लॉन्च से पहले की गई टेस्टिंग की रिपोर्ट के बारे में जानना

 

यह लेख, ऐप्लिकेशन के लॉन्च से पहले की गई टेस्टिंग की रिपोर्ट के नतीजों को समझने में आपकी मदद करता है. इसमें, टेस्टिंग के दौरान मिली गड़बड़ियों, चेतावनियों या समस्यायाओं की खास जानकारी होती है. हो सकता है कि यह जानकारी लॉन्च से पहले की गई टेस्टिंग की रिपोर्ट में न दिखे. अगर आप लॉन्च से पहले की गई टेस्टिंग की रिपोर्ट को सेट अप करने और चलाने का तरीका जानना चाहते हैं, तो समस्याओं को जानने के लिए लॉन्च से पहले की गई टेस्टिंग की रिपोर्ट का इस्तेमाल करना पर जाएं.

ऐप्लिकेशन के लॉन्च से पहले की गई टेस्टिंग की रिपोर्ट में, आप खास जानकारी देख सकते हैं. इस जानकारी में टेस्टिंग के दौरान मिली गड़बड़ियां, चेतावनियां, और मामूली समस्याएं शामिल होती हैं. इनकी श्रेणी इस आधार पर तय की जाती है कि समस्या किस तरह की है. आपको अपने ऐप्लिकेशन की टेस्टिंग के नतीजों के आधार पर सुझाव भी दिखेगा.

ध्यान दें: लॉन्च से पहले की गई टेस्टिंग की रिपोर्ट एक व्यावहारिक और बेहतरीन टूल है. यह आपके ऐप्लिकेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है, लेकिन Google इस बात की गारंटी नहीं दे सकता कि ऐप्लिकेशन को टेस्ट करने से सभी समस्याओं की पहचान हो जाएगी. लॉन्च से पहले की गई टेस्टिंग की रिपोर्ट की सेटिंग देखें और उन्हें अपडेट करें. ऐसा करके आप पक्का कर सकते हैं कि रिपोर्ट के नतीजे, जितना हो सके उतना आपके काम के हों और उनमें पूरी जानकारी दी जाए.

लॉन्च से पहले की गई टेस्टिंग की रिपोर्ट की खास जानकारी

लॉन्च से पहले की गई टेस्टिंग की रिपोर्ट की खास जानकारी के पेज पर, टेस्टिंग के दौरान पाई गई बड़ी गड़बड़ियों, चेतावनियों, और मामूली समस्याओं की खास जानकारी मिलती है. इन्हें चार श्रेणियों में बांटा गया है: स्थिरता, परफ़ॉर्मेंस, सुलभता, सुरक्षा और भरोसा. इन श्रेणियों के बारे में ज़्यादा जानकारी नीचे दी गई है.

आपको उन डिवाइसों की संख्या दिखेगी जिन पर आपके ऐप्लिकेशन को टेस्ट किया गया था. साथ ही, टेस्ट के नतीजों के आधार पर ऐसी अहम जानकारी और सुझाव भी दिखेंगे जिनकी मदद से आप ऐप्लिकेशन को बेहतर बना सकते हैं..

टेस्टिंग के दौरान मिली समस्याओं के कुछ उदाहरण यहां दिए गए हैं:

  • गड़बड़ियां: इनमें, ऐप्लिकेशन के बंद होने, ANRs (ऐप्लिकेशन के काम न करने), और ऐसे एपीआई के इस्तेमाल से जुड़ी गड़बड़ियां शामिल हैं जो इस ऐप्लिकेशन पर काम नहीं करते और जिनके इस्तेमाल पर रोक लगी है.
  • चेतावनियां: इनमें, ऐप्लिकेशन के खुलने और कॉन्टेंट लोड होने में ज़्यादा समय लगने, साइन इन या क्रॉल करने में आने वाली समस्याओं, मेमोरी से जुड़ी समस्याओं, और ऐसे एपीआई के इस्तेमाल से जुड़ी चेतावनियां शामिल हैं जिनके इस्तेमाल पर अब तक रोक नहीं है, लेकिन ये ऐप्लिकेशन पर काम नहीं करते.
  • मामूली समस्याएं: इनमें रंग के कंट्रास्ट की समस्याएं, छोटे टच टारगेट, लागू करने से जुड़ी समस्याएं, और कॉन्टेंट लेबल के न मिलने की समस्याएं शामिल हैं.

 

सभी को छोटा करें सभी को बड़ा करें

लॉन्च से पहले की गई टेस्टिंग की रिपोर्ट जुड़ी जानकारी

स्थिरता

स्थिरता टैब के हर सेक्शन में टेस्टिंग के दौरान मिली समस्याओं की जानकारी दी जाती है. इसमें नीचे दी गई चीज़ें शामिल हो सकती हैं:

  • समस्या किस तरह की है और उसका आइकॉन:
    • लाल रंग बताता है कि टेस्टिंग में कोई गड़बड़ी है
    • पीला रंग बताता है कि कोई चेतावनी है
    • हरा रंग बताता है कि टेस्टिंग के दौरान कोई समस्या नहीं मिली
  • उन डिवाइस की संख्या जिन पर समस्या का पता चला था
  • समस्या से जुड़ा स्टैक ट्रेस
  • काम का एपीआई (अगर लागू हो)
  • टेस्टिंग के दौरान जितनी बार समस्या का पता चला, वह संख्या (अगर लागू हो)

अगर आप समस्या के बारे में पूरी जानकारी चाहते हैं, तो हर समस्या के आगे दिए गए ज़्यादा दिखाएं के विकल्प को चुन सकते हैं. इसमें डिवाइस का नाम, स्क्रीन का साइज़, Android वर्शन, रैम, ऐप्लिकेशन बाइनरी इंटरफ़ेस (एबीआई), और भाषाएं शामिल हैं. आप डिवाइस से जुड़ी खास जानकारी पाने के लिए किसी भी डिवाइस मॉडल को चुन सकते हैं. साथ ही, ऐसे स्क्रीनशॉट और वीडियो देख सकते हैं जो जांच, डेमो लूप आउटपुट, और स्टैक ट्रेस से मिले हैं. आप इन्हें डाउनलोड भी कर सकते हैं. ध्यान रखें कि यह जानकारी अलग-अलग तरह से उपलब्ध हो सकती है.

ध्यान दें: टेस्टिंग के दौरान ऐप्लिकेशन के बंद होने की जानकारी भी आपके ऐप्लिकेशन के बंद होने और ऐप्लिकेशन से जवाब न मिलने (ANRs)की जानकारी वाले पेज पर रहती है. लॉन्च से पहले की गई टेस्टिंग की रिपोर्ट जनरेट करते समय, ऐप्लिकेशन के बंद होने की समस्या टेस्ट के लिए इस्तेमाल होने वाले डिवाइस पर पाई गई. इसलिए, इससे आपके ऐप्लिकेशन के बंद होने के आंकड़े पर असर नहीं पड़ेगा.

टेस्ट के लिए इस्तेमाल होने वाले वे डिवाइस देखना जिनमें समस्याएं नहीं हैं

स्थिरता टैब के नीचे, आप वह टेबल देख सकते हैं जिसका नाम है, टेस्ट के लिए इस्तेमाल होने वाले वे डिवाइस जिनमें समस्याएं नहीं हैं. टेबल देख सकते हैं. इसकी मदद से, आप उन टेस्ट की जानकारी पा सकते हैं जिनमें कोई समस्या सामने नहीं आई. 

हर एक लाइन में, आपको टेस्टिंग में इस्तेमाल होने वाले डिवाइस का नाम, डिवाइस का Android वर्शन, और एक आइकॉन दिखेगा जो बताएगा कि आपके ऐप्लिकेशन में टेस्ट के दौरान कोई समस्या थी या नहीं.

स्थिरता: Android पर काम करता है या नहीं

अगर आपका ऐप्लिकेशन ऐसे एक या एक से ज़्यादा इंटरफ़ेस का इस्तेमाल कर रहा है जो सार्वजनिक Android SDK में मौजूद नहीं हैं (जिन्हें कई बार "इस्तेमाल में नहीं लाया जा सकने वाला" या "SDK टूल के बाहर का इंटरफ़ेस" कहा जाता है), तो आपको लॉन्च से पहले की अपनी रिपोर्ट के खास जानकारी और स्थिरता टैब पर गड़बड़ियों और चेतावनियों की सूची दिखाई देगी.

अलग-अलग समस्याएं देखना

जिन काम नहीं करने वाले इंटरफ़ेस का इस्तेमाल हो रहा है उनका पता लगाने के लिए लॉन्च से पहले की अपनी रिपोर्ट में OS पर काम करने से जुड़ी गड़बड़ियों और चेतावनियों की जानकारी के आगे 'समस्याएं से जुड़े लिंक देखें' पर क्लिक करें. यह देखने के लिए कि आपके ऐप्लिकेशन में किसी इंटरफ़ेस का कहां इस्तेमाल हुआ है, उस इंटरफ़ेस के बगल में मौजूद 'नीचे की ओर वाले तीर के निशान' पर क्लिक करें और स्टैक ट्रेस देखें. टेस्ट के दौरान किसी इंटरफ़ेस को एक से ज़्यादा बार इस्तेमाल किया जा सकता है.

जो इंटरफ़ेस इस्तेमाल में नहीं लाए जा सकते, उन्हें 'गंभीर' श्रेणी में डाल दिया जाता है. स्थिरता की समस्याओं से बचने के लिए, उन इंटरफ़ेस का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद करना बेहतर रहता है जो काम नहीं आ सकते हैं. हालांकि, आप श्रेणियों का इस्तेमाल करके सबसे पहले उन समस्याओं पर ध्यान दे सकते हैं जो ज़्यादा ज़रूरी हैं.

समस्याओं को इस क्रम में दूर कर सकते हैं:

  1. प्रतिबंधित: ऐसे इंटरफ़ेस जो Android के कुछ या सभी वर्शन पर काम नहीं करेंगे.
  2. काम नहीं आने वाले और जिन्हें जल्द ही प्रतिबंधित किया जा सकता है: ऐसे इंटरफ़ेस जो सही से इस्तेमाल नहीं किए जा सकते. साथ ही, जिन्हें जल्द रिलीज़ होने वाले वर्शन में प्रतिबंधित किया जा सकता है.
  3. काम नहीं आने वाले, लेकिन जिन्हें जल्द ही प्रतिबंधित नहीं किया जाएगा: ऐसे इंटरफ़ेस जो सही से इस्तेमाल नहीं किए जा सकते.

ध्यान दें: हर एक श्रेणी में, इंटरफ़ेस को उसी क्रम में शामिल किया जाता है जैसा उसे टेस्ट के दौरान देखा गया था. इससे आपको यह तय करने में मदद मिल सकती कि कौनसी समस्या पर पहले ध्यान देना है.

परफ़ॉर्मेंस

हर डिवाइस मॉडल के लिए, परफ़ॉर्मेंस की जांच से जुड़ी खास जानकारी में नीचे दी गई मेट्रिक शामिल होती हैं:

  • औसत फ़्रेम प्रति सेकंड: फ़्रेम दिखने की औसत दर.
    • ध्यान दें: औसत फ़्रेम प्रति सेकंड का डेटा सिर्फ़ गेम लूप का इस्तेमाल करने वाली जांचों के लिए उपलब्ध है.
  • औसत सीपीयू (CPU): किसी खास डिवाइस मॉडल पर, आपके ऐप्लिकेशन के सीपीयू (CPU) के औसत इस्तेमाल का प्रतिशत.
  • भेजा गया औसत नेटवर्क: किसी डिवाइस के मॉडल पर, इंटरनेट का इस्तेमाल करने पर आपके ऐप्लिकेशन को हर सेकंड मिलने वाले बाइट की औसत संख्या.
  • मिलने वाला औसत नेटवर्क: किसी डिवाइस के मॉडल पर, इंटरनेट का इस्तेमाल करने पर आपके ऐप्लिकेशन को हर सेकंड मिलने वाले बाइट की औसत संख्या.
  • औसत मेमोरी: किसी डिवाइस के मॉडल पर, चुनी गई समयसीमा के दौरान आपके ऐप्लिकेशन में इस्तेमाल की गई औसत मेमोरी.

नोट: Android के कुछ पुराने वर्शन चला रहे टेस्ट डिवाइस शायद परफ़ॉर्मेंस डेटा जनरेट न कर पाएं.

अलग-अलग रिपोर्ट देखना

डिवाइस के बारे में जानकारी, परफ़ॉर्मेंस के आंकड़े, किसी खास समय की परफ़ाॅर्मेंस और टेस्टिंग का स्क्रीनशॉट और वीडियो देखने के लिए, हर एक डिवाइस का मॉडल चुनें. पूरे टेस्ट के दौरान आप किसी भी समय हर मेट्रिक के डेटा का ग्राफ़ और रिकॉर्डिंग भी देख सकते हैं. 

उदाहरण के लिए, आप जांच के दौरान अपने ऐप्लिकेशन के सीपीयू (CPU) इस्तेमाल करने का प्रतिशत देख सकते हैं. अगर ऐप्लिकेशन इस्तेमाल करने में सीपीयू (CPU) में कोई रुकावट आ रही है, तो इस समस्या को हल करने के लिए, उस कार्रवाई की समीक्षा करें जो उस समय क्रॉलर ने की थी.

ध्यान रखें कि यह जानकारी अलग-अलग तरह से उपलब्ध हो सकती है.

सुलभता

हर सुलभता जांच की खास जानकारी में, जांच के दौरान मिलने वाली सुलभता से जुड़ी गड़बड़ियों, चेतावनियों और मामूली समस्याओं की संख्या शामिल होती है. इन्हें नीचे दी गई श्रेणियों में अलग-अलग किया जाता है:

  • कॉन्टेंट लेबल करना: आपके ऐप्लिकेशन की ऐसी चीज़ें, जिन्हें स्क्रीन रीडर के लिए गलत ढंग से लेबल किया गया है.
  • टच टारगेट साइज़: आपके ऐप्लिकेशन में मौजूद ऐसे एलिमेंट जो सुझाए गए टच टारगेट साइज़ से मेल नहीं खाते.
  • लागू करना: मोटर इंपेयरमेंट (शरीर के अंगों का पूरे या आंशिक तौर पर काम न करना) की वजह से, आपके ऐप्लिकेशन में लेआउट की समस्याएं हो सकती हैं और उपयोगकर्ताओं को ऐप्लिकेशन इस्तेमाल करने में परेशानी हो सकती है.
  • कंट्रास्ट कम करना: आपके ऐप्लिकेशन में कम कंट्रास्ट वाले रंग की समस्याएं.

श्रेणी के मुताबिक रिपोर्ट देखना

स्क्रीन क्लस्टर वाले श्रेणियों के सेक्शन देखने के लिए, सुलभता टैब के सबसे ऊपर और खास जानकारी के नीचे स्क्रोल कर सकते हैं. साथ ही, ये सेक्शन बताता है कि आपके ऐप्लिकेशन में सुलभता से जुड़ी समस्याएं कहां मिली थीं.

  • अगर किसी गड़बड़ी का पता चलता है, तो आपको एक लाल आइकॉन दिखेगा.
  • अगर चेतावनियों की पहचान की गई थी, तो आपको एक पीला आइकॉन दिखेगा.
  • अगर कुछ मामूली समस्याओं का पता चलता है, तो आपको एक नीला आइकॉन दिखेगा.
  • अगर किसी समस्या का पता नहीं चलता है, तो आपको हरे रंग का सही का निशान दिखेगा.

अलग-अलग समस्याएं देखना

आप सुझाव के अलावा, समस्या से जुड़े डिवाइस मॉडल के नाम, ऑपरेटिंग सिस्टम, स्क्रीन का साइज़, स्क्रीन की सघनताओं, और भाषाओं वाले स्क्रीनशॉट के उदाहरण देखने के लिए किसी स्क्रीन क्लस्टर का चुन सकते हैं.

अपने ऐप्लिकेशन की सुलभता को बेहतर बनाना

स्क्रीनशॉट

आपके स्क्रीनशॉट के टेस्ट की खास जानकारी में नीचे दी गई चीज़ें शामिल होंगी: 

  • ऐसी इमेज जो दर्शाती हैं कि आपका ऐप्लिकेशन, टेस्ट करने वाले डिवाइस पर अलग-अलग भाषाओं में कैसा दिखता है
  • टेस्ट किए गए डिवाइस का मेटाडेटा (इसमें मॉडल का नाम, Android वर्शन, भाषा, स्क्रीन रिज़ॉल्यूशन, और डीपीआई शामिल है).
  • स्क्रीनशॉट वाले डिवाइस की संख्या.
  • ऐसे डिवाइस की संख्या, जिनकी जांच आपके APK या ऐप्लिकेशन बंडल में नहीं हो सकी:
    • ऐसे डिवाइस जो उपलब्ध नहीं हैं: आपके APK या ऐप्लिकेशन बंडल इन डिवाइस पर काम तो करते हैं, लेकिन जांच के दौरान इनमें कोई समस्या आई थी. अगर आपके टेस्ट में कोई डिवाइस उपलब्ध नहीं था, तो शायद आप एक और APK या ऐप्लिकेशन बंडल अपलोड करके दोबारा टेस्ट करना चाहें.
    • काम में न आने वाले डिवाइस: आपका APK या ऐप्लिकेशन बंडल, टेस्ट करने वाले कुछ डिवाइस पर काम नहीं करता है. अगर आप फिर से टेस्ट करते हैं, तो आपको काम न करने वाले किसी भी डिवाइस के नतीजे नहीं मिलेंगे.

ध्यान दें: अगर आप डेमो लूप का इस्तेमाल करके टेस्ट कर रहे हैं, तो आपको स्क्रीनशॉट टैब पर कोई डेटा नहीं दिखेगा.

स्क्रीनशॉट देखने के तरीके

आप स्क्रीनशॉट टैब के सबसे ऊपर दाईं तरफ़ इसके अनुसार ग्रुप बनाएं पिकर का इस्तेमाल करके स्क्रीनशॉट की जांच के नतीजों को ग्रुप में बांट सकते हैं. अपने स्क्रीनशॉट को दो तरीकों से ग्रुप में बांटा जा सकता है:

  • स्क्रीन क्लस्टर: अलग-अलग डिवाइस पर एक जैसे स्क्रीनशॉट किस तरह दिखते हैं, यह देखने के लिए स्क्रीन क्लस्टर को चुनें. इस व्यू में, लॉन्च से पहले की गई टेस्टिंग की रिपोर्ट, स्क्रीन पर दिखने वाली चीज़ों या विजेट के हिसाब से इमेज को एक साथ ग्रुप में बांटती है. स्क्रीन क्लस्टर डिफ़ॉल्ट रूप से चुने हुए होते हैं.
  • डिवाइस: किसी खास डिवाइस से जुड़े सभी स्क्रीनशॉट देखने के लिए डिवाइस को चुनें. इस व्यू के साथ, आप टेस्ट के दौरान क्रम में लिए गए स्क्रीनशॉट देख सकते हैं.

आप डिवाइस की जानकारी और अन्य जानकारी देखने के लिए किसी स्क्रीनशॉट को चुन सकते हैं.

पसंद की भाषा में स्क्रीनशॉट देखना

खास भाषाओं में स्क्रीनशॉट देखने के लिए, आप सेटिंग टैब में जाकर, भाषा की पसंद सेट अप कर सकते हैं.

सुरक्षा और भरोसा

हर टेस्ट की खास जानकारी में, आपके APK या ऐप्लिकेशन बंडल में मिलने वाले सुरक्षा से जुड़े किसी भी जोखिम का नाम और जानकारी शामिल होती है.

नोट: हमारा सुझाव है कि आप सुरक्षा से जुड़े ऐसे किसी भी जोखिम पर कार्रवाई करें, जो आपके APK या ऐप्लिकेशन बंडल को प्रोडक्शन में प्रकाशित करने से पहले सूची में शामिल किया गया है.

Firebase टेस्ट लैब की मदद से, अपनी पसंद के मुताबिक कोई टेस्ट तैयार करना

अगर आपके ऐप्लिकेशन या गेम को आगे किसी खास जांच की ज़रूरत है, तो आप Firebase टेस्ट लैब का इस्तेमाल कर सकते हैं. अपना Firebase प्रोजेक्ट बनाने के बाद, आप 'कई और डिवाइस' में जा कर अपने डिवाइस को चुन सकते हैं. साथ ही, अपनी पसंद के मुताबिक जांच तैयार करने के लिए जांच के तरीके भी चुन सकते हैं. इसके बाद, आप 'Firebase कंसोल' में अपनी पसंद के मुताबिक जांच के नतीजे चला सकते हैं और देख सकते हैं. हर दिन के, शुरुआती 5 से 15 टेस्ट मुफ़्त हैं.

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