ब्रैंड जागरूकता का पता लगाना

कैंपेन की ब्रैंडिंग का ख़ास उद्देश्य होता है: जिससे अपने उत्पाद, सर्विस और कार्य के बारे में जागरूकता और जानकारी फैलाई जा सके. इन उद्देश्यों को पूरा करने में आपकी मदद के लिए आप ब्रैंड के बारे में जागरूकता और पहुंच से जुड़े लक्ष्य का इस्तेमाल करके Google Ads कैंपेन बना सकते हैं, जिससे आपकी वेबसाइट देखने वाले लोगों की संख्या को बढ़ाया जा सके या आपके ब्रैंड से जुड़ने के लिए ग्राहकों को प्रोत्साहित किया जा सके. Google Ads के नए अनुभव में लक्ष्यों के बारे में ज़्यादा जानें.

अपने ब्रैंडिंग कैंपेन के लक्ष्य हासिल करने के बाद आप अपने विज्ञापन दिखाने के लिए सबसे बढ़िया जगह चुन सकते हैं और इंप्रेशन, कन्वर्ज़न और दूसरे आंकड़ों की निगरानी करके सफलता का आंकलन कर सकते हैं. आमतौर पर आप अपने विज्ञापनों को उस जगह पर लगाना चाहेंगे जहां से आपकी अधिकतम लक्षित ऑडियंस उन्हें देख सके.

ब्रैंडिंग की शुरुआत करने वाले ज़्यादातर विज्ञापनदाताओं का ध्यान मुख्य रूप से ब्रैंड की जागरूकता बढ़ाने पर होता है. शायद वे ख़रीदारी के बजाय पेज दृश्य जैसे कन्वर्ज़न को ट्रैक करना चाहते हों. उदाहरण के लिए, किसी नए एनर्जी ड्रिंक को पेश करने वाला विज्ञापनदाता ज़्यादा से ज़्यादा खेल प्रेमियों के बीच जागरूकता और रुचि पैदा करना चाहेगा और यह ज़रूरी नहीं है कि उसकी रुचि ड्रिंक की बोतलों को ऑनलाइन बेचने में हो.

सलाह

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आपके ब्रैंड से जुड़े कैंपेन के लिए नेटवर्क

Google के पास आपके विज्ञापन चलाने के लिए दो नेटवर्क हैं: खोज नेटवर्क और डिसप्ले नेटवर्क. खोज नेटवर्क मुख्य रूप से टेक्स्ट वाले विज्ञापन चलाता है, जबकि डिसप्ले नेटवर्क टेक्स्ट विज्ञापनों के अलावा रंगीन छवि विज्ञापन, मल्टीमीडिया विज्ञापन (जैसे वीडियो या एनिमेशन) चलाता है, जो ख़ासतौर से ब्रैंडिंग वाले मैसेज दिखाने के लिए बेहतर होते हैं. डिस्प्ले विज्ञापनों में ग्राफ़िक, ऑडियो और वीडियो का इस्तेमाल करके भावनात्मक संबंध बनाया जा सकता है ताकि आपकी कंपनी की बेमिसाल कहानी सुनाई जा सके.

डिसप्ले नेटवर्क पर आप अपने विज्ञापन प्रभावशाली ढंग से टारगेट कर सकते हैं. आप आपने विज्ञापन दिखाने के लिए वेबसाइटों और पेजों का चुनाव करके और बहुत से विज़ुअल प्रभाव वाला विज्ञापन बनाकर, अपनी बेची जाने वाली वस्तु पर लोगों का ध्यान आसानी से खींच सकते हैं.

उदाहरण

मान लें कि आप किसी बेहतर इटालियन कार निर्माता के लिए काम करते हैं. आप अपने नवीनतम मॉडल SuDuperRossa की नई विशेषताओं को दर्शाने वाला कोई वीडियो विज्ञापन बना सकते हैं और उस विज्ञापन को सिर्फ़ बेहतर प्रदर्शन वाली कारों के मालिकों की वेबसाइटों पर दिखाने का विकल्प चुन सकते हैं, क्योंकि वे आपकी टारगेट की गई जनसांख्यिकी का हिस्सा हैं.

ब्रैंड जागरूकता का आकलन कैसे करें

आपके ब्रांडिंग कैंपेन की सफलता को दर्शाने वाले कुछ ज़रूरी आंकड़े यहां दिए गए हैं:

  • इंप्रेशन: इंप्रेशन का कैंपेन में पता लगाना ज़रूरी होता है फिर इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि आपका लक्ष्य क्या है. लेकिन ब्रैंडिंग कैंपेन में उनका ख़ास महत्व होता है, क्योंकि वे दर्शाते हैं कि आपका विज्ञापन सच में कितने ग्राहकों ने देखा. शायद आप इस बात की परवाह न करें कि उन्होंने आपकी साइट से कुछ ख़रीदा या नहीं, लेकिन आप यह ज़रूर चाहेंगे कि आपने जिस बेहतरीन स्लोगन को बनाने और दुनिया के साथ शेयर करने में इतना ख़र्च किया, उसे याद रखा जाए.

    इंप्रेशन की सच में प्राथमिकता तय करने का एक तरीक़ा यह है कि हर-एक-हज़ार इंप्रेशन कैंपेन पर लागत बनाई जाए (प्रति क्लिक लागत कैंपेन के बजाय). इस तरह आप अपने विज्ञापनों को मिलने वाले इंप्रेशन की संख्या के मुताबिक भुगतान करेंगे, न कि उन पर होने वाले क्लिक की संख्या के मुताबिक.

  • ग्राहक का जुड़ाव: अगर आपका ध्यान ब्रैंडिंग पर है, तो आप खोज नेटवर्क विज्ञापनों के लिए ग्राहक के जुड़ाव का पता लगाने के लिए क्लिकथ्रू दर (CTR) का इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि, डिसप्ले नेटवर्क पर उपयोगकर्ताओं का व्यवहार कुछ अलग होता है और CTR उतनी उपयोगी साबित नहीं होती है. ऐसा इसलिए है क्योंकि ग्राहक साइटों पर जानकारी ब्राउज़ करते हैं, कीवर्ड से नहीं खोजते हैं. साथ ही, किसी व्यस्त डिसप्ले नेटवर्क पेज पर विज्ञापन को किसी पाठक का ध्यान खींचने के लिए खोज पेज के मुकाबले ज़्यादा प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है. डिसप्ले नेटवर्क की तुलना में खोज नेटवर्क पर अच्छी CTR (1% या ऊंची) पाने की कोशिश करना ज़्यादा ज़रूरी है, क्योंकि यहां क्लिकथ्रू दर आमतौर पर कम होती है. आप डिसप्ले नेटवर्क विज्ञापनों के लिए कन्वर्ज़न जैसे दूसरे मापों पर ग़ौर कर सकते हैं.

    आप कन्वर्ज़न देखकर जान सकते हैं कि आपके विज्ञापन आपके मुताबिक मूल्यवान ब्रैंडिंग-संबंधी विज़िटर व्यवहार जैसेकि साइन अप या पेज दृश्य उपलब्ध करा रहे हैं या नहीं. कम से कम, क्या आप यह नहीं जानना चाहेंगे कि कितने लोग आपकी कंपनी के बनाए गए महंगे वीडियो विज्ञापन को देखकर आपकी मेलिंग सूची में शामिल हुए?

  • पहुंच और फ़्रीक्वेंसी: किसी विज्ञापन को देखने वाले विज़िटर की संख्या को पहुंच कहा जाता है. ज़्यादा पहुंच का मतलब यह है कि कोई विज्ञापन ज़्यादा संभावित ग्राहकों को नज़र आता है, जिसके नतीजे से जागरूकता में बढ़त हो सकती है. विज़िटर के किसी ख़ास अवधि के दौरान किसी विज्ञापन को देखे जाने की औसत संख्या फ्रीक्वेंसी कहलाती है.

क्या आप जानते हैं...

पहुंच के बारे में बात करें, तो यहां डिसप्ले नेटवर्क के मूल्यवान ब्रैंडिंग पार्टनर होने का एक और कारण बताया गया है: यह दुनिया भर के 90% से ज़्यादा खास इंटरनेट उपयोगकर्ताओं तक पहुंचता है (स्रोत: Google के साथ विचार करें).

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