वेबपेज की मोबाइल उपयोगिता की रिपोर्ट

वेबपेज की मोबाइल उपयोगिता की रिपोर्ट, आपकी प्रॉपर्टी के उन पेजों की जानकारी दिखाती है जिन्हें मोबाइल पर इस्तेमाल करने में परेशानी होती है.

सबसे ऊपर दिखने वाले लेवल पर वे सभी पेज दिखाए जाते हैं जिनमें माेबाइल उपयोगिता की तय सीमा से ज़्यादा समस्याएं आती हैं. किसी भी समस्या के बारे में जानकारी पाने के लिए उस पर क्लिक करें. इस जानकारी में ऐसे कुछ पेजों की सूची होगी जिन पर उस समस्या का असर हुआ है. साथ ही, उस समस्या को ठीक करने के तरीके और ठीक करने के लिए की गई आपकी कार्रवाई के बारे में Google को सूचना देने के तरीके भी शामिल होंगे.

साइट की मोबाइल उपयोगिता की रिपोर्ट खाेलें

जानकारी वाला पेज

आपके चुने गए विकल्पाें के आधार पर चार्ट में गड़बड़ी और/या मान्य स्थिति वाले पेजाें की संख्या दिखाई जाती है. इंप्रेशन चेकबॉक्स में, मोबाइल डिवाइस से आपकी प्रॉपर्टी पर आए पेज इंप्रेशन दिखाए जाते हैं. 

डेटा के बारे में जानकारी

टेबल में डेटा की ज़्यादा से ज़्यादा 1,000 पंक्तियां दिखाई जा सकती हैं. कई वजहों से कुछ प्रभावित पेज शायद टेबल में न दिखाए जाएं. इन वजहाें में, आपकी प्रॉपर्टी में 1,000 से ज़्यादा प्रभावित पेज हाेना, समस्या का पता नहीं लगाया जाना या समस्या का नया हाेना शामिल हाे सकता है. इसके अलावा, एक वजह यह भी हाे सकती है कि समस्या उस पेज पर हाे जिसका स्कोर उपयोगिता के तय स्कोर से ज़्यादा है.

रिपोर्ट में नीचे दी गई जानकारी दिखाई गई है:

  • स्थिति: पेज की दाे स्थितियां हाे सकती हैं:
    • गड़बड़ी: पेज मोबाइल फ़्रेंडली नहीं है
    • मान्य: पेज मोबाइल फ़्रेंडली है.
  • पेज: गड़बड़ी वाली स्थिति में समस्या वाले पेजाें की संख्या.
पेज की स्थिति के बारे में जानकारी

साइट की मोबाइल उपयोगिता के तय स्कोर के हिसाब से, Google किसी पेज काे मान्य या गड़बड़ी वाले पेज की सूची में डालता है. यह स्कोर समस्याओं की संख्या और उनकी गंभीरता के हिसाब से तय किया जाता है.

  • गड़बड़ी का मतलब है कि पेज का स्कोर मोबाइल उपयोगिता के तय स्कोर से कम है. अगर कोई पेज गड़बड़ी वाली स्थिति में है, तो जानकारी वाले पेज में उसकी मोबाइल उपयोगिता की हर समस्या के बारे में बताया जाएगा.
  • मान्य स्थिति का मतलब है कि पेज की मोबाइल उपयोगिता का स्कोर, तय स्कोर जितना या उससे ज़्यादा है. हालांकि, इसमें अब भी कुछ समस्याएं हाे सकती हैं जिनके बारे में इस रिपाेर्ट में नहीं बताया गया है. अगर आप यह पुष्टि करना चाहते हैं कि किसी मान्य पेज की माेबाइल उपयोगिता में काेई समस्या नहीं है, ताे पेज के मोबाइल-फ़्रेंडली हाेने की जाँच करने वाले टूल से पेज की जाँच करनी होगी.

 यह समस्या कब शुरू हुई?

साेचिए कि एक ऐसा पेज है जिसे मान्य माना जाता है, लेकिन इसकी उपयोगिता में एक छाेटी सी समस्या आती है. बाद में, इस पेज पर ऐसी दूसरी समस्या आती है जिससे उसकी मोबाइल उपयोगिता का स्काेर इतना बढ़ जाता है कि पेज काे गड़बड़ी वाली स्थिति में डाल दिया जाता है. इस मामले में, आप देखेंगे कि पेज की दोनों समस्याएं एक ही समय पर दिखाई देती हैं. हालांकि, इनमें से एक समस्या कुछ समय पहले हुई थी. ज़रूरी बात: ज़रूरी नहीं है कि किसी पेज पर दिखाई गई सभी समस्याएं तब ही हुई हाें जब पेज काे गड़बड़ी वाली स्थिति में डाला गया था.

प्रभावित पेजाें की संख्या के बारे में जानकारी

मान्य स्थिति वाले पेजाें काे प्रभावित पेजों के तौर पर नहीं गिना जाता, चाहे उनमें कितनी भी समस्याएं हों. मान्य स्थिति वाले पेजाें काे प्रभावित पेजों की सूची में भी शामिल नहीं किया जाता, चाहे उनमें कितनी भी समस्याएं हों. सिर्फ़ गड़बड़ी वाली स्थिति के पेजाें को किसी समस्या से प्रभावित पेजाें की सूची में शामिल किया जाता है.

उदाहरण:

इस मामले काे दो पेजाें के हिसाब से साेचिए:

  • समस्या A और B का पेज 1 पर असर पड़ा है, लेकिन इस पेज काे मान्य माना गया है क्याेंकि इसकी माेबाइल उपयोगिता का स्काेर तय सीमा से ज़्यादा है.
  • समस्या B, C, और D का पेज 2 पर असर पड़ा है और इस पेज काे गड़बड़ी वाला पेज माना गया है क्याेंकि इसकी माेबाइल उपयोगिता का स्काेर तय सीमा से कम है.

इस मामले में:

  • समस्या A से काेई भी पेज प्रभावित नहीं है.
  • समस्या B, C, और D से प्रभावित पेजाें की संख्या 1 है.
  • समस्या B से प्रभावित पेज: पेज 2.

समस्याएं ठीक करने का क्रम तय करना और उन्हें ठीक करना

  1. ज़रूरी जानकारी वाले पेज पर, समस्याओं को पुष्टि किए जाने की स्थिति और उनसे प्रभावित हुए पेजों की संख्या के आधार पर क्रम से लगाया जाता है. हमारा सुझाव है कि आप उन्हें डिफ़ॉल्ट रूप से इस ही क्रम में हल करें. पहले आम वजहाें (जैसे कि खराब टेम्प्लेट) काे ठीक करें. इसके बाद उन वजहाें काे ठीक करें जाे ज़्यादातर सामने नहीं आती हैं.
  2. यह देखें कि कहीं गड़बड़ियों की कुल संख्या, ज़्यादातर किसी एक गड़बड़ी की वजह से तो नहीं बढ़ रही है: टेबल में किसी एक समस्या की संख्या में मिलती-जुलती बढ़ोतरी ढूंढने की कोशिश करें. गड़बड़ी के प्रकार और ज़्यादा बढ़ी हुई संख्या वाली गड़बड़ियों को डीबग करने के बारे में नीचे दी गई जानकारी देखें.
  3. गड़बड़ियों की जानकारी वाला पेज देखने के लिए टेबल की किसी पंक्ति काे चुनें:
    1. जानकारी वाले पेज में ऐसे कुछ यूआरएल की सूची होती है जिन पर गड़बड़ी का असर हुआ है. यह ज़रूरी नहीं है कि सूची हर बार पूरी ही हो क्योंकि इसमें ज़्यादा से ज़्यादा 1,000 पंक्तियां ही शामिल की जा सकती हैं. शायद हाल ही में खोजी गई गड़बड़ियां इसमें शामिल न हों.
    2. सही सिंटैक्स के बारे में आधिकारिक दस्तावेज़ पाने के लिए ज़्यादा जानें चुनें.
    3. ज़्यादा जानकारी वाला पैनल खोलने के लिए, टेबल में एक प्रभावित यूआरएल चुनें. इस जानकारी में पेज की मोबाइल उपयोगिता से जुड़ी समस्याओं की संख्या हाेती है. इस पैनल में जाँच करने वाला एक लिंक है जिससे इस पेज के इंडेक्स किए गए वर्शन के लिए यूआरएल की जाँच करने वाला टूल इस्तेमाल किया जाता है. साथ ही, इस पेज पर पेज के माेबाइल-फ़्रेंडली हाेने की जाँच करने के लिए, पेज के लाइव वर्शन की जाँच करने का लिंक भी मौजूद है. शायद लाइव पेज पर कोई गड़बड़ी ठीक किए जाने के बाद भी वह 'वेबपेज की मोबाइल उपयोगिता की रिपोर्ट' में दिखाई दे रही हो. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि गड़बड़ी ठीक करने के बाद भी अब तक पेज को दोबारा क्रॉल नहीं किया गया है. अगर ऐसा है, तो समस्याओं के सभी इंस्टेंस ठीक करने के बाद पुष्टि का अनुरोध करें.
  4. अपनी साइट में समस्याओं के सभी इंस्टेंस ठीक करें. उसके बाद समस्या ठीक हो जाने की जाँच करें और इस बात का ध्यान रखें कि जिन पेजों की समस्याएं ठीक की गई हैं वे अब वेब पर सही ढंग से दिखाई दे रहे हैं.
  5. समस्या की जानकारी वाले पेज पर लौटें और पुष्टि शुरू करने के लिए "पुष्टि करें और Google को जानकारी दें" बटन पर क्लिक करें. यह काम तुरंत नहीं होगा. पुष्टि करने का तरीका समझने के लिए पुष्टि के बारे में जानकारी देखें.
  6. गड़बड़ियां ठीक करना जारी रखें.

रिपोर्ट शेयर करने का तरीका

आप पेज पर मौजूद शेयर बटन पर क्लिक करके समस्या से जुड़ी जानकारी शेयर कर सकते हैं. जिस व्यक्ति के पास यह लिंक है, वह इसके ज़रिए सिर्फ़ मौजूदा पेज और इस समस्या से जुड़े पुष्टि के इतिहास वाले किसी भी पेज का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह लिंक आपके संसाधन को दूसरे पेजों का इस्तेमाल करने की मंज़ूरी नहीं देता है. इस लिंक के ज़रिए, इस्तेमाल करने वाले किसी दूसरे व्यक्ति को आपकी प्रॉपर्टी या खाते पर किसी भी तरह की कार्रवाई करने की मंज़ूरी नहीं दी जा सकती है. इस पेज को शेयर किए जाने की सुविधा बंद करके आप इस लिंक के ज़रिए मिलने वाली मंज़ूरी पर रोक लगा सकते हैं.

ज़्यादा बढ़ी हुई कुछ गड़बड़ियों काे डीबग करना

यह देखें कि क्या कुछ तरह की गड़बड़ियों की संख्या इसलिए ज़्यादा बढ़ रही है क्योंकि कई पेजों में एक साथ गड़बड़ी की गंभीरता बदल रही है:

  1. अगर आप कोई ज़्यादा बढ़ी हुई संख्या देखते हैं, तो किसी दूसरी स्थिति (गड़बड़ी या ठीक) में उससे मिलती-जुलती संख्या वाली कमी ढूंढने की कोशिश करें.
  2. अगर आपको मिलती-जुलती संख्या में कमी मिल जाती है, तो यह जाँच करें कि क्या यह कमी उन्हीं यूआरएल में हो रही है जिनमें बढ़ोतरी देखी गई थी.
  3. अगर यूआरएल की स्थिति बदल रही है, तो यह जाँच करें कि आपने ऐसा कौनसा बदलाव किया है जिसकी वजह से ऐसा हुआ.

गड़बड़ियां ज़्यादा बढ़ने की सबसे आम वजह किसी टेम्प्लेट में गड़बड़ी होना है, जिसे कई पेज इस्तेमाल कर रहे हैं.

गड़बड़ियां

नीचे दी गई गड़बड़ियां, वेबपेज की मोबाइल उपयोगिता की रिपोर्ट में दिखाई दे सकती हैं:

पेज पर ऐसे प्लग-इन होना, जो कई ब्राउज़र पर नहीं चलते

पेज में Flash जैसे कुछ प्लग-इन शामिल हैं, जो ज़्यादातर मोबाइल ब्राउज़र पर काम नहीं करते हैं. हमारा सुझाव है कि आप एचटीएमएल5 जैसी नई और ज़्यादा कारगर वेब तकनीकों का इस्तेमाल करके अपना पेज फिर से डिज़ाइन करें. वेब ऐनिमेशन के दिशा-निर्देशों के बारे में ज़्यादा जानें.

व्यूपोर्ट सेट नहीं होना

आपके पेज पर viewport की प्रॉपर्टी पहले से सेट नहीं है. इसके ज़रिेए ब्राउज़र को बताया जाता है कि पेज की लंबाई-चौड़ाई और उसमें मौजूद चीज़ों के आकार में क्या बदलाव किए जाएं, ताकि पेज को स्क्रीन के आकार के हिसाब से सबसे अच्छी तरह दिखाया जा सके. आपकी साइट पर आने वाले लोग बड़े डेस्कटॉप मॉनीटर से लेकर टैबलेट और छोटे स्मार्टफ़ोन तक—अलग-अलग आकार की स्क्रीनों वाले तरह-तरह के डिवाइस इस्तेमाल करते हैं. इसलिए, आपके पेज के लिए meta viewport टैग का इस्तेमाल करके कोई व्यूपोर्ट तय किया जाना चाहिए. रिस्पॉन्सिव (बदलने वाले) वेब डिज़ाइन की सामान्य बातों के बारे में ज़्यादा जानें.

व्यूपोर्ट, "डिवाइस की चौड़ाई" के हिसाब से सेट नहीं होना

आपके पेज पर viewport की प्रॉपर्टी में चौड़ाई पहले से सेट है, जिसका मतलब है कि आपकी साइट के पेजों का आकार स्क्रीन के मुताबिक नहीं बदल सकता. इस गड़बड़ी को ठीक करने के लिए, अपनी साइट के पेजों के लिए स्क्रीन के मुताबिक बदलने वाले डिज़ाइन अपनाएं. साथ ही, व्यूपोर्ट को इस तरह सेट करें कि पेज की चौड़ाई को डिवाइस की चौड़ाई के बराबर करके, उसी के हिसाब से, पेज पर मौजूद चीज़ों के आकार में बदलाव करके दिखाया जाए. व्यूपोर्ट को सेट करने का तरीका पढ़ें.

स्क्रीन की तुलना में सामग्री ज़्यादा चौड़ी होना

यह रिपोर्ट उन पेजों के बारे में बताती है जहां पेज पर शब्दों और इमेज को देखने के लिए आगे-पीछे स्क्रोल करना ज़रूरी होता है. ऐसा तब होता है जब पेज CSS घोषणाओं में पूरे मानों का इस्तेमाल करते हैं, या एक खास चौड़ाई वाले ब्राउज़र (जैसे कि 980 पिक्सेल) में सबसे अच्छी तरह देखे जाने वाले इमेज का इस्तेमाल करते हैं. इस गड़बड़ी को ठीक करने के लिए, यह पक्का कर लें कि पेज CSS में मौजूद चीज़ों के लिए मिलती-जुलती चौड़ाई और जगह के मानों का इस्तेमाल करते हैं, और यह भी देखें कि इमेज को मापा जा सकता है. व्यूपोर्ट के मुताबिक सामग्री का आकार बदलने के बारे में ज़्यादा पढ़ें.

लेख के वर्ण इतने छोटे होना कि उन्हें पढ़ा न जा सके

यह रिपोर्ट ऐसे पेजों की पहचान करती है, जहां पेज पर इस्तेमाल किए गए फ़ॉन्ट का आकार पढ़े जाने के हिसाब से बहुत छोटा है और मोबाइल इस्तेमाल करने वालों को इसे पढ़ने के लिए “पिंच करके ज़ूम” करना होगा. अपने वेब पेजों के लिए एक व्यूपोर्ट बताने के बाद, अपने फ़ॉन्ट आकारों को व्यूपोर्ट के अंदर सही तरीके से मापने के लिए सेट करें. सही आकार के फ़ॉन्ट इस्तेमाल करने के सबसे अच्छे तरीकों के बारे में ज़्यादा जानने के लिए हमारा लेख पढ़ने लायक आकारों में फ़ॉन्ट इस्तेमाल करें देखें.

क्लिक की जाने वाली चीज़ों का एक दूसरे के बहुत पास होना

यह रिपोर्ट उन साइटों के यूआरएल दिखाती है, जहां छूकर इस्तेमाल की जाने वाली चीज़ें, जैसे कि बटन और नेविगेशन के लिंक, एक दूसरे के काफ़ी करीब हैं. इसकी वजह से मोबाइल इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति आस-पास की चीज़ों को टैप किए बिना, उंगली से अपनी पसंद की चीज़ को आसानी से टैप नहीं कर सकता है. इन गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए, यह पक्का करें कि बटनों के आकार और उनके बीच की खाली जगह को सही ढंग से इस्तेमाल किया गया है और नेविगेशन लिंक आपके मोबाइल का इस्तेमाल करने वालों की सुविधा के मुताबिक हैं. टैप की जाने वाली जगहों को सही आकार दें में ज़्यादा पढ़ें.

पुष्टि करना

अपनी साइट पर गड़बड़ियाें को ठीक करने के बाद, ठीक किए गए पेजाें काे फिर से क्रॉल करने के लिए Google को कहें. इस बारे में पूरी जानकारी देखने के लिए नीचे दिए गए सेक्शन काे बड़ा करें.

पुष्टि की जानकारी

अपनी साइट पर एक खास तरह की समस्या के सभी इंस्टेंस ठीक कर लेने के बाद, आप Google से अनुरोध करके अपने किए हुए बदलावों की पुष्टि करा सकते हैं. अगर किसी समस्या के सभी इंस्टेंस ठीक कर लिए जाते हैं, तो समस्या की स्थिति दिखाने वाले टेबल में इसे 'ठीक कर लिया गया' के तौर पर दिखाया जाता है और यह टेबल के सबसे निचले हिस्से में चली जाती है. Search Console, समस्या की पुष्टि की स्थिति के साथ-साथ समस्या के हर इंस्टेंस की पुष्टि की स्थिति पर भी नज़र रखता है. जब समस्या के सभी इंस्टेंस ठीक हो जाते हैं, तो उसे 'ठीक कर लिया गया' माना जाता है. (पुष्टि किए जाने की सही स्थिति जानने के लिए, समस्या की पुष्टि की स्थिति और इंस्टेंस की पुष्टि की स्थिति देखें.)

समस्या के 'जीवनकाल' से जुड़ी ज़्यादा जानकारी...

किसी वेबसाइट पर मौजूद समस्या के 'जीवनकाल' में, उसकी पहचान किए जाने के समय से लेकर उसके आखिरी इंस्टेंस के पूरी तरह ठीक किए जाने के 90 दिन बाद तक का समय शामिल होता है. अगर 90 दिनों के बाद समस्या फिर से दिखाई नहीं देती है, तो इसे रिपोर्ट इतिहास से हटा दिया जाता है.

जिस तारीख पर समस्या की पहली बार पहचान की गई हो, उसे समस्या के 'जीवनकाल' का वह समय माना जाता है जब पहली बार उसका पता लगाया गया. समस्या पता चलने की तारीख में कोई बदलाव नहीं होता. इसलिए:

  • अगर किसी समस्या के सभी इंस्टेंस ठीक कर लेने के 15 दिनों बाद, इसका नया इंस्टेंस फिर से दिखाई देता है तो समस्या "ठीक नहीं की गई है" के रूप में दिखाई देती है. इसके पता चलने की मूल तारीख भी "पहली बार पता चलने की तारीख" ही होती है.
  • समस्या के आखिरी इंस्टेंस को ठीक कर लिए जाने के 91 दिन बाद, अगर समस्या फिर से दिखाई देती है तो पिछली समस्या को 'ठीक कर ली गई है' माना जाता है. यही वजह है कि इसे नई समस्या के रूप में दर्ज किया जाता है और इसके पता चलने की तारीख "आज" की होती है.

पुष्टि की प्रोसेस सामान्य रूप से कैसे काम करती है

यहां वह खास जानकारी दी गई है, जिससे यह पता चलता है कि जब आप किसी समस्या के लिए समस्या हल होने की पुष्टि करें पर क्लिक करते हैं, तो क्या होता है. इस प्रोसेस में कई दिनों का समय लग सकता है और आपको ईमेल के ज़रिए इससे जुड़ी सूचनाएं मिलती रहेंगी.

  1. जब आप समस्या हल होने की पुष्टि करें पर क्लिक करते हैं, तो Search Console तुरंत कुछ पेजों की जाँच करता है.
    • जाँचे जा रहे किसी भी पेज में मौजूदा समस्या मिलने पर, पुष्टि की प्रोसेस खत्म हो जाती है और पुष्टि किए जाने की स्थिति में कोई बदलाव नहीं होता.
    • अगर इन पेजों (जो नमूनों के तौर पर जाँचे जा रहे हैं) में मौजूदा गड़बड़ी नहीं मिलती है, तो पुष्टि की प्रोसेस शुरू हो गई की स्थिति के साथ जारी रहती है. अगर पुष्टि करने पर दूसरी तरह की समस्याएं मिलती हैं, तो इन्हें इसी तरह की दूसरी समस्याओं में गिना जाता है और पुष्टि की प्रोसेस जारी रहती है.
  2. Search Console, सूची के हिसाब से उन यूआरएल पर काम करता है, जो इस समस्या से प्रभावित हुए हैं. दोबारा क्रॉल करने के लिए तैयार की गई इस सूची में पूरी साइट के बजाय, सिर्फ़ वही यूआरएल शामिल किए जाते हैं जिन पर इस समस्या के इंस्टेंस मौजूद हैं. Search Console जिन यूआरएल को जाँचता है उन सभी का रिकॉर्ड पुष्टि के इतिहास में रखता है, जिसे 'समस्या की जानकारी पेज' पर देखा जा सकता है.
  3. यूआरएल जाँचे जाने पर:
    1. अगर समस्या न मिले, तो इंस्टेंस की पुष्टि की स्थिति बदलकर पास हो रही है हो जाती है. पुष्टि शुरू होने के बाद अगर यह पहला इंस्टेंस है जिसकी जाँच की जा रही है, तो समस्या की पुष्टि की स्थिति बदलकर सब ठीक लग रहा है हो जाती है.
    2. अगर अब यूआरएल देखा नहीं जा सकता, तो इंस्टेंस की पुष्टि की स्थिति बदलकर अन्य (दूसरा) हो जाती है (जो किसी गड़बड़ी की स्थिति नहीं होती है).
    3. इंस्टेंस अगर अब भी मौजूद है, तो समस्या की स्थिति बदलकर फ़ेल हो जाती है. अगर सामान्य तरीके से क्रॉल करने पर यह नया पेज मिला है, तो इसे मौजूदा समस्या का एक और इंस्टेंस माना जाता है.
  4. सभी गड़बड़ियां और चेतावनी वाले यूआरएल जाँचे जाने के बाद समस्या की गिनती 0 रह जाती है, तो समस्या की स्थिति बदलकर पास हो जाती है. ज़रूरी जानकारी : भले ही समस्या के असर वाले पेज की संख्या घटकर 0 और समस्या की स्थिति बदलकर पास हो जाती है, तब भी पेज पर मूल गंभीरता का लेबल (गड़बड़ी या चेतावनी) दिखाया जाएगा.

भले ही आपने कभी भी "पुष्टि शुरू करें" पर क्लिक न किया हो, पर Google किसी समस्या के ठीक कर लिए गए इंस्टेंस पहचान सकता है. नियमित रूप से किए जाने वाले क्रॉल के दौरान अगर Google को पता चलता है कि किसी समस्या के सभी इंस्टेंस ठीक कर लिए गए हैं, तो यह रिपोर्ट पर समस्या की स्थिति बदलकर "लागू नहीं" कर देगा.

किसी यूआरएल या साइट के किसी हिस्से में आई समस्या को "ठीक कर लिया गया" कब माना जाता है?

नीचे दी गईं शर्तों में से किसी एक के पूरे होने पर, यूआरएल या साइट के किसी हिस्से की समस्या को 'ठीक कर लिया गया' माना जाता है :

  • जब यूआरएल क्रॉल किया जाता है और पेज पर समस्या नहीं मिलती. एएमपी टैग की गड़बड़ी के लिए इसका मतलब है कि आपने टैग को ठीक कर लिया है या इसे हटा दिया है (अगर टैग की ज़रूरत नहीं है). पुष्टि किए जाने पर इसे "पास" माना जाएगा.
  • अगर किसी वजह से पेज Google को नहीं मिलता (पेज हटा दिया गया है, पेज पर noindex नियम लागू है, पेज देखने के लिए मंज़ूरी लेना ज़रूरी है और भी दूसरी वजहें), तो उस यूआरएल के लिए समस्या को 'ठीक कर लिया गया' माना जाएगा. पुष्टि के दौरान इसे पुष्टि की "अन्य" स्थिति के रूप में गिना जाता है.

दोबारा पुष्टि करने का तरीका

जब आप किसी फ़ेल हो गई पुष्टि के लिए दोबारा पुष्टि करें पर क्लिक करते हैं, तो सभी फ़ेल इंस्टेंस के लिए पुष्टि दोबारा शुरू हो जाती है. साथ ही, सामान्य रूप से क्रॉल किए जाने पर मिले इस समस्या के नए इंस्टेंस की भी पुष्टि होती है.

दोबारा पुष्टि किए जाने का अनुरोध करने से पहले आपको मौजूदा समय में चल रही पुष्टि की प्रोसेस पूरी होने तक इंतज़ार करना चाहिए, भले ही आपने अनुरोध किए जाने के बाद कुछ समस्याएं ठीक की हों.

जो इंस्टेंस पुष्टि में पास हो चुके हैं (पास के निशान वाले) या अब जिन्हें देखा नहीं जा सकता (अन्य के निशान वाले) उन्हें दोबारा नहीं जाँचा जाता. साथ ही जब आप 'दोबारा पुष्टि करें' पर क्लिक करते हैं, तो इन्हें इतिहास से हटा दिया जाता है.

पुष्टि किए जाने का इतिहास

आप यह देख सकते हैं कि जिस पुष्टि का अनुरोध आपने किया है, उसकी प्रक्रिया कितनी पूरी हुई है. इसके लिए समस्या की जानकारी वाले पेज पर पुष्टि की जानकारी के लिंक पर क्लिक करें.

एएमपी रिपोर्ट और इंडेक्स की स्थिति की रिपोर्ट देखने के लिए, पुष्टि के इतिहास वाले पेज की सामग्री को यूआरएल के हिसाब से समूह में रखा जाता है. मोबाइल पर इस्तेमाल में आसानी की रिपोर्ट और रिच नतीजों की रिपोर्ट में, सामग्रियों को यूआरएल और व्यवस्थित डेटा की सामग्री के हिसाब से समूह में रखा जाता है. इसके लिए सामग्रियों की पहचान उनके नाम के मान से की जाती है. पुष्टि की स्थिति उस खास समस्या पर लागू होती है जिसकी आप जाॅंच कर रहे हैं. किसी पेज पर एक समस्या का लेबल "पास" हो सकता है, लेकिन दूसरी समस्याओं का लेबल "फ़ेल", "पुष्टि होनी बाकी है" या "कुछ और" हो सकता है.

समस्या की पुष्टि की स्थिति

किसी भी समस्या पर नीचे दी गई समस्या की स्थितियां लागू होती हैं:

  • शुरू नहीं हुई है: इस समस्या के इंस्टेंस वाले एक या उससे ज़्यादा पेज हैं जिनकी आपने कभी भी पुष्टि करने की कोशिश नहीं की है. अगले चरण:
    1. गड़बड़ी के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए समस्या पर क्लिक करें. एएमपी जाँच इस्तेमाल करके लाइव पेज पर गड़बड़ियों के उदाहरण देखने के लिए एक-एक पेज को ध्यान से देखें. (हो सकता है कि एएमपी जाँच के ज़रिए पेज पर गड़बड़ी दिखाई न दे. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि Google को यह गड़बड़ी मिलने और समस्या की रिपोर्ट तैयार करने के बाद, आपने लाइव पेज पर गड़बड़ी ठीक कर ली है.
    2. जिस नियम का उल्लंघन किया गया है उसके बारे में जानने के लिए जानकारी पेज पर "ज़्यादा जानें" पर क्लिक करें.
    3. किसी खास समस्या के बारे में जानकारी पाने के लिए, टेबल में एक उदाहरण यूआरएल पंक्ति पर क्लिक करें.
    4. अपने पेजों को ठीक करें और फिर ठीक किए जाने की पुष्टि करें पर क्लिक करें ताकि Google आपके पेज फिर से क्रॉल करे. Google आपको इस बात की सूचना देगा कि पुष्टि की प्रोसेस कहां तक पहुंची है. पुष्टि होने में एक-दो दिन से लेकर दो हफ़्ते तक का समय लग सकता है, इसलिए अगर थोड़ा इंतज़ार करना पड़े तो परेशान न हों. 
  • शुरू की गई: आपने पुष्टि की प्रोसेस का अनुरोध किया और अभी तक समस्या का कोई इंस्टेंस नहीं मिला है. अगला चरण: जैस-जैसे पुष्टि की प्रोसेस आगे बढ़ेगी Google आपको सूचनाएं भेजेगा. साथ ही ज़रूरी होने पर आपको बताएगा कि आपको क्या करना होगा.
  • सब ठीक लग रहा है: आपने पुष्टि करने का अनुरोध किया और अब तक समस्या के जितने भी इंस्टेंस मिले हैं उन्हें ठीक कर लिया गया है. अगला चरण: कुछ भी नहीं, लेकिन जैसे-जैसे पुष्टि की प्रोसेस आगे बढ़ेगी, Google आपको सूचनाएं भेजेगा और बताएगा कि आपको क्या करना है.
  • पास: समस्या के सभी पहचाने गए इंस्टेंस अब मौजूद नहीं हैं (या अब वह यूआरएल उपलब्ध नहीं है जिस पर असर हुआ था). इस स्थिति में आने के लिए आपने ज़रूर "ठीक किए जाने की पुष्टि करें" पर क्लिक किया होगा (अगर इंस्टेंस आपके अनुरोध के बिना ही दिखाई नहीं दे रहे हैं, तो पुष्टि की स्थिति बदलकर 'लागू नहीं' हो जाएगी). अगला चरण: अब और कुछ नहीं करना.
  • लागू नहीं: Google को पता चला कि सभी यूआरएल पर समस्या को ठीक कर लिया गया है, हालांकि आपने कभी भी पुष्टि करने का अनुरोध नहीं किया था. अगला चरण: अब और कुछ नहीं करना.
  • फ़ेल: जब आपने "पुष्टि करें" पर क्लिक किया था उसके बाद भी एक तय सीमा तक के पेजों पर अभी भी यह समस्या मौजूद है. अगले चरण: समस्या ठीक करें और दोबारा पुष्टि का अनुरोध करें.

इंस्टेंस की पुष्टि की स्थिति

पुष्टि का अनुरोध करने के बाद, किसी खास समस्या के लिए हर इंस्टेंस को खास स्थिति के तौर पर दिखाया जाता है. यह स्थिति पुष्टि की नीचे दी गईं स्थितियों में से एक होती है (इंडेक्स की स्थिति की रिपोर्ट में पास और कुछ और वाली स्थितियों का इस्तेमाल नहीं किया जाता) :

  • अभी पुष्टि बाकी है: पुष्टि किए जाने के लिए सूची में जोड़ लिया गया है. पिछली बार जब Google ने क्रॉल किया था तब इंस्टेंस मौजूद था.
  • पास: Google ने समस्या का इंस्टेंस ढूंढने की कोशिश की और पाया कि अब इसका कोई इंस्टेंस मौजूद नहीं है. समस्या इस स्थिति में सिर्फ़ तभी पहुंच सकती है, जब आपने इस समस्या के इंस्टेंस के लिए पुष्टि करें पर क्लिक किया हो.
  • फ़ेल: Google ने जाँचा और पाया कि समस्या का इंस्टेंस अभी भी मौजूद है. समस्या इस स्थिति में सिर्फ़ तभी पहुंच सकती है, जब आपने इस समस्या के इंस्टेंस के लिए पुष्टि करें पर क्लिक किया हो.
  • अन्य: Google उस यूआरएल पर नहीं पहुंच पाया, जो इंस्टेंस होस्ट कर रहा था या (व्यवस्थित डेटा के लिए) अब पेज पर वह चीज़ नहीं ढूंढ पा रहा है. इसे पास के बराबर ही माना जाता है.

इस बात पर ध्यान दें कि अलग-अलग समस्याओं के लिए एक ही यूआरएल की अलग-अलग स्थितियों हो सकती हैं. उदाहरण के लिए, अगर किसी एक ही पेज पर X और Y दोनों तरह की समस्याएं हैं, तो हो सकता है कि X समस्या की पुष्टि की स्थिति पास हो और उसी पेज पर Y समस्या की पुष्टि की स्थिति पुष्टि नहीं हुई है के रूप में दिखाई दे.

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