Google Ads API की नीतियां

Google के सहायता केंद्र में दिए गए लेख, कई भाषाओं में अनुवाद किए गए हैं. हालांकि, अनुवाद की वजह से कॉन्टेंट से जुड़ी नीतियों में कोई बदलाव नहीं होता. नीतियों को लागू करने के लिए, आधिकारिक भाषा के तौर पर हम अंग्रेज़ी का इस्तेमाल करते हैं. इस लेख को किसी दूसरी भाषा में देखने के लिए, पेज के सबसे नीचे मौजूद भाषा के ड्रॉपडाउन मेन्यू का इस्तेमाल करें.

Google Ads API का इस्तेमाल कर डेवलपर अपने टूल बना सकते हैं. इन टूल से, विज्ञापन देने वालों को ज़्यादा असरदार और क्रिएटिव ढंग से अपने Google Ads खाते और कैंपेन मैनेज करने में मदद मिलती है. हमारी नीतियों का लक्ष्य यह पक्का करना है कि API का इस्तेमाल, Google Ads की मदद करने और उसे बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा हो. साथ ही, हम यह भी चाहते हैं कि विज्ञापन देने वालों को पारदर्शी और एक जैसा अनुभव मिलता रहे.

हम किसी भी समय और किसी भी वजह से इस बात की समीक्षा का अनुरोध कर सकते हैं कि आपने एपीआई को किस इस्तेमाल में लिया हुआ है. इससे हमें यह पक्का करने में मदद मिलती है कि एपीआई को, Google Ads API के नियमों और शर्तों के साथ-साथ, यहां दी गई नीतियों के मुताबिक इस्तेमाल किया जा रहा है:


API की सामान्य नीतियां

Google Ads API का इस्तेमाल

Google Ads API का इस्तेमाल, सिर्फ़ Google Ads कैंपेन बनाने, मैनेज करने या उसकी रिपोर्टिंग के लिए किया जा सकता है.

API का इस्तेमाल सिर्फ़ उन कामों के लिए किया जा सकता है जिनकी जानकारी टोकन के आवेदन में दी गई है. अगर आपकी ज़रूरतें बदल जाती हैं और API को अन्य कामों के लिए भी इस्तेमाल करना है (जैसे कि रिपोर्टिंग टूल की मदद से कैंपेन बनाना या मैनेज करना), तो आपको टूल में बदलाव के लिए फ़ॉर्म भरना होगा.

इस्तेमाल नहीं किए गए टोकन

अगर API टोकन का 90 दिनों तक लगातार इस्तेमाल नहीं किया जाता, तो Google उसे बंद कर सकता है. ऐसा होने पर, टोकन के लिए किसी भी समय फिर से आवेदन किया जा सकता है.

ज़रूरी तौर पर मुहैया कराई जाने वाली सुविधाएं

'ज़रूरी तौर पर मुहैया कराई जाने वाली सुविधाएं' (आरएमएफ़) का मतलब ऐसी सुविधाओं और अन्य फ़ंक्शन से है जिन्हें Google Ads API इस्तेमाल करने वाले कुछ टूल डेवलपर को उपलब्ध कराना ज़रूरी होता है. आरएमएफ़ के तहत आने वाली सुविधाओं को तीन कैटगरी में बांटा गया है: क्रिएशन फ़ंक्शन, मैनेजमेंट फ़ंक्शन, और रिपोर्टिंग फ़ंक्शन. आरएमएफ़ के नियम देखें.

यहां दिए गए नियम आप पर लागू होते हैं या नहीं, यह इस बात से तय होता है कि Google Ads API का इस्तेमाल किस काम के लिए किया जा रहा है:

  क्रिएशन फ़ंक्शन
से जुड़ी ज़रूरी शर्तें
मैनेजमेंट फ़ंक्शन
से जुड़ी ज़रूरी शर्तें
रिपोर्टिंग फ़ंक्शन
से जुड़ी ज़रूरी शर्तें
सभी सेवाएं देने वाला टूल
(विज्ञापन देने वाले, एजेंसियां, और अन्य तीसरे पक्ष अपने Google Ads खातों को पूरी तरह से मैनेज करने के लिए आपके टूल का इस्तेमाल करते हैं)
आरएमएफ़ लागू होता है आरएमएफ़ लागू होता है आरएमएफ़ लागू होता है
सिर्फ़ रिपोर्टिंग
(एजेंसियों या विज्ञापन देने वालों को सिर्फ़ रिपोर्टिंग डैशबोर्ड उपलब्ध कराया जाता है)
आरएमएफ़ लागू नहीं होता आरएमएफ़ लागू नहीं होता आरएमएफ़ लागू होता है
सिर्फ़ संगठन के इस्तेमाल के लिए
(विज्ञापन देने वाले या एजेंसियां सिर्फ़ अपने संगठन के लिए इस्तेमाल करती हैं. किसी तीसरे पक्ष के पास इसका ऐक्सेस नहीं होता)
आरएमएफ़ लागू नहीं होता आरएमएफ़ लागू नहीं होता आरएमएफ़ लागू नहीं होता

ध्यान दें कि आरएमएफ़ सिर्फ़ स्टैंडर्ड ऐक्सेस वाले टोकन पर लागू होता है. स्टैंडर्ड ऐक्सेस के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए रेट शीट देखें.

अगर आपका टूल बहुत सीमित और कुछ खास सुविधाएं ही मुहैया कराता है और उसे कैंपेन, विज्ञापन ग्रुप, और विज्ञापन बनाने और मैनेज करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, तो शायद उसे सभी सेवाएं देने वाला टूल न माना जाए. इस मामले में, क्रिएशन और मैनेजमेंट आरएमएफ़ की नीति लागू नहीं होगी. अगर आपको यह पक्के तौर पर नहीं पता कि आपके टूल पर आरएमएफ़ की नीति लागू होती है या नहीं, तो नियमों के पालन से जुड़ी Google Ads API की टीम से संपर्क करें. नियमों के पालन से जुड़ी Google Ads API की टीम यह तय करेगी कि आपका टूल, सभी सेवाएं देने वाला टूल है या नहीं. अगर आपके टूल के फ़ंक्शन में ज़्यादा बदलाव होते हैं, तो उसका फिर से आकलन किया जा सकता है.

आरएमएफ़ नीति से यह पक्का होता है कि विज्ञापन देने वालों के पास Google Ads की सुविधाओं और परफ़ॉर्मेंस की ज़्यादा जानकारी वाले डेटा का ऐक्सेस हो. भले ही, वे कोई भी टूल इस्तेमाल करते हों. आरएमएफ़ सूची में, डेवलपर की जानकारी के लिए हर सुविधा से जुड़ी नीतियों और दस्तावेज़ों वाले संसाधन शामिल होते हैं. अगर आपको किसी सुविधा से जुड़ी खास शर्तों के बारे में कोई और सवाल पूछने हैं, तो नियमों के पालन से जुड़ी Google Ads API की टीम से संपर्क करें.

अगर आपने हमारी आरएमएफ़ नीतियों का उल्लंघन किया, तो आपको नीतियों का पालन न करने पर लगने वाला शुल्क देना पड़ सकता है. साथ ही, जैसा कि एपीआई रेट शीट में बताया गया है, आपके टोकन को डाउनग्रेड भी किया जा सकता है.

ऐसी जानकारी जिसे ज़ाहिर करना ज़रूरी है और अन्य ज़िम्मेदारियां

ऐसी जानकारी जो ज़ाहिर करनी ज़रूरी है और अन्य ज़िम्मेदारियों वाला यह सेक्शन, इन ग्रुप पर लागू होता है:

  • वे एजेंसियां और अन्य तीसरे पक्ष जो विज्ञापन देने वाले की तरफ़ से कैंपेन मैनेज करते हैं और उन्हें सॉफ़्टवेयर टूल भी मुहैया कराते हैं
  • ऐसे सॉफ़्टवेयर डेवलपर जो एजेंसियों और तीसरे पक्षों को टूल मुहैया कराते हैं

विज्ञापन देने वालों या सिर्फ़ अंदरूनी कामों के लिए Google Ads API का इस्तेमाल करने वालों पर इस सेक्शन में मौजूद नीतियां लागू नहीं होंगी.

ऐसी जानकारी जिसे ज़ाहिर करना ज़रूरी है

Google Ads के लिए, पारदर्शिता बहुत मायने रखती है. विज्ञापन देने वाले भले ही किसी भी टूल का इस्तेमाल करते हों, उन्हें यह पता होना चाहिए कि Google Ads उनके कारोबार के लिए कितने काम का है. नीचे दी गई ज़रूरी शर्तों से यह पता चलता है कि Google Ads डेटा को रिपोर्ट और मैनेज करने में, विज्ञापन देने वालों के साथ कैसे पारदर्शी बने रहना चाहिए.

अलग-अलग प्लैटफ़ॉर्म के काम करने के तरीके का अंतर ज़ाहिर करना: अगर आपका कारोबार, खुद की सेवाओं या प्रॉडक्ट के विज्ञापन दिखाने वाले क्लाइंट यानी एंड-एड्वर्टाइज़र क्लाइंट को सभी सेवाएं देने वाला टूल मुहैया कराता है, तो खातों में बदलाव करने से पहले, उनके लिए हर विज्ञापन प्लैटफ़ॉर्म के सिस्टम के बीच का अंतर समझना ज़रूरी है. साथ ही, अगर वे क्लाइंट आपके टूल का इस्तेमाल Google Ads के अलावा, विज्ञापन देने वाले किसी अन्य सिस्टम को मैनेज करने के लिए भी कर रहे हैं, तब भी इस अंतर को समझना ज़रूरी है.

अगर आपका एपीआई टूल, किसी अन्य विज्ञापन प्लैटफ़ॉर्म से या प्लैटफ़ॉर्म पर, Google Ads कैंपेन का डेटा बल्क में एडिट, कॉपी, इंपोर्ट या एक्सपोर्ट करने की सुविधा देता है, तो डेटा ट्रांसफ़र में किसी भी तरह की रुकावट या गड़बड़ी से बचा जा सकता है. इसके लिए, आपको अपने क्लाइंट को यह बताना होगा कि अलग-अलग प्लैटफ़ॉर्म के काम करने के तरीके में क्या अंतर है. साथ ही, इस तरह की समस्या का समाधान करने या बचने के लिए, आपको क्लाइंट को डेटा ट्रांसफ़र की सेटिंग में बदलाव करने और/या उन्हें रद्द करने की सुविधा भी देनी चाहिए.

उदाहरण: मान लें कि क्लाइंट आपके एपीआई टूल की मदद से, Google Ads के अलावा किसी अन्य विज्ञापन प्लैटफ़ॉर्म का डेटा इंपोर्ट करते हैं. हालांकि, अन्य विज्ञापन प्लैटफ़ॉर्म से जो डेटा उन्हें मिलता है उसके विवरण का स्तर Google Ads जितना विस्तृत नहीं होता. जैसे, Google Ads पिन कोड के लेवल पर टारगेटिंग (विज्ञापन के लिए सही दर्शक चुनना) की सुविधा देता है, जबकि कोई दूसरा प्लैटफ़ॉर्म सिर्फ़ शहर के लेवल पर टारगेटिंग की सुविधा देता है. इसलिए, यह ज़रूरी हो जाता है कि आप डेटा इंपोर्ट होने की प्रक्रिया पूरी होने से पहले, क्लाइंट को अलग-अलग विज्ञापन प्लैटफ़ॉर्म के काम करने के तरीके के अंतर की जानकारी दें. इसके अलावा, क्लाइंट को इंपोर्ट रद्द करने या प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले कैंपेन के डेटा में बदलाव करने की सुविधा भी दें.

उदाहरण: मान लें कि क्लाइंट आपके एपीआई टूल की मदद से, Google Ads का डेटा अन्य विज्ञापन प्लैटफ़ॉर्म पर एक्सपोर्ट करते हैं. हालांकि, अन्य विज्ञापन प्लैटफ़ॉर्म किसी खास डेटा वैरिएबल को Google Ads की तुलना में अलग तरीके से डिफ़ाइन करता है या कोई भी डेटा वैरिएबल उपलब्थ नहीं कराता. इसलिए यह ज़रूरी हो जाता है कि आप डेटा एक्सपोर्ट की प्रक्रिया पूरी होने से पहले, क्लाइंट को अलग-अलग विज्ञापन प्लैटफ़ॉर्म के काम करने के तरीके के अंतर की जानकारी दें. इसके अलावा, क्लाइंट को एक्सपोर्ट रद्द करने या प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले कैंपेन के डेटा में बदलाव करने की सुविधा भी दें.

देरी से उपलब्ध कराया गया डेटा: अगर आपको एंड-एड्वर्टाइज़र या अन्य क्लाइंट को उनकी परफ़ॉर्मेंस का डेटा भेजने में 24 घंटे से ज़्यादा की देरी होती है, तो आपको साफ़ तौर पर यह जानकारी अपने क्लाइंट को देनी होगी.

तीसरे पक्ष के लिए Google की नीति: उन एजेंसियों और अन्य तीसरे पक्षों को Google की तीसरे पक्ष के लिए बनी नीति का पालन करना होगा जो एंड-एड्वर्टाइज़र क्लाइंट की तरफ़ से, Google पर विज्ञापन दिखाने की सेवा खरीदते या मैनेज करते हैं.

Google Ads और अन्य विज्ञापन प्लैटफ़ॉर्म के डेटा को शेयर और रिपोर्ट करना: ऐसी एजेंसी या अन्य इकाई के लिए अपने क्लाइंट से लिखित सहमति लेना ज़रूरी है जो एंड-एड्वर्टाइज़र क्लाइंट की तरफ़ से, Google पर विज्ञापन चलाने की सेवा खरीदती या मैनेज करती हैं. ऐसा, उन्हें क्लाइंट के Google Ads खाते से जुड़े खास डेटा (जैसे, कीवर्ड, बिड, कैंपेन सेटिंग या परफ़ॉर्मेंस डेटा) को बेचने, फिर से डिस्ट्रिब्यूट करने, उसकी सब-लाइसेंसिंग के दौरान या किसी और तरह से दूसरों को डेटा उपलब्ध कराने या डेटा ट्रांसफ़र करते समय करना होता है.

विज्ञापन देने वाली जो कंपनियां आपके टूल का इस्तेमाल कर रही हैं उन्हें Google Ads की पूरी जानकारी दी जानी चाहिए. इसमें Google Ads की वह सुविधा भी शामिल है जिससे पता चलता है कि कौनसा डेटा Google Ads से मिला है और कौनसा किसी अन्य विज्ञापन प्लैटफ़ॉर्म से. अगर आपका टूल अन्य विज्ञापन प्लैटफ़ॉर्म से रिपोर्टिंग डेटा मुहैया कराता है, तो आपको Google Ads से मिले डेटा और अन्य विज्ञापन प्लैटफ़ॉर्म से मिले डेटा को अलग-अलग दिखाना होगा. अगर Google Ads के डेटा के विवरण का स्तर, एग्रीगेट किए गए डेटा या अन्य विज्ञापन के डेटा की तुलना में बेहतर है (जैसे, Google Ads पिन कोड के लेवल पर, जगह के हिसाब से रिपोर्टिंग की सुविधा देता है, जबकि कोई अन्य प्लैटफ़ॉर्म सिर्फ़ शहर या राज्य के लेवल पर जगह के हिसाब से रिपोर्टिंग की सुविधा देता है), तो आपको Google Ads के डेटा को ज़्यादा विवरण के साथ ही रिपोर्ट करना चाहिए. आपके पास परफ़ॉर्मेंस का एग्रीगेट किया गया डेटा (Google Ads और अन्य विज्ञापन प्लैटफ़ॉर्म का मिला-जुला डेटा) रिपोर्ट करने का विकल्प होता है. हालांकि, ऐसा करने के लिए यह ज़रूरी है कि Google Ads के डेटा को आपने टूल में ऐसी जगह स्टोर किया हो जहां उसे आसानी से ऐक्सेस किया जा सके.

उदाहरण: अगर आपका टूल कई विज्ञापन प्लैटफ़ॉर्म (AdCenter, Yahoo, Yandex वगैरह) से एग्रीगेट किया गया ऐसा डेटा मुहैया कराता है जिससे पता चलता है कि अलग-अलग इलाकों में किसी विज्ञापन ने कैसा परफ़ॉर्म किया, तो यह ज़रूरी है कि आपके टूल में, इलाके के हिसाब से मिलने वाली Google Ads की परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट और उसकी ज़रूरी फ़ील्ड भी उपलब्ध हों.

अन्य ज़िम्मेदारियां

क्रॉस-प्लैटफ़ॉर्म पर काम करने की सुविधा:

क्रॉस-प्लैटफ़ॉर्म पर काम करने की सुविधा देने वालों के लिए बनी यह नीति, यहां दी गई शर्तों को पूरा करने वालों पर लागू होती है:

  • उन पर जो इनके इस्तेमाल के लिए सॉफ़्टवेयर टूल बनाते हैं: विज्ञापन देने वाले, एजेंसी या ऐसे अन्य तीसरे पक्ष जो विज्ञापन देने वाले क्लाइंट के कैंपेन मैनेज करते हैं;
  • उन एजेंसियों पर जिनके सॉफ़्टवेयर की मदद से उपयोगकर्ता अलग-अलग विज्ञापन नेटवर्क कंपनियों और प्लैटफ़ॉर्म से कैंपेन सेटिंग को कॉपी, इंपोर्ट, एक्सपोर्ट या ऑप्टिमाइज़ कर पाते हैं.

विज्ञापन देने वालों या सिर्फ़ अंदरूनी कामों के लिए Google Ads API का इस्तेमाल करने वालों पर यह नीति लागू नहीं होगी.

अगर आपने सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल करने वालों को Google Ads और किसी अन्य विज्ञापन प्लैटफ़ॉर्म के बीच, कैंपेन सेटिंग को कॉपी, इंपोर्ट, एक्सपोर्ट या ऑप्टिमाइज़ करने की अनुमति दी है, तो आपको उपयोगकर्ताओं को किसी भी डायरेक्शन यानी पहले प्लैटफ़ॉर्म से दूसरे या दूसरे से पहले प्लैटफ़ॉर्म पर, कैंपेन सेटिंग को कॉपी, इंपोर्ट, एक्सपोर्ट या ऑप्टिमाइज़ करने की सुविधा देनी होगी. जैसे, Google Ads से Yahoo या Yahoo से Google Ads पर कॉपी करना.

उदाहरण: अगर आपका टूल, उपयोगकर्ताओं को Google Ads से कैंपेन सेटिंग और अन्य डेटा को कॉपी करके, Yahoo, Bing Ads, और Yandex पर एक्सपोर्ट या ऑप्टिमाइज़ करने देता है, तो आपको टूल में उन्हें एक सुविधा देनी होगी. इससे उपयोगकर्ता, Yahoo, Bing Ads, और Yandex से भी कैंपेन सेटिंग और अन्य डेटा को कॉपी कर पाएंगे और उस डेटा को Google Ads पर एक्सपोर्ट या ऑप्टिमाइज़ कर सकेंगे.

क्लाइंट के लिए ऑप्ट-आउट का विकल्प:

विज्ञापन देने वाले क्लाइंट के पास यह विकल्प होना चाहिए कि वे तुरंत और आसानी से उस टूल का इस्तेमाल बंद कर सकें जिससे वे अपने Google Ads कैंपेन मैनेज करते हैं. विज्ञापन देने वाले किसी भी क्लाइंट से नोटिस मिलने के तीन कारोबारी दिनों के अंदर, आपको उस क्लाइंट को ऐसा विकल्प देना होगा जिसकी मदद से वह अपने Google Ads कैंपेन को आपकी सेवाओं और डेवलपर टोकन से अलग कर सके. साथ ही, सभी Google Ads खातों का पूरा कंट्रोल वापस लेने में भी उस क्लाइंट की मदद करनी होगी.

डेटा सुरक्षा:

विज्ञापन देने वालों के Google Ads API डेटा को सुरक्षित रखने के लिए, आपको हरमुमकिन कोशिश करनी होगी. एंटरप्राइज़ डेटा के लिए आम तौर पर स्वीकार किए गए सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए आपको ऐसा करना होगा. साथ ही, Google Ads API की मदद से ट्रांसफ़र किए जा रहे सारे डेटा को कम से कम 128 बिट एसएसएल वाले एन्क्रिप्ट (सुरक्षित) करने के तरीके का इस्तेमाल करके सुरक्षित किया जाना चाहिए. इसके अलावा, सीधे Google के साथ ट्रांसमिशन के लिए, प्रोटोकॉल कम से कम इतना सुरक्षित होना चाहिए कि वह Google Ads API के सर्वर पर स्वीकार हो जाए.

वे काम जिन पर पाबंदी लगाई गई है

TargetingIdeaService या TrafficEstimatorService को स्क्रैप करना

TargetingIdeaService (TIS) और TrafficEstimatorService (TES) से विज्ञापन देने वालों और एजेंसियों को, प्रोग्राम के हिसाब से कीवर्ड जनरेट करने में मदद मिलती है. साथ ही, ये सेवाएं Google Ads कीवर्ड और बिडिंग की रणनीतियों को ऑप्टिमाइज़ करने में भी मदद करती हैं. आपको Google Ads कैंपेन बनाने और मैनेज करने के अलावा, और किसी काम के लिए TIS या TES से डेटा इकट्ठा करने की अनुमति नहीं है. अगर आप कोई विज्ञापन एजेंसी या Google Ads API डेवलपमेंट से जुड़े एक स्वतंत्र डेवलपर हैं और आपका मकसद है कि अपने क्लाइंट को, एक्सटर्नल टूल के ज़रिए TIS या TES के डेटा का ऐक्सेस दिया जाए, तो आप ज़रूरी तौर पर मुहैया कराई जाने वाली सुविधाओं से जुड़ी शर्तों को पूरा करें.

Google Search की स्क्रैपिंग या स्क्रैप किया गया डेटा खरीदना

आपको Google पर मिलने वाले खोज नतीजों के पेज या Google की किसी अन्य प्रॉपर्टी को स्क्रैप करने की अनुमति नहीं है. साथ ही, किसी तीसरे पक्ष से भी, Google का स्क्रैप किया गया डेटा नहीं खरीदा जाना चाहिए. अगर आपको कोई ऐसी रिपोर्ट पब्लिश करनी है जिसमें Google के अलावा किसी अन्य वैध सोर्स से लिया गया डेटा शामिल हो, तो आपको अपनी रिपोर्ट में डेटा के सोर्स के बारे में बताना होगा. साथ ही, डेटा कलेक्ट करने का अपना तरीका भी बताना होगा.

अतिरिक्त टोकन

अगर आपका कारोबार, विज्ञापन देने वालों या तीसरे पक्ष के अन्य क्लाइंट को टूल उपलब्ध कराता है, तो आपको यह शर्त रखने का अधिकार नहीं है कि आपका टूल इस्तेमाल करने के लिए, उन्हें अपने Google Ads API टोकन के लिए आवेदन करना होगा. अगर विज्ञापन देने वाले, इस तरह के टोकन के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें अस्वीकार कर दिया जाएगा.

आम तौर पर, हम हर कॉर्पोरेट इकाई के लिए सिर्फ़ एक Google Ads API टोकन असाइन करते हैं. अगर आपको एक से ज़्यादा टोकन चाहिए, तो कृपया हमसे संपर्क करें.

API टोकन के अपने-आप इस्तेमाल की अनुमति देना

आपके पास किसी एजेंसी, विज्ञापन देने वाले या अन्य तीसरे पक्ष को, इस तरह से अपना Google Ads API टोकन (या अपना API) इस्तेमाल करने की अनुमति देने का अधिकार नहीं है कि उन तीसरे पक्षों को Google Ads API टोकन के लिए आवेदन करने की ज़रूरत न पड़े. जब एजेंसियां या विज्ञापन देने वाले क्लाइंट, ऑटोमैटिक तरीके से या प्रोग्राम के हिसाब से, Google Ads का इस्तेमाल करते हैं, तो उनके लिए अपना Google Ads API टोकन इस्तेमाल करना ज़रूरी होता है. किसी भी एजेंसी या विज्ञापन देने वाले क्लाइंट के लिए, आपको उस API से अपने API टोकन का ऐक्सेस देने की अनुमति नहीं होती है जिसे आपने मुहैया कराया है. खातों में मैन्युअल तौर पर या प्रोग्राम के हिसाब से बदलाव करने के लिए, आपके टूल के असली उपयोगकर्ताओं को ऑटोमैटिक ऐक्सेस के बजाय, मैन्युअल रूप से साइन करने का विकल्प चुनना होगा. इसके बाद ही वे आपके टूल का इस्तेमाल करके बदलाव कर सकते हैं.

उदाहरण: अगर आप टूल मुहैया कराने वाली ऐसी कंपनी हैं जो एजेंसियों और विज्ञापन देने वालों को, विज्ञापन-मैनेजमेंट से जुड़े सॉफ़्टवेयर का लाइसेंस देती है, तो आपको ऐसा API डेवलप करने की अनुमति नहीं मिलेगी जिसका इस्तेमाल करके आपके क्लाइंट, ऑटोमैटिक तरीके से या प्रोग्राम के हिसाब से कम्प्यूटर स्क्रिप्ट के ज़रिए Google Ads API को ऐक्सेस कर पाएं.

ध्यान दें, यह नीति आपको ऑटोमैटिक तरीके से या प्रोग्राम के हिसाब से Google Ads API का इस्तेमाल करने से नहीं रोकती. इस नीति का मकसद यह पक्का करना है कि Google Ads API ऐक्सेस करने के लिए, तीसरे पक्ष आपका API टोकन इस्तेमाल न कर पाएं और इसके बजाय वे अपने API टोकन के लिए आवेदन करें.

Google Ads की नीतियों का उल्लंघन

Google Ads API के उपयोगकर्ता के तौर पर, आपको और आपका टूल इस्तेमाल करने वाले हर उपयोगकर्ता (जैसे, विज्ञापन देने वाले) को Google Ads की नीतियों और Google Ads के नियमों और शर्तों का पालन करना होगा.

उदाहरण: अगर आपके Google Ads API डेवलपर टोकन से जुड़े मैनेजर खाते को किसी नीति का उल्लंघन करने के मामले में निलंबित कर दिया गया है, तो Google Ads API का इस्तेमाल जारी रखने के लिए, आपको निलंबित खाते को तुरंत ठीक करना होगा.

बिना अनुमति के Google की ब्रैंडिंग और ट्रेडमार्क का इस्तेमाल करना

Google Ads API के उपयोगकर्ता के तौर पर, आपको ब्रैंड के इस्तेमाल से जुड़े Google के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा.

उदाहरण: आपके Google Ads API टूल का लुक और स्टाइल, हूबहू Google Ads के यूज़र इंटरफ़ेस की तरह नहीं होना चाहिए. ऐसा होने पर लोगों को यह भ्रम हो सकता है कि आपका टूल कोई Google प्रॉडक्ट है.

Google की गतिविधियों में रुकावट डालना

Google Ads API की किसी भी गतिविधि को, Google मॉनिटर या ऑडिट कर सकता है, ताकि यह पक्का किया जा सके कि वह गतिविधि, नियमों और शर्तों और इन नीतियों के मुताबिक है. आपको इस तरह की मॉनिटरिंग या ऑडिटिंग में रुकावट डालने का अधिकार नहीं है. साथ ही, आपको Google Ads API से जुड़ी अपनी किसी गतिविधि को Google से छिपाने की अनुमति भी नहीं होगी. रुकावट डालने की कोई भी कोशिश, इन नीतियों का उल्लंघन मानी जाएगी.

नियमों और शर्तों के मुताबिक, Google Ads API का आपका कोई भी क्लाइंट, Google Ads API के काम में किसी भी तरह से कोई रुकावट नहीं डाल सकता और न ही ऐसी कोशिश कर सकता है. Google Ads API के हर क्लाइंट के लिए यह ज़रूरी है कि वह असाइन किया गया अपना डेवलपर टोकन, Google को पास करे. इसके लिए, Google Ads API से जुड़े निर्देश का पालन करना होगा.

नीति को लागू करने का तरीका

संपर्क जानकारी

आपको अपने एमसीसी खाते के एपीआई केंद्र में, अपनी संपर्क जानकारी को हमेशा अप-टू-डेट रखना होगा. हमारी सलाह है कि जो ईमेल पता आपको एपीआई केंद्र में मुहैया कराना होता है उसमें पूरे पते के बजाय अपना कोई उपनाम डालें. इसके साथ, आपके एपीआई से जुड़े सारे काम के संपर्क भी उपलब्ध होने चाहिए. एपीआई केंद्र में मुहैया कराया गया ईमेल पता, अनुपालन से जुड़े मामलों में आपसे संपर्क करने का मुख्य ज़रिया होगा. एपीआई टीम से मिलने वाले अनुरोधों और नोटिस के जवाब न दिए जाने को, इन नीतियों का उल्लंघन माना जाएगा. कार्रवाई के तौर पर, आपके स्टेटस को स्टैंडर्ड ऐक्सेस से बेसिक ऐक्सेस पर डाउनग्रेड किया जा सकता है या आपके एपीआई टोकन को खत्म किया जा सकता है. मांगे जाने पर, आपको संपर्क से जुड़ी ज़्यादा जानकारी भी मुहैया करानी होगी.

डेमो खाता

Google के अनुरोध करने पर, आपको सात दिनों के अंदर उसे अपने एपीआई टूल का डेमो खाता उपलब्ध कराना होगा. डेमो आपके टूल का लाइव वर्शन होना चाहिए या उसमें लाइव वर्शन वाली सारी सुविधाएं होनी चाहिए, ताकि हम यह समीक्षा कर सकें कि आपका टूल हमारी नीतियों के मुताबिक है या नहीं. डेमो मुहैया न कराना या अपने लाइव टूल का गलत खाता देना, इन नीतियों का उल्लंघन माना जाएगा.

उल्लंघनों की सूचना और नीतियों का पालन न करने पर लगने वाला शुल्क

इन नीतियों का उल्लंघन करने पर, Google आपके Google Ads API खाते में मौजूद ईमेल पते पर नोटिस भेजेगा. साथ ही, इन उल्लंघनों को ठीक करने के लिए आपको कुछ समय दिया जा सकता है. इस दौरान, आप पर कोई कार्रवाई भी नहीं होगी. नीतियों का पालन न करने पर शुल्क लगाने से पहले, Google चेतावनी के तौर पर आपको सूचना भेज सकता है. यह शुल्क, Google Ads API की रेट शीट के हिसाब से लिया जाता है.

इन नीतियों का उल्लंघन करने पर, कुछ अन्य कार्रवाइयां भी की जा सकती हैं. जैसे, आपके स्टेटस को स्टैंडर्ड ऐक्सेस से बेसिक ऐक्सेस पर डाउनग्रेड करना, Google Ads API से जुड़ी सुविधाओं के इस्तेमाल पर आपके लिए नई सीमाएं लागू करना या आपके Google Ads API टोकन को खत्म करना.

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