YouTube पर अपलोड किए गए वीडियो या उनके ऑडियो में आ रही समस्याएं हल करना

अगर अपलोड किए गए वीडियो या उनके ऑडियो में समस्याएं आ रही हैं, तो उन्हें हल करने के लिए ये तरीके आज़माएं.

ऑडियो से जुड़ी समस्याएं

ऑडियो और वीडियो सिंक में न होने की समस्या

पक्का कर लें कि आपके ऑडियो और वीडियो ट्रैक की अवधि बराबर है. अगर आपका ऑडियो ट्रैक वीडियो से छोटा या बड़ा है, तो शायद आपके वीडियो और ऑडियो ठीक तरह से सिंक न हों.

YouTube पर वीडियो अपलोड करने से पहले ऑडियो और वीडियो ट्रैक में बदलाव करने के लिए, वीडियो एडिटिंग सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल करें.

ऑडियो, कंप्यूटर पर चल रहा है, लेकिन मोबाइल डिवाइस पर नहीं चल रहा

यह मुमकिन है कि कंप्यूटर पर वीडियो का ऑडियो ठीक से चल रहा हो, लेकिन मोबाइल डिवाइस पर न सुनाई दे. ऐसा तब हो सकता है, जब मोनो कंपैटिबिलिटी (दो ऑडियो चैनल से आने वाले सिग्नल को जोड़कर एक चैनल पर चलाने की सुविधा) के हिसाब से ऑडियो खराब हो.
आम तौर पर, वीडियो में स्टीरियो ऑडियो होता है. इसमें हेडफ़ोन की तरह, बाएं और दाएं स्पीकर से अलग-अलग ऑडियो सुनाई देता है. ज़्यादातर मोबाइल डिवाइस में एक ही स्पीकर होता है. वीडियो चलाने से पहले, मोबाइल डिवाइस उसके स्टीरियो ऑडियो को मोनो (एक स्पीकर वाले) ऑडियो में बदलता है.
अगर आपके वीडियो के ऑडियो की "मोनो कंपैटिबिलिटी" खराब है, तो मोनो में बदलने पर ऑडियो क्वालिटी खराब हो सकती है या ऑडियो म्यूट हो सकता है. यह समस्या ज़्यादातर तब होती है, जब एक ही वीडियो में कई ऑडियो रिकॉर्डिंग इस्तेमाल की जाती हैं.
पक्का करें कि दोनों ऑडियो चैनल "इन फ़ेज़" हों, यानी कि उनका साउंड बराबर हो.
ऑडियो या वीडियो से जुड़ी दूसरी समस्याएं

वीडियो की सेटिंग में बदलाव करके, ऑडियो और वीडियो की क्वालिटी से जुड़ी सामान्य समस्याएं हल की जा सकती हैं. वीडियो की सेटिंग की समीक्षा करने और उनमें बदलाव करने के लिए:

वीडियो को किसी वीडियो एडिटिंग सॉफ़्टवेयर में खोलें

रॉ वीडियो को खोलने के लिए, कंप्यूटर पर वीडियो एडिटिंग सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल करें. अगर आपने वीडियो को मोबाइल डिवाइस पर रिकॉर्ड किया है, तो किसी मोबाइल एडिटिंग ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल करके वीडियो खोला जा सकता है.

वीडियो सेटिंग की पुष्टि करें

अपने वीडियो एडिटर में, इस बात की दोबारा जांच कर लें कि आपके वीडियो की सेटिंग हमारी सुझाई गई अपलोड सेटिंग से मेल खाती हों.

वीडियो सेटिंग:
  • वीडियो फ़ाइल का साइज़ छोटा करने का फ़ॉर्मैट: H.264
  • फ़्रेम दर: 24, 25, 30, 48, 50, 60 FPS (फ़्रेम प्रति सेकंड) दरों को प्राथमिकता दी जाती है. कम इस्तेमाल होने वाले फ़्रेम दर जैसे 23.98, 29.97 और 59.94 को भी मंज़ूरी है.
  • डेटा रेट: अपने-आप चलने वाला
  • मुख्य फ़्रेम: अपने-आप चलने वाले
  • फ़्रेम फिर से क्रम में लगाना: चुना नहीं गया
ऑडियो/साउंड सेटिंग:
  • फ़ॉर्मैट: AAC-LC
  • बिटरेट: 128 केबीपीएस - 256 केबीपीएस
  • सैंपल रेट: 44100 या 48000
अन्य सेटिंग:
  • साइज़: वीडियो का ओरिजनल साइज़ चुनें

सेव करें और एक्सपोर्ट करें

वीडियो की सेटिंग में, सुझाए गए बदलाव करने के बाद, वीडियो को फिर से YouTube पर अपलोड करें.

वीडियो से जुड़ी समस्याएं

अपलोड किए गए नए वीडियो का बेहतर क्वालिटी (4K या 1080p) में न चलना

जब कोई वीडियो अपलोड किया जाता है, तो शुरुआत में वह हल्की क्वालिटी में प्रोसेस होता है. इससे वीडियो तेज़ी से अपलोड होता है. बेहतर क्वालिटी, जैसे कि 4K या 1080 पिक्सल वाले वीडियो को प्रोसेस होने में ज़्यादा समय लग सकता है. इस प्रोसेस के दौरान, यह मुमकिन है कि कुछ घंटों तक आपके वीडियो पर बेहतर क्वालिटी के विकल्प मौजूद न रहें.

अगर आपको अपलोड किया गया नया वीडियो हर क्वालिटी में चाहिए, तो पहले अपने वीडियो को 'सबके लिए मौजूद नहीं' के तौर पर अपलोड करें. इसके बाद, जब वीडियो हर क्वालिटी में उपलब्ध हो जाए, तो उसे सार्वजनिक कर दें. अपलोड किए गए नए वीडियो की क्वालिटी के बारे में ज़्यादा जानें.

ध्यान दें:हो सकता है कि कुछ डिवाइसों या ब्राउज़र पर 4K जैसी बेहतरीन क्वालिटी में वीडियो उपलब्ध न हों. ऐसा इसलिए, क्योंकि ये प्लैटफ़ॉर्म ऐसे वीडियो को सपोर्ट नहीं करते हैं.

रंगों का ठीक से न दिखना

अगर रंग ठीक से नहीं दिख रहे हैं, तो यह पक्का करें कि आपके वीडियो की ट्रांसफ़र विशेषताएं, रंग दिखाने के तरीके, और रंगों के मैट्रिक्स गुणांक का मेटाडेटा, वीडियो को बनाने में इस्तेमाल हुए फ़ॉर्मैट से मेल खा रहा हो.

  • बिना एचडीआर वाले वीडियो: BT.709 इस्तेमाल करें
  • एचडीआर वीडियो: ज़्यादा जानें

अगर अब भी रंग ठीक तरह से रेंडर नहीं हो रहे हैं, तो इसकी वजह आपका ब्राउज़र या डिवाइस हो सकता है. इस समस्या को समझने के लिए, अपने मूल वीडियो और YouTube पर अपलोड किए गए वीडियो को अन्य ब्राउज़र पर चलाकर देखें.

ऑडियो या वीडियो से जुड़ी दूसरी समस्याएं

वीडियो की सेटिंग में बदलाव करके, ऑडियो और वीडियो की क्वालिटी से जुड़ी सामान्य समस्याएं हल की जा सकती हैं. वीडियो की सेटिंग की समीक्षा करने और उनमें बदलाव करने के लिए:

वीडियो को किसी वीडियो एडिटिंग सॉफ़्टवेयर में खोलें

रॉ वीडियो को खोलने के लिए, कंप्यूटर पर वीडियो एडिटिंग सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल करें. अगर आपने वीडियो को मोबाइल डिवाइस पर रिकॉर्ड किया है, तो किसी मोबाइल एडिटिंग ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल करके वीडियो खोला जा सकता है.

वीडियो सेटिंग की पुष्टि करें

अपने वीडियो एडिटर में, इस बात की दोबारा जांच कर लें कि आपके वीडियो की सेटिंग हमारी सुझाई गई अपलोड सेटिंग से मेल खाती हों.

वीडियो सेटिंग:
  • वीडियो फ़ाइल का साइज़ छोटा करने का फ़ॉर्मैट: H.264
  • फ़्रेम दर: 24, 25, 30, 48, 50, 60 FPS (फ़्रेम प्रति सेकंड) दरों को प्राथमिकता दी जाती है. कम इस्तेमाल होने वाले फ़्रेम दर जैसे 23.98, 29.97 और 59.94 को भी मंज़ूरी है.
  • डेटा रेट: अपने-आप चलने वाला
  • मुख्य फ़्रेम: अपने-आप चलने वाले
  • फ़्रेम फिर से क्रम में लगाना: चुना नहीं गया
ऑडियो/साउंड सेटिंग:
  • फ़ॉर्मैट: AAC-LC
  • बिटरेट: 128 केबीपीएस - 256 केबीपीएस
  • सैंपल रेट: 44100 या 48000
अन्य सेटिंग:
  • साइज़: वीडियो का ओरिजनल साइज़ चुनें

सेव करें और एक्सपोर्ट करें

वीडियो की सेटिंग में, सुझाए गए बदलाव करने के बाद, वीडियो को फिर से YouTube पर अपलोड करें.

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