे लगाया जाता है

यूनीक रीच का हिसाब लगाने के लिए Google Ads, आंकड़ों वाले मॉडल का इस्तेमाल करता है. ये मॉडल कई ब्राउज़र और डिवाइस पर उपयोगकर्ता का व्यवहार दर्ज करते हैं. ये मॉडल, Google के सभी प्रॉडक्ट के उपयोगकर्ताओं के व्यवहार को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, ताकि पता लगाया जा सके कि उपयोगकर्ता किस तरह अलग-अलग डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं. Google Ads, उपयोगकर्ता व्यवहार की निगरानी से मिले नतीजों को अन्य सिग्नल और स्थानीय आंकड़ों के साथ मिला देता है. (जैसे कि जनगणना और Google-Gallup के सर्वे). ऐसा करने से, उपयोगकर्ताओं के अलग-अलग सेशन, फ़ॉर्मैट, नेटवर्क, और डिवाइस का डुप्लीकेट डेटा हट जाता है. इससे हमें उन यूनीक उपयोगकर्ताओं की संख्या (कुकी नहीं) मिलती है जिन्होंने विज्ञापन देखा था.

कुकी वाली पहुंच का हिसाब कैसे लगाया जाता है

जब लोग Display Network को ब्राउज़ करते हैं, तब Google उनके वेब ब्राउज़र में एक कुकी सेव कर सकता है. इससे विज्ञापन इंप्रेशन का पता लगाने में मदद मिलती है. हालांकि, कुछ विज्ञापन इंप्रेशन ऐसे होते हैं जिन्हें लोगों की ब्राउज़र सेटिंग या दूसरी वजहों से कुकी के साथ नहीं जोड़ा जा सकता. हमारा सिस्टम सबसे पहले डुप्लीकेट कुकी हटाता है और यूनीक कुकी की संख्या की गिनती करता है. इसके बाद, वह कुकी की पहुंच का हिसाब लगाता है.  जिन इंप्रेशन की गिनती कुकी से नहीं की जा सकती उनके लिए हम आंकड़ों वाले मॉडल का इस्तेमाल करते हैं. इससे हम उन कुकी की संख्या का अनुमान लगाते हैं जिनसे उपयोगकर्ताओं तक पहुंचा जा सकता था. इसके बाद, हम इस संख्या को कुकी की कुल पहुंच में जोड़ देते हैं.

पहुंच और उपयोगकर्ता की निजता

अहम जानकारी: हमारा सिस्टम सभी उपयोगकर्ताओं और कुकी का डेटा इकट्ठा करता है. इसके अलावा, विज्ञापन देने वालों को डेटा सिर्फ़ तब ही दिया जाता है, जब उपयोगकर्ताओं की कम से कम संख्या हासिल हो गई हो. व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल कभी नहीं किया जाता.

पहुंच से जुड़ी मेट्रिक न दिखने की वजहें

पहुंच से जुड़ी मेट्रिक की रिपोर्ट, ज़्यादा से ज़्यादा 92 दिन या उससे कम की तारीख की सीमा के लिए ही मिल सकती है. अगर आपने तारीख की सीमा 92 दिन से ज़्यादा की चुनी है, तो टेबल में शायद, पहुंच से जुड़ा डेटा न दिखे.

अगर आप किसी कैंपेन की फ़्रीक्वेंसी का बंटवारा देख रहे हैं, तो टेबल में आप इसका डेटा तब ही देख सकते हैं, जब तारीख की सीमा 31 दिन या उससे कम की हो.

हो सकता है कि कुछ वजहों के चलते, रीच मेट्रिक में आपको कुछ कैंपेन या रिपोर्टिंग सेगमेंट का डेटा शायद तुरंत दिखाई न दे. इन वजहों में देश के हिसाब से डेटा की उपलब्धता शामिल है. इसके अलावा, यह वजह भी हो सकती है कि आपके विज्ञापन को इंप्रेशन और यूनीक उपयोगकर्ताओं ज़रूरी सीमा हासिल नहीं हुई है. ऐसा भी हो सकता है कि कुकी रीच का डेटा उपलब्ध हो, जबकि यूनीक रीच का डेटा नहीं. इसकी वजह यह है कि यूनीक रीच मॉडल हर देश पर लागू नहीं होते और उनके लिए इंप्रेशन की सबसे कम सीमा को हासिल करना भी ज़रूरी है.

रिपोर्टिंग में देरी को ध्यान में रखना

हमारे मॉडल इस तरह से काम करते हैं कि रीच मेट्रिक को आपके खाते में दिखाई देने में आम तौर पर तीन दिन का समय ही लगता है. अगर आपकी तारीख की सीमा में पिछले कुछ दिन शामिल हैं, तो इस देरी को ध्यान में रखें.

उदाहरण के लिए, अगर आपकी तारीख की सीमा "पिछले सात दिन" के लिए सेट है, तो शायद पिछले तीन दिनों का पूरा डेटा न हो. इसलिए, आपको पिछले सात दिनों के जो आंकड़े दिखाई दे रहे हैं उनमें शायद पिछले सात दिनों के सबसे हाल के तीन दिन शामिल न हों.

पहुंच और जगह के हिसाब से टारगेटिंग के बारे में जानकारी

यूनीक रीच वाली मेट्रिक, आंकड़ों वाले मॉडल का इस्तेमाल करती हैं. ये मॉडल, देश के लेवल पर उपयोगकर्ता व्यवहार पर नज़र रखते हैं. मॉडल का हिसाब देश के लेवल पर किया जाता है, इसलिए कुछ प्रतिशत मामलों में मेट्रिक अलग दिख सकती हैं. इसमें खास तौर से वे कैंपेन शामिल हो सकते हैं जो एक ही शहर या पिन कोड जैसे छोटे इलाकों को टारगेट करते हैं.

दूसरे मामलों में, किसी खास जगह पर अस्थायी विज़िटर की संख्या में काफ़ी बढ़ोतरी हो सकती है. इससे यूनीक रीच में इज़ाफ़ा नज़र आ सकता है. हम इन मामलों के लिए यूनीक रीच के बारे सबसे बढ़िया अनुमान देते हैं. इसके अलावा, आपको जगह के मुताबिक सबसे सटीक अनुमान देने के लिए हम अपने मॉडल को बेहतर बनाने में लगे हैं.

फ़्रीक्वेंसी कैपिंग और दिखने वाले इंप्रेशन

डिसप्ले कैंपेन में, फ़्रीक्वेंसी कैप के लिए सिर्फ़ उन इंप्रेशन को गिना जाता है जो दिखने वाले होते हैं. आपकी फ़्रीक्वेंसी कैप की तुलना में “हर कुकी के लिए औसत इंप्रेशन फ़्रीक्वेंसी” और दूसरी फ़्रीक्वेंसी रिपोर्टिंग का डेटा ज़्यादा दिखाई दे सकता है, क्योंकि यह दिखने वाले और न दिखने वाले इंप्रेशन, दोनों की गिनती कर रहा है. 

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