सही रखरखाव और इस्तेमाल के बारे में जानकारी
फ़ोन को ठीक करवाने और ग्राहक सेवा के बारे में जानकारी
फ़ोन से जुड़ी जानकारी कहां मिलेगी
इस गाइड में, Pixel 10 Pro Fold की सुरक्षा से जुड़े बुनियादी दिशा-निर्देशों के बारे में बताया गया है. ये दिशा-निर्देश, आपके फ़ोन के साथ मिलने वाली उस बुकलेट में भी दिए गए हैं जिसमें फ़ोन की सुरक्षा और वारंटी से जुड़ी जानकारी मौजूद है. इसमें फ़ोन की सुरक्षा, वारंटी, और नियमों के पालन के बारे में अतिरिक्त जानकारी भी दी गई है.
सुरक्षा और नियमों के पालन की जानकारी के लिए, g.co/pixel/safety पर जाएं या फिर सेटिंग फ़ोन के बारे में जानकारी
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अपने डिवाइस के लिए, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर लागू होने वाले नियमों के पालन की जानकारी देखने और स्पेसिफ़िक ऐब्ज़ॉर्पशन रेट (एसएआर) की वैल्यू जानने के लिए, सेटिंग फ़ोन के बारे में जानकारी
नियमों के पालन की जानकारी पर जाएं
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पेटेंट
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सुरक्षा से जुड़ी चेतावनियां
| चेतावनी: फ़ोन इस्तेमाल करने से पहले, स्वास्थ्य और सुरक्षा के बारे में जानकारी ज़रूर पढ़ें इससे आपको कुछ खतरों को कम करने में मदद मिलेगी. इससे चोट लगने, परेशानी होने, प्रॉपर्टी को नुकसान (इसमें फ़ोन, इससे जुड़ी ऐक्सेसरी या कनेक्ट किए गए किसी भी दूसरे डिवाइस को होने वाला नुकसान शामिल है), और अन्य संभावित खतरों का जोखिम कम किया जा सकता है |
डिवाइस के रखरखाव का सही तरीका
अपने डिवाइस का इस्तेमाल सावधानी से करें. डिवाइस को खोलने, गिराने, मोड़ने, जलाने, कुचलने या उसमें छेद करने से, आपके डिवाइस या उसकी बैटरी को नुकसान पहुंच सकता है. ऐसे डिवाइस का इस्तेमाल न करें जिसकी स्क्रीन/पिछला कवर टूट गया हो या डिवाइस को किसी भी तरह का कोई नुकसान हुआ हो. टूटा-फूटा डिवाइस इस्तेमाल करने से, डिवाइस ज़्यादा गर्म हो सकता है या आपको चोट लग सकती है. डिवाइस को पानी या दूसरी तरल चीज़ों से दूर रखें. इनसे शॉर्ट सर्किट हो सकता है या डिवाइस ज़्यादा गर्म हो सकता है. अगर डिवाइस भीग जाता है, तो उसे सुखाने के लिए किसी मशीन वगैरह का इस्तेमाल न करें.
आपका डिवाइस 32° से 95° F (0° से 35° C) तापमान के बीच सबसे अच्छी तरह काम करता है. इसे -4° से 113° F (-20° से 45° C) तापमान के बीच में ही रखा जाना चाहिए. डिवाइस को उन जगहों पर न रखें जहां तापमान 113° F (45° C) से ज़्यादा हो सकता है. उदाहरण के लिए, कार के डैशबोर्ड पर या हीटिंग वेंट के पास. इससे डिवाइस को नुकसान पहुंच सकता है, बैटरी ज़्यादा गर्म हो सकती है या उसमें आग लग सकती है. डिवाइस को गर्म चीज़ों से दूर रखें और ऐसी जगह पर न रखें जहां उस पर सीधी धूप पड़ रही हो. अगर आपका डिवाइस चार्ज होते समय ज़्यादा गर्म हो जाता है, तो उसे चार्जिंग से हटा दें. इसके बाद, उसे किसी ठंडी जगह पर ले जाएं और तब तक इस्तेमाल न करें, जब तक वह ठंडा न हो जाए. आपका डिवाइस इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह 16,404 फ़ीट (5,000 मीटर) तक की ऊंचाई पर भी अच्छी तरह से काम कर सकता है. अपने डिवाइस को बहुत ज़्यादा ठंड यानी -4° F (-20° C) या इससे कम तापमान में चालू या बंद न करें, क्योंकि इससे डिवाइस को नुकसान हो सकता है.
गेम खेलने, वीडियो बनाने, फ़्लैशलाइट का इस्तेमाल करने, वर्चुअल रिएलिटी या ऑगमेंटेड रिएलिटी (एआर) की सुविधा जैसे कुछ खास मोड में इस्तेमाल करने पर, आपका डिवाइस सामान्य रूप से इस्तेमाल करने की तुलना में ज़्यादा गर्म हो सकता है. ऐसे में हो सकता है कि आपका डिवाइस, कम पावर वाले मोड में काम करे या कुछ देर के लिए बंद हो जाए. इन मोड में डिवाइस का इस्तेमाल करते समय ज़्यादा सावधानी बरतें. लंबे समय तक गर्म चीज़ों के संपर्क में रहने से जुड़े जोखिमों के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, कृपया नीचे दिया गया सेक्शन देखें.
डिवाइस को ठीक करवाने और ग्राहक सेवा के बारे में जानकारी
आम तौर पर, हम डिवाइस को खुद ठीक करने का सुझाव नहीं देते. अगर आप वयस्क हैं और आपको इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों को सुरक्षित तरीके से ठीक करने की तकनीकी जानकारी है, तभी ऐसा करें. अगर आपने खुद ही डिवाइस को ठीक करने की कोशिश की, तो यह माना जाएगा कि आपको इससे जुड़े जोखिमों के बारे में जानकारी है. डिवाइस को ठीक करते समय सावधानी बरतें. डिवाइस को खोलने और/या उसे ठीक करने की कोशिश करने पर, आपको बिजली का झटका लग सकता है और चोट लग सकती है. साथ ही, डिवाइस को नुकसान पहुंच सकता है, उसमें आग लग सकती है, और इसी तरह के अन्य खतरे हो सकते हैं. डिवाइस को खोलने पर, पानी या धूल से बचने की उसकी क्षमता खत्म हो सकती है. आपको चोट लग सकती है या डिवाइस को भी नुकसान पहुंच सकता है. उदाहरण के लिए, डिवाइस को खोलने पर इसमें मौजूद लेज़र कॉम्पोनेंट में खराबी आ सकती है. ऐसा होने पर, इससे खतरनाक किरणें निकल सकती हैं और न दिखने वाली ये किरणें, आपको नुकसान पहुंचा सकती हैं.
अगर डिवाइस ठीक से काम नहीं कर रहा है या उसे नुकसान पहुंचा है, तो ग्राहक सेवा से संपर्क करें. ज़्यादा जानकारी के लिए, g.co/pixelcare पर जाएं.
चार्ज करने का तरीका
पक्का करें कि इस्तेमाल या चार्ज करते समय, डिवाइस और इसका पावर अडैप्टर खुली जगह पर हो. खराब केबल या पावर अडैप्टर का इस्तेमाल करने या नमी वाली जगह पर चार्ज करने से, बिजली का झटका या आग लगने का खतरा हो सकता है. साथ ही, आपको चोट लग सकती है. डिवाइस या उसके आस-पास की चीज़ों को नुकसान पहुंच सकता है. अपने डिवाइस को किसी ठोस सतह पर रखकर ही चार्ज करें. डिवाइस को सोफ़े या बिस्तर जैसी किसी नर्म सतह पर चार्ज न करें. इसके अलावा, डिवाइस गीला होने पर इसे चार्ज न करें. डिवाइस को ऐसी जगह चार्ज करने से बचें जहां उस पर सीधी धूप पड़ रही हो. चार्ज करते समय डिवाइस, पावर अडैप्टर या वायरलेस चार्जर के ऊपर न सोएं और न ही इन्हें अपने कंबल, तकिये या शरीर के नीचे रखें. ऐसा करने से, आपको चोट लग सकती है या इनमें आग लग सकती है.
इस बात का ध्यान रखें कि डिवाइस चार्ज करते समय, पावर अडैप्टर पास के सॉकेट में लगा हो, ताकि तार में खिंचाव पैदा न हो. अगर पावर अडैप्टर और कोई अन्य प्लग आसानी से पावर सॉकेट में न लगे, तो ज़बरदस्ती लगाने की कोशिश न करें. पावर अडैप्टर को पावर सॉकेट से निकालने के लिए, चार्जिंग केबल को न खींचें. सीधे अडैप्टर को सॉकेट से निकाल लें. केबल को मोड़ें या दबाएं नहीं. साथ ही, कनेक्टर को किसी पोर्ट में ज़बरदस्ती लगाने की कोशिश न करें. अगर चार्ज करते समय आपको चार्जर या पावर अडैप्टर को अनप्लग करने का मैसेज मिलता है, तो पावर अडैप्टर या चार्जिंग डिवाइस को डिसकनेक्ट कर दें. डिवाइस को फिर से चार्ज करने से पहले, यह पक्का कर लें कि चार्जिंग केबल कनेक्टर और डिवाइस का चार्जिंग पोर्ट, दोनों सूखे और पूरी तरह से साफ़ हों. डिवाइस की बैटरी पुरानी होने पर, चार्जिंग परफ़ॉर्मेंस और बैटरी की क्षमता में बदलाव दिख सकते हैं. बैटरी, डिवाइस का ऐसा कॉम्पोनेंट है जिसकी क्षमता धीरे-धीरे कम हो जाती है. यह पुरानी होने पर खराब होने लगती है और चार्ज करने पर कुछ ही घंटे चल पाती है.
डिवाइस को यूएसबी-सी पीडी चार्जर या इसके साथ काम करने वाली ऐसी चार्जिंग ऐक्सेसरी से ही चार्ज करें जो Google Store पर या Google के अधिकृत रीसेलर के पास उपलब्ध हों. चार्जिंग ऐक्सेसरी खरीदते समय, यह देख लें कि उस पर Google का “made for” बैज मौजूद हो. यह ज़रूरी है कि एसी अडैप्टर को आईईसी 60950-1 के मानकों के मुताबिक, सीमित पावर सप्लाई करने वाले आउटपुट डिवाइस के तौर पर और/या आईईसी 62368-1 के मानकों के मुताबिक, PS2 डिवाइस के तौर पर सर्टिफ़िकेट मिला हो. साथ ही, इसे यूएसबी पीडी की सुविधा के साथ इस्तेमाल करने पर, 5 वोल्ट डीसी पर ज़्यादा से ज़्यादा 3 ऐंपियर, 9 वोल्ट डीसी पर ज़्यादा से ज़्यादा 3 ऐंपियर पावर सप्लाई वाले डिवाइस, जबकि यूएसबी पीडी 3.0 पीपीएस की सुविधा के साथ इस्तेमाल करने पर, इसे 11 वोल्ट डीसी पर ज़्यादा से ज़्यादा 3 ऐंपियर पावर सप्लाई वाले डिवाइस के तौर पर रेट किया गया हो. इसके अलावा, यह भी ज़रूरी है कि एसी अडैप्टर, सीटीआईए सर्टिफ़िकेशन से जुड़ी ज़रूरी शर्तों को पूरा करता हो. आईईईई 1725 मानक के तहत, बैटरी सिस्टम इन शर्तों के मुताबिक होना चाहिए. चार्जिंग के लिए सही ऐक्सेसरी का इस्तेमाल न करने पर, बिजली का झटका या आग भी लग सकती है. इसके अलावा, आपको चोट लग सकती है और आपके डिवाइस या उसके आस-पास की अन्य चीज़ों को भी नुकसान पहुंच सकता है.
वायरलेस चार्जिंग का तरीका
अपने डिवाइस को Qi सर्टिफ़िकेट वाले या ऐसे वायरलेस चार्जर से चार्ज करना चाहिए जिसे Google से मंज़ूरी मिली हो. वायरलेस चार्जर और अपने डिवाइस के बीच, मैग्नेटिक या मेटल की कोई चीज़ न रखें. इससे वह चीज़ गर्म हो सकती है या डिवाइस को चार्ज करने में समस्या आ सकती है. उदाहरण के लिए, सिक्के, गहने, सिम ट्रे टूल, और क्रेडिट कार्ड. अगर आपके डिवाइस का केस, मेटल का बना है या उसमें चुंबक लगा है, तो वायरलेस चार्जिंग करने से पहले केस को निकाल दें. ऐसा नहीं करने से, डिवाइस या चार्जर सामान्य से ज़्यादा गर्म हो सकता है या डिवाइस को चार्ज करने में समस्या आ सकती है. हालांकि, Qi2 के साथ काम करने वाले केस हटाने की ज़रूरत नहीं है.
लंबे समय तक गर्म चीज़ों के संपर्क में रहने के जोखिम
डिवाइस और उसका चार्जर सामान्य इस्तेमाल के दौरान थोड़े गर्म हो जाते हैं. हालांकि, ऐसा डिवाइस की सतह के लिए तापमान के तय मानकों और सीमाओं के मुताबिक ही होता है. डिवाइस को इस्तेमाल या चार्ज करने के दौरान, उसे लंबे समय तक त्वचा के संपर्क में न रखें. ज़्यादा देर तक गर्म चीज़ों के संपर्क में रहने पर, आपको परेशानी या जलन महसूस हो सकती है. डिवाइस या पावर अडैप्टर के ऊपर या इन्हें पास रखकर न सोएं. इन्हें कंबल या तकिये से न ढकें. इन चीज़ों का तब और ध्यान रखें अगर आपको किसी स्वास्थ्य समस्या की वजह से त्वचा पर जल्दी गर्मी का एहसास नहीं होता.
बच्चों की सुरक्षा
यह डिवाइस कोई खिलौना नहीं है. डिवाइस में (या इसके साथ मिलने वाली ऐक्सेसरी में) छोटे-छोटे पुर्ज़े, प्लास्टिक, केबल, कांच या धातु की बनी चीज़ें, और तेज़ धार वाले पुर्ज़े लगे हो सकते हैं. इनसे चोट लग सकती है या गले में फंसने पर दम भी घुट सकता है. कॉर्ड और केबल, बच्चों के गले में फंस सकती हैं. डिवाइस और इसके साथ मिलने वाली ऐक्सेसरी (कॉर्ड और केबल शामिल हैं) को बच्चों की पहुंच से तीन फ़ुट (0.9 मीटर) से ज़्यादा की दूरी पर रखें. बच्चों को डिवाइस और इसके साथ मिलने वाली ऐक्सेसरी के साथ न खेलने दें. इससे वे खुद को या दूसरों को चोट पहुंचा सकते हैं. इसके अलावा, उनसे गलती से डिवाइस खराब भी हो सकता है. अगर बच्चे छोटे पुर्ज़े निगल लें या उन्हें कोई चोट आ जाए, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं.
सुनने में समस्या
| लंबे समय तक तेज़ आवाज़ या संगीत सुनने से, आपके कान कमज़ोर हो सकते हैं. कानों को हर तरह के नुकसान से बचाने के लिए, लंबे समय तक तेज़ आवाज़ सुनने से बचें. लगातार तेज़ आवाज़ और बैकग्राउंड वाला शोर सुनते रहने पर, तेज़ आवाज़ भी धीमी लगने लगती है. हेडफ़ोन या ईयरफ़ोन इस्तेमाल करने से पहले जांच लें कि उसकी आवाज़ कितनी है. |
बैटरी
इस्तेमाल के सामान्य निर्देश: इस फ़ोन में रीचार्ज हो सकने वाली लिथियम-आयन बैटरी लगी है. इस तरह की बैटरी बेहद नाज़ुक होती हैं और इनके टूटने-फूटने से आपको नुकसान पहुंच सकता है. Google का सुझाव है कि फ़ोन को ठीक कराने के लिए किसी पेशेवर की मदद लें. अपने डिवाइस को ठीक कराने के लिए, Google या सेवा देने वाली किसी ऐसी कंपनी से संपर्क करें जिसे Google से मंज़ूरी मिली हो. इसके अलावा, डिवाइस ठीक करने वाले किसी ऐसे पेशेवर की भी मदद ली जा सकती है जो Google से जुड़ा न हो. अगर आप वयस्क हैं और आपके पास इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को खुद ठीक करने की तकनीकी जानकारी है, तो g.co/pixel/contact पर जाकर, डिवाइस को खुद ठीक करने का तरीका जानें. बैटरी को न तो खोलें, न कुचलें, और न ही जलाएं. इसके अलावा, उसे 113° F (45° C) से ज़्यादा तापमान वाली जगह पर न रखें.
डिवाइस को खुद ठीक करना: अपने डिवाइस को खुद ठीक करने के तरीके के बारे में जानने के लिए, g.co/pixelrepair पर जाएं. डिवाइस की बैटरी सिर्फ़ तब बदली जानी चाहिए, जब डिवाइस की लाइफ़ बढ़ानी हो. अगर आपने खुद ही डिवाइस को ठीक करने की कोशिश की, तो यह माना जाएगा कि आपको इससे जुड़े जोखिमों के बारे में जानकारी है. डिवाइस को ठीक करते समय सावधानी बरतें. डिवाइस को खोलने और/या उसे ठीक करने के दौरान, आपको बिजली का झटका लग सकता है, डिवाइस को नुकसान पहुंच सकता है, आग लग सकती है, आपको चोट लग सकती है या इसी तरह के अन्य खतरे भी हो सकते हैं. अगर आपके देश या इलाके में Google से मुहैया कराए जाने वाले पार्ट उपलब्ध हैं, तो उनका इस्तेमाल करें. मानकों को पूरा न करने वाली बैटरी का इस्तेमाल करने और उसे गलत तरीके से नष्ट करने से, आग लगने, विस्फोट होने, रिसाव होने, और/या इसी तरह के अन्य खतरे हो सकते हैं. बैटरी में बदलाव करने, उसके पुर्ज़े अलग करके दोबारा जोड़ने या उसे नई जैसी बनाने की कोशिश न करें. बैटरी में छेद करने या उसमें कोई चीज़ डालने, उसे पानी या दूसरे तरल पदार्थों में डुबाने या उनके संपर्क में लाने से बैटरी को नुकसान पहुंच सकता है. बैटरी को आग, ज़्यादा तेज़ गर्मी, और/या दूसरे खतरों से बचाकर रखें.
इस डिवाइस की बैटरी को ज़रूरी सर्टिफ़िकेट मिले हुए हैं. इसके अलावा, बैटरी आईईईई 1725 मानक के मुताबिक भी हैं.
मॉडल नंबर: GU0NP
Google LLC
1600 Amphitheatre Parkway, Mountain View, CA 94043, United States
g.co/regulatory
बैटरी मॉडल आईडी: G3M28
वज़न: 47 ग्राम, क्षमता: 3593 mAh, रीचार्ज हो सकने वाली बैटरी, लिथियम-आयन, आग बुझाने वाला पदार्थ: ड्राई पाउडर, CO2, खतरनाक पदार्थ: एथिल प्रोपियोनेट, प्रोपीलीन कार्बोनेट, 1,3-प्रोपेनसल्टोन, महत्वपूर्ण कच्चा माल: बॉक्साइट, कोबाल्ट, तांबा, फ़्लोर्सपार, ग्रेफ़ाइट, हल्के दुर्लभ खनिज, लिथियम, निकल, फ़ॉस्फ़ेट रॉक, फ़ॉस्फ़ोरस, यह चीन में बनी है
बैटरी मॉडल आईडी: GU46C
वज़न: 19 ग्राम, क्षमता: 1326 mAh, रीचार्ज हो सकने वाली बैटरी, लिथियम-आयन, आग बुझाने वाला पदार्थ: ड्राई पाउडर, CO2, खतरनाक पदार्थ: एथिल प्रोपियोनेट, प्रोपीलीन कार्बोनेट, 1,3-प्रोपेनसल्टोन, महत्वपूर्ण कच्चा माल: बॉक्साइट, कोबाल्ट, तांबा, फ़्लोर्सपार, ग्रेफ़ाइट, हल्के दुर्लभ खनिज, लिथियम, निकल, फ़ॉस्फ़ेट रॉक, फ़ॉस्फ़ोरस, यह चीन में बनी है
फ़ोन, बैटरी, और ऐक्सेसरी को नष्ट, ट्रांसपोर्ट, और रीसाइकल करना
अपने डिवाइस, बैटरी, और उसके साथ मिली अन्य ऐक्सेसरी को पर्यावरण से जुड़े स्थानीय नियमों के मुताबिक नष्ट करें और उन्हें कहीं ले जाते समय परिवहन से जुड़े स्थानीय नियमों का पालन करें. इन्हें गलत तरीके से ट्रांसपोर्ट न करें या घरेलू कचरे में न डालें. गलत तरीके से नष्ट करने या ट्रांसपोर्ट करने पर, आग लग सकती है या धमाका हो सकता है. इसके अलावा, कई दूसरे खतरे भी हो सकते हैं. इन्हें न तो खोलें, न कुचलें, और न ही जलाएं. इसके अलावा, इन्हें 113° F (45° C) से ज़्यादा तापमान पर भी न रखें. डिवाइस और ऐक्सेसरी को रीसाइकल करने के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, g.co/HWRecyclingProgram पर जाएं.
पर्यावरण से जुड़ी पाबंदियां
अपने फ़ोन के पुर्ज़ों या सर्किट को नुकसान से बचाने के लिए, फ़ोन या इसकी ऐक्सेसरी को धूल भरी, धुएं वाली, गीली या गंदी जगहों या चुंबकीय क्षेत्र के आस-पास इस्तेमाल न करें और न ही ऐसी जगहों पर रखें. फ़ोन को गर्म चीज़ों से दूर रखें और उस पर सीधी धूप पड़ने से बचाएं. अपने डिवाइस को गाड़ी के अंदर या ऐसी जगहों पर न रखें जहां तापमान 113° F (45° C) से ज़्यादा हो. उदाहरण के लिए, कार के डैशबोर्ड पर, खिड़की की चौखट पर या किसी हीटिंग वेंट के पास. इसके अलावा, इसे ऐसे कांंच के पीछे न रखें जिस पर लंबे समय तक, सीधी धूप या तेज़ पराबैंगनी किरणें पड़ती हों. इससे, डिवाइस को नुकसान पहुंच सकता है और बैटरी ज़्यादा गर्म हो सकती है. साथ ही, आग लगने या विस्फोट होने का खतरा भी होता है.
विस्फोट वाली जगह
जिन जगहों पर जल्दी आग पकड़ने वाली या विस्फोटक चीज़ें रखी जाती हैं वहां अपना फ़ोन चार्ज या इस्तेमाल न करें. ऐसी जगहों पर न तो उसे रखें और न ही ले जाएं. उदाहरण के लिए, गैस स्टेशन, फ़्यूल डिपो या केमिकल प्लांट. जिन जगहों पर किसी काम के लिए धमाके किए जा रहे हों वहां अपना डिवाइस इस्तेमाल न करें. साथ ही, धमाका होने की संभावना वाली जगहों पर भी इसका इस्तेमाल न करें. जैसे, ईंधन भरने की जगह, ईंधन जमा करने की जगह, नावों के सबसे निचले हिस्से, ईंधन या केमिकल ट्रांसफ़र करने की जगह या उन्हें स्टोर करके रखने की जगह. इसके अलावा, ऐसी जगहों पर भी अपने डिवाइस का इस्तेमाल न करें जहां हवा में केमिकल, वाष्प, और अनाज, धूल या धातु के कण मौजूद हों. ऐसी जगहों पर चिंगारी से धमाका होने या आग लगने का खतरा होता है. इससे, गंभीर चोट लग सकती है या मौत भी हो सकती है. जहां इस तरह के खतरे हो सकते हैं वहां दी गई सभी सूचनाओं और संकेतों का पालन करें.
नेविगेशन
आपका फ़ोन, मैप करने और नेविगेट करने की सेवाओं को ऐक्सेस कर सकता है. इन सेवाओं के लिए, जगह की जानकारी और डेटा कनेक्शन उपलब्ध होना ज़रूरी है. हालांकि, हो सकता है कि ये सेवाएं हर जगह और हर समय उपलब्ध न हों. मैप और रास्ते गलत हो सकते हैं. ऐसा हो सकता है कि असल हालात, मैप, डेटा, ट्रैफ़िक की जानकारी, रास्तों, कॉन्टेंट, और अन्य नतीजों से अलग हों. रास्तों को ध्यान से देखें. ट्रैफ़िक के सभी नियमों, कानूनों, और संकेतों का पालन करें. साथ ही, सूझ-बूझ, विवेक, और जिम्मेदारी से, मैप और नेविगेट करने की सेवाओं का इस्तेमाल करें. हर बार इसके इस्तेमाल और उससे मिले नतीजों के लिए, आप खुद ज़िम्मेदार होंगे. एआर (ऑगमेंटेड रिएलिटी) के ज़रिए नेविगेशन के लिए, Google Street View की अप-टू-डेट तस्वीरों और बाहर की तेज़ रोशनी की ज़रूरत होती है. यह सुविधा भारत में उपलब्ध नहीं है.
ध्यान बंटना
कुछ खास तरह के काम करते समय फ़ोन का इस्तेमाल करने पर, आपका ध्यान बंट सकता है. यह आपके या दूसरों के लिए खतरनाक हो सकता है. कोई मशीन, साइकल या वाहन चलाते समय, दुर्घटना के जोखिम को कम करने के लिए, अपने फ़ोन का इस्तेमाल न करें. ज़्यादातर देशों में, वाहन चलाते समय फ़ोन का इस्तेमाल करना जुर्म है. इसके अलावा, कोई भी ऐसा काम करते समय अपना फ़ोन इस्तेमाल न करें जिसमें किसी चूक से बड़ा नुकसान हो सकता है. मोबाइल फ़ोन, हेडफ़ोन, और हेलमेट के इस्तेमाल से जुड़े स्थानीय कानूनों का पालन करें.
रेडियो फ़्रीक्वेंसी एनर्जी से संपर्क
इस फ़ोन की जांच की गई है और यह रेडियो फ़्रीक्वेंसी एक्सपोज़र से बचाव के लिए लागू कानूनी शर्तों को पूरा करता है. फ़ोन को इस तरह से बनाया और डिज़ाइन किया गया है कि इससे तय सीमा से ज़्यादा रेडियो फ़्रीक्वेंसी (आरएफ़) एनर्जी न निकले.
जिन देशों में स्पेसिफ़िक ऐब्ज़ॉर्पशन रेट (एसएआर) की सीमा एक ग्राम टिशू पर औसतन 1.6 वॉट/कि॰ग्रा॰ तय की गई है वहां फ़ोन को अपने कान से सटाकर इस्तेमाल करते समय, एसएआर की सबसे ज़्यादा वैल्यू 0.97 वॉट/कि॰ग्रा॰ होती है. साथ ही, फ़ोन को अपने शरीर से 0.5 सें॰मी॰ (0.2 इंच) की दूरी पर इस्तेमाल करते समय यह वैल्यू, 1.19 वॉट/कि॰ग्रा॰ होती है. इसके अलावा, फ़ोन को अपने शरीर से 1.0 सें॰मी॰ (0.4 इंच) की दूरी पर इस्तेमाल करते समय यह वैल्यू 1.14 वॉट/कि॰ग्रा॰ होती है. शरीर के बिलकुल पास रखकर फ़ोन का इस्तेमाल किए जाने के दौरान यह ज़रूरी है कि उसे सुरक्षित केस, होल्स्टर, आर्मबैंड या इनसे मिलती-जुलती उन ऐक्सेसरी के साथ ही इस्तेमाल किया जाए जिनमें मेटल न हो. इस दौरान, फ़ोन और उपयोगकर्ता के शरीर के बीच कम से कम 1.0 सें॰मी॰ (0.4 इंच) की दूरी होनी चाहिए. जिन देशों में स्पेसिफ़िक ऐब्ज़ॉर्पशन रेट (एसएआर) की सीमा 10 ग्राम टिशू पर औसतन 2.0 वॉट/कि॰ग्रा॰ तय की गई है वहां इस फ़ोन को सिर से सटाकर इस्तेमाल करते समय, एसएआर की ज़्यादा से ज़्यादा वैल्यू 0.99 वॉट/कि॰ग्रा॰ होती है. साथ ही, फ़ोन को शरीर से 5 मि॰मी॰ (0.2 इंच) दूर रखकर इस्तेमाल करने पर, यह वैल्यू ज़्यादा से ज़्यादा 1.39 वॉट/कि॰ग्रा॰ होती है.
ऊपर बताए गए देशों और इलाकों में अपने फ़ोन के लिए लागू की गई एसएआर वैल्यू देखी जा सकती हैं. इसके लिए, सेटिंग फ़ोन के बारे में जानकारी
नियमों के पालन की जानकारी पर जाएं.
रेडियो फ़्रीक्वेंसी (आरएफ़) एनर्जी से संपर्क को कम करने के लिए, बोलकर इस्तेमाल करने वाले विकल्प को आज़माएं. उदाहरण के लिए, फ़ोन में मौजूद स्पीकरफ़ोन, हेडफ़ोन या इसी तरह के अन्य ऐक्सेसरी. पक्का करें कि फ़ोन की अन्य ऐक्सेसरी, जैसे कि फ़ोन का केस और इसका होल्स्टर, मेटल से बने हुए न हों. फ़ोन को अपने शरीर से तय दूरी पर रखें, ताकि आप सुरक्षित रहें.
आपको एसएआर के बारे में ज़्यादा जानकारी, नीचे दी गई वेबसाइटों पर मिलेगी:
fcc.gov
icnirp.org
ec.europa.eu
dot.gov.in
रेडियो फ़्रीक्वेंसी में आने वाली रुकावट
मोबाइल नेटवर्क या वाई-फ़ाई जैसी वायरलेस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर रोक लगाने वाले नियमों का पालन करें. आपका फ़ोन इस बात को ध्यान में रखकर बनाया गया है कि उससे, तय सीमा से ज़्यादा रेडियो फ़्रीक्वेंसी (आरएफ़) एनर्जी न निकले. इसके लिए, ज़रूरी नियमों का पालन किया गया है. इसके बावजूद, वायरलेस तकनीक वाले डिवाइसों के इस्तेमाल से दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को नुकसान हो सकता है. जैसे, हवाई जहाज़ में सफ़र करते समय या उड़ान भरने से पहले, अपना वायरलेस डिवाइस (फ़ोन) सिर्फ़ एयरलाइन के निर्देशों के मुताबिक ही इस्तेमाल करें. हवाई जहाज़ में फ़ोन इस्तेमाल करने से, उसके वायरलेस नेटवर्क में रुकावट आ सकती है, उड़ान में खतरा हो सकता है या ऐसा करना गैरकानूनी हो सकता है. हालांकि, हो सकता है कि फ़्लाइट मोड में डिवाइस इस्तेमाल किया जा सके.
अल्ट्रा वाइडबैंड (यूडब्ल्यूबी)
अगर आपके इलाके में अल्ट्रा वाइडबैंड के इस्तेमाल पर रोक है, जैसे कि हवाई जहाज़ में, तो फ़्लाइट मोड को चालू करके अल्ट्रा वाइडबैंड को बंद किया जा सकता है. फ़्लाइट मोड चालू करने के लिए, क्विक सेटिंग फ़्लाइट मोड पर टैप करें. फ़्लाइट मोड को इस तरह भी चालू किया जा सकता है: सेटिंग
नेटवर्क और इंटरनेट पर जाएं और फिर
फ़्लाइट मोड को टॉगल करके चालू करें. ऐसा हो सकता है कि आप अमेरिका में खिलौनों के लिए, यूडब्ल्यूबी वाले डिवाइसों का इस्तेमाल न कर पाएं. इसके अलावा, यूडब्ल्यूबी डिवाइसों को हवाई जहाज़, पानी के जहाज़ या सैटलाइट में इस्तेमाल करने की अनुमति भी नहीं है.
आपातकालीन स्थिति में संपर्क करने से जुड़ी जानकारी
आपातकालीन स्थिति में किसी से संपर्क करने के लिए, सिर्फ़ वायरलेस फ़ोन पर निर्भर न रहें. यह फ़ोन, रेडियो सिग्नल का इस्तेमाल करता है. इसलिए, यह गारंटी नहीं दी जा सकती कि हर तरह की स्थिति में यह कनेक्ट रह पाएगा. साथ ही, आपका फ़ोन रीचार्ज होने वाली बैटरी से चलता है. इस तरह की बैटरी ज़्यादा समय तक इस्तेमाल होने, तापमान में बदलाव होने, टूट-फूट या दूसरी वजहों से खराब हो सकती हैं. आपातकालीन स्थिति में किसी से संपर्क करने के लिए, सिर्फ़ वायरलेस फ़ोन पर निर्भर न रहें. कुछ जगहों पर आपातकालीन जानकारी, वायरलेस नेटवर्क पर भेजी जाती है. हालांकि, यह ज़रूरी नहीं कि आपको अपने डिवाइस पर हमेशा यह जानकारी मिल पाए. इस तरह की जानकारी का मिलना या न मिलना, इंटरनेट की उपलब्धता या अन्य चीज़ों पर निर्भर करता है. ऐसा हो सकता है कि कुछ सुविधाएं और आपातकालीन जानकारी या कॉल और मैसेज करने की सुविधा का ऐक्सेस सभी इलाकों या भाषाओं में मौजूद न हो. आपातकालीन कॉल करने के लिए, पावर बटन और आवाज़ तेज़ करने वाले बटन को एक साथ दबाएं. ऐसा करने पर, आपातकालीन कॉल करने के लिए स्क्रीन पर बटन दिखने लगेगा. इस बटन को दबाकर आपातकालीन कॉल करें.
मेडिकल डिवाइस में रुकावट
आपका डिवाइस, रेडियो फ़्रीक्वेंसी और ऐसे अन्य कॉम्पोनेंट का इस्तेमाल करता है जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ़ील्ड बनाते हैं और जिनमें चुंबक होता है. ये इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ़ील्ड और चुंबक, पेसमेकर और शरीर में लगे अन्य मेडिकल डिवाइसों के लिए समस्या पैदा कर सकते हैं. फ़ोन और उसके चार्जर को हमेशा मेडिकल डिवाइस से सुरक्षित दूरी पर रखें. अगर किसी मेडिकल डिवाइस के साथ या इसके आस-पास अपने Google डिवाइस को इस्तेमाल करने के बारे में आपका कोई सवाल है, तो फ़ोन का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर या अस्पताल से संपर्क करें. अगर आपको लगता है कि आपका फ़ोन, शरीर में लगे मेडिकल डिवाइस के काम में रुकावट डाल रहा है, तो अपने Google डिवाइस को बंद कर दें. साथ ही, अपने मेडिकल डिवाइस से जुड़ी ज़रूरी जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह लें.
अस्पताल
अगर अस्पताल, क्लिनिक या स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली जगहों पर आपसे वायरलेस डिवाइस बंद करने का अनुरोध किया जाए, तो ऐसा ज़रूर करें. ये अनुरोध इसलिए किए जाते हैं, ताकि वहां मौजूद संवेदनशील मेडिकल डिवाइसों के काम में कोई रुकावट न आए.
स्वास्थ्य से जुड़े ऐप्लिकेशन के फ़ंक्शन
आपका डिवाइस और इसमें मौजूद पेडोमीटर या फ़ंक्शन भी मेडिकल डिवाइस नहीं हैं जो आपकी सामान्य सेहत को ठीक रखने, सोने, कसरत करने, और धड़कन की दर का पता करने में मदद करते हैं. इनका मकसद सिर्फ़ जानकारी देना है. इन्हें बीमारी या ऐसी ही किसी दूसरी स्थिति की पहचान करने के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया है. इसके अलावा, इन्हें बीमारी से बचाने, उस पर नज़र रखने, उसके इलाज या रोकथाम के लिए भी नहीं बनाया गया है.
एलईडी
आपके डिवाइस में मौजूद एलईडी, आईईसी 62471 की ज़रूरी शर्तों के मुताबिक हैं. ये एलईडी आम स्थितियों में इस्तेमाल के लिए सुरक्षित हैं. हालांकि, यह सुझाव दिया जाता है कि आप एलईडी लाइट की रोशनी को किसी व्यक्ति की आंखों पर न डालें.
त्वचा पर जलन महसूस होना
त्वचा के संपर्क में ज़्यादा समय तक रहने वाली चीज़ों में, ऐसे मटीरियल पाए जाते हैं जिनसे कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है. जैसे, निकल. अगर आपको भी त्वचा के उन हिस्सों में जलन महसूस हो जिससे आपका फ़ोन अक्सर संपर्क में रहता है, तो फ़ोन का इस्तेमाल बंद कर दें और किसी डॉक्टर से सलाह लें.
मेडिकल से जुड़ी समस्याएं
फ़ोन इस्तेमाल करने वाले कुछ लोगों को सिरदर्द, दौरे, थकावट, बेहोशी, थकान, आंखों में खिंचाव और सूखापन वगैरह की समस्या हो सकती है. ऐसा, आंखों के सामने झिलमिलाती रोशनी या चमकीली चीज़ों के आने से हो सकता है. जैसे, फ़्लैश लाइट, चमकदार पैटर्न या इलेक्ट्रॉनिक डिसप्ले. ऐसे लक्षण उन लोगों में देखे जा सकते हैं जिन्हें पहले कभी इस तरह की समस्याएं नहीं रही हैं. अगर आपको पहले कभी दौरे, बेहोशी, मिर्गी या सेहत से जुड़ी कोई समस्या हुई है, तो फ़ोन का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से संपर्क करें. अगर आपको लगता है कि डिवाइस की वजह से आपको असहज महसूस हो रहा है, तो भी डॉक्टर से सलाह लें. अगर आपको लगता है कि फ़ोन का इस्तेमाल करने की वजह से आपको सिर दर्द, बेहोशी या दौरा पड़ने जैसी कोई समस्या हो रही है, तो फ़ोन का इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें और डॉक्टर से संपर्क करें.
मांसपेशियों, हड्डियों, और जोड़ों की बीमारियां
फ़ोन की स्क्रीन पर टाइप, टैप या स्वाइप करने जैसी बार-बार की जाने वाली गतिविधियां न करें. इनकी वजह से, आपके हाथों, उंगलियों, कलाइयों, बांहों, कंधों या शरीर के दूसरे हिस्सों में दर्द या असहजता महसूस हो सकती है. अगर आपको इन गतिविधियों से कोई परेशानी होती है, तो फ़ोन का इस्तेमाल करना बंद कर दें और अपने डॉक्टर से सलाह लें.
उपभोक्ता के लिए बने लेज़र प्रॉडक्ट
| चेतावनी - आपके फ़ोन में क्लास 1 लेज़र मॉड्यूल मौजूद है. इस फ़ोन में लेंस और सुरक्षा देने वाले केस लगे हुए हैं. इससे, उपयोगकर्ताओं पर क्लास 1 से ज़्यादा लेवल का लेज़र रेडिएशन नहीं पड़ता. |
जैसा कि 8 मई, 2019 को जारी लेज़र नोटिस नंबर 56 में बताया गया है, इस फ़ोन में मौजूद लेज़र मॉड्यूल, ईएन 50689:2021 और ईएन 60825-1+ए11:2021 के साथ-साथ, 21 सीएफ़आर 1040.10 और 1040.11 के मानकों का पालन करता है. हालांकि, यह आईईसी 60825-1 के एडिशन 3 के कुछ मानकों के मुताबिक नहीं है. आपको ऐसे कंट्रोल, बदलावों या तरीकों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जिनके बारे में यहां नहीं बताया गया है. ऐसा करने पर, रेडिएशन फैलने का खतरा हो सकता है. इस फ़ोन को Google या Google की मंज़ूरी से सेवा देने वाली कंपनी से ही ठीक कराना चाहिए.
ऑटोफ़ोकस लेज़र मॉड्यूल: चीन में बना. STMicroelectronics (R&D) LTD., 1 Tanfield, 1st Floor, Edinburgh EH3 5DA, United Kingdom
प्रॉक्सिमिटी लेज़र मॉड्यूल: ऑस्ट्रिया में बना. ams-OSRAM AG, Tobelbader Str. 30, 8141 Premstaetten, Austria
सही देखरेख और इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी
अपने फ़ोन का इस्तेमाल करने, उसे संभालकर रखने या उसकी साफ़-सफ़ाई के दौरान, इन दिशा-निर्देशों का पालन करें.
ऑपरेटिंग टेंपरेचर
डिवाइस को 0° C (32° F) से कम या 35° C (95° F) से ज़्यादा तापमान वाली जगहों पर न तो इस्तेमाल करें और न ही उसे चार्ज करें. डिवाइस के अंदर का तापमान, सामान्य ऑपरेटिंग टेंपरेचर से ज़्यादा हो जाने पर, डिवाइस तापमान को कंट्रोल करने की कोशिश करता है. इस दौरान आपको ये समस्याएं दिख सकती हैं: परफ़ॉर्मेंस और कनेक्टिविटी में कमी, चार्ज न होना, डिवाइस या उसका डिसप्ले बंद होना. ऐसा हो सकता है कि फ़ोन जब टेंपरेचर को कंट्रोल करे, तब आप उसका इस्तेमाल न कर पाएं. डिवाइस को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले, ऑपरेटिंग टेंपरेचर के हिसाब से इसे किसी ठंडी या गर्म) जगह पर ले जाएं और कुछ मिनट तक इंतज़ार करें.
देखभाल और साफ़-सफ़ाई का तरीका
अगर आपको फ़ोन की सफ़ाई करनी हो, तो उसे और पावर अडैप्टर को पहले चार्जिंग से हटा दें. ऐसा तब भी करें, जब बिजली कड़क रही हो या फ़ोन का इस्तेमाल लंबे समय से न किया जा रहा हो. चार्ज करते समय अपने फ़ोन की सफ़ाई न करें. ऐसा करने पर, आपको चोट लग सकती है या आपके फ़ोन को नुकसान पहुंच सकता है. सॉल्वेंट (चीज़ों को गला देने वाले केमिकल) और खुरदरी चीज़ों से अपने डिवाइस को दूर रखें. इनसे डिवाइस को नुकसान पहुंच सकता है. डिवाइस या उसके साथ मिलने वाली ऐक्सेसरी की सफ़ाई के लिए, किसी भी केमिकल वाले डिटर्जेंट, पाउडर या अन्य केमिकल एजेंट (जैसे, बेंज़ीन) का इस्तेमाल न करें.
मेकअप के सामान, केमिकल, और रंगी हुई चीज़ों (जैसे, डेनिम) से हल्के रंग के डिवाइसों और केस पर दाग लग सकता है.
हमारा सुझाव है कि अपने फ़ोन को हल्के हाथों से, बिना रोएं वाले मुलायम कपड़े से साफ़ करें. निशान, दाग या धूल को साफ़ करने के लिए सूखे कपड़े का इस्तेमाल करें. मेकअप या नई जींस की वजह से लगे रंगों के दाग साफ़ करने के लिए, हल्के गीले कपड़े (पूरा गीला नहीं) का इस्तेमाल करें. स्क्रीन के दाग और मैल हटाने के लिए, स्क्रीन वाइप या चश्मा साफ़ करने वाले क्लीनर का इस्तेमाल करें. फ़ोन के पीछे के हिस्से और किनारों को साफ़ करने के लिए, साधारण घरेलू साबुन या बिना ब्लीच वाले वाइप का इस्तेमाल करें. रखरखाव और सफ़ाई से जुड़े निर्देशों की ज़्यादा जानकारी के लिए, g.co/pixel/care देखें.
फ़ोन और उसकी स्क्रीन को कीटाणुओं से बचाने के लिए, घर में इस्तेमाल होने वाले साधारण कीटाणुनाशक वाइप (टिशू पेपर) या 70% आइसोप्रोपिल अल्कोहल वाले वाइप का इस्तेमाल करें. ब्लीच वाले वाइप का इस्तेमाल न करें.
पानी और धूल से बचने की क्षमता
आपका डिवाइस, आईईसी स्टैंडर्ड 60529 के तहत, धूल और पानी के असर से बचने की क्षमता से जुड़ी रेटिंग IP68 के हिसाब से बनाया गया है. हालांकि, यह धूल या पानी से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. धूल और पानी के असर से बचने की क्षमता हमेशा एक जैसी नहीं रहती है. आम तौर पर होने वाली टूट-फूट, डिवाइस की मरम्मत, इसे खोलने या इसे होने वाले किसी नुकसान की वजह से, यह क्षमता धीरे-धीरे कम या खत्म हो जाती है. फ़ोन गिरने से, धूल या पानी के असर से बचने की इसकी क्षमता कम हो सकती है. पानी या अन्य तरल पदार्थों से हुए नुकसान की वजह से सीमित वारंटी खत्म हो जाती है. अपने फ़ोन को ज़्यादा तरल पदार्थों या धूल से दूर रखें. इनसे फ़ोन में शॉर्ट सर्किट हो सकता है और/या वह ज़्यादा गरम हो सकता है. फ़ोन का चार्जर और अन्य ऐक्सेसरी में धूल या पानी से बचने की क्षमता नहीं होती. इसलिए, इन्हें पानी या धूल से बचाकर रखना चाहिए. ज़्यादा जानकारी के लिए, g.co/pixel/water पर जाएं.
मैग्नेटिक फ़ील्ड
अपने फ़ोन या चार्जिंग केबल कनेक्टर के पास ऐसी चीज़ें न रखें जिनमें चुंबक हों या जिन पर चुंबक का असर पड़ता हो. जैसे, क्रेडिट या डेबिट कार्ड, ऑडियो/वीडियो टेप या मैग्नेटिक स्टोरेज वाले डिवाइस. ऐसा करने से इन चीज़ों में मौजूद डेटा मिट सकता है. ऐसी चीज़ें जिन पर चुंबक का असर पड़ता हो और जिनमें ज़रूरी जानकारी मौजूद हो, उन्हें इस फ़ोन से कम से कम 2 इंच (5 सेंटीमीटर) दूर रखना चाहिए.
मरम्मत और सहायता के बारे में जानकारी
ज़रूरी तकनीकी जानकारी के बिना डिवाइस ठीक करने या उसमें बदलाव करने से, डिवाइस को नुकसान पहुंच सकता है. इसके अलावा, आपको चोट भी लग सकती है. Google का सुझाव है कि फ़ोन को ठीक कराने के लिए किसी पेशेवर की मदद लें. डिवाइस ठीक करने के अन्य विकल्पों के बारे में जानने के लिए, ग्राहक सेवा से संपर्क करें.
आपके देश या इलाके की स्थानीय कानूनी शर्तों के मुताबिक, आपने ठीक कराने के लिए जो डिवाइस दिए हैं उन्हें रिपेयर करने के बजाय, आपको नए जैसे किए गए उसी टाइप के डिवाइस मिल सकते हैं. इसके अलावा, डिवाइस को ठीक करने के लिए, नए जैसे किए गए पुर्ज़ों का इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर डिवाइस में आपका जनरेट किया गया डेटा सेव है, तो उसे ठीक कराने या उसके बदले दूसरा डिवाइस लेने पर डेटा मिट सकता है. ऑनलाइन मदद और ग्राहक सहायता के लिए, g.co/pixel/help पर जाएं.
Få onlinehjælp og support på g.co/pixel/help. Enheder, der indleveres til reparation, kan blive udskiftet med renoverede enheder af samme type i stedet for at blive repareret. Der bruges muligvis renoverede dele til at reparere produkter. Dette gælder kun, hvis andet ikke følger af lovbestemte forbrugerrettigheder. Hvis enhederne indeholder brugergenererede data, kan en reparation eller udskiftning betyde, at disse data mistes.
आपके फ़ोन में रीचार्ज की जा सकने वाली लिथियम-आयन बैटरी है. लिथियम-आयन बैटरी समय के साथ खराब हो जाती हैं. इस वजह से बैटरी की क्षमता या फ़ोन का रनटाइम कम हो जाता है. आपके फ़ोन की बैटरी को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह बैटरी के 1,000 चार्ज साइकल तक 80% क्षमता से काम कर सकती है. अगर आपको लगता है कि बैटरी की क्षमता या फ़ोन का रनटाइम सामान्य से बहुत कम हो गया है या बैटरी को ऊपर बताए गए चार्ज साइकल की संख्या तक चार्ज किया जा चुका है, तो हमारा सुझाव है कि आप बैटरी बदल लें. इसके लिए, Google (g.co/pixel/contact पर) या सेवा देने वाली किसी ऐसी कंपनी से संपर्क करें जिसे Google से मंज़ूरी मिली हो. किसी ऐसे पेशेवर से भी मदद ली जा सकती है जो Google से न जुड़ा हो.
नियमों के पालन की जानकारी
Pixel 10 Pro Fold के लिए नियमों के पालन की जानकारी, सर्टिफ़िकेट का ब्यौरा, और नियमों के पालन से जुड़े खास निशान देखने के लिए, सेटिंग फ़ोन के बारे में जानकारी
नियमों के पालन की जानकारी पर जाएं और/या फ़ोन के पीछे देखें.
ईएमसी की शर्तों और नीतियों के पालन से जुड़ा स्टेटमेंट
ध्यान दें: फ़ोन और इसके साथ मिलने वाली ऐक्सेसरी को इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कंपैटबिलिटी (ईएमसी) के मुताबिक डिज़ाइन किया गया है. इसमें यह भी ध्यान में रखा गया है कि ये खास तौर पर अपने साथ काम करने के लिए बनाए गए डिवाइसों और सिस्टम के कॉम्पोनेंट को कनेक्ट करने वाली सुरक्षित केबल के साथ इस्तेमाल किए जाने के दौरान भी ईएमसी के मुताबिक हों. यह ज़रूरी है कि आप सिस्टम कॉम्पोनेंट को कनेक्ट करने के लिए, खास उनके साथ काम करने वाले डिवाइस और सुरक्षित केबल ही इस्तेमाल करें. इससे रेडियो, टेलीविज़न, और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों में आने वाली रुकावटें कम की जा सकती हैं.
नियमों के पालन की जानकारी: संयुक्त राज्य अमेरिका
एफ़सीसी के नियमों के पालन की जानकारी
ध्यान दें: इस फ़ोन की जांच में पाया गया है कि यह एफ़सीसी (फ़ेडरल कम्यूनिकेशन कमीशन) के नियमों के भाग 15 के मुताबिक, क्लास बी के डिजिटल डिवाइस की पाबंदियों के मुताबिक है. ये सीमाएं इसलिए तय की गई हैं, ताकि रिहाइशी इलाकों में फ़ोन के इस्तेमाल से, दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के काम में नुकसान पहुंचाने वाली रुकावट आने की संभावना न रहे. यह फ़ोन रेडियो फ़्रीक्वेंसी एनर्जी पैदा करता है, उसका इस्तेमाल करता है, और उसे फैला भी सकता है. फ़ोन को निर्देशों के मुताबिक इंस्टॉल और इस्तेमाल नहीं करने पर, यह रेडियो कम्यूनिकेशन में नुकसान पहुंचाने वाली रुकावट पैदा कर सकता है. हालांकि, इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि किसी खास तरीके से इंस्टॉल करने पर कोई रुकावट नहीं आएगी. इससे रेडियो या टेलीविज़न के सिग्नल में नुकसान पहुंचाने वाली रुकावटें आ रही हैं या नहीं, यह पता लगाने के लिए इसे चालू या बंद करें. इस तरह की रुकावटों को ठीक करने के लिए, यहां दिए गए एक या एक से ज़्यादा तरीके आज़माए जा सकते हैं:
- सिग्नल पाने वाले ऐंटीना को हिलाएं या उसकी जगह बदलें.
- उपकरण और सिग्नल पाने वाले ऐंटीना के बीच की दूरी बढ़ाएं.
- जिस सर्किट में रिसीवर को कनेक्ट किया गया है, फ़ोन को उसके बजाय किसी और सर्किट से कनेक्ट करें.
- मदद के लिए, अपने डीलर या किसी अनुभवी रेडियो/टीवी टेक्नीशियन से संपर्क करें.
Google ने जिन बदलावों या सुधारों की साफ़ तौर पर मंज़ूरी नहीं दी है उन्हें लागू करने पर, इसे इस्तेमाल करने का आपका कानूनी अधिकार खत्म हो सकता है.
यह एफ़सीसी के नियमों के भाग 15 का पालन करता है. यहां बताई गई इन दो शर्तों के हिसाब से ही इसका इस्तेमाल किया जा सकता है:
- इसके सिग्नल से दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के काम में नुकसान पहुंचाने वाली कोई रुकावट न आए.
- यह डिवाइस, दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के सिग्नल की वजह से आने वाली अनचाही रुकावटों के बावजूद अपना काम करता रहे.
बिना किसी इंसान के चलने वाले एयरक्राफ़्ट के सिस्टम को कंट्रोल करने या उनसे संपर्क करने के लिए, 5.925-7.125 गीगाहर्ट्ज़ बैंड में ट्रांसमीटर इस्तेमाल करने पर पाबंदी है.
इस डिवाइस का इस्तेमाल, ऐसी जगहों पर नहीं किया जाना चाहिए जहां तेल रखा जाता है या मौजूद होता है. साथ ही, इसका इस्तेमाल एयरक्राफ़्ट में नहीं किया जा सकता. हालांकि, 5.925-6.425 गीगाहर्ट्ज़ की फ़्रीक्वेंसी पर 10,000 फ़ीट से ज़्यादा की ऊंचाई पर उड़ान भरने वाले बड़े एयरक्राफ़्ट में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.
बाहर के फ़िक्स्ड इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर इंस्टॉल करने की अनुमति नहीं है.
बिना किसी इंसान के चलने वाले एयरक्राफ़्ट सिस्टम को कंट्रोल करने या उनसे संपर्क करने पर पाबंदी है. इन सिस्टम में ड्रोन भी शामिल हैं.
मॉडल नंबर: GU0NP
प्रॉडक्ट का नाम: Pixel 10 Pro Fold
अमेरिका में ज़िम्मेदार पार्टी
Google LLC
1600 Amphitheatre Parkway
Mountain View, CA 94043
संपर्क जानकारी: g.co/pixel/contact
कान की मशीन के साथ काम करने की सुविधा (एचएसी)
इस फ़ोन में एएनएसआई C63.19-2019 स्टैंडर्ड के मुताबिक, कान की मशीन के साथ काम करने की सुविधा है. यह सुविधा, एफ़सीसी लिमिटेड वेवर DA 23-914 के तहत किए गए संशोधन के बाद हुए बदलावों के तहत उपलब्ध कराई गई है. एएनएसआई C63.19-2019 स्टैंडर्ड में उस रेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल नहीं किया जाता जिसका इस्तेमाल स्टैंडर्ड के पुराने वर्शन में होता था. जैसे, M रेटिंग यह जानने का पैमाना है कि फ़ोन में, रेडियो फ़्रीक्वेंसी की वजह से, कान की मशीन में आने वाली आवाज़ में रुकावटों को कम करने की कितनी क्षमता है. वहीं T रेटिंग यह जानने का पैमाना है कि इंडक्टिव कपलिंग (टेलीकॉइल) की सुविधा देने वाली कान की मशीन के साथ इस्तेमाल करने पर, फ़ोन की परफ़ॉर्मेंस कैसी है. साल 2019 के एएनएसआई स्टैंडर्ड के मुताबिक यह ज़रूरी है कि हैंडसेट में आवाज़ को कंट्रोल करने की सुविधाएं दी गई हों. तभी यह माना जाएगा कि वे डिवाइस कान की मशीन के साथ काम कर सकते हैं. डिवाइस को मिलने वाली छूट के तहत, डिवाइस पर आवाज़ कंट्रोल करने की सुविधा के लिए कुछ जांच उस तरह से नहीं होंगी जैसे आम तौर पर होती हैं. साथ ही, कुछ जांचें तो बिलकुल भी नहीं होंगी. उदाहरण के लिए, सिर्फ़ कमर्शियल मोबाइल रेडियो सर्विसेज़ (सीएमआरएस) नेरोबैंड और सीएमआरएस वाइडबैंड वॉइस कोडेक को आवाज़ कंट्रोल करने से जुड़े वॉल्यूम कंट्रोल स्टैंडर्ड की शर्तों का पालन करना ज़रूरी है. दूसरे सभी कोडेक, जैसे कि फ़ुल-बैंड और सुपर-वाइडबैंड कोडेक या ओवर-द-टॉप (OTT) कोडेक को वॉल्यूम कंट्रोल स्टैंडर्ड का पालन करना ज़रूरी नहीं है. आवाज़ कंट्रोल की ज़रूरी शर्त को पूरा करने के लिए, हैंडसेट को दो टेस्ट पूरे करने होंगे. पहले टेस्ट में, कान की मशीन के साथ हैंडसेट के अकूस्टिक गेन की जांच की जाती है. दूसरे टेस्ट में, कान की मशीन के बिना इसकी जांच की जाती है. हैंडसेट भले ही कान की मशीन के साथ काम करे या न करे, लेकिन उसमें कम से कम छह डेसिबल (dB) का अकूस्टिक गेन ज़रूर होना चाहिए.
इस फ़ोन की जांच की गई है. इसमें पता चला है कि यह फ़ोन, एफ़सीसी लिमिटेड वेवर DA 23-914 और एएनएसआई C63.19-2019 के तकनीकी निर्देशों के मुताबिक आवाज़ कंट्रोल की ज़रूरी शर्तों को पूरा करता है. पूरी तरह से जांच किए गए, Enhanced Voice Services (EVS) narrowband, EVS wideband कोडेक, और एयर इंटरफ़ेस कॉम्बिनेशन के लिए, इस डिवाइस का असल अकूस्टिक गेन इतना होना चाहिए: कान की मशीन के साथ 17.2 डीबी और कान की मशीन के बिना 18.0 डीबी. कुछ हद तक टेस्ट किए गए, Enhanced Full Rate (EFR), Adaptive Multi-Rate (AMR) narrowband, और AMR wideband कोडेक और एयर इंटरफ़ेस के कॉम्बिनेशन के लिए, इस डिवाइस का अकूस्टिक गेन कम से कम इतना होना चाहिए: कान की मशीन के साथ 18.0 डीबी और कान की मशीन के बिना 18.0 डीबी.
इस फ़ोन में इस्तेमाल होने वाली कुछ वायरलेस टेक्नोलॉजी की जांच करके, यह सर्टिफ़िकेट दिया गया है कि इन टेक्नोलॉजी के साथ, कान की मशीनें काम करती हैं. हालांकि, इस फ़ोन में कुछ ऐसी नई वायरलेस टेक्नोलॉजी हो सकती हैं जिनकी जांच करके अभी तक यह पता नहीं लगाया गया है कि कान की मशीनें, इन टेक्नोलॉजी के साथ इस्तेमाल की जा सकती हैं या नहीं. इसलिए, अपनी कान की मशीन या कॉकलीयर इम्प्लांट का इस्तेमाल करके, अपने फ़ोन की अलग-अलग सुविधाओं को अलग-अलग जगहों पर अच्छी तरह से आज़माएं. इससे आपको पता चलेगा कि कहीं सिग्नल में रुकावट डालने वाला कोई शोर तो नहीं सुनाई दे रहा. कान की मशीनों के साथ काम करने की सुविधा के बारे में जानकारी के लिए, सेवा देने वाली कंपनी या Google से संपर्क करें. अगर फ़ोन को वापस करने या उसे बदलने से जुड़ी नीतियों के बारे में आपका कोई भी सवाल है, तो सेवा देने वाली कंपनी या जिस स्टोर से आपने फ़ोन खरीदा हो उससे संपर्क करें.
नीचे दी गई टेबल में उन वायरलेस टेक्नोलॉजी (इनमें एयर इंटरफ़ेस और कोडेक के हिसाब से फ़्रीक्वेंसी/बैंड शामिल है) को दिखाया गया है जिन्हें एफ़सीसी के नियमों और लिमिटेड वेवर DA 23-914 के मुताबिक टेस्ट किया गया है या टेस्ट नहीं किया गया है.
|
एयर इंटरफ़ेस |
बैंड |
कोडेक |
आरएफ़ई |
टी-कॉइल |
वॉल्यूम कंट्रोल |
|
एलटीई/एनआर/वाई-फ़ाई |
LTE: 2 / 4 / 5 / 7 / 12 / 13 / 14 / 17 / 25 / 26 / 30 / 38 / 41 / 48 / 66 / 71 एनआर: n2 / 5 / 7 / 12 / 14 / 25 / 26 / 30 / 38 / 41 / 48 / 66 / 70 / 71 / 77 / 78 वाई-फ़ाई: 2.4 गीगाहर्ट्ज़, U-NII 1 / 2A / 2C / 3 / 4 / 5* |
AMR-NB, AMR-WB, EVS-NB, EVS-WB |
हां |
हां |
हां |
|
EVS-SWB, OPUS |
हां |
हां |
नहीं |
||
|
एनआर/वाई-फ़ाई |
एनआर: n258 / 260 / 261 वाई-फ़ाई: U-NII 5* / 6 / 7 / 8 |
AMR-NB, AMR-WB, EVS-NB, EVS-WB, EVS-SWB, OPUS |
नहीं |
नहीं |
नहीं |
|
यूएमटीएस/जीएसएम |
यूएमटीएस: V, IV, II |
EFR (सिर्फ़ GSM), AMR-NB, AMR-WB |
हां |
हां |
हां |
|
यूएमटीएस: V, IV, II |
OPUS |
हां |
हां |
नहीं |
* U-NII 5 की जांच, कान की मशीन के साथ काम करने की सुविधा के लिए की जाती है. यह जांच उन चैनलों के लिए की जाती है जिनकी फ़्रीक्वेंसी पूरी तरह से छह गीगाहर्ट्ज़ से कम है. जिन चैनलों की फ़्रीक्वेंसी कुछ हद तक या पूरी तरह से छह गीगाहर्ट्ज़ से ज़्यादा है उनकी जांच नहीं की जाएगी.
नियमों के पालन की जानकारी: कनाडा
इंडस्ट्री कनाडा, क्लास बी
इस डिवाइस को आईसीईएस-003 क्लास बी की पाबंदियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है.
आपका डिवाइस, उन आरएसएस स्टैंडर्ड को ध्यान में रखकर बनाया गया है जिन्हें आईएसईडी लाइसेंस से छूट मिली हुई है. यह सही तरीके से काम करे, इसके लिए इन दो शर्तों का पूरा होना ज़रूरी है: (1) इस डिवाइस की वजह से, किसी तरह की रुकावट न हो; और (2) यह दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के सिग्नल की वजह से आने वाली अनचाही रुकावटों के बावजूद, अपना काम सही तरीके से करता रहे.
डिवाइस, 5150–5250 मेगाहर्ट्ज़ के फ़्रीक्वेंसी बैंड पर काम करने के दौरान इनडोर जगहों में ही इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे, एक ही जैसे बैंड पर काम करने वाले मोबाइल सैटलाइट कम्यूनिकेशन सिस्टम में नुकसान पहुंचाने वाली रुकावट आने का जोखिम कम होता है.
डिवाइस का इस्तेमाल, ऐसे एयरक्राफ़्ट सिस्टम को कंट्रोल करने या उनसे संपर्क करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए जिन्हें कोई इंसान न उड़ा रहा हो.
डिवाइसों का इस्तेमाल, ऐसी जगहों पर नहीं किया जाना चाहिए जहां तेल रखा जाता है या मौजूद होता है.
डिवाइसों का इस्तेमाल हवाई जहाज़ों पर नहीं किया जाना चाहिए. हालांकि, कम पावर के इनडोर ऐक्सेस पॉइंट, इनडोर सबऑर्डिनेट डिवाइसों, कम पावर वाले क्लाइंट डिवाइसों, और 5,925 से 6,425 मेगाहर्ट्ज़ बैंड में काम करने वाले बहुत कम पावर वाले डिवाइसों का इस्तेमाल 3,048 मीटर (10,000 फ़ीट) से ज़्यादा की ऊंचाई पर उड़ान भरने वाले बड़े हवाई जहाज़ों पर किया जा सकता है. इस बारे में कनेडियन ऐविऐशन रेगुलेशन में बताया गया है.
डिवाइसों का इस्तेमाल, गाड़ियों, ट्रेनों, और समुद्री जहाज़ों पर नहीं किया जाना चाहिए.
Cet appareil est conforme aux limites ICES-003 Classe B.
Le présent appareil est conforme aux CNR d'ISDE Canada applicables aux appareils radio exempts de licence. L'exploitation est autorisée aux deux conditions suivantes:
(1) l'appareil ne doit pas produire de brouillage, et
(2) l'appareil doit accepter tout brouillage radioélectrique subi, même si le brouillage est susceptible d'en compromettre le fonctionnement.
Les dispositifs fonctionnant dans la bande de 5 150 à 5 250 MHz sont réservés uniquement pour une utilisation à l’intérieur afin de réduire les risques de brouillage préjudiciable aux systèmes de satellites mobiles utilisant les mêmes canaux.
Les dispositifs ne doivent pas être utilisés pour commander des systèmes d'aéronef sans pilote ni pour communiquer avec de tels systèmes;
Les dispositifs ne doivent pas être utilisés sur les plateformes de forage pétrolier;
Les dispositifs ne doivent pas être utilisés dans les aéronefs, à l'exception des points d'accès intérieurs de faible puissance, des dispositifs subordonnés intérieurs, des dispositifs clients de faible puissance et des dispositifs de très faible puissance fonctionnant dans la bande de 5 925 à 6 425 MHz, qui peuvent être utilisés dans les gros aéronefs tel qu'il est défini dans le Règlement de l'aviation canadien, et ce, lorsqu'ils volent à une altitude supérieure à 3 048 mètres (10 000 pieds).
Les dispositifs ne doivent pas être utilisés dans les automobiles, trains, navires maritime.
नियमों के पालन की जानकारी: यूनाइटेड किंगडम (यूके)
यूनाइटेड किंगडम में नियमों के पालन की जानकारी
इस डिवाइस पर मौजूद सीई मार्किंग से पता चलता है कि यह यूके में लागू नियमों की ज़रूरी शर्तों को पूरा करता है.
इसके अलावा, Google LLC यह एलान भी करता है कि यह प्रॉडक्ट, प्रॉडक्ट सिक्योरिटी ऐंड टेलीकम्यूनिकेशंस ऐक्ट (पीएसटीआई) का पालन करता है. आरईडी के तहत, शर्तें पूरी होने की जानकारी और पीएसटीआई से जुड़े नियमों के पालन की जानकारी देखने के लिए, g.co/pixel/conformity पर जाएं.
यह डिवाइस आरओएचएस (RoHS) के नियमों का पालन करता है
यह डिवाइस, स्टैचुटरी इंस्ट्रुमेंट 2012 के नंबर 3032 का पालन करता है. इसमें इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट से जुड़े कानूनों के तहत, खतरनाक पदार्थों के इस्तेमाल की सीमा से जुड़े नियमों का पालन किया गया है.
यूके आरईएसीएच
यूके आरईएसीएच, केमिकल पदार्थों के नियमों से जुड़ा फ़्रेमवर्क है, जो यूनाइटेड किंगडम में लागू होता है. इसका पूरा नाम रजिस्ट्रेशन, इवैलुएशन, ऑथराइज़ेशन ऐंड रिस्ट्रिक्शन ऑफ़ केमिकल्स, स्टैचुटरी इंस्ट्रुमेंट 2020 नंबर 1577 है. Google इस नियम की सभी शर्तों का पालन करता है. साथ ही, हम अपने ग्राहकों को आरईएसीएच (रीच) की बहुत ज़्यादा जोखिम वाली चीज़ों (SVHCs) की मौजूदगी के बारे में जानकारी देने का वादा करते हैं. इस बारे में ज़्यादा जानकारी पाने के लिए, Env-Compliance@google.com पर Google से संपर्क करें.
खराब इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (डब्ल्यूईईई) और बैटरी से जुड़े निर्देश
| बाईं ओर मौजूद डब्ल्यूईईई निशान का मतलब यह है कि स्थानीय नियमों और कानूनों के मुताबिक, आपके डिवाइस और उसकी बैटरी को घरेलू कूड़े से अलग नष्ट किया जाना चाहिए. जब यह प्रॉडक्ट पूरी तरह खराब हो जाए, तो सुरक्षित तरीके से नष्ट करने या रीसाइकल करने के लिए, इसे स्थानीय सरकारी विभाग की तय की गई जगह पर ले जाएं. अपने डिवाइस, उसके साथ मिली अन्य इलेक्ट्रिकल ऐक्सेसरी, और उसकी बैटरी को अलग-अलग इकट्ठा और रीसाइकल करें. इससे प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरण, और लोगों की सेहत को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी. |
मैन्युफ़ैक्चरर: Google LLC 1600 Amphitheatre Parkway, Mountain View, CA 94043, United States.
Google Commerce Limited UK Establishment, 1 St. Giles High Street, London, WC2H 8AG, United Kingdom.
नियमों के पालन की जानकारी: यूरोपियन यूनियन (ईयू)
यूरोपियन यूनियन में नियमों के पालन की जानकारी
| Google LLC यह एलान करता है कि रेडियो उपकरण टाइप: GU0NP, डायरेक्टिव 2014/53/EU (रेडियो उपकरण से जुड़े डायरेक्टिव) के मुताबिक है. शर्तें पूरी होने की जानकारी, g.co/pixel/conformity पर देखी जा सकती है. |
डायरेक्टिव 2014/53/EU के तहत पाबंदियां या ज़रूरी शर्तें
AT, BE, BG, CY, CZ, DE, DK, EE, EL, ES, FI, FR, HR, HU, IE, IT, LT, LU, LV, MT, NL, PL, PT, RO, SE, SI, SK, UK(NI), CH, IS, LI, NO, TR में इस फ़ोन को तब सिर्फ़ बंद जगहों पर इस्तेमाल करना चाहिए, जब यह 5250 से 5350 मेगाहर्ट्ज़ और 5945 से 6425 मेगाहर्ट्ज़ (एलपीआई) फ़्रीक्वेंसी रेंज में काम कर रहा हो.
फ़्रीक्वेंसी बैंड और वायरलेस आउटपुट के बारे में जानकारी
रेडियो डिवाइसों के इस्तेमाल के लिए, एक या एक से ज़्यादा फ़्रीक्वेंसी बैंड में ट्रांसमिट की जाने वाली ज़्यादा से ज़्यादा रेडियो फ़्रीक्वेंसी पावर की जानकारी यहां दी गई है.
|
फ़्रीक्वेंसी |
पावर |
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2 400-2 483.5 मेगाहर्ट्ज़ |
< 20.0 डीबीएम |
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5 150-5 350 मेगाहर्ट्ज़ |
< 23.0 डीबीएम |
|
5 470-5 725 मेगाहर्ट्ज़ |
< 23.0 डीबीएम |
|
5 725-5 875 मेगाहर्ट्ज़ |
< 14.0 डीबीएम |
|
5 945-6 425 मेगाहर्ट्ज़ (वीएलपी/एलपीआई) |
< 14.0 डीबीएम (वीएलपी) / 23.0 डीबीएम (एलपीआई) |
|
13.56 मेगाहर्ट्ज़ |
< -9.0 डेसिबल माइक्रो-ऐम्पीयर/मीटर @ 10 मीटर |
|
6.0-8.5 गीगाहर्ट्ज़ (यूडब्ल्यूबी) |
< -3.0 डीबीएम/50 मेगाहर्ट्ज़ |
|
जीएसएम 900 |
< PC4 |
|
जीएसएम 1800 |
< PC1 |
|
यूएमटीएस बैंड I/VIII |
< PC3 |
|
एलटीई B1, B3, B7, B8, B20, B28, B40, B42 |
< PC3 |
|
एलटीई B38, B41 |
< PC2 |
|
NR n1, n3, n7, n8, n20, n28, n38 |
< PC3 |
|
NR n40 |
< PC2 |
|
NR n41, n77, n78 |
< PC1.5 |
|
NTN B255, B256 |
< PC3 |
रेडियो फ़्रीक्वेंसी में आने वाली रुकावट
इन फ़ोन या इनके साथ मिलने वाली ऐक्सेसरी में किसी तरह की छेड़छाड़ किए जाने या Google से मंज़ूरी वाली केबल और उपकरण के बजाय कोई दूसरी केबल और उपकरण जोड़ने या बदलने की वजह से, अगर रेडियो या टेलीविज़न फ़्रीक्वेंसी में किसी तरह की रुकावट आती है, तो Google उसके लिए ज़िम्मेदार नहीं होगा. बिना अनुमति के किए गए बदलाव, जोड़ी या बदली गई केबल और डिवाइस के इस्तेमाल की वजह से आने वाली रुकावटों के लिए, उपयोगकर्ता खुद ज़िम्मेदार होंगे. अगर उपयोगकर्ता इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करते, तो किसी भी तरह का नुकसान या सरकारी नियमों का उल्लंघन होने पर, Google या उसके अधिकृत रीसेलर या डिस्ट्रिब्यूटर ज़िम्मेदार नहीं होंगे.
खराब इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (डब्ल्यूईईई) और बैटरी से जुड़े निर्देश
| बाईं ओर मौजूद डब्ल्यूईईई निशान का मतलब यह है कि स्थानीय नियमों और कानूनों के मुताबिक, आपके फ़ोन और उसकी बैटरी को घरेलू कूड़े से अलग नष्ट किया जाना चाहिए. जब यह केबल पूरी तरह खराब हो जाए, तो सुरक्षित तरीके से नष्ट करने या रीसाइकल करने के लिए, इसे स्थानीय सरकारी विभाग की तय की गई जगह पर ले जाएं. फ़ोन, उसके साथ मिली इलेक्ट्रिकल ऐक्सेसरी, और उसकी बैटरी को अलग-अलग रखें और रीसाइकल करें. इससे प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के साथ ही, इंसानों की सेहत की रक्षा करने में भी मदद मिलेगी. |
आरओएचएस (RoHS) के नियमों का पालन
यह डिवाइस, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक फ़ोन में कुछ खास खतरनाक चीज़ों के इस्तेमाल पर रोक (RoHS) से जुड़े यूरोपियन पार्लियामेंट के 2011/65/EU के दिशा-निर्देश और इसमें हुए संशोधनों के साथ-साथ 8 जून 2011 की काउंसिल के निर्देशों के मुताबिक है.
आरईएसीएच (रीच)
आरईएसीएच (रजिस्ट्रेशन, इवैल्यूएशन, ऑथराइज़ेशन ऐंड रिस्ट्रिक्शन ऑफ़ केमिकल्स, ईसी नंबर 1907/2006), यूरोपियन यूनियन में केमिकल वाले पदार्थों पर लागू होने वाले नियमों से जुड़ा फ़्रेमवर्क है. Google इस कानून की सभी शर्तों का पालन करता है. साथ ही, हम अपने ग्राहकों को रीच की बहुत ज़्यादा जोखिम वाली चीज़ों (SVHCs) की मौजूदगी के बारे में जानकारी देने के लिए तैयार हैं. ज़्यादा जानकारी के लिए, Env-Compliance@google.com पर Google से संपर्क करें
मैन्युफ़ैक्चरर: Google LLC 1600 Amphitheatre Parkway Mountain View, CA 94043, United States.
Google Commerce Limited, 70 Sir John Rogerson’s Quay, Dublin 2, D02 R296, Ireland.
चार्जर से जुड़े सामान्य निर्देश
चार्जर से मिलने वाली पावर, रेडियो उपकरण के लिए कम से कम 7.5 वॉट और चार्जिंग की ज़्यादा से ज़्यादा स्पीड पाने के लिए 27 वॉट के बीच होनी चाहिए.
इस फ़ोन पर यूएसबी पावर डिलीवरी चार्जिंग प्रोटोकॉल “यूएसबी पीडी फ़ास्ट चार्जिंग” की सुविधा काम करती है.
ईकोडिज़ाइन रिक्वायरमेंट्स फ़ॉर सस्टेनबल प्रॉडक्ट्स रेगुलेशन (ईयू) 2023/826
ईकोडिज़ाइन टेस्ट की खास जानकारी वाली रिपोर्ट g.co/ecodesign पर देखें.
डिफ़ॉल्ट सेटिंग में बदलाव करके, स्क्रीन के बंद होने का समय बढ़ाने पर, ऊर्जा की खपत बढ़ेगी और बैटरी लाइफ़ कम हो जाएगी.
वायरलेस नेटवर्क पोर्ट को चालू और बंद करना:
मोबाइल नेटवर्क के लिए: फ़ोन पर सेटिंग ऐप्लिकेशन खोलें नेटवर्क और इंटरनेट पर जाएं
फ़्लाइट मोड को चालू या बंद करें.
वाई-फ़ाई के लिए: फ़ोन पर सेटिंग ऐप्लिकेशन खोलें इंटरनेट पर जाएं
वाई-फ़ाई को चालू या बंद करें.
ब्लूटूथ के लिए: फ़ोन पर सेटिंग ऐप्लिकेशन खोलें कनेक्ट किए गए डिवाइस पर जाएं
कनेक्शन की सेटिंग पर जाएं
ब्लूटूथ पर जाएं
ब्लूटूथ को चालू या बंद करें.
नियमों के पालन की जानकारी: ऑस्ट्रेलिया
इस डिवाइस का इस्तेमाल बंद जगह में सिर्फ़ तब किया जाना चाहिए, जब यह 5,250 से 5,350 मेगाहर्ट्ज़ और 5,925 से 6,425 मेगाहर्ट्ज़ (एलपीआई) फ़्रीक्वेंसी रेंज में काम कर रहा हो. इससे, अन्य चैनलों के मोबाइल सैटलाइट सिस्टम में नुकसान पहुंचाने वाली रुकावट आने का खतरा कम हो जाता है.
कुछ चुनिंदा ऑस्ट्रेलियन रेडियो-एस्ट्रोनॉमी साइटों से बताई गई दूरी के दायरे में, अल्ट्रा वाइडबैंड ट्रांसमीटर का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. तय किए गए दायरे के बारे में ज़्यादा जानकारी पाने के लिए, कृपया ऑस्ट्रेलियन कम्यूनिकेशन ऐंड मीडिया अथॉरिटी की ओर से पब्लिश की गई रेडियोकम्यूनिकेशन (कम रुकावट वाले संभावित डिवाइस) क्लास लाइसेंस 2015 देखें.
नियमों के पालन की जानकारी: सिंगापुर
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यह डिवाइस इस स्टैंडर्ड का पालन करता है: आईएमडीए स्टैंडर्ड DA107248 |
नियमों के पालन की जानकारी: जापान
इस डिवाइस को 5 गीगाहर्ट्ज़ (W52/W53) और 6 गीगाहर्ट्ज़ (एलपीआई) में, खुली जगहों पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. हालांकि, W52 हाई पावर रेडियो के साथ संपर्क करने के लिए इसे इस्तेमाल किया जा सकता है.
5 GHz(W52、W53)および 6 GHz(LPI)周波数帯の場合、デバイスの使用は屋内のみに制限されます(5.2 GHz 帯高出力データ通信システムの基地局や中継局との通信を除く)。
मॉडल: GM66V
यह एक क्लास बी डिवाइस है. इस डिवाइस को वैसे तो घरेलू वातावरण में इस्तेमाल के लिए बनाया गया है, लेकिन रेडियो या टेलीविज़न के सिग्नल पाने वाले डिवाइस के पास इस्तेमाल किए जाने से इसके सिग्नल कमज़ोर हो सकते हैं. कृपया डिवाइस के इस्तेमाल से जुड़ी गाइड में दिए गए निर्देशों का पालन करें.
वीसीसीआई-बी
नियमों के पालन की जानकारी: भारत
स्पेसिफ़िक ऐब्ज़ॉर्पशन रेट (एसएआर) की जानकारी
आपका डिवाइस, एक रेडियो ट्रांसमीटर और रिसीवर है. यह इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ़ील्ड से इंसानी संपर्क की सुरक्षित मानी जाने वाली सीमा को लेकर बनाए गए अंतरराष्ट्रीय दिशा-निर्देशों का पालन करता है. साथ ही, इसे रेडियो तरंगों से संपर्क के लिए बनाए गए, भारत सरकार के संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत आने वाले दूरसंचार विभाग ("DoT") के दिशा-निर्देशों के मुताबिक डिज़ाइन किया गया है. इन दिशा-निर्देशों में, संपर्क की सुरक्षित सीमा तय करने के लिए, स्पेसिफ़िक ऐब्ज़ॉर्पशन रेट (""एसएआर"") वैल्यू को आधार बनाया गया है. इस वैल्यू से यह पता चलता है कि डिवाइस का इस्तेमाल करते समय इंसान का शरीर कितनी मात्रा में रेडियो फ़्रीक्वेंसी सोख सकता है. भारत में फ़ोन या टैबलेट के लिए, एसएआर की सीमा 1.6 वॉट/कि॰ग्रा॰ है. यह औसत मापी गई ऊर्जा को शरीर के एक ग्राम टिशू में फैलाकर निकाला गया है.
कान से सटाकर या शरीर से 10 मि॰मी॰ दूर रखकर इस्तेमाल किए जाने पर, यह डिवाइस इन दिशा-निर्देशों का पालन करता है. पक्का करें कि डिवाइस की ऐक्सेसरी, जैसे कि डिवाइस का केस और इसका होल्स्टर, मेटल से बने हुए न हों. दूरी से जुड़ी ज़रूरी शर्तें पूरी करने के लिए, फ़ोन को अपने शरीर से सुरक्षित दूरी पर रखें.
इस डिवाइस के लिए, स्पेसिफ़िक ऐब्ज़ॉर्पशन रेट (एसएआर) की ज़्यादा से ज़्यादा वैल्यू, इन स्थितियों में इस तरह है:
- सिर के पास होने पर 0.97 वॉट/कि॰ग्रा॰,
- शरीर के अन्य हिस्सों के पास होने पर: 0.99 वॉट/कि॰ग्रा॰.
एसएआर वैल्यू, डीओटी/ टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर की वेबसाइट पर भी देखी जा सकती हैं.
हालांकि, लैब में की गई ज़्यादातर रिसर्च में यह साबित नहीं हो पाया है कि रेडियो फ़्रीक्वेंसी रेडिएशन के संपर्क में आने से स्वास्थ्य पर कितना या क्या असर पड़ता है. इसके बावजूद, डीओटी ने मोबाइल हैंडसेट का इस्तेमाल करते समय बचाव के लिए कुछ तरीके बताए हैं, जो यहां दिए गए हैं:
- कम पावर वाले ब्लूटूथ वायरलेस हैंड्स-फ़्री डिवाइस (हेडफ़ोन, हेडसेट वगैरह) का इस्तेमाल करें.
- पक्का करें कि सेल फ़ोन की एसएआर कम हो. अपने कॉल को छोटा रखें या उसके बजाय मैसेज (एसएमएस) भेजें. यह सलाह खास तौर पर बच्चों, किशोरों, और गर्भवती महिलाओं के लिए है.
- सिग्नल अच्छे रहने पर ही सेल फ़ोन का इस्तेमाल करें. जिन लोगों के शरीर में पेसमेकर या अन्य मेडिकल डिवाइस लगे हैं उन्हें फ़ोन को इंप्लांट वाले हिस्से से कम से कम 15 सें॰मी॰ दूर रखना चाहिए.
इस डिवाइस पर, भारत में आपदा और अन्य खतरों की चेतावनी देने वाली सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस (सीबीएस) काम करती है. इसमें अलग-अलग तरह की चेतावनियां पाने की सुविधा को चालू या बंद किया जा सकता है और पिछली चेतावनियां देखी जा सकती हैं. साथ ही, चेतावनियां मिलने पर होने वाली आवाज़ और वाइब्रेशन को कंंट्रोल किया जा सकता है.
- अपने फ़ोन पर सेटिंग ऐप्लिकेशन खोलें.
- सूचनाएं
खतरे की चेतावनी पर टैप करें.
- यह चुनें कि आपको चेतावनियां कब-कब मिलें और किन सेटिंग को चालू करना है.
उपलब्ध भारतीय भाषाएं
मैन्युफ़ैक्चरर के ब्रैंड का आइडेंटिफ़िकेशन मार्क: Google का G लोगो
मॉडल नंबर: GU0NP
आपका डिवाइस आईएस 16333 (भाग 3): 2022 के तहत, भारत की आधिकारिक भाषाओं के साथ काम करता है. साथ ही, यह इन भाषाओं में मैसेज भेजने और पढ़ने की सुविधा देता है.
इन भाषाओं में इनपुट दिया जा सकता है:
- अंग्रेज़ी
- हिन्दी
- तमिल
इन भाषाओं में भेजे गए मैसेज पढ़े जा सकते हैं:
- असमिया
- बांग्ला
- बोडो
- डोगरी
- अंग्रेज़ी
- गुजराती
- हिन्दी
- कन्नड़
- कश्मीरी
- कोंकणी
- मैथिली
- मलयालम
- मणिपुरी
- मराठी
- नेपाली
- ओड़िया
- पंजाबी
- संस्कृत
- संथाली
- सिंधी
- तमिल
- तेलुगू
- उर्दू
भारत में, आपके डिवाइस को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) से मंज़ूरी मिलनी चाहिए. अगर आपके डिवाइस को बीआईएस से मंज़ूरी मिली है, तो बीआईएस का निशान दिखेगा. बीआईएस का निशान देखने के लिए, सेटिंग फ़ोन के बारे में जानकारी
नियमों के पालन की जानकारी पर जाएं.
भारत में ई-कचरे को रीसाइकल, मैनेज, और हैंडल करने के बारे में जानकारी
| भारत में इस लेबल का मतलब है कि इस फ़ोन को घर, दुकान, और फ़ैक्ट्री के कचरे के साथ नहीं फेंका जाना चाहिए. इसे सही जगह पर ले जाना चाहिए, ताकि इसमें से काम की चीज़ों को निकालकर उन्हें रीसाइकल किया जा सके. |
Google यह एलान करता है कि आपका डिवाइस, ई-कचरा (मैनेजमेंट) नियम, 2022 (जिन्हें आगे "नियम" कहा जाएगा) के मुताबिक, बनाया और डिज़ाइन किया गया है. यह खास तौर से नियम 16 (1) के मुताबिक है, जिसमें इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को बनाने में खतरनाक चीज़ों का इस्तेमाल कम से कम करने के लिए कहा गया है. साथ ही, यह भी बताया गया है कि होमोजीनीयस मटीरियल (जिसे मशीन की मदद से रासायनिक रूप से एक से ज़्यादा मटीरियल के तौर पर अलग नहीं किया जा सकता) में इन खतरनाक चीज़ों की मात्रा कितनी होनी चाहिए. हालांकि, कुछ मामलों में छूट भी दी गई है, जिनके बारे में शेड्यूल II में बताया गया है.
ई-कचरे को गलत तरीके से मैनेज करने, नष्ट करने, गलती से उसके टूट जाने, खराब हो जाने या गलत तरीके से रीसाइकल किए जाने से, कई तरह के खतरे हो सकते हैं. इनमें आग लगने, धमाका होने, और/या दूसरे तरह के खतरे भी शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा, ई-कचरे को नियंत्रित तरीके से नष्ट न करने पर पर्यावरण को नुकसान भी पहुंच सकता है. इनमें ऐसे नुकसान भी शामिल हैं जिनकी भरपाई नहीं की जा सकती. ऐसा तब होता है, जब नष्ट किए गए प्राकृतिक संसाधन, दोबारा इस्तेमाल के लायक नहीं रह जाते. कुछ ई-कचरे में खतरनाक रसायन होते हैं, जिन्हें गलत तरीके से नष्ट किए जाने पर पानी, मिट्टी, और दूसरे प्राकृतिक संसाधन ज़हरीले हो सकते हैं. इन्हें गलत तरीके से नष्ट किए जाने पर पौधों, जानवरों, और इंसानों को नुकसान पहुंच सकता है.
नियमों के पालन की जानकारी: ताइवान
無線射頻暴露
以 GU0NP 而言,SAR 標準值:2.0 W/kg,送測產品實測值為:0.77 W/kg.
台灣法規遵循
使用過度恐傷害視力
(1). 使用30分鐘請休息10分鐘。
(2). 未滿2歲幼兒不看螢幕,2歲以上每天看螢幕不要超過1小時。
減少電磁波影響,請妥適使用
取得審驗證明之低功率射頻器材,非經核准,公司、商號或使用者均不得擅自變更頻率、加大功率或變更原設計之特性及功能。低功率射頻器材之使用不得影響飛航安全及干擾合法通信;經發現有干擾現象時,應立即停用,並改善至無干擾時方得繼續使用。前述合法通信,指依電信管理法規定作業之無線電通信。低功率射頻器材須忍受合法通信或工業、科學及醫療用電波輻射性電機設備之干擾。
應避免影響附近雷達系統之操作。
經過格式化的實際儲存空間容量會略減。
ताइवान का आरओएचएस
|
डिवाइस का नाम: Google Pixel 10 Pro Fold, टाइप कोड: GU0NP 設備名稱:[移動電話],型號(型式):GU0NP |
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यूनिट |
限用物質及其化學符號 प्रतिबंधित पदार्थ और उनके रासायनिक निशान |
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鉛Lead (Pb) |
汞Mercury (Hg) |
鎘Cadmium (Cd) |
六價鉻Hexavalent chromium (Cr+6) |
多溴聯苯Polybrominated biphenyls (PBB) |
多溴二苯醚Polybrominated diphenyl ethers (PBDE) |
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外殼 एनक्लोज़र |
O |
O |
O |
O |
O |
O |
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電子元件 इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट |
- |
O |
O |
O |
O |
O |
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連接器 कनेक्टर |
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O |
O |
O |
O |
O |
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印刷電路板 पीसीबी |
O |
O |
O |
O |
O |
O |
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顯示屏 डिसप्ले |
O |
O |
O |
O |
O |
O |
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包裝 पैकेजिंग |
O |
O |
O |
O |
O |
O |
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其它 अन्य |
O |
O |
O |
O |
O |
O |
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備考1.〝超出0.1 wt %〞及〝超出0.01 wt %〞係指限用物質之百分比含量超出百分比含量基準值。 ज़रूरी जानकारी 1: "0.1 wt% से ज़्यादा" और "0.01 wt % से ज़्यादा" का मतलब है कि प्रतिबंधित पदार्थ का प्रतिशत, मौजूदा स्थिति में तय किए गए प्रतिशत से ज़्यादा है. 備考2.〝O〞係指該項限用物質之百分比含量未超出百分比含量基準值。 ज़रूरी जानकारी 2: "O" का मतलब है कि प्रतिबंधित पदार्थ का प्रतिशत, मौजूदा स्थिति में तय किए गए प्रतिशत से ज़्यादा नहीं है. 備考3.〝-〞係指該項限用物質為排除項目。 नोट 3: यहां "-" का मतलब है कि कुछ स्थितियों के लिए मिली छूट के तहत, इसमें इस प्रतिबंधित पदार्थ का इस्तेमाल किया गया है. |
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सुलभता सुविधाओं की जानकारी
Pixel 10 Pro Fold| सुलभता सुविधाएं | ज़रूरी चीज़ों की जानकारी | उपलब्धता |
| हैंडसेट/हार्डवेयर की जानकारी | ||
| टचस्क्रीन | क्या फ़ोन में टचस्क्रीन है | हां |
| अगर फ़ोन में टचस्क्रीन है, तो क्या वह कैपेसिटिव है (ऐसी टचस्क्रीन को हीट ऐक्टिवेटेड भी कहा जाता है) | हां | |
| बटनों की पहचान | क्या उपयोगकर्ता अलग-अलग बटनों को आसानी से पहचान सकता है | लागू नहीं |
| बटनों को कैसे पहचाना जा सकता है - क्या अलग-अलग बटनों में फ़र्क़ करने के लिए उभारों का इस्तेमाल किया गया है | लागू नहीं | |
| दो बटनों के सेंटर की दूरी | संख्या वाले किसी बटन का सेंटर, दूसरी संख्या वाले करीबी बटन के सेंटर से कितना दूर है | लागू नहीं |
| कीबोर्ड का लेआउट | कीपैड का लेआउट QWERTY टाइपराइटर कीबोर्ड जैसा है | हां |
| की-रिंग या लैनयार्ड स्ट्रैप (मोबाइल लटकाने वाली डोरी) के लिए लैनयार्ड पिन | क्या फ़ोन में एक छोटा सा बार मौजूद है, जिसे की-रिंग या नेक स्ट्रैप (मोबाइल लटकाने वाली डोरी) से जोड़ा जा सकता है | नहीं |
| फ़ंक्शन वाले बटनों में फ़र्क़ | क्या संख्या वाले बटनों का रंग या आकार दूसरे बटनों से अलग है, ताकि उन्हें छूकर या देखकर आसानी से उनके बीच का फ़र्क़ पता लगाया जा सके | लागू नहीं |
| डिवाइस का आकार | A. क्लैम शेल / फ़्लिप फ़ोन B. कैंडी बार / स्टिक के डिज़ाइन वाला फ़ोन C. स्लाइड होकर खुलने वाला फ़ोन D. घूमकर खुलने वाला फ़ोन E. टचस्क्रीन (बाहर का डिसप्ले/अंदर का डिसप्ले) F. अन्य |
E |
| ऑपरेटिंग सिस्टम | इस फ़ोन में इस्तेमाल किया गया ऑपरेटिंग सिस्टम और वर्शन | Android 16 |
| फ़ोन को फिसलने से बचाने वाली सुविधाएं | क्या इसमें खास तरह की कोटिंग या उभार हैं, ताकि यह आपके हाथ से न फिसले | नहीं |
| जिन लोगों को चलने-फिरने/हाथों का इस्तेमाल करने में समस्या होती है, उनके लिए सुविधाएं | ||
| हैंडसेट का वज़न | बैटरी के साथ हैंडसेट का वज़न | 258 ग्राम |
| आसानी से लगाई जा सकने वाली बैटरी | क्या बैटरी पर, साफ़ तौर पर कोई निशान बनाया गया है जिससे पता चले कि उसे कहां और किस तरह से लगाना है | लागू नहीं |
| सुलभता सुविधा | ज़रूरी चीज़ों की जानकारी | उपलब्धता |
| हैंडसेट/हार्डवेयर की जानकारी | ||
| टचस्क्रीन | क्या फ़ोन में टचस्क्रीन है | हां |
| अगर फ़ोन में टचस्क्रीन है, तो क्या वह कैपेसिटिव है (ऐसी टचस्क्रीन को हीट ऐक्टिवेटेड भी कहा जाता है) | हां | |
| बटनों की पहचान | क्या उपयोगकर्ता अलग-अलग बटनों को आसानी से पहचान सकता है | लागू नहीं |
| बटनों को कैसे पहचाना जा सकता है - क्या अलग-अलग बटनों में फ़र्क़ करने के लिए उभारों का इस्तेमाल किया गया है | लागू नहीं | |
| दो बटनों के सेंटर की दूरी | संख्या वाले किसी बटन का सेंटर, दूसरी संख्या वाले करीबी बटन के सेंटर से कितना दूर है | लागू नहीं |
| कीबोर्ड का लेआउट | कीपैड का लेआउट QWERTY टाइपराइटर कीबोर्ड जैसा है | हां |
| स्पीकर-फ़ोन की सुविधा | क्या हाथ का इस्तेमाल किए बिना, बोलकर डायल और कॉल किया जा सकता है | हां |
| धंसे हुए/किनारों पर उभरे हुए बटन | क्या बटन इस तरह से धंसे हुए या किनारों पर उभरे हुए हैं कि गलत बटन दबने की संभावना कम हो जाती है | लागू नहीं |
| वायरलेस ईयरफ़ोन/हेडसेट | क्या ब्लूटूथ हेडसेट जैसे वायरलेस ईयरफ़ोन और हेडसेट इसके साथ काम करते हैं | हां |
| किसी डिवाइस से जोड़ने की सुविधा (कपलिंग) | लोगों को टेक्स्ट टर्मिनल के तौर पर, कंप्यूटर का इस्तेमाल करने की सुविधा मिलती है. साथ ही, ज़रूरत के मुताबिक बनाए गए डिवाइस को फ़ोन के साथ काम करने की सुविधा देता है. डिवाइस को नीचे दिए गए तरीकों से, फ़ोन के साथ कनेक्ट किया जा सकता है: | |
| केबल (तार) | हां | |
| इंफ़्रारेड सिग्नल (जो रेडियो तरंगों की तरह हवा से गुज़रते हैं लेकिन दीवारों या दूसरी ठोस चीज़ों के पार नहीं जा सकते) | नहीं | |
| ब्लूटूथ/वायरलेस LAN (रेडियो सिग्नल जो हवा से गुज़रते हैं और दीवारों या दूसरी ठोस चीज़ों के पार भी जा सकते हैं) | हां | |
| ऊपर बताए गए कनेक्शन के अलावा किसी अन्य कनेक्शन से जोड़ा जा सकता है (कृपया बताएं): एनएफ़सी, यूडब्ल्यूबी | हां | |
| मेज़ पर रखकर काम करने के लिए पीछे से सपाट | इसके पीछे का हिस्सा सपाट है, ताकि इसे मेज़ पर रखकर भी इस्तेमाल किया जा सके | हां |
| सुलभता सुविधा | ज़रूरी चीज़ों की जानकारी | उपलब्धता |
| हैंडसेट/हार्डवेयर की जानकारी | ||
| टचस्क्रीन | क्या फ़ोन में टचस्क्रीन है | हां |
| अगर फ़ोन में टचस्क्रीन है, तो क्या वह कैपेसिटिव है (ऐसी टचस्क्रीन को हीट ऐक्टिवेटेड भी कहा जाता है) | हां | |
| बटनों की पहचान | क्या उपयोगकर्ता अलग-अलग बटनों को आसानी से पहचान सकता है | लागू नहीं |
| बटनों को कैसे पहचाना जा सकता है - क्या अलग-अलग बटनों में फ़र्क़ करने के लिए उभारों का इस्तेमाल किया गया है | लागू नहीं | |
| दो बटनों के सेंटर की दूरी | संख्या वाले किसी बटन का सेंटर, दूसरी संख्या वाले करीबी बटन के सेंटर से कितना दूर है | लागू नहीं |
| कीबोर्ड का लेआउट | कीपैड का लेआउट QWERTY टाइपराइटर कीबोर्ड जैसा है | हां |
| किसी भी बटन से जवाब देने की सुविधा | कॉल का जवाब देने के लिए, डायलर में एक बार टैप करने या जेस्चर का इस्तेमाल करने की सेटिंग मिलती है. इससे उपयोगकर्ता, कॉल का जवाब देने के लिए अपनी पसंद का तरीका चुन सकते हैं. | नहीं |
| उंगलियों का इस्तेमाल करने की सुविधा | कुछ चीज़ों को कंट्रोल करने के लिए, आपको उन्हें उंगलियों से पिंच करना या मोड़ना होगा या अपनी कलाई घुमानी होगी | नहीं |
| नाम बोलकर डायल करने की सुविधा | किसी व्यक्ति का नाम बोलकर उसका नंबर डायल किया जा सकता है. हालांकि, इसके लिए ज़रूरी है कि उस व्यक्ति का नंबर आपकी संपर्क सूची यानी मोबाइल फ़ोन पर मौजूद निजी "फ़ोन बुक" में हो | हां |
| सुविधाओं का इस्तेमाल करने के लिए बोलकर कमांड देने की सुविधा | सुविधाएं चालू करने के लिए, फ़ोन को बोलकर कमांड दिया जा सकता है. इससे कीपैड का इस्तेमाल करने की कम ज़रूरत पड़ती है | हां |
| अपने-आप कॉल रिसीव होने की सुविधा | तय की गई संख्या में घंटी बजने के बाद, फ़ोन अपने-आप कॉल उठा सकता है | नहीं |
| जिन लोगों को देखने में समस्या होती है, उनके लिए सुविधाएं | ||
| बटन पर बने निशान, जो छूने पर पता चल जाते हैं – "F" और "J" | "F" और "J" बटन में उभरे हुए बिंदु या उभार होते हैं, ताकि छूकर उनमें फ़र्क़ किया जा सके (ऐसा सिर्फ़ QWERTY टाइपराइटर स्टाइल के कीपैड वाले फ़ोन में होता है) | लागू नहीं |
| संख्या वाले बटनों का स्टैंडर्ड लेआउट | नंबर वाले बटन, स्टैंडर्ड लेआउट के हिसाब से बनाए गए हैं, जिनमें 1 2 3 सबसे ऊपर और * 0 # सबसे नीचे मौजूद हैं | हां – टचस्क्रीन वाला कीबोर्ड |
| बटन वाला फ़ीडबैक - छुआ जा सकता है | किसी बटन को दबाने पर क्लिक करने जैसा एहसास होगा, ताकि आपको पता चल सके कि बटन दब गया है | हां |
| सुलभता सुविधा | ज़रूरी चीज़ों की जानकारी | उपलब्धता |
| हैंडसेट/हार्डवेयर की जानकारी | ||
| टचस्क्रीन | क्या फ़ोन में टचस्क्रीन है | हां |
| अगर फ़ोन में टचस्क्रीन है, तो क्या वह कैपेसिटिव है (ऐसी टचस्क्रीन को हीट ऐक्टिवेटेड भी कहा जाता है) | हां | |
| बटनों की पहचान | क्या उपयोगकर्ता अलग-अलग बटनों को आसानी से पहचान सकता है | लागू नहीं |
| बटनों को कैसे पहचाना जा सकता है - क्या अलग-अलग बटनों में फ़र्क़ करने के लिए उभारों का इस्तेमाल किया गया है | लागू नहीं | |
| दो बटनों के सेंटर की दूरी | संख्या वाले किसी बटन का सेंटर, दूसरी संख्या वाले करीबी बटन के सेंटर से कितना दूर है | लागू नहीं |
| कीबोर्ड का लेआउट | कीपैड का लेआउट QWERTY टाइपराइटर कीबोर्ड जैसा है | हां |
| बटन दबाने पर आवाज़ होने की सुविधा | जब किसी बटन को दबाया जाता है, तो एक आवाज़ आती है और पता चलता है कि उस बटन को दबाया गया है | हां |
| नंबर वाले बटन को दबाने पर उसे बोलकर बताने की सुविधा | किसी नंबर वाले बटन को दबाने पर फ़ोन से उस नंबर की आवाज़ आती है. इससे आपको पता चलता है कि आपने सही नंबर वाला बटन दबाया है या नहीं | हां, TalkBack सुविधा के इस्तेमाल के दौरान |
| बटन को सुनकर पहचानने की सुविधा - फ़ंक्शन | बटन दबाने पर आने वाली आवाज़, संख्या और फ़ंक्शन बटनों के लिए, अलग-अलग होती है. इससे उनमें आसानी से फ़र्क करने में मदद मिलती है | हां |
| फ़ॉन्ट का स्टाइल बदलने की सुविधा | डिसप्ले पर टेक्स्ट के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला फ़ॉन्ट (टाइपफ़ेस) बदला जा सकता है. ऐसा करने पर, इसे पढ़ना आसान हो सकता है | नहीं |
| फ़ॉन्ट साइज़ को कम या ज़्यादा करने की सुविधा | डिसप्ले पर दिखने वाले टेक्स्ट को ज़रूरत के मुताबिक बड़ा या छोटा किया जा सकता है | हां |
| अपने हिसाब से शॉर्टकट बनाने की सुविधा | यह सेट किया जा सकता है कि कोई काम, किसी एक बटन या शॉर्टकट बटन (एक साथ कई बटन) को दबाने पर हो जाए | हां |
| डिसप्ले की विशेषताएं - कंट्रास्ट को कम या ज़्यादा करने की सुविधा | डिसप्ले का कंट्रास्ट बदला जा सकता है, ताकि बैकग्राउंड में टेक्स्ट और सिंबल, दोनों आसानी से दिख सकें | हां |
| डिसप्ले की विशेषताएं - रोशनी को कम या ज़्यादा करने की सुविधा | डिसप्ले की रोशनी कम या ज़्यादा की जा सकती है, ताकि उस पर दिखने वाला टेक्स्ट आसानी से पढ़ा जा सके | हां |
| सुलभता सुविधा | ज़रूरी चीज़ों की जानकारी | उपलब्धता |
| हैंडसेट/हार्डवेयर की जानकारी | ||
| टचस्क्रीन | क्या फ़ोन में टचस्क्रीन है | हां |
| अगर फ़ोन में टचस्क्रीन है, तो क्या वह कैपेसिटिव है (ऐसी टचस्क्रीन को हीट ऐक्टिवेटेड भी कहा जाता है) | हां | |
| बटनों की पहचान | क्या उपयोगकर्ता अलग-अलग बटनों को आसानी से पहचान सकता है | लागू नहीं |
| बटनों को कैसे पहचाना जा सकता है - क्या अलग-अलग बटनों में फ़र्क़ करने के लिए उभारों का इस्तेमाल किया गया है | लागू नहीं | |
| दो बटनों के सेंटर की दूरी | संख्या वाले किसी बटन का सेंटर, दूसरी संख्या वाले करीबी बटन के सेंटर से कितना दूर है | लागू नहीं |
| कीबोर्ड का लेआउट | कीपैड का लेआउट QWERTY टाइपराइटर कीबोर्ड जैसा है | हां |
| डिसप्ले की विशेषताएं - मुख्य डिसप्ले का साइज़ | मुख्य डिसप्ले का साइज़ | 6.4" (20:9 आसपेक्ट रेशियो) (बाहर का डिसप्ले) 8.0" (1.04:1 आसपेक्ट रेशियो) (अंदर का डिसप्ले) |
| डिसप्ले की विशेषताएं - मुख्य डिसप्ले का रिज़ॉल्यूशन | मुख्य डिसप्ले पर टेक्स्ट और इमेज दिखाने के लिए कई बिंदुओं (जिन्हें पिक्सल कहा जाता है) का इस्तेमाल किया जाता है. ज़्यादा बिंदुओं का मतलब है, बेहतर डिसप्ले क्वालिटी. | बाहर का डिसप्ले: 2364 x 1080 (एफ़एचडी+ ) अंदर का डिसप्ले: 2152 x 2076 (एफ़एचडी+ ) |
| डिसप्ले की विशेषताएं - रंग में फ़र्क़ होने पर भी कॉन्टेंट की पहचान | डिसप्ले पर दी गई जानकारी को समझने के लिए, रंगों के बीच फ़र्क़ कर पाना ज़रूरी नहीं है (उदाहरण के लिए, यह ज़रूरी नहीं कि आप लाल और हरे निशान के बीच फ़र्क़ कर पाएं) | हां |
| डिसप्ले की विशेषताएं - सिंबल/आइकॉन | मेन्यू को ग्रिड लेआउट में निशानों या तस्वीरों का इस्तेमाल करके दिखाया जा सकता है. ऐसा करने से, कुछ लोगों के लिए इन्हें समझना या याद रखना आसान हो सकता है. | नहीं |
| डिसप्ले की विशेषताएं - स्क्रीन की झिलमिलाहट | मुख्य डिसप्ले में इतनी झिलमिलाहट नहीं होती कि फ़ोटो-एपिलेप्सी की समस्या वाले लोगों को परेशानी हो. फ़ोटो-एपिलेप्सी की समस्या वाले लोगों को झिलमिलाहट से घबराहट होती है. इनके लिए 2 से 60 हर्ट्ज़ के बीच की झिलमिलाहट सुरक्षित नहीं होती है. | हां |
| सुलभता सुविधा | ज़रूरी चीज़ों की जानकारी | उपलब्धता |
| हैंडसेट/हार्डवेयर की जानकारी | ||
| टचस्क्रीन | क्या फ़ोन में टचस्क्रीन है | हां |
| अगर फ़ोन में टचस्क्रीन है, तो क्या वह कैपेसिटिव है (ऐसी टचस्क्रीन को हीट ऐक्टिवेटेड भी कहा जाता है) | हां | |
| बटनों की पहचान | क्या उपयोगकर्ता अलग-अलग बटनों को आसानी से पहचान सकता है | लागू नहीं |
| बटनों को कैसे पहचाना जा सकता है - क्या अलग-अलग बटनों में फ़र्क़ करने के लिए उभारों का इस्तेमाल किया गया है | लागू नहीं | |
| दो बटनों के सेंटर की दूरी | संख्या वाले किसी बटन का सेंटर, दूसरी संख्या वाले करीबी बटन के सेंटर से कितना दूर है | लागू नहीं |
| कीबोर्ड का लेआउट | कीपैड का लेआउट QWERTY टाइपराइटर कीबोर्ड जैसा है | हां |
| संपर्क सूची में मौजूद लोगों का कॉल आने पर, उनके नाम बोलकर बताने की सुविधा | जब आपको कोई कॉल आता है, तब यह कॉल करने वाले का नाम बोलकर बताता है. हालांकि, इसके लिए कॉल करने वाले का नाम संपर्क सूची में मौजूद होना चाहिए | हां |
| मैसेज (एसएमएस) पढ़कर बताने की सुविधा: फ़ोन में पहले से उपलब्ध है | मैसेज को ज़ोर से पढ़कर सुना सकता है | हां |
| आवाज़ से चलने वाला मेन्यू | मेन्यू के विकल्पों को बोलकर बताता है. उपयोगकर्ता इस सुविधा की मदद से, डिसप्ले पर दी गई जानकारी को पढ़े बिना कई फ़ंक्शन इस्तेमाल कर सकते हैं | हां |
| दूसरे फ़ॉर्मेट में उपलब्ध 'इस्तेमाल के लिए गाइड' | 'इस्तेमाल के लिए गाइड' अन्य फ़ॉर्मैट में भी उपलब्ध है. इसे ऑनलाइन भी ऐक्सेस किया जा सकता है | हां |
| सुनने में समस्या वाले लोगों के लिए सुविधाएं | ||
| वाइब्रेशन (कंपन) अलर्ट | फ़ोन को इस तरह सेट किया जा सकता है कि जब कोई कॉल या मैसेज आए या वह किसी चेतावनी का अलर्ट दे, तब वाइब्रेशन हो | हां |
| विज़ुअल अलर्ट - आने वाले (इनकमिंग) कॉल | फ़ोन पर कोई कॉल या मैसेज आने पर, विज़ुअल अलर्ट दिखता है. जैसे, कॉल करने वाले (कॉलर) का नाम या फ़ोटो. हालांकि, यह अलर्ट तब ही दिखेगा, जब कॉलर का नाम या फ़ोटो आपकी संपर्क सूची में पहले से मौजूद होगा | हां |
| मोबाइल नेटवर्क पर वीडियो कॉल | इससे, मोबाइल नेटवर्क इस्तेमाल करके वीडियो कॉल करने की सुविधा मिलती है. कॉल के दौरान, कॉल करने और कॉल रिसीव करने वाले, दोनों ही लोग एक-दूसरे को देख सकते हैं | हां |
| वायरलेस LAN नेटवर्क पर वीडियो कॉल | इससे, वायरलेस LAN नेटवर्क इस्तेमाल करके वीडियो कॉल करने की सुविधा मिलती है. कॉल के दौरान, कॉल करने और कॉल रिसीव करने वाले, दोनों एक-दूसरे को देख सकते हैं | हां |
| सुलभता सुविधा | ज़रूरी चीज़ों की जानकारी | उपलब्धता |
| हैंडसेट/हार्डवेयर की जानकारी | ||
| टचस्क्रीन | क्या फ़ोन में टचस्क्रीन है | हां |
| अगर फ़ोन में टचस्क्रीन है, तो क्या वह कैपेसिटिव है (ऐसी टचस्क्रीन को हीट ऐक्टिवेटेड भी कहा जाता है) | हां | |
| बटनों की पहचान | क्या उपयोगकर्ता अलग-अलग बटनों को आसानी से पहचान सकता है | लागू नहीं |
| बटनों को कैसे पहचाना जा सकता है - क्या अलग-अलग बटनों में फ़र्क़ करने के लिए उभारों का इस्तेमाल किया गया है | लागू नहीं | |
| दो बटनों के सेंटर की दूरी | संख्या वाले किसी बटन का सेंटर, दूसरी संख्या वाले करीबी बटन के सेंटर से कितना दूर है | लागू नहीं |
| कीबोर्ड का लेआउट | कीपैड का लेआउट QWERTY टाइपराइटर कीबोर्ड जैसा है | हां |
| हेडसेट – प्लग टाइप | फ़ोन से कनेक्ट करने के लिए, हेडसेट में किस तरह का प्लग होना चाहिए | यूएसबी-सी |
| कान की मशीन के साथ काम करने की सुविधा | "T" स्थिति पर सेट की गई कान की मशीन के साथ इस्तेमाल किए जाने पर, आवाज़ ज़्यादा साफ़ सुनाई देती है | हां |
| कान की मशीन से जुड़ी अन्य टेक्नोलॉजी | डिवाइसों को आपस में जोड़ने की अन्य टेक्नोलॉजी (कपलिंग) के साथ इस्तेमाल करने पर, आवाज़ ज़्यादा साफ़ सुनाई देती है | लागू नहीं |
| मैसेज सेवा के विकल्प - मल्टीमीडिया मैसेज (एमएमएस) | आपको मल्टीमीडिया मैसेज भेजने और पाने की सुविधा मिलती है. इनमें फ़ोटोग्राफ़, ऑडियो, और वीडियो क्लिप शामिल हो सकते हैं | हां |
| एसएमएस को मनमुताबिक बनाने और बार-बार इस्तेमाल करने की सुविधा | आपको स्टैंडर्ड मैसेज लिखने की सुविधा मिलती है. इन्हें हर बार टाइप किए बिना झटपट किसी को भी भेजा जा सकता है. उदाहरण के लिए, "मैं मीटिंग में हूं; आपको बाद में कॉल करूंगा" या "मैं मीटिंग में हूं; आपको बाद में कॉल करूंगी" | हां |
| मैसेज सेवा के विकल्प - ईमेल | आपको ईमेल भेजने और पाने की सुविधा मिलती है | हां |
| इंटरनेट की सुविधा | इस फ़ोन पर वेबसाइट ब्राउज़ किए जा सकते हैं और दूसरी इंटरनेट सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है | हां |
| सुलभता सुविधा | ज़रूरी चीज़ों की जानकारी | उपलब्धता |
| हैंडसेट/हार्डवेयर की जानकारी | ||
| टचस्क्रीन | क्या फ़ोन में टचस्क्रीन है | हां |
| अगर फ़ोन में टचस्क्रीन है, तो क्या वह कैपेसिटिव है (ऐसी टचस्क्रीन को हीट ऐक्टिवेटेड भी कहा जाता है) | हां | |
| बटनों की पहचान | क्या उपयोगकर्ता अलग-अलग बटनों को आसानी से पहचान सकता है | लागू नहीं |
| बटनों को कैसे पहचाना जा सकता है - क्या अलग-अलग बटनों में फ़र्क़ करने के लिए उभारों का इस्तेमाल किया गया है | लागू नहीं | |
| दो बटनों के सेंटर की दूरी | संख्या वाले किसी बटन का सेंटर, दूसरी संख्या वाले करीबी बटन के सेंटर से कितना दूर है | लागू नहीं |
| कीबोर्ड का लेआउट | कीपैड का लेआउट QWERTY टाइपराइटर कीबोर्ड जैसा है | हां |
| अन्य सुविधाएं और विशेषताएं | Google Pixel 10 Pro Fold एक टचस्क्रीन फ़ोन है. हालांकि, इसमें पावर और आवाज़ को कंट्रोल करने के लिए, टच किए जा सकने वाले बटन भी होते हैं | हां |
| अन्य सुविधाएं और ऐक्सेसरी | Android एक ओपन ऑपरेटिंग सिस्टम है. इसलिए, कुछ सुलभता सुविधाएं, ऑपरेटिंग सिस्टम के हिस्से के तौर पर उपलब्ध कराई जाती हैं. आपका फ़ोन जब तक काम करेगा, तब तक इन सुविधाओं को बदला और अपग्रेड किया जा सकेगा. | हां |
सीमित वारंटी
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