अपने पेज के अलग-अलग भाषा और क्षेत्र के हिसाब से बनाए गए वर्शन के बारे में Google को बताना

किसी खास भाषा या क्षेत्र के लिए बनाए गए पेजों के लिए hreflang या साइटमैप इस्तेमाल करना

अगर अलग-अलग भाषा या क्षेत्र के लिए आपका पेज अलग-अलग वर्शन में दिखाई देता है तो, Google को इन वर्शन के बारे में बताएं. इससे 'Google सर्च' इस्तेमाल करने वालों को भाषा या क्षेत्र के हिसाब से आपके पेज के सबसे सही वर्शन पर भेजना आसान हो जाएगा.

ध्यान दें कि ऐसा किए बिना भी Google आपके पेज के अलग-अलग भाषाओं वाले वर्शन ढूंढ लेगा. ज़्यादातर मामलों में, खास भाषा या क्षेत्र के लिए बनाए गए पेज के बारे में Google को साफ़ तौर पर बताना ही सबसे अच्छा तरीका होता है.

यहां उदाहरण के लिए कुछ ऐसे मामले बताए गए हैं जिनमें वैकल्पिक पेजों के बारे में बताना बेहतर होता है:

  • अगर आप मुख्य सामग्री को एक ही भाषा में रखते हैं और सिर्फ़ टेम्प्लेट (जैसे नेविगेशन या फ़ुटर) का अनुवाद करते हैं. ऐसा ज़्यादातर उन पेजों के लिए किया जाता है जिनमें 'इस्तेमाल करने वालों की बनाई गई सामग्री' (जैसे फ़ोरम) होती है.
  • अगर आपके पेज पर एक जैसी सामग्री अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से थोड़ी सी अलग होती है. उदाहरण के लिए, आपकी सामग्री अमेरिका, ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड के उपयोगकर्ताओं के हिसाब से अंग्रेज़ी में है.
  • अगर आपकी साइट की पूरी सामग्री का एक से ज़्यादा भाषाओं में अनुवाद किया गया है. उदाहरण के लिए, आपके हर पेज के जर्मन और अंग्रेज़ी में वर्शन हैं.

अगर पेज की मुख्य सामग्री का अनुवाद नहीं किया जाता है, तो पेज के अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्र के हिसाब से बनाए गए वर्शन को डुप्लीकेट माना जाता है.

Creating multi-regional and multilingual sites

अपने वैकल्पिक पेज के बारे में Google को जानकारी देने के तरीके

किसी पेज के एक से ज़्यादा भाषाओं/क्षेत्रों के लिए बनाए गए वर्शन के बारे में Google को बताने के तीन तरीके हैं:

एचटीएमएल टैग

किसी पेज के अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों के हिसाब से बनाए गए वर्शन के बारे में Google को जानकारी देने के लिए, अपने पेज के हेडर में <link rel="alternate" hreflang="lang_code"... > एलिमेंट जोड़ें. अगर आपकी साइट का कोई साइटमैप नहीं है या साइट के लिए 'एचटीटीपी रिसपॉन्स हेडर' तय नहीं किए जा सकते हैं, तो यह विकल्प आपके काम का है.

पेज के हर वर्शन के <head> एलिमेंट में <link> एलिमेंट का समूह होना चाहिए. इस समूह में हर वर्शन का लिंक होना चाहिए और इसमें उस वर्शन का भी लिंक शामिल है. लिंक का यह समूह पेज के हर वर्शन के लिए एक जैसा होता है. इससे जुड़े और दिशा-निर्देश देखें.

हर वर्शन का लिंक डालने का तरीका नीचे दिया गया है:

<link rel="alternate" hreflang="lang_code" href="url_of_page" />

lang_code
यह कोड उस भाषा या क्षेत्र के लिए होता है, जिसके लिए पेज का यह वर्शन बनाया गया है. इसके अलावा, x-default का इस्तेमाल ऐसी किसी भाषा के लिए करें, जिसके बारे में पेज पर 'hreflang टैग' से साफ़ तौर पर नहीं बताया गया है.
url_of_page
इस पेज के किसी खास भाषा या क्षेत्र के लिए बनाए गए वर्शन का सही यूआरएल.
<head> के ऊपरी हिस्से के पास अपने <link> टैग डालें. कम से कम इतना तो होना चाहिए कि <link> टैग, सही फ़ॉर्मैट में बनाए गए <head> सेक्शन के अंदर हों या फिर <p>ट्रैकिंग पिक्सेल (उपयोगकर्ता की गतिविधियों पर नज़र रखने वाला टैग) जैसी, किसी ऐसी चीज़ से पहले हों जिसकी वजह से <head> पहले ही बंद हो जाए. अगर आपको ऊपर दिया गया तरीका समझ नहीं आया है, तो एचटीएमएल वैलिडेटर में रेंडर किए गए अपने पेज से कोड चिपकाएं ताकि लिंक <head> एलिमेंट के अंदर ही रहें.

उदाहरण

उदाहरण के लिए, Widgets, Inc की वेबसाइट अमेरिका, ग्रेट ब्रिटेन और जर्मनी के उपयोगकर्ताओं को सेवा देती है. नीचे दिए गए यूआरएल में भी लगभग वैसी ही सामग्री होगी लेकिन क्षेत्र के मुताबिक कुछ सामग्री अलग होगी:

  • http://en.example.com/page.html - अंग्रेज़ी भाषा में सामान्य होम पेज जिसमें अमेरिका से दुनिया भर में सामान भेजने के शुल्क से जुड़ी जानकारी है.
  • http://en-gb.example.com/page.html - यूनाइटेड किंगडम के लिए होम पेज जिसमें कीमतें पाउंड स्टर्लिंग में दी गई हैं.
  • http://en-us.example.com/page.html - अमेरिका के लिए होम पेज जिसमें कीमतें अमेरिकी डॉलर में दी गई हैं.
  • http://de.example.com/page.html जर्मन भाषा में होम पेज.
  • http://www.example.com/ डिफ़ॉल्ट पेज जो किसी खास भाषा या क्षेत्र के लिए नहीं है. 'इस्तेमाल करने वाले' इसमें अपनी भाषा और क्षेत्र चुन सकते हैं.

ध्यान दें कि इन यूआरएल में मौजूद किसी खास भाषा के सब-डोमेन (en, en-gb, en-us, de) का इस्तेमाल, Google उस पेज के लिए टारगेट ऑडियंस (दर्शक) तय करने के लिए नहीं करता. आपको टारगेट ऑडियंस (दर्शक) के बारे में साफ़ तौर पर बताना होगा.

ऊपर दिए गए सभी पेज के <head> सेक्शन में नीचे बताया गया 'एचटीएमएल कोड' चिपकाना चाहिए. इसके ज़रिए अमेरिका के, यूनाइटेड किंगडम के, मूल रूप से अंग्रेज़ी बोलने वाले और जर्मन बोलने वाले लोगों को उनकी भाषा और क्षेत्र के हिसाब से बनाए गए पेजों पर ले जाया जाता है और बाकी सभी को सामान्य होम पेज पर. 'Google सर्च' उपयोगकर्ताओं को उनके ब्राउज़र की सेटिंग के हिसाब से नतीजे दिखाता है.

<head>
  <title>Widgets, Inc</title>
  <link rel="alternate" hreflang="en-gb"
        href="http://en-gb.example.com/page.html" />
  <link rel="alternate" hreflang="en-us"
        href="http://en-us.example.com/page.html" />
  <link rel="alternate" hreflang="en"
        href="http://en.example.com/page.html" />
  <link rel="alternate" hreflang="de"
        href="http://de.example.com/page.html" />
  <link rel="alternate" hreflang="x-default"
        href="http://www.example.com/" />
</head>

 

एचटीटीपी हेडर

आप किसी पेज के लिए 'GET जवाब' को एचटीटीपी हेडर के रूप में देकर, अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों के हिसाब से बनाए गए उसके सभी वर्शन के बारे में Google को बता सकते हैं. यह पीडीएफ़ जैसी बिना एचटीएमएल वाली फ़ाइल के लिए बहुत काम का विकल्प है.

यहां हेडर का फ़ॉर्मैट दिया गया है:

Link: <url1>; rel="alternate"; hreflang="lang_code_1", <url2>; rel="alternate"; hreflang="lang_code_2", ...

<url_x>
किसी भाषा या क्षेत्र के हिसाब से बनाए गए पेज का सही यूआरएल, जो इससे जुड़े 'hreflang ऐट्रीब्यूट' वाली स्ट्रिंग के मुताबिक है. यूआरएल < > निशान के अंदर होना चाहिए. उदाहरण: <https://www.google.com>
lang_code_x
यह कोड उस भाषा या क्षेत्र के लिए होता है, जिसके लिए पेज का यह वर्शन बनाया गया है. इसके अलावा, x-default का इस्तेमाल ऐसी किसी भाषा के लिए करें, जिसके बारे में पेज पर 'hreflang टैग' से साफ़ तौर पर नहीं बताया गया है.

आपको पेज के हर वर्शन के लिए <url>, rel="alternate" और hreflang के मान तय करने होंगे. इसमें अनुरोध किए गए वर्शन के लिए मान भी शामिल होंगे. इन मानों को कॉमा का इस्तेमाल करके, अलग-अलग लिखा जाना चाहिए, जैसा कि नीचे दिए गए उदाहरण में दिखाया गया है. पेज के हर वर्शन के लिए एक ही 'लिंक: हेडर' दिया जाता है. इससे जुड़े और दिशा-निर्देश देखें.

उदाहरण

उदाहरण के लिए, किसी साइट पर किसी 'पीडीएफ़ फ़ाइल' के तीन वर्शन हैं: अंग्रेज़ी बोलने वालों के लिए, स्विट्ज़रलैंड के जर्मन बोलने वाले लोगों के लिए और जर्मन बोलने वाले बाकी सभी लोगों के लिए. ऐसी साइट इस तरह लिंक: हेडर दिखाती है:

Link: <http://example.com/file.pdf>; rel="alternate"; hreflang="en",
      <http://de-ch.example.com/file.pdf>; rel="alternate"; hreflang="de-ch",
      <http://de.example.com/file.pdf>; rel="alternate"; hreflang="de"

 

साइटमैप

हर यूआरएल के सभी भाषाओं और क्षेत्रों के हिसाब से बनाए गए सभी वर्शन के बारे में Google को बताने के लिए आप साइटमैप का इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसा करने के लिए, <loc> जोड़ें जिसमें <xhtml:link> की मदद से एक यूआरएल के बारे में बताया गया हो. इसमें पेज के अलग-अलग भाषा और क्षेत्र के हिसाब से बनाया गया हर वर्शन होता है और इसमें उस पेज का वर्शन भी शामिल है. अगर आपकी साइट के तीन वर्शन हैं तो, आपके साइटमैप में तीनों के बारे में बताया जाएगा और हर एक में एक जैसे तीन लिंक होंगे.

साइटमैप से जुड़े नियम:

  • 'एक्सएचटीएमएल नेमस्पेस' इस तरह लिखें:
    xmlns:xhtml="http://www.w3.org/1999/xhtml"
  • हर यूआरएल के लिए अलग <url> एलिमेंट बनाएं.
  • हर <url> एलिमेंट के अंदर <loc> होना चाहिए, जिसमें पेज के यूआरएल के बारे में बताया गया हो.
  • हर <url> एलिमेंट के अंदर <xhtml:link rel="alternate" hreflang="supported_language-code"> होना चाहिए, जिसमें पेज के हर वैकल्पिक वर्शन के बारे में बताया गया हो. साथ ही, इसमें उस पेज का वर्शन भी शामिल है.  इन <xhtml:link> एलिमेंट का क्रम कुछ भी हो सकता है, लेकिन अगर आप एक जैसा क्रम रखते हैं, तो आपको गलतियों का पता लगाने में आसानी होगी.
  • इससे जुड़े और दिशा-निर्देश देखें.

उदाहरण

यहां दुनिया भर में अंग्रेज़ी बोलने वाले लोगों के लिए अंग्रेज़ी भाषा में बनाए गए पेज के बारे में बताया गया है. इसके ऐसे ही वर्शन, दुनिया भर में जर्मन बोलने वाले लोगों के लिए और स्विट्ज़रलैंड में जर्मन बोलने वाले लोगों के लिए हैं. इस साइट पर मौजूद सभी यूआरएल होंगे:

  • अंग्रेज़ी बोलने वाले लोगों के लिए, www.example.com/english/page.html.
  • जर्मन बोलने वाले लोगों के लिए, www.example.com/deutsch/page.html.
  • स्विट्ज़रलैंड में जर्मन बोलने वाले लोगों के लिए,www.example.com/schweiz-deutsch/page.html targeted.

उन तीन पेजों के लिए साइटमैप ऐसा होगा:

<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<urlset xmlns="http://www.sitemaps.org/schemas/sitemap/0.9"
  xmlns:xhtml="http://www.w3.org/1999/xhtml">
  <url>
    <loc>http://www.example.com/english/page.html</loc>
    <xhtml:link 
               rel="alternate"
               hreflang="de"
               href="http://www.example.com/deutsch/page.html"/>
    <xhtml:link 
               rel="alternate"
               hreflang="de-ch"
               href="http://www.example.com/schweiz-deutsch/page.html"/>
    <xhtml:link 
               rel="alternate"
               hreflang="en"
               href="http://www.example.com/english/page.html"/>
  </url>
  <url>
    <loc>http://www.example.com/deutsch/page.html</loc>
    <xhtml:link 
               rel="alternate"
               hreflang="de"
               href="http://www.example.com/deutsch/page.html"/>
    <xhtml:link 
               rel="alternate"
               hreflang="de-ch"
               href="http://www.example.com/schweiz-deutsch/page.html"/>
    <xhtml:link 
               rel="alternate"
               hreflang="en"
               href="http://www.example.com/english/page.html"/>
  </url>
  <url>
    <loc>http://www.example.com/schweiz-deutsch/page.html</loc>
    <xhtml:link 
               rel="alternate"
               hreflang="de"
               href="http://www.example.com/deutsch/page.html"/>
    <xhtml:link 
               rel="alternate"
               hreflang="de-ch"
               href="http://www.example.com/schweiz-deutsch/page.html"/>
    <xhtml:link 
               rel="alternate"
               hreflang="en"
               href="http://www.example.com/english/page.html"/>
  </url>
</urlset>

सभी तरीकों के लिए दिशा-निर्देश

  • हर भाषा के वर्शन में अपने साथ-साथ दूसरी भाषाओं के वर्शन के बारे में जानकारी होनी चाहिए.
  • वैकल्पिक यूआरएल सही होने चाहिए, जिसमें वेब सर्वर पर डालने का तरीका (http/https) भी शामिल हो, जैसे:
     https://example.com/foonot //example.com/foo or /foo
  • यह ज़रूरी नहीं है कि वैकल्पिक यूआरएल उसी डोमेन में हों. 
  • अगर अलग-अलग जगहों के लिए एक ही भाषा में आपके पेज के एक से ज़्यादा वर्शन हैं त उस भाषा में इस्तेमाल करने वाले अलग-अलग जगहों पर रहने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए कैचऑल यूआरएल भी देना चाहिए. उदाहरण के लिए, आयरलैंड (en-ie), कनाडा (en-ca) और ऑस्ट्रेलिया (en-au) में अंग्रेज़ी बोलने वाले लोगों के लिए आपके पेज के अलग-अलग यूआरएल हो सकते हैं लेकिन आपको अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और दूसरे देशों में अंग्रेज़ी बोलने वाले लोगों के लिए अंग्रेज़ी (en) का एक सामान्य पेज भी देना चाहिए. अगर आप चाहें तो, इसे अपने पेज के अलग-अलग भाषाओं वाले कई वर्शन में से एक बना सकते हैं.
  • अगर ऐसे दो पेज हैं जिनमें एक-दूसरे का लिंक नहीं है तो, टैग होने के बावजूद उन्हें एक ही पेज के 2 वर्शन नहीं माना जाएगा. ऐसा इसलिए होता है ताकि किसी और साइट पर खुद को आपके किसी पेज का वैकल्पिक वर्शन बताते हुए मनमाने तरीके से कोई टैग न बना लिया जाए.
  • अगर हर भाषा के लिए दोतरफ़ा लिंक देना मुश्किल हो तो, आप कुछ पेजों पर कुछ भाषाओं के लिंक छोड़ सकते हैं. फिर भी Google उन वर्शन को प्रोसेस कर लेगा जिनमें एक-दूसरे के लिंक हैं. हालांकि, जोड़ी गई नई भाषाओं वाले पेजों के मूल/मुख्य भाषा वाले पेज के साथ दोतरफ़ा लिंक होने चाहिए. उदाहरण के लिए, अगर आपकी साइट .fr वाले यूआरएल के साथ मूल तौर पर फ़्रेंच में बनाई गई थी, तो यह ज़रूरी है कि मेक्सिकन (.mx) और स्पैनिश (.es) भाषा के नए पेजों (.mx and .es) को एक-दूसरे से जोड़ने के बजाय पहले से जानेमाने .fr पेज से जोड़ा जाए.
  • जिन भाषाओं में साइट उपलब्ध नहीं है, उनके लिए फ़ॉलबैक पेज (डिफ़ॉल्ट भाषा में पेज) जोड़ना चाहिए. खास तौर पर, भाषा/देश चुनने पर या अपने आप होम पेज पर ले जाते समय. x-default मान का इस्तेमाल करें:
    <link rel="alternate" href="http://example.com/" hreflang="x-default" />

उन भाषाओं/क्षेत्रों के कोड, जिनमें पेज के वर्शन उपलब्ध हैं

hreflang ऐट्रीब्यूट का मान किसी वैकल्पिक पेज की भाषा (ISO 639-1 फ़ॉर्मैट में) के बारे में बताता है. इसका इस्तेमाल करके, क्षेत्र (ISO 3166-1 Alpha 2 फ़ॉर्मैट में) के बारे में भी बताया जा सकता है.यह ज़रूरी नहीं है कि भाषा उस क्षेत्र की हो. उदाहरण के लिए:

  • de: जर्मन भाषा में सामग्री, किसी भी क्षेत्र के लिए
  • en-GB: ग्रेट ब्रिटेन के उपयोगकर्ताओं के लिए अंग्रेज़ी भाषा में सामग्री
  • de-ES: स्पेन के उपयोगकर्ताओं के लिए जर्मन भाषा में सामग्री

सिर्फ़ किसी देश का कोड देना काफ़ी नहीं होता है. देश के कोड का इस्तेमाल करके, Google अपने आप भाषा का पता नहीं लगा सकता. अगर आप अपने लेबल आसान बनाना चाहते हैं तो, सिर्फ़ भाषा का कोड दे सकते हैं.  पेज किसी खास क्षेत्र के लोगों के लिए ही है, यह तय करने के लिए भाषा के बाद देश का कोड जोड़ें.  उदाहरण:

  • be: बेलारूसियन भाषा में सामग्री, किसी भी क्षेत्र के लिए (बेल्जियम फ़्रेंच के लिए नहीं)
  • nl-be: बेल्जियम के लिए डच
  • fr-be: बेल्जियम के लिए फ़्रेंच 

किसी भाषा की अलग-अलग लिपियों के लिए, देश के कोड का इस्तेमाल करके सही लिपि तय की जाती है. उदाहरण के लिए, ताइवान के उपयोगकर्ताओं के लिए zh-TW इस्तेमाल करने पर, भाषा की लिपि अपने आप तय हो जाती है (इस उदाहरण में: चीनी-पारंपरिक). नीचे दिए गए तरीके से, आप ISO 15924 का इस्तेमाल करके लिपि अपने आप भी तय कर सकते हैं:

  • zh-Hant: चीनी (पारंपरिक)
  • zh-Hans: चीनी (सरल)

अगर आप चाहें तो, क्षेत्र और लिपि को एक साथ भी तय कर सकते हैं—उदाहरण के लिए, ताइवानी उपयोगकर्ताओं के लिए चीनी (सरल) तय करने के लिए zh-Hans-TW का इस्तेमाल करें.

जिन भाषाओं में साइट की सामग्री उपलब्ध नहीं है, उनके लिए 'x-default टैग' का इस्तेमाल करना

जब उपयोगकर्ता के ब्राउज़र की सेटिंग से मिलती-जुलती कोई भाषा या क्षेत्र न हो तो, hreflang="x-default" मान का इस्तेमाल किया जाता है. यह मान वैकल्पिक है लेकिन कोई मिलती-जुलती भाषा न होने पर पेज को नियंत्रित करने के लिए इसे तय करने की सलाह दी जाती है. सबसे अच्छा तरीका यह है कि आपकी साइट के होम पेज पर ऐसा मैप हो जिस पर क्लिक करके उपयोगकर्ता अपना देश चुन सकें.

समस्याओं का हल

आम गलतियां

hreflang के इस्तेमाल से जुड़ी सबसे आम गलतियों के बारे में नीचे बताया गया है:

  • वापस जाने के लिंक मौजूद न होना: अगर X पेज पर Y पेज का लिंक है तो, Y पेज पर भी X पेज का लिंक होना चाहिए. अगर hreflang इस्तेमाल करने वाले सभी पेजों के लिए ऐसा नहीं किया गया है, तो शायद इससे जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल न किया जाए या सही तरीके से समझा न जा सके.
  • गलत भाषा कोड: ध्यान रखें कि आपने जो भी भाषा कोड इस्तेमाल किए हैं, उन्होंने वैकल्पिक पेज के यूआरएल की भाषा (ISO 639-1 फ़ॉर्मैट में) को पहचान लिया है. वैकल्पिक तौर पर, इसे क्षेत्र (ISO 3166-1 Alpha 2 फ़ॉर्मैट में) को भी पहचानना चाहिए. सिर्फ़ क्षेत्र तय करना मान्य नहीं है.

hreflang से जुड़ी गड़बड़ियां डीबग करना

सबसे आम समस्याओं को डीबग करने के लिए आप अंतरराष्ट्रीय उपयोगकर्ताओं को टारगेट करने से जुड़ी रिपोर्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह ध्यान रखें कि Google ने आपके पेज को क्रॉल कर लिया हो, तब ही रिपोर्ट के भाषा टैब पर जाकर इससे जुड़ी गड़बड़ियों की जाँच करें.

इसके लिए तीसरे पक्ष के कई टूल भी उपलब्ध हैं. यहां कुछ लोकप्रिय टूल के बारे में बताया गया है. (Google इन टूल की जाँच या रखरखाव नहीं करता है.)

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