Android की ज़रूरी जानकारी का इस्तेमाल करके, अपने ऐप्लिकेशन की तकनीकी परफ़ॉर्मेंस पर नज़र रखना

आप Play Console का इस्तेमाल करके, अपने ऐप्लिकेशन का डेटा देख सकते हैं. इससे, आपको ऐप्लिकेशन की स्थिरता, इस्तेमाल के दौरान खर्च होने वाली बैटरी, और रेंडर होने में लगने वाले समय के बारे में जानने के साथ-साथ ऐप्लिकेशन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.

यह डेटा, अलग-अलग Android डिवाइस और ओएस वर्शन इस्तेमाल करने वाले उन उपयोगर्ताओं से इकट्ठा किया जाता है जिन्होंने इस्तेमाल और गड़बड़ी से जुड़ी जानकारी अपने-आप शेयर हो जाने की सुविधा के लिए ऑप्ट-इन किया होता है. Android के उपयोगकर्ता, डेटा शेयर करने के लिए किस तरह ऑप्ट-इन करते हैं, इस बारे में ज़्यादा जानने के लिए खाता सहायता केंद्र पर जाएं.

सभी को छोटा करें सभी को बड़ा करें

डेटा टाइप 

बैटरी खर्च
  • बहुत बार स्क्रीन चालू होना
  • अटके हुए पार्शियल वेक लॉक
  • अटके हुए पार्शियल वेक लॉक (बैकग्राउंड)
  • बैकग्राउंड में बार-बार वाई-फ़ाई स्कैन करना 
  • बैकग्राउंड में नेटवर्क का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल करना
स्थिरता
  • ANR रेट
  • मल्टिपल-ANR रेट
  • क्रैश रेट
  • एक से ज़्यादा बार क्रैश होने की दर
ऐप्लिकेशन शुरू होने में लगने वाला समय
  • ज़्यादा समय लेने वाला कोल्ड स्टार्ट
  • ज़्यादा समय लेने वाला वॉर्म स्टार्ट
  • ज़्यादा समय लेने वाला हॉट स्टार्ट
रेंडरिंग में लगने वाला समय
  • रेंडर होने में बहुत ज़्यादा समय लेने वाले फ़्रेम
  • बहुत ज़्यादा रुके हुए फ़्रेम
अनुमतियां
  • अनुमति न मिलना

अपने ऐप्लिकेशन का डेटा ढूंढना और उसकी समीक्षा करना

आपके ऐप्लिकेशन से जुड़ा सारा डेटा, Android की ज़रूरी जानकारी वाले पेज पर उपलब्ध तारीख की सीमा में दिखता है. आप तारीख की सीमा को अपने हिसाब से नहीं बदल सकते. Android की ज़रूरी जानकारी का डेटा पैसिफ़िक समय (पीटी) के हिसाब से दिखाया जाता है.

अहम जानकारी: अगर आपके ऐप्लिकेशन के लिए डेटा उपलब्ध नहीं है, तो इसका मतलब है कि आपके ऐप्लिकेशन में आने वाली समस्याओं की पहचान के लिए जो फ़िल्टर बनाए गए हैं उनमें ज़रूरी डेटा पॉइंट मौजूद नहीं हैं. 

अपने ऐप्लिकेशन के 'Android की ज़रूरी जानकारी' वाले डेटा को ढूंढने और उसकी समीक्षा करने के लिए:

  1. Play Console खोलें.
  2. कोई ऐप्लिकेशन चुनें.
  3. बाईं ओर मेन्यू में, क्वालिटी > Android की ज़रूरी जानकारी > खास जानकारी चुनें.
  4. चुनें कि आप अपने ऐप्लिकेशन का डेटा किस तरह से देखना चाहेंगे.
खास जानकारी वाले डैशबोर्ड और ज़्यादा जानकारी वाले मेट्रिक पेज की समीक्षा करना

सबसे ज़रूरी जानकारी

खास जानकारी वाले पेज के सबसे ऊपर, आप अपने ऐप्लिकेशन की सबसे ज़रूरी जानकारी का डेटा देख सकते हैं. ये आपके ऐप्लिकेशन की परफ़ॉर्मेंस से जुड़ी मेट्रिक होती हैं, जो Google Play पर आपके ऐप्लिकेशन के दिखने और उसकी रैंकिंग पर असर डाल सकती हैं. सबसे ज़रूरी जानकारी में ये शामिल हैं:

  • ANR रेट
  • क्रैश रेट
  • अटके हुए पार्शियल वेक लॉक (बैकग्राउंड)
  • बहुत बार स्क्रीन चालू होना

अगर आपके ऐप्लिकेशन में परफ़ॉर्मेंस की ऐसी गंभीर समस्याएं हैं जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए, तो आप इस पेज का इस्तेमाल करके ऐप्लिकेशन के उन हिस्सों की तुरंत पहचान कर सकते हैं जिन्हें बेहतर बनाने की ज़रूरत है. इन समस्याओं में, परफ़ॉर्मेंस के डेटा में होने वाले बड़े बदलाव (इन्हें अनियमितताएं कहा जाता है) और ऐसी मेट्रिक शामिल हैं जिनकी वजह से ऐप्लिकेशन ठीक तरह से काम नहीं करता. ANR, क्रैश क्लस्टर या 'Android की ज़रूरी जानकारी' में अहम बदलावों का पता चलने पर ईमेल सूचनाएं पाने के लिए, सेट अप > सूचनाएं पर जाएं.

अहम जानकारी: बेहतरीन उपयोगकर्ता अनुभव के लिए, सभी ऐप्लिकेशन में मौजूद समस्याओं की पहचान करके उन्हें ठीक करना चाहिए. इससे, समस्याएं उन तय सीमाओं के अंदर रहती हैं जिन्हें पार करने पर ऐप्लिकेशन ठीक तरह से काम नहीं करता.

सभी ज़रूरी जानकारी ब्राउज़ करना

खास जानकारी पेज के बीच वाले हिस्से के पास, आप डेटा टाइप के हिसाब से सभी ज़रूरी जानकारी का डेटा देख सकते हैं. टेबल को फ़िल्टर करने के लिए, वे डाइमेंशन और समयावधि चुनें जिनसे जुड़ा डेटा आप देखना चाहते हैं.

हर एक मेट्रिक के लिए, आप मौजूदा समयावधि और पिछली समयावधि के लिए अपने ऐप्लिकेशन के उन सेशन का प्रतिशत देख सकते हैं जिन पर असर पड़ा है. Google Play पर मौजूद दूसरे ऐप्लिकेशन की तुलना में आपके ऐप्लिकेशन की परफ़ॉर्मेंस कैसी है, यह देखने के लिए आप अपने ऐप्लिकेशन और मिलते-जुलते दूसरे ऐप्लिकेशन के मीडियन के बीच का अंतर भी देख सकते हैं.

हर मेट्रिक की पूरी जानकारी देखें

मेट्रिक के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, ब्यौरा देखें चुनें. अगली स्क्रीन पर, आप इनकी समीक्षा कर सकते हैं:

  • परफ़ॉर्मेंस डेटा में पाई गई अनियमितताएं
  • खराब व्यवहार की सीमाएं
  • कैटगरी के मानदंड
  • मानदंड की पूरी तुलना
    • पेज के सबसे ऊपरी हिस्से के पास, मिलते-जुलते ऐप्लिकेशन की तुलना वाले कार्ड में मिलते-जुलते ऐप्लिकेशन के ग्रुप में बदलाव करें चुनें. इससे आप पसंद के मुताबिक मिलते-जुलते ऐप्लिकेशन के ग्रुप में बदलाव कर सकते हैं. पसंद के मुताबिक मिलते-जुलते ऐप्लिकेशन का ग्रुप बनाने के बाद, आप देख सकते हैं कि आपका ऐप्लिकेशन Google Play पर आपके चुने हुए अन्य ऐप्लिकेशन के मुकाबले कैसा है.
  • आर्टफ़ैक्ट, डिवाइस, Android वर्शन, मानदंड या समयावधि के हिसाब से मेट्रिक
    • ज़्यादा जानकारी देखने के लिए, आप दाईं ओर दिए गए डाउन ऐरो को चुनकर, टेबल की हर पंक्ति को बड़ा कर सकते हैं.
ऐप्लिकेशन को ठीक से काम न करने की समस्या के हिसाब से फ़िल्टर करना

खास जानकारी पेज पर सबसे ऊपर, कुछ मेट्रिक लाल रंग के गड़बड़ी आइकॉन के साथ दिख सकती हैं. इसका मतलब है कि दिख रही संख्या अन्य ऐप्लिकेशन की तुलना में ज़्यादा है–इसे ठीक से काम न करने की समस्या कहा जाता है.

आपके ऐप्लिकेशन के कौनसे APKs ठीक से काम नहीं कर रहे, यह देखने के लिए आइकॉन वाले कार्ड में जानकारी देखें को चुनें.

मेट्रिक की जानकारी

अटके हुए वेक लॉक और अटके हुए आंशिक वेक लॉक (बैकग्राउंड)

अटके हुए आंशिक वेक लॉक और अटके हुए आंशिक वेक लॉक (बैकग्राउंड) पेज, PowerManager क्लास से आपके ऐप्लिकेशन से लिए गए आंशिक वेक लॉक दिखाते हैं. आंशिक वेक लॉक, यह पक्का करता है कि सीपीयू चलता रहे. हालांकि, इसमें स्क्रीन और कीबोर्ड की बैकलाइट को बंद किया जा सकता है.

डेटा इकट्ठा करने की जानकारी

  • निजता के मकसद से, आंशिक वेक लॉक की पहचान करने वाले टैग की पहचान छिपा दी जाती है.
  • आंशिक वेक लॉक से जुड़ा डेटा तब इकट्ठा किया जाता है, जब डिवाइस चार्ज नहीं हो रहा हो और स्क्रीन बंद हो.
  • अटके हुए आंशिक वेक लॉक से जुड़ा डेटा (बैकग्राउंड) सिर्फ़ तब इकट्ठा किया जाता है, जब ऐप्लिकेशन बैकग्राउंड में चल रहा हो.
  • यह दिखाने के लिए कि एक लंबे वेक लॉक से कितने सेशन पर असर पड़ता है, Google हर बैटरी सेशन के हिसाब से ज़्यादा से ज़्यादा आंशिक वेक लॉक के कुल समय का पता लगाता है. उदाहरण के लिए, अगर कोई उपयोगकर्ता दो घंटे की अवधि वाले वेक लॉक का इस्तेमाल करता है, तो Google वेक लॉक के मान के लिए ज़्यादा से ज़्यादा एक घंटे की अवधि का इस्तेमाल करेगा.
  • मेनिफ़ेस्ट फ़ाइल में sharedUserId सेट करने वाले ऐप्लिकेशन के लिए: आपको डेटा तब ही दिखेगा, जब उसी sharedUserId वाला ज़्यादा से ज़्यादा एक ऐप्लिकेशन इंस्टॉल किया गया हो.

ज़रूरी जानकारी

  • प्रभावित सेशन: उन बैटरी सेशन का प्रतिशत जहां उपयोगकर्ताओं को एक घंटे से ज़्यादा समय के, कम से कम एक वेक लॉक का सामना करना पड़ा.
  • सेशन की संख्या: रिकॉर्ड किए गए सेशन की अनुमानित संख्या.
  • 90वां/99वां पर्सेंटाइल: ऐसे 10%/1% डेली सेशन जहां उपयोगकर्ताओं को, दिखाई गई संख्या से ज़्यादा समय के लिए आंशिक वेक लॉक का सामना करना पड़ा.
  • खराब व्यवहार की सीमा: अगर आपके ऐप्लिकेशन में इस समस्या के होने की दर, तय सीमा के बराबर या उससे ज़्यादा है, तो आपके ऐप्लिकेशन को Google Play पर मुख्य 1,000 में से आखिरी 25% ऐप्लिकेशन में रखा जाता है (इंस्टॉल की संख्या के हिसाब से).

समस्या को ठीक करना

अगर आपके ऐप्लिकेशन में बहुत ज़्यादा संख्या में अटके हुए आंशिक वेक लॉक हैं, तो इस समस्या को ठीक करने के सुझाए गए तरीके जानने के लिए Android डेवलपर साइट पर जाएं.

बहुत बार स्क्रीन चालू होना

बहुत बार स्क्रीन चालू करने की जानकारी वाले पेज पर, आपके ऐप्लिकेशन से अलार्म मैनेजर की मदद से डिवाइस को सक्रिय करने की जानकारी दिखती है. यहां पर आपको ELAPSED_REALTIME_WAKEUP या RTC_WAKEUP से डिवाइस की स्क्रीन चालू होने का डेटा दिखेगा.

डेटा इकट्ठा करने की जानकारी

  • निजता के मकसद से, सक्रिय करने की पहचान करने वाले टैग की पहचान छिपा दी जाती है.
  • स्क्रीन चालू करने की संख्या का डेटा तब इकट्ठा किया जाता है, जब डिवाइस चार्ज नहीं हो रहा हो.
  • सामान्य मेट्रिक देने के लिए, स्क्रीन चालू होने की संख्या की तुलना उस समय से की जाती है जब डिवाइस बैटरी पर चल रहा हो. स्क्रीन चालू करने की दर ज़्यादा होने से कितने उपयोगकर्ताओं पर असर पड़ा है, यह देखने के लिए Google हर घंटे के मुताबिक, हर उपयोगकर्ता के स्क्रीन चालू करने की संख्या का पता लगाता है.
  • मेनिफ़ेस्ट फ़ाइल में sharedUserId सेट करने वाले ऐप्लिकेशन के लिए: आपको डेटा तब ही दिखेगा, जब उसी sharedUserId वाला ज़्यादा से ज़्यादा एक ऐप्लिकेशन इंस्टॉल किया गया हो.

ज़रूरी जानकारी

  • प्रभावित सेशन: उन बैटरी सेशन का प्रतिशत जब डिवाइस की स्क्रीन हर घंटे में, 10 से ज़्यादा बार चालू हुई. बैटरी सेशन में इस बात की पूरी जानकारी होती है कि दिए गए 24 घंटों में, डिवाइस की बैटरी कितनी बार चार्ज की गई है. Android 10 की बैटरी रिपोर्ट में दो बार बैटरी चार्ज होने के बीच के समय की जानकारी होती है. इस रिपोर्ट में जानकारी तब ही शामिल होती है, जब बैटरी को 20% से कम से लेकर 80% से ज़्यादा तक या किसी भी मान से लेकर 100% तक चार्ज किया जाता है. Android 11 और उसके बाद वाले वर्शन की बैटरी रिपोर्ट में 24 घंटे की तय अवधि से जुड़ी जानकारी होती है. Google तब ही डेटा इकट्ठा करता है, जब डिवाइस चार्ज नहीं हो रहा हो.
  • सेशन की संख्या: रिकॉर्ड किए गए सेशन की अनुमानित संख्या.
  • 90वां/99वां पर्सेंटाइल: ऐसे 10%/1% डेली सेशन जहां उपयोगकर्ताओं को हर घंटे में स्क्रीन चालू करने की संख्या, दिखाई गई वैल्यू से ज़्यादा दिखती है.
  • खराब व्यवहार की सीमा: अगर आपके ऐप्लिकेशन में इस समस्या के होने की दर, तय सीमा के बराबर या उससे ज़्यादा है, तो आपके ऐप्लिकेशन को Google Play पर मुख्य 1,000 में से आखिरी 25% ऐप्लिकेशन में रखा जाता है (इंस्टॉल की संख्या के हिसाब से).

समस्या को ठीक करना

अगर आपका ऐप्लिकेशन बार-बार डिवाइस की स्क्रीन चालू कर देता है, तो इस समस्या को ठीक करने के सुझाए गए तरीके जानने के लिए Android डेवलपर साइट पर जाएं.

बहुत बार वाई-फ़ाई स्कैन करना (बैकग्राउंड में)

बहुत बार वाई-फ़ाई स्कैन करने (बैकग्राउंड में) के बारे में बताने वाला पेज दिखाता है कि वाई-फ़ाई स्कैन करने की वजह से, कब सबसे ज़्यादा बैटरी खर्च हुई है. 

डेटा इकट्ठा करने की जानकारी

वाई-फ़ाई स्कैन करने के बारे में डेटा तब इकट्ठा किया जाता है, जब डिवाइस चार्ज नहीं हो रहा हो और ऐप्लिकेशन बैकग्राउंड में चल रहा हो.

ज़रूरी जानकारी

  • प्रभावित सेशन: उन बैटरी सेशन का प्रतिशत जहां उपयोगकर्ताओं को, हर घंटे चार से ज़्यादा बार वाई-फ़ाई स्कैन का सामना करना पड़ा.
  • सेशन की संख्या: रिकॉर्ड किए गए सेशन की अनुमानित संख्या.
  • 90वां/99वां पर्सेंटाइल: ऐसे 10%/1% डेली सेशन जहां ऐप्लिकेशन इस्तेमाल करने वाले लोगों को बैकग्राउंड में हर घंटे, दिखाई गई संख्या से ज़्यादा बार वाई-फ़ाई स्कैन का सामना करना पड़ा.

समस्या को ठीक करना

अगर आपका ऐप्लिकेशन बैकग्राउंड में कई बार वाई-फ़ाई स्कैन करता है, तो इस समस्या को ठीक करने के सुझाए गए तरीके जानने के लिए Android डेवलपर साइट पर जाएं. 

नेटवर्क का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल

नेटवर्क का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल करने के बारे में बताने वाला पेज, बैकग्राउंड में चलने वाली सेवा के लिए इस्तेमाल होने वाले ज़्यादा नेटवर्क डेटा की जानकारी दिखाता है. जब बैकग्राउंड में मोबाइल नेटवर्क का इस्तेमाल होता है, तब उपयोगकर्ता डेटा ट्रांसफ़र को आसानी से रोक नहीं पाते. 

डेटा इकट्ठा करने की जानकारी

मोबाइल नेटवर्क के इस्तेमाल का डेटा तब इकट्ठा किया जाता है, जब डिवाइस चार्ज नहीं हो रहा हो और ऐप्लिकेशन बैकग्राउंड में हो.

ज़रूरी जानकारी

  • प्रभावित सेशन: उन बैटरी सेशन का प्रतिशत जहां बैकग्राउंड में हर दिन 50 एमबी से ज़्यादा नेटवर्क का इस्तेमाल हुआ.
  • सेशन की संख्या: रिकॉर्ड किए गए सेशन की अनुमानित संख्या.
  • 90वां/99वां पर्सेंटाइल: ऐसे 10%/1% डेली सेशन जहां ऐप्लिकेशन इस्तेमाल करने वाले लोगों ने पाया कि बैकग्राउंड में हर दिन, दिखाई गई संख्या से ज़्यादा नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया.

समस्या को ठीक करना

अगर आपका ऐप्लिकेशन बैकग्राउंड में बहुत ज़्यादा नेटवर्क का इस्तेमाल करता है, तो इस समस्या को ठीक करने के सुझाए गए तरीके जानने के लिए Android डेवलपर साइट पर जाएं.

ANR रेट और मल्टिपल-ANR रेट

अपने ऐप्लिकेशन के डेटा के बारे में जानना

ANR रेट और मल्टी-ANR रेट वाले पेजों पर, आपको वही डेटा दिखेगा जो आपके ऐप्लिकेशन के ANRs और क्रैश होने वाले पेज पर दिखता है. सामान्य मेट्रिक बनाने के लिए, Android की ज़रूरी जानकारी वाले पेज पर, ANR डेटा को उसके इस्तेमाल के डेटा में जोड़ दिया जाता है.

ANR रेट की जानकारी

  • प्रभावित सेशन: उन डेली सेशन का प्रतिशत जहां उपयोगकर्ताओं को कम से कम एक ANR का सामना करना पड़ा. डेली सेशन वह दिन होता है जब आपके ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल किया गया था. जैसे कि अगर दो उपयोगकर्ता, ऐप्लिकेशन का दो दिनों तक इस्तेमाल करते हैं, तो उससे चार डेली सेशन बनेंगे.
  • ऐसे सेशन जिनमें ANR की कोई समस्या नहीं आई: उन डेली सेशन का प्रतिशत जहां उपयोगकर्ताओं को किसी भी ANR का सामना नहीं करना पड़ा. डेली सेशन वह दिन होता है जब आपके ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल किया गया था.
  • सेशन की संख्या: रिकॉर्ड किए गए सेशन की अनुमानित संख्या.
  • खराब व्यवहार की सीमा: अगर आपके ऐप्लिकेशन में इस समस्या के होने की दर, तय सीमा के बराबर या उससे ज़्यादा है, तो आपके ऐप्लिकेशन को Google Play पर मुख्य 1,000 में से आखिरी 25% ऐप्लिकेशन में रखा जाता है (इंस्टॉल की संख्या के हिसाब से).

मल्टिपल-ANR रेट की जानकारी

  • प्रभावित सेशन: उन डेली सेशन का प्रतिशत जहां उपयोगकर्ताओं को कम से कम दो ANRs का सामना करना पड़ा. डेली सेशन वह दिन होता है जब आपके ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल किया गया था. जैसे कि अगर दो उपयोगकर्ता, ऐप्लिकेशन का दो दिनों तक इस्तेमाल करते हैं, तो उससे चार डेली सेशन बनेंगे.
  • बिना प्रभावित हुए सेशन: उन डेली सेशन का प्रतिशत जहां उपयोगकर्ताओं को एक या उससे कम ANR का सामना करना पड़ा. डेली सेशन वह दिन होता है जब आपके ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल किया गया था.
  • सेशन की संख्या: रिकॉर्ड किए गए सेशन की अनुमानित संख्या

समस्या को ठीक करना

अगर आपके ऐप्लिकेशन में बहुत ज़्यादा संख्या में ANRs हैं, तो इस समस्या को ठीक करने के लिए सुझाए गए तरीकों के बारे में जानने के लिए Android डेवलपर साइट पर जाएं.

क्रैश रेट और एक से ज़्यादा बार क्रैश होने की दर

अपने ऐप्लिकेशन के डेटा के बारे में जानना

क्रैश रेट और एक से ज़्यादा बार क्रैश होने की दर वाले पेज पर, आपको वही डेटा दिखेगा जो आपके ऐप्लिकेशन के ANR और क्रैश होने वाले पेज पर दिखता है. सामान्य मेट्रिक बनाने के लिए, Android की ज़रूरी जानकारी वाले पेज पर, ऐप्लिकेशन के बंद होने के डेटा को उसके इस्तेमाल के डेटा में जोड़ दिया जाता है.

क्रैश रेट के बारे में जानकारी

  • प्रभावित हुए सेशन: डेली सेशन का वह प्रतिशत है जिसमें उपयोगकर्ताओं को, ऐप्लिकेशन के बंद होने से जुड़ी कम से कम एक समस्या का सामना करना पड़ा. डेली सेशन वह दिन होता है जब आपके ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल किया गया था. जैसे कि अगर दो उपयोगकर्ता, ऐप्लिकेशन का दो दिनों तक इस्तेमाल करते हैं, तो उससे चार डेली सेशन बनेंगे.
  • ऐसे सेशन जिनमें ऐप्लिकेशन बंद नहीं हुआ: डेली सेशन का वह प्रतिशत जिसमें उपयोगकर्ताओं को, किसी भी तरह ऐप्लिकेशन के बंद होने से जुड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा. डेली सेशन वह दिन होता है जब आपके ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल किया गया था.
  • सेशन की संख्या: रिकॉर्ड किए गए सेशन की अनुमानित संख्या.
  • खराब व्यवहार की सीमा: अगर आपके ऐप्लिकेशन में इस समस्या के होने की दर, तय सीमा के बराबर या उससे ज़्यादा है, तो आपके ऐप्लिकेशन को Google Play पर मुख्य 1,000 में से आखिरी 25% ऐप्लिकेशन में रखा जाता है (इंस्टॉल की संख्या के हिसाब से).

एक से ज़्यादा बार क्रैश होने की दर की जानकारी

  • प्रभावित सेशन: उन डेली सेशन का प्रतिशत जहां उपयोगकर्ताओं को कम से कम दो बार ऐप्लिकेशन बंद होने की समस्या का सामना करना पड़ा. डेली सेशन वह दिन होता है जब आपके ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल किया गया था. जैसे कि अगर दो उपयोगकर्ता, ऐप्लिकेशन का दो दिनों तक इस्तेमाल करते हैं, तो उससे चार डेली सेशन बनेंगे.
  • बिना प्रभावित हुए सेशन: उन डेली सेशन का प्रतिशत जिनके दौरान ऐप्लिकेशन बंद नहीं हुआ या सिर्फ़ एक बार बंद हुआ. डेली सेशन वह दिन होता है जब आपके ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल किया गया था.
  • सेशन की संख्या: रिकॉर्ड किए गए सेशन की अनुमानित संख्या.

समस्या को ठीक करना

अगर आपका ऐप्लिकेशन बार-बार क्रैश होता है, तो इस समस्या को ठीक करने के सुझाए गए तरीके जानने के लिए Android डेवलपर साइट पर जाएं.

रेंडर होने में बहुत ज़्यादा समय लेने वाले फ़्रेम

अपने ऐप्लिकेशन के डेटा के बारे में जानना

बहुत धीमे फ़्रेम वाले पेज पर, आपको डेली सेशन के उस प्रतिशत की जानकारी मिलेगी जिसमें ऐप्लिकेशन इस्तेमाल करने वाले लोगों को 16 मि॰से॰ से ज़्यादा समय में रेंडर होने वाले 50% से ज़्यादा फ़्रेम का सामना करना पड़ा. उपयोगकर्ता इंटरैक्शन के हिसाब से आपके ऐप्लिकेशन में रेंडर होने की गति 60 फ़्रेम प्रति सेकंड होनी चाहिए. साथ ही, कोई भी फ़्रेम छूटना नहीं चाहिए और न ही फ़्रेम को रेंडर होने में देर लगनी चाहिए.

डेटा इकट्ठा करने की जानकारी

Google, सीधे OpenGL का इस्तेमाल करने पर नहीं, बल्कि यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई) टूलकिट फ़्रेमवर्क का इस्तेमाल करने पर, आपके ऐप्लिकेशन के रेंडर किए गए हर फ़्रेम का रेंडर समय इकट्ठा करता है.

डैशबोर्ड डिसप्ले

कोई पंक्ति चुनने पर आपको, पर्सेंटाइल में बांटा गया डेटा दिखेगा.

  • प्रभावित सेशन: उन डेली सेशन का प्रतिशत जहां उपयोगकर्ताओं को 50% से ज़्यादा फ़्रेम रेंडर होने में 16 मि॰से॰ से ज़्यादा समय लगने की समस्या का सामना करना पड़ा. डेली सेशन उस दिन के लिए इस्तेमाल होता है जिस दौरान आपका ऐप्लिकेशन इस्तेमाल किया गया था. जैसे कि अगर दो उपयोगकर्ता, ऐप्लिकेशन का दो दिनों तक इस्तेमाल करते हैं, तो उससे चार डेली सेशन बनेंगे.
  • सेशन की संख्या: रिकॉर्ड किए गए सेशन की अनुमानित संख्या.
  • 90वां/99वां पर्सेंटाइल: कुल फ़्रेम में से 90%/99% फ़्रेम को रेंडर होने में लगने वाला समय, दिखाई गई संख्या से कम था. ये संख्याएं, इकट्ठे किए गए सभी फ़्रेम पर आधारित होती हैं.

जब आप टेबल में किसी एंट्री पर क्लिक करते हैं, तो आपको 'यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई) रेंडर समय का वितरण' चार्ट दिखेगा. चार्ट की समीक्षा करते समय, आपको यह पक्का करना होगा कि आपके ऐप्लिकेशन के ज़्यादातर फ़्रेम 16 मि॰से॰ या उससे कम हों.

चार्ट के नीचे दिया गया डेटा, ऐप्लिकेशन की रेंडरिंग परफ़ॉर्मेंस के बारे में बताता है. साथ ही, रेंडर होने के समय से जुड़ी किसी भी समस्या की मूल वजहों को जानने में आपकी मदद कर सकता है. उदाहरण के लिए, अगर आपका 'हाई इनपुट लेटेंसी' प्रतिशत ज़्यादा है, तो आप अपने ऐप्लिकेशन के कोड पर नज़र डालना चाहेंगे जो उपयोगकर्ता इनपुट को संभालता है. इन मेट्रिक की ज़्यादा जानकारी के लिए, यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई) डिसप्ले का परीक्षण करना पर जाएं.

  • छूटे हुए Vsync: 16 मि॰से॰ से ज़्यादा समय में रेंडर होने वाले सभी फ़्रेम के लिए, छूटे हुए Vsync इवेंट की संख्या में फ़्रेम की संख्या से भाग दिया जाता है.
  • हाई इनपुट लेटेंसी: 16 मि॰से॰ से ज़्यादा समय में रेंडर होने वाले सभी फ़्रेम के लिए, 24 मि॰से॰ से ज़्यादा समय लेने वाले इनपुट इवेंट की संख्या को फ़्रेम की संख्या से भाग दिया जाता है.
  • धीमा यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई) थ्रेड: 16 मि॰से॰ से ज़्यादा समय में रेंडर होने वाले सभी फ़्रेम के लिए, आठ मिलीसेकंड से ज़्यादा समय लेने वाले यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई) थ्रेड की संख्या में, फ़्रेम की संख्या से भाग दिया जाता है.
  • धीमे ड्रॉ निर्देश: 16 मि॰से॰ से ज़्यादा समय में रेंडर होने वाले सभी फ़्रेम के लिए, GPU को ड्रॉ के आदेश भेजने में जितनी बार 12 मि॰से॰ से ज़्यादा समय लगा, उस संख्या में फ़्रेम की संख्या से भाग दिया जाता है.
  • धीमे बिट मैप अपलोड: 16 मि॰से॰ से ज़्यादा समय में रेंडर होने वाले सभी फ़्रेम के लिए, बिट मैप को GPU पर अपलोड होने में जितनी बार 3.2 मि॰से॰ से ज़्यादा समय लगा, उस संख्या में फ़्रेम की संख्या से भाग दिया जाता है.

समस्या को ठीक करना

अगर आपके ऐप्लिकेशन में ऐसे कई फ़्रेम मौजूद हैं जिन्हें रेंडर होने में 16 मि॰से॰ से ज़्यादा समय लगता है, तो इस समस्या को ठीक करने के सुझाए गए तरीके जानने के लिए Android डेवलपर साइट पर जाएं.

बहुत ज़्यादा रुके हुए फ़्रेम

बहुत ज़्यादा रुके हुए फ़्रेम वाले पेज पर आपको उन डेली सेशन के प्रतिशत के बारे में जानकारी मिलेगी, जहां उपयोगकर्ताओं को 0.1% से ज़्यादा फ़्रेम रेंडर होने में, 700 मि॰से॰ से ज़्यादा समय लगने की समस्या का सामना करना पड़ा. उपयोगकर्ता इंटरैक्शन के हिसाब से आपके ऐप्लिकेशन में रेंडर होने की गति 60 फ़्रेम प्रति सेकंड होनी चाहिए. साथ ही, कोई भी फ़्रेम छूटना नहीं चाहिए और न ही फ़्रेम को रेंडर होने में देर लगनी चाहिए.

डेटा इकट्ठा करने की जानकारी

Google, सीधे OpenGL का इस्तेमाल करने पर नहीं, बल्कि यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई) टूलकिट फ़्रेमवर्क का इस्तेमाल करने पर, आपके ऐप्लिकेशन के रेंडर किए गए हर फ़्रेम का रेंडर समय इकट्ठा करता है.

डैशबोर्ड डिसप्ले

डाइमेंशन लाइन को बड़ा करने पर, आपको पर्सेंटाइल में बांटा गया डेटा दिखेगा.

  • प्रभावित सेशन: उन डेली सेशन का प्रतिशत जहां उपयोगकर्ताओं को 0.1% से ज़्यादा फ़्रेम रेंडर होने में 700 मि॰से॰ से ज़्यादा समय लगने की समस्या का सामना करना पड़ा. डेली सेशन उस दिन के लिए इस्तेमाल होता है, जिस दौरान आपके ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल किया गया था. जैसे कि अगर दो उपयोगकर्ता, ऐप्लिकेशन का दो दिनों तक इस्तेमाल करते हैं, तो उससे चार डेली सेशन बनेंगे.
  • सेशन की संख्या: रिकॉर्ड किए गए सेशन की अनुमानित संख्या.
  • 90वां/99वां पर्सेंटाइल: कुल फ़्रेम में से 90%/99% फ़्रेम को रेंडर होने में लगने वाला समय, दिखाई गई संख्या से कम था. ये संख्याएं, इकट्ठे किए गए सभी फ़्रेम पर आधारित होती हैं.

जब आप टेबल में किसी एंट्री पर क्लिक करते हैं, तो आपको "यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई) रेंडर समय का वितरण" चार्ट दिखेगा. चार्ट की समीक्षा करते समय, आपको यह पक्का करना होगा कि आपके ऐप्लिकेशन के ज़्यादातर फ़्रेम 700 मि॰से॰ से कम के हों.

चार्ट के नीचे दिया गया डेटा, ऐप्लिकेशन की रेंडरिंग परफ़ॉर्मेंस के बारे में बताता है. साथ ही, रेंडर होने के समय से जुड़ी किसी भी समस्या की मूल वजहों को जानने में आपकी मदद कर सकता है. उदाहरण के लिए, अगर आपका "हाई इनपुट लेटेंसी" प्रतिशत ज़्यादा है, तो आप अपने ऐप्लिकेशन के कोड पर नज़र डालना चाहेंगे जो उपयोगकर्ता इनपुट को संभालता है. इन मेट्रिक की ज़्यादा जानकारी के लिए, यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई) डिसप्ले का परीक्षण करना पर जाएं.

  • छूटे हुए Vsync: 16 मि॰से॰ से ज़्यादा समय में रेंडर होने वाले सभी फ़्रेम के लिए, छूटे हुए Vsync इवेंट की संख्या में फ़्रेम की संख्या से भाग दिया जाता है.
  • हाई इनपुट लेटेंसी: 16 मि॰से॰ से ज़्यादा समय में रेंडर होने वाले सभी फ़्रेम के लिए, 24 मि॰से॰ से ज़्यादा समय लेने वाले इनपुट इवेंट की संख्या को फ़्रेम की संख्या से भाग दिया जाता है.
  • धीमा यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई) थ्रेड: 16 मि॰से॰ से ज़्यादा समय में रेंडर होने वाले सभी फ़्रेम के लिए, आठ मिलीसेकंड से ज़्यादा समय लेने वाले यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई) थ्रेड की संख्या में, फ़्रेम की संख्या से भाग दिया जाता है.
  • धीमे ड्रॉ निर्देश: 16 मि॰से॰ से ज़्यादा समय में रेंडर होने वाले सभी फ़्रेम के लिए, GPU को ड्रॉ के आदेश भेजने में जितनी बार 12 मि॰से॰ से ज़्यादा समय लगा, उस संख्या में फ़्रेम की संख्या से भाग दिया जाता है.
  • धीमे बिट मैप अपलोड: 16 मि॰से॰ से ज़्यादा समय में रेंडर होने वाले सभी फ़्रेम के लिए, बिट मैप को GPU पर अपलोड होने में जितनी बार 3.2 मि॰से॰ से ज़्यादा समय लगा, उस संख्या में फ़्रेम की संख्या से भाग दिया जाता है.

समस्या को ठीक करना

अगर आपके ऐप्लिकेशन में ऐसे कई फ़्रेम मौजूद हैं जिन्हें रेंडर होने में 700 मि॰से॰ से ज़्यादा समय लगता है, तो इस समस्या को ठीक करने के सुझाए गए तरीके जानने के लिए Android डेवलपर साइट पर जाएं.

ऐप्लिकेशन शुरू होने में लगने वाला समय

ऐप्लिकेशन शुरू होने में लगने वाला समय पेज पर, आप यह जानकारी देख सकते हैं कि आपका ऐप्लिकेशन किस समय, सिस्टम की कोल्ड, वॉर्म, और हॉट स्थितियों से धीरे शुरू होता है.

डेटा इकट्ठा करने की जानकारी

  • शुरू होने में लगने वाले समय तभी रिकॉर्ड किए जाते हैं, जब कोई उपयोगकर्ता किसी गतिविधि को ट्रिगर करता है.
    • उदाहरण: कीबोर्ड ऐप्लिकेशन के लिए, शुरू होने में लगा समय, साथी ऐप्लिकेशन के शुरू होने में लगने वाले समय के बराबर होता है.
  • अगर कोई ऐप्लिकेशन एक ही दिन में एक ही सिस्टम स्थिति से कई बार शुरू होता है, तो उस दिन के लिए ऐप्लिकेशन के शुरू होने में लगने वाले सबसे ज़्यादा समय को रिकॉर्ड किया जाता है.
  • ऐप्लिकेशन का पहला फ़्रेम पूरी तरह लोड हो जाने पर, शुरू होने में लगने वाले समय ट्रैक किए जाते हैं. भले ही, वह ऐसी स्क्रीन न हो जिससे उपयोगकर्ता इंटरैक्ट करता हो.
    • उदाहरण: अगर कोई ऐप्लिकेशन स्प्लैश स्क्रीन से शुरू होता है, तो ऐप्लिकेशन शुरू होने में लगने वाला समय, स्प्लैश स्क्रीन दिखने के लिए ज़रूरी समय के बराबर होता है.

ज़रूरी जानकारी

  • प्रभावित सेशन: उन सेशन का प्रतिशत, जिनके दौरान उपयोगकर्ताओं को हर सिस्टम स्थिति में ऐप्लिकेशन के धीरे शुरू होने की समस्या का सामना करना पड़ा:
    • स्लो कोल्ड स्टार्ट: पांच सेकंड या उससे ज़्यादा
    • स्लो वॉर्म स्टार्ट: दो सेकंड या उससे ज़्यादा
    • स्लो हॉट स्टार्ट: 1 सेकंड या उससे ज़्यादा
  • सेशन की संख्या: रिकॉर्ड किए गए सेशन की अनुमानित संख्या.
  • 90वां/99वां पर्सेंटाइल: ऐसे 10%/1% डेली सेशन जहां आपका ऐप्लिकेशन इस्तेमाल करने वाले लोगों को ऐप्लिकेशन शुरू होने में ज़्यादा समय लगने की समस्या का सामना करना पड़ा.

समस्या को ठीक करना

अगर आम तौर पर आपके ऐप्लिकेशन को खुलने में ज़्यादा समय लगता है, तो इस समस्या को ठीक करने के सुझाए गए तरीके जानने के लिए Android डेवलपर साइट पर जाएं.

अनुमति न मिलना

अनुमति न मिलना पेज पर, आप रोज़ाना अनुमति मांगने के उस समय का प्रतिशत देख सकते हैं जिस दौरान उपयोगकर्ताओं ने अनुमतियां देने से मना किया है. रोज़ाना अनुमति मांगने का समय, वह दिन होता है जिस दौरान आपके ऐप्लिकेशन ने उपयोगकर्ता से कम से कम एक अनुमति मांगी है.

डेटा इकट्ठा करने की जानकारी

अस्वीकार की गई अनुमति का डेटा तब इकट्ठा किया जाता है, जब उपयोगकर्ता आपके ऐप्लिकेशन में अनुमतियों के अनुरोधों का जवाब देते हैं.

ज़रूरी जानकारी

  • अस्वीकार किए गए: रोज़ाना अनुमति मांगने के समय का वह प्रतिशत, जिस दौरान उपयोगकर्ताओं ने अनुमतियां देने से मना कर दिया.
  • फिर से कभी न पूछें: रोज़ाना अनुमति मांगने के समय का वह प्रतिशत जिस दौरान उपयोगकर्ताओं ने 'फिर से कभी न पूछें' चुनकर, अनुमतियां नहीं दीं.
  • कुल सेशन: रिकॉर्ड किए गए सेशन की अनुमानित संख्या.

समस्या को ठीक करना

अगर आपके ऐप्लिकेशन में बहुत ज़्यादा संख्या में अनुमतियों को अस्वीकार किया जाता है, तो इस समस्या को ठीक करने के सुझाए गए तरीके जानने के लिए Android डेवलपर साइट पर जाएं.

डाइमेंशन के साथ अपने डेटा का विश्लेषण करना

आपके डेटा को व्यवस्थित करने, अलग-अलग हिस्सों में बांटने, और उसका विश्लेषण करने में आपकी मदद करने के लिए, आपके ऐप्लिकेशन का सारा डेटा नीचे दिए गए डाइमेंशन के हिसाब से बांटा जाता है.

  • आर्टफ़ैक्ट: आपके ऐप्लिकेशन का वर्शन
  • Android वर्शन (SDK टूल): ऐप्लिकेशन इस्तेमाल करने वाले लोगों के डिवाइस से रिपोर्ट किया गया Android ओएस वर्शन
  • डिवाइस टाइप: डिवाइस का वह टाइप जिसे आपका ऐप्लिकेशन चलाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है (उदाहरण के लिए, फ़ोन, टैबलेट, टीवी, पहना जाने वाला डिवाइस)
  • डिवाइस मॉडल: ऐप्लिकेशन इस्तेमाल करने वाले लोगों के डिवाइस का मार्केटिंग नाम और डिवाइस नाम (उदाहरण के लिए, Google Nexus 7/Flo)
  • वेक लॉक का नाम: ऐसे टैग, जो आपके ऐप्लिकेशन में PowerManager एपीआई इस्तेमाल करते समय प्रोग्राम के हिसाब से सेट किए गए थे
  • वेक-अप का नाम: ऐसे टैग, जो आपके ऐप्लिकेशन में AlarmManager एपीआई का इस्तेमाल करते समय, प्रोग्राम के हिसाब से सेट किए गए थे
  • ANR गतिविधि का नाम: उस गतिविधि की क्लास का पूरी तरह क्वालिफ़ाइड नाम जहां ANR की समस्या दिखी (अगर उपलब्ध हो)
  • ANR टाइप: जब ANR की समस्या हुई (उदाहरण के लिए, किसी सेवा पर काम करते समय) (अगर उपलब्ध हो)

मिलता-जुलता कॉन्टेंट

अपने ऐप्लिकेशन की परफ़ॉर्मेंस और स्थिरता बेहतर बनाने के लिए Android की ज़रूरी जानकारी को इस्तेमाल करने के सबसे अच्छे तरीकों के बारे में जानें.

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