'एक्सप्लेनेशंस' के बारे में जानकारी

'एक्सप्लेनेशंस' की मदद से, आप अपने Google Ads खाते की परफ़ॉर्मेंस में हुए बड़े बदलावों के बारे में अहम जानकारी पा सकते हैं. किसी सर्च कैंपेन या विज्ञापन ग्रुप की परफ़ॉर्मेंस में ज़्यादा उतार-चढ़ाव होने पर, आप 'एक्सप्लेनेशंस' की मदद से उन बदलावों की वजह जान सकते हैं.

फ़िलहाल, 'एक्सप्लेनेशंस' सिर्फ़ मैन्युअल सीपीसी या बेहतर सीपीसी रणनीति का इस्तेमाल करने वाले सर्च कैंपेन के लिए उपलब्ध हैं.

फ़ायदे

  • समय की बचत: आसानी से पता लगाएं कि आपके खाते की परफ़ॉर्मेंस में बदलाव क्यों हुआ.
  • एक ही जगह पर पूरी जानकारी: अब आपको अलग-अलग रिपोर्ट, चेकलिस्ट या टूल की तुलना करने की ज़रूरत नहीं है. आप तारीख की दो सीमाओं की तुलना करके, परफ़ॉर्मेंस में हुए बड़े बदलावों के एक्सप्लेनेशंस (अगर उपलब्ध हों) जान पाएंगे.
  • समस्याओं का विश्लेषण करना: अपने कैंपेन या विज्ञापन ग्रुप की परफ़ॉर्मेंस में हुए बदलावों की संभावित वजहों के बारे में ज़्यादा सटीक और बेहतर जानकारी पाएं.

अलग-अलग तरह के एक्सप्लेनेशंस

एक्सप्लेनेशंस की मदद से, आप यह जान सकते हैं कि नीचे दिए गए फ़ैक्टर का आपके कैंपेन या विज्ञापन ग्रुप की परफ़ॉर्मेंस पर क्या असर हुआ होगा.

  • बोली में बदलाव: आपके विज्ञापन कहां और कितनी बार दिखाए गए, इस पर आपकी बोलियों में किए गए बदलावों का क्या असर हुआ. 
  • बोली लगाने की रणनीति के टारगेट में बदलाव: विज्ञापन ग्रुप, कैंपेन या पोर्टफ़ोलियो लेवल के टारगेट में हुए बदलावों का आपकी परफ़ॉर्मेंस पर क्या असर हुआ. 
  • बोली की सीमा में बदलाव: बोली की सेटिंग या बोली की सीमा में बदलाव का आपकी बोलियों के अपने-आप होने वाले ऑप्टिमाइज़ेशन पर क्या असर हुआ. बोली की सीमाएं, Google Ads को आपके टारगेट को पूरा करने वाली रकम के हिसाब से बोलियों में बदलाव करने से रोक सकती हैं.
  • बोली लगाने की रणनीति में बदलाव: रणनीति के टाइप या पोर्टफ़ोलियो में बदलावों का परफ़ॉर्मेंस पर क्या असर हुआ. बोली अपने-आप सेट होने की हर तरह की रणनीति को, आपके कारोबार के खास लक्ष्य को पाने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है.
  • बोली के मॉडिफ़ायर में बदलाव: डिवाइस, जगह, उम्र या लिंग, और खास तरह की ऑडियंस के हिसाब से बोली के मॉडिफ़ायर में किए गए बदलावों का परफ़ॉर्मेंस पर क्या असर हुआ.
  • बजट में बदलाव: आपके विज्ञापनों को कितने क्लिक और इंप्रेशन मिले, इस पर बजट में होने वाले बदलावों का क्या असर हुआ.
  • बजट का बंटवारा: बजट को एक से ज़्यादा इकाइयों (उदाहरण के लिए, विज्ञापन ग्रुप) में बांट देने से दूसरी इकाइयों की परफ़ॉर्मेंस पर क्या असर हुआ.
  • बजट खत्म होने की दर: हर क्लिक की औसत लागत (सीपीसी) को बदलने से, आपका बजट कैसे सामान्य के मुकाबले ज़्यादा जल्दी या धीरे-धीरे खत्म हुआ. 
  • कन्वर्ज़न: कन्वर्ज़न कार्रवाइयों की स्थिति या सेटिंग बदलने से, आपके कन्वर्ज़न की संख्या पर क्या असर हुआ. 'एक्सप्लेनेशंस' में, कन्वर्ज़न लैग और टैग सक्रिय होने की फ़्रीक्वेंसी का डेटा भी शामिल होता है. इससे आपको परफ़ॉर्मेंस में हुए बदलावों की जानकारी मिलती है.
  • ज़रूरी शर्तें: आपके विज्ञापन को कितनी बार ट्रैफ़िक मिल सकता था, इस बात पर अलग-अलग फ़ैक्टर का क्या असर हुआ (उदाहरण के लिए, बजट का खत्म होना, विज्ञापन ग्रुप या कैंपेन रोकना, विज्ञापन ग्रुप के सभी विज्ञापन अस्वीकार होना).  
  • टारगेटिंग में बदलाव: जगह के हिसाब से टारगेटिंग, कीवर्ड टारगेटिंग, और कीवर्ड स्थिति में बदलाव करने के साथ-साथ, ऑडियंस जोड़ने/हटाने से विज्ञापन की परफ़ॉर्मेंस पर क्या असर हुआ.
  • नीलामी प्रतियोगिताएं और खोज रुचि: सर्च पार्टनर में ऑप्ट-इन/ऑप्ट-आउट करने और सर्च पार्टनर पर क्वेरी खोजने की संख्या बदलने से, परफ़ॉर्मेंस पर क्या असर हुआ.
  • खाते के बदलाव: खाते में किए गए बदलावों का आपके खाते की परफ़ॉर्मेंस पर क्या असर हुआ.  

अपने खाते में एक्सप्लेनेशंस कैसे देखें

अगर आपकी तारीख की सीमा में आज की तारीख भी शामिल है, तो आपको एक्सप्लेनेशंस नहीं दिखेंगे. इसकी वजह यह है कि आज की तारीख वाले दिन में और भी डेटा जुड़ सकता है.

एक्सप्लेनेशंस देखना

डिफ़ॉल्ट रूप से, आपको ऐसे एक्सप्लेनेशंस दिखेंगे जो आपकी चुनी गई तारीख की सीमा की तुलना, बराबर समयसीमा वाली पिछली अवधि से करते हैं:

  1. अपने कैंपेन या विज्ञापन ग्रुप पेज पर जाएं.
  2. अपनी डेटा टेबल में उन मानों पर माउस घुमाएं जो बिंदु वाली लाइन के साथ नीले रंग में हों.
  3. आप देख सकते हैं कि यह मान पिछली अवधि के बाद कैसे बदला है.
    उदाहरण के लिए, अगर आपने अपनी तारीख की सीमा के तौर पर पिछले सात दिन चुने हैं, तो आपको एक्सप्लेनेशंस दिखेंगे कि उससे पिछले हफ़्ते के मुकाबले आपकी परफ़ॉर्मेंस में क्या बदलाव हुआ.
  4. बदलाव की वजह देखने के लिए, एक्सप्लेनेशन देखें पर क्लिक करें.

पसंद के मुताबिक तारीख की सीमाओं के लिए एक्सप्लेनेशंस पाना

पसंद के मुताबिक तारीख की दो सीमाओं की तुलना करने के लिए, तारीख की सीमा चुनने वाले विकल्प में उन दो समयावधि को चुनें जिनकी आप तुलना करना चाहते हैं:

  1. स्क्रीन के ऊपरी दाएं कोने में, तारीख की सीमा के बगल में मौजूद, डाउन ऐरो पर क्लिक करें.
  2. "तुलना करें" के बगल में दिए गए टॉगल पर क्लिक करें. इसके बाद, उसके नीचे मौजूद पिछली अवधि विकल्प चुनें.
  3. किसी समयावधि को चुनें. अगर आप एक्सप्लेनेशंस देखना चाहते हैं, तो पक्का करें कि दोनों अवधि की समयसीमा बराबर हों.
  4. लागू करें पर क्लिक करें.

आपको अपनी परफ़ॉर्मेंस मेट्रिक के कॉलम में संख्याओं के नीचे बदलाव का % दिखेगा.

बड़े बदलाव नीले रंग में हाइलाइट किए गए होंगे और उनके बारे में एक्सप्लेनेशन दिया गया होगा.

एक्सप्लेनेशंस न दिखने की ये वजहें हो सकती हैं

  • एक्सप्लेनेशंस सिर्फ़ मैन्युअल तरीके से बोली लगाने की रणनीति या बेहतर सीपीसी का इस्तेमाल करने वाले सर्च कैंपेन के लिए उपलब्ध हैं. आपको डिसप्ले, वीडियो, शॉपिंग, चुने गए डिसप्ले के साथ Search Network कैंपेन या डाइनैमिक सर्च विज्ञापनों वाले कैंपेन या ऑटोमेटेड बिडिंग वाले कैंपेन के लिए एक्सप्लेनेशंस नहीं दिखेंगे.
  • फ़िलहाल, एक्सप्लेनेशंस की सुविधा सिर्फ़ क्लिक, लागत, इंप्रेशन, और कन्वर्ज़न के लिए ही उपलब्ध है. 
  • एक्सप्लेनेशंस, सिर्फ़ क्वेरी खोजने की संख्या और बदलाव के थ्रेशोल्ड तक पहुंचने पर ही ट्रिगर होंगे.
  • एक्सप्लेनेशंस की सुविधा, सिर्फ़ पिछले 90 दिनों के डेटा के लिए ही उपलब्ध है. आप कैंपेन के लिए 90 दिनों से पहले के % बदलाव अब भी देख सकते हैं, लेकिन इसके लिए एक्सप्लेनेशंस विंडो नहीं दिखेगी.
  • एक्सप्लेनेशंस, सिर्फ़ बराबर और लगातार चलने वाली समयावधि की तुलना के लिए दिखती हैं.

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