हम माता-पिता को कॉन्टेंट सेटिंग चुनने की सुविधा देते हैं, ताकि वे अपने 9 से 12 साल के बच्चे को YouTube इस्तेमाल करने के बारे में गाइड कर सकें. इसमें, माता-पिता की निगरानी वाले मोड में YouTube का इस्तेमाल करने के लिए, कॉन्टेंट सेटिंग चुनना भी शामिल है. कॉन्टेंट सेटिंग से यह तय होता है कि आपका 9 से 12 साल का बच्चा कौनसा और कितना कॉन्टेंट देख सकता है. कॉन्टेंट सेटिंग चुनने के बाद भी, इसे कभी भी बदला जा सकता है.
माता-पिता की निगरानी वाले मोड में YouTube का अनुभव लेने वाले परिवारों के लिए, कॉन्टेंट सेटिंग
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आपकी चुनी गई कॉन्टेंट सेटिंग के हिसाब से, आपके बच्चे को वीडियो पर की गई टिप्पणियां भी दिख सकती हैं.
कॉन्टेंट सेटिंग कैसे काम करती हैं
कम उम्र के दर्शकों के लिए YouTube पर मौजूद कौनसा कॉन्टेंट सही है और कौनसा नहीं है, यह तय करने के लिए हमने कुछ नीतियां बनाई हैं. ये नीतियां, आम तौर पर टीवी और फ़िल्म की कॉन्टेंट रेटिंग के हिसाब से तय होती हैं. ये नीतियां गाइड करती हैं कि कॉन्टेंट सेटिंग के मुताबिक आपके 9 से 12 साल के बच्चे को कौनसे वीडियो देखने चाहिए.
हमारे ऑटोमेटेड सिस्टम (कार्रवाइयों को अपने-आप पूरा करने वाले सिस्टम), कॉन्टेंट की हमारी नीतियों के मुताबिक यह तय करते हैं कि कौनसे वीडियो को किस कॉन्टेंट सेटिंग में रखा जाए. हम जानते हैं कि हमारे सिस्टम हमेशा सटीक तरीके से काम नहीं करते और वीडियो की पहचान करने में इनसे गलती हो सकती है. हम अपने सिस्टम को लगातार बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं. इसके लिए, हमने इंजीनियर और समीक्षकों की एक टीम बनाई है. अगर YouTube पर आपको कोई आपत्तिजनक वीडियो दिखता है, तो आपके पास वीडियो की शिकायत करने का विकल्प होता है.
आपकी चुनी गई कॉन्टेंट सेटिंग के हिसाब से, आपके 9 से 12 साल के बच्चे को वीडियो पर की गई टिप्पणियां भी दिख सकती हैं.
कॉन्टेंट सेटिंग के विकल्प
| एक्सप्लोर करें | आम तौर पर, इस सेटिंग में नौ साल से ज़्यादा उम्र के बच्चों के लिए बने वीडियो को रखा जाता है |
|---|---|
| ज़्यादा एक्सप्लोर करें | आम तौर पर, इस सेटिंग में 13 साल से ज़्यादा उम्र के बच्चों के लिए बने वीडियो को रखा जाता है |
| YouTube के ज़्यादातर वीडियो | इस सेटिंग में, YouTube के तकरीबन सभी तरह के वीडियो शामिल होते हैं. इसमें, वे वीडियो शामिल नहीं होते जिन्हें 18 साल या उससे ज़्यादा उम्र के दर्शकों के लिए मार्क किया गया हो. इसके अलावा, इसमें वे वीडियो भी शामिल नहीं होते जो माता-पिता की निगरानी में YouTube का इस्तेमाल करने वालों के हिसाब से सही न हों |
कॉन्टेंट से जुड़ी नीतियां
कॉन्टेंट से जुड़ी हमारी नीतियां, कॉन्टेंट सेटिंग के हिसाब से अलग-अलग होती हैं. इनसे यह तय होता है कि आपका बच्चा किस तरह के वीडियो देख सकता है. हम समय-समय पर इन नीतियों का आकलन करते हैं. इसलिए, हो सकता है कि यहां दी गई परिभाषाओं में पूरी जानकारी शामिल न हो.
एक्सप्लोर करें“एक्सप्लोर करें” सेटिंग उन परिवारों के लिए है जिन्हें YouTube Kids को छोड़कर, YouTube की उस दुनिया का हिस्सा बनना है जिसमें अलग-अलग तरह के कॉन्टेंट की भरमार है. इस सेटिंग के तहत, नौ साल से ज़्यादा उम्र के बच्चों के लिए बने बहुत सारे वीडियो दिखाए जाते हैं. इनमें, वीडियो ब्लॉग, ट्यूटोरियल, गेमिंग वीडियो, संगीत वीडियो, खबरें, शिक्षा के मकसद से बनाए गए वीडियो, खुद करके देखें, आर्ट और क्राफ़्ट, डांस, और दूसरी कैटगरी के वीडियो शामिल होते हैं. कुछ वीडियो में ये शामिल हो सकते हैं:
वयस्कों के लिए बनाया गया कॉन्टेंट: ऐसे वीडियो जिनमें रोमैंटिक थीम हों. साथ ही, किसी जोड़े को एक-दूसरे के करीब दिखाया गया हो. उम्र के हिसाब से सही और शिक्षा के मकसद से तैयार किए गए ऐसे वीडियो जो सेक्शुअल और लैंगिक पहचान जैसे विषयों पर बनाए गए हों. साथ ही, प्यूबर्टी (वह अवधि जिस दौरान बच्चा, युवावस्था की तरफ़ बढ़ने लगता है) और प्रजनन जैसे यौन शिक्षा से जुड़े विषयों पर बनाए गए वीडियो.
हिंसा: मौजूदा या ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़े ऐसे वीडियो जो शिक्षा देने के मकसद से बनाए गए हों और उम्र के हिसाब से भी सही हों. हालांकि, वीडियो में उस घटना से जुड़ी थोड़ी हिंसा दिखाई गई हो. स्क्रिप्ट और ऐनिमेशन वाले ऐसे वीडियो जिनमें हिंसा को दिल दहलाने वाले तरीके से न दिखाया गया हो. आम तौर पर, कार्टून, गेमिंग, टेलीविज़न शो, और फ़िल्मों में इस तरह की हिंसा दिखाई जाती है.
हथियार: ऐसे वीडियो जिनमें खिलौनों, गेमिंग, ऐनिमेशन वाले नकली या काल्पनिक हथियार दिखाए गए हों. साथ ही, ऐतिहासिक घटनाओं पर बने वे वीडियो जिनमें आर्टिस्टिक हथियार (ऐसे पुराने हथियार जिन पर कुछ कारीगरी की गई हो) दिखाए गए हों.
खतरनाक कॉन्टेंट: वे वीडियो जिनमें ऐसी खतरनाक गतिविधियां दिखाई गई हों जो नाबालिगों के लिए करना बहुत मुश्किल हो. जैसे, स्टंट, प्रैंक (शरारतें), और चुनौतियां. इसके अलावा, इनमें वे वीडियो भी शामिल हैं जिनके डिसक्लेमर (खंडन) में सुरक्षा से जुड़ी बातों को मुख्य तौर पर दिखाया गया हो. ऐसे वीडियो जिनमें कुछ देर के लिए लोगों को शराब या तंबाकू का सेवन करते हुए दिखाया गया हो.
आपत्तिजनक भाषा: ऐसे वीडियो जिनके कुछ हिस्सों में थोड़ी बहुत गाली-गलौज की गई हो, लेकिन इससे किसी का उत्पीड़न न होता हो. जैसे, "कुत्ते" या "कमीने."
डायट, फ़िटनेस, और ब्यूटी: ऐसे वीडियो जिनमें उम्र के हिसाब से मेकअप ट्यूटोरियल, ब्यूटी प्रॉडक्ट की समीक्षाएं, और लोगों को सेहतमंद बनने के बारे में जानकारी दी गई हो. इसमें सेहत के लिए अच्छा खाना और कसरत करना शामिल है.
संवेदनशील विषय: संवेदनशील विषयों पर बने ऐसे वीडियो जो उम्र की सीमा को ध्यान में रखकर बनाए गए हों. जैसे, मानसिक स्वास्थ्य, किसी चीज़ की लत, खाने-पीने के गलत तौर-तरीके, और किसी को खोने का गम. इस सेटिंग वाले वीडियो में, दिल दहलाने वाली तस्वीरें नहीं होतीं. इनमें किसी मानसिक पीड़ा से उबरने में लोगों की मदद करने पर फ़ोकस होता है और मदद मांगने की अहमियत के बारे में बताया जाता है.
संगीत वीडियो: संगीत वीडियो के गानों के बोल में थोड़ी बहुत गाली-गलौज हो सकती है या शराब/तंबाकू का भी ज़िक्र हो सकता है. ऐसे वीडियो में यौन भावनाएं बढ़ाने वाला ऐसा डांस शामिल हो सकता है जिसे बेवजह दिखाया गया हो. साथ ही, शराब या तंबाकू का थोड़ा बहुत इस्तेमाल भी दिखाया जा सकता है.
“ज़्यादा एक्सप्लोर करें” सेटिंग को उन बच्चों के लिहाज़ से बनाया गया है जो YouTube पर मौजूद अलग-अलग तरह के ज़्यादा कॉन्टेंट को देखने के लिए तैयार हैं. इसमें, 'एक्सप्लोर करें' सेटिंग वाले सारे वीडियो होते हैं. साथ ही, इसमें ऐसे कई वीडियो मौजूद होते हैं जिनकी कॉन्टेंट रेटिंग आम तौर पर, 13 साल से ज़्यादा उम्र के दर्शकों के लिहाज़ से सही होती है. इनमें लाइव स्ट्रीम, वीडियो ब्लॉग, ट्यूटोरियल, गेमिंग वीडियो, खबरें, शिक्षा से जुड़े वीडियो, खुद करके देखें, आर्ट और क्राफ़्ट, और डांस वगैरह के वीडियो भी होते हैं. कुछ वीडियो में ये शामिल हो सकते हैं:
वयस्कों के लिए बनाया गया कॉन्टेंट: सेक्शुअल थीम वाले वीडियो, जिनमें सेक्शुअल ऐक्ट और शारीरिक गतिविधियों को दिखाया गया हो और जो अश्लील न हों. शिक्षा के मकसद से तैयार किए गए ऐसे वीडियो जो सेक्शुअल और लैंगिक पहचान और यौन शिक्षा से जुड़े विषयों पर बनाए गए हों. इनमें सेक्शुअल डेवलपमेंट, प्रजनन स्वास्थ्य, परहेज़, और बीमारी की रोकथाम के बारे में जानकारी देने जैसे विषय शामिल हैं.
हिंसा: सामान्य या ऐतिहासिक तथ्यों के बारे में शिक्षा देने वाले ऐसे वीडियो जिनमें हिंसा को दिल दहलाने वाले तरीके से न दिखाया गया हो. ऐसे वीडियो जिनमें हिंसा को कुछ देर के लिए दिखाया गया हो. आम तौर पर, गेमिंग, टेलीविज़न शो, और फ़िल्मों में इस तरह हिंसा दिखाई जाती है.
हथियार: ऐसे वीडियो जिनमें असली या असली जैसे दिखने वाले हथियारों को दिखाया गया हो. ऐसे हथियारों का टेलीविज़न शो और फ़िल्मों में अक्सर इस्तेमाल होता है. ऐसे वीडियो जिनमें असली बंदूकों का इस्तेमाल किया गया हो. ऐसा किसी खेल के दौरान या बंदूक को सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने के बारे में बताने के लिए किया गया हो.
खतरनाक कॉन्टेंट: वे वीडियो जिनमें ऐसी खतरनाक गतिविधियां दिखाई गई हों जो नाबालिगों के लिए करना बहुत मुश्किल हों और जो शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हों. जैसे, स्टंट, प्रैंक (शरारतें), और चुनौतियां. ऐसे वीडियो जिनमें लोगों को शराब या तंबाकू का बार-बार सेवन करते दिखाया गया हो.
आपत्तिजनक भाषा: ऐसे वीडियो जिनमें बार-बार आपत्तिजनक भाषा या अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया हो. जैसे, "कुत्ते" या "बेवक़ूफ़". हालांकि, इनका मकसद किसी का उत्पीड़न या सेक्शुअल उत्पीड़न करना न हो. अगर ऐसे वीडियो में कभी-कभी गाली-गलौज का इस्तेमाल किया गया है और इनका मकसद किसी का उत्पीड़न करना नहीं है, तो ऐसा कॉन्टेंट, शिक्षा या संगीत से जुड़े वीडियो में दिखाया जा सकता है.
डायट, फ़िटनेस, और ब्यूटी: ऐसे वीडियो जिनमें मेकअप ट्यूटोरियल, खूबसूरती बढ़ाने से जुड़े सुझाव और रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़े बेहतरीन नुस्खे, और पौष्टिक खाने के साथ-साथ कसरत के बारे में जानकारी दी गई हो.
संवेदनशील विषय: ऐसे वीडियो जो संवेदनशील विषयों पर बने हों. जैसे, मानसिक स्वास्थ्य, आत्महत्या के बारे में सोचना, खुद को नुकसान पहुंचाना, किसी चीज़ की लत, खाने से जुड़ी बुरी आदतें, और किसी को खोने का गम पर बने वीडियो. हालांकि, इनमें कुछ भी दिल दहलाने वाला न दिखाया गया हो. इनमें किसी मानसिक पीड़ा से उबरने में लोगों की मदद करने पर फ़ोकस होता है. साथ ही, मदद मांगने की अहमियत के बारे में बताया जाता है.
संगीत वीडियो: संगीत वीडियो के गानों के बोल में, सेक्शुअल रेफ़रंस, अपशब्दों या अश्लील/अपमानजनक भाषा का कभी-कभी इस्तेमाल हो सकता है. हालांकि, इसका मकसद किसी का उत्पीड़न करना या नफ़रत फैलाना नहीं होता. ऐसे वीडियो में यौन भावनाएं बढ़ाने वाला डांस शामिल हो सकता है. साथ ही, शराब, तंबाकू या गांजे का इस्तेमाल भी दिखाया जा सकता है.
इस कॉन्टेंट सेटिंग में, आपका बच्चा वीडियो पर की गई टिप्पणियां पढ़ सकता है, लेकिन खुद कोई टिप्पणी नहीं कर सकता.