कैंपेन को सफल बनाने के आठ चरण

इस लेख में, सफल Google Ads कैंपेन सेट अप करने के बारे में ज़रूरी बातें दी गई हैं. इन सुविधाओं की मदद से, कैंपेन को डिज़ाइन और मैनेज किया जा सकता है, ताकि आपके खास विज्ञापन लक्ष्यों को आसानी से हासिल किया जा सके.

आप इस आसान गाइड का इस्तेमाल कैंपेन सेट अप करते समय कर सकते हैं.

1. अपना मकसद तय करें

हर कैंपेन की शुरुआत लक्ष्य चुनने के साथ होती है. इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, आपका कैंपेन खास नतीजे के लिए काम करता है:

Benefits of preparing for success with Google Ads campaigns

आपके चुने गए लक्ष्य के आधार पर, कैंपेन सेट अप करने के दौरान विकल्प चुने जाते हैं.

उदाहरण के लिए, अगर आपका लक्ष्य वेबसाइट का ट्रैफ़िक बढ़ाना है, तो आप 'क्लिक बढ़ाएं' जैसे बोली लगाने के तरीके को चुन सकते हैं. इससे, आपके विज्ञापनों पर क्लिक बढ़ाने के लिए पैसे खर्च किए जा सकेंगे.

Google Ads में कैंपेन के लक्ष्यों के बारे में ज़्यादा जानें

2. कैंपेन टाइप चुनना

लक्ष्य चुनने के बाद, आपको सुझाए गए कैंपेन टाइप की एक सूची दिखेगी. इनमें से कोई कैंपेन चुनकर, लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं. आपके कैंपेन टाइप से यह तय होता है कि आपके विज्ञापन कहां और कैसे दिखेंगे.

सही कैंपेन टाइप चुनने के बारे में ज़्यादा जानें

उदाहरण के लिए, YouTube पर वीडियो या डिस्कवरी कैंपेन, वीडियो विज्ञापन दिखाता है. वहीं, डिसप्ले कैंपेन, वेबसाइटों पर इमेज वाले विज्ञापन दिखाता है.

कौनसे कैंपेन टाइप को चुना जा सकता है?

Search Network पर दिखाए जाने वाले टेक्स्ट विज्ञापन का उदाहरण

खोज

  • कहां: खोज के नतीजे
  • विज्ञापन का टाइप: टेक्स्ट विज्ञापन
इमेज वाले डिसप्ले विज्ञापन का उदाहरण

Display

  • कहां: वेबसाइटें, खोज नतीजे, Gmail इनबॉक्स
  • विज्ञापन के टाइप: इमेज वाले विज्ञापन
वीडियो विज्ञापन का उदाहरण

वीडियो

  • कहां: YouTube
  • विज्ञापन के टाइप: वीडियो विज्ञापन
डिस्कवरी विज्ञापन | कई इमेज वाले कैरोसेल विज्ञापन का उदाहरण

खोज

  • कहां: YouTube के होम पेज पर मौजूद फ़ीड और “आगे क्या देखें” फ़ीड, Gmail इनबॉक्स, और डिस्कवर
  • विज्ञापन के टाइप: कई इमेज वाले कैरसेल विज्ञापन
ऐप्लिकेशन के विज्ञापन | कई फ़ॉर्मैट वाले अपने-आप बने विज्ञापन ऐप्लिकेशन
  • कहां: मोबाइल डिवाइस, Google Play, YouTube, AdMob, डिस्कवर, और 3 लाख से ज़्यादा साइटों और ऐप्लिकेशन पर खोज के नतीजे
  • विज्ञापन के टाइप: अपने-आप बनने वाले विज्ञापनों में, अपलोड किए गए टेक्स्ट, इमेज, वीडियो या HTML5 एसेट या ऐप्लिकेशन स्टोर में, आपके ऐप्लिकेशन की लिस्टिंग से जुड़ी एसेट शामिल होती हैं
शॉपिंग विज्ञापन | प्रॉडक्ट लिस्टिंग वाले विज्ञापन

शॉपिंग

  • कहां: खोज के नतीजे, खोज के नतीजों पर शॉपिंग टैब, वेबसाइटें, Gmail इनबॉक्स
  • विज्ञापन के टाइप: प्रॉडक्ट लिस्टिंग विज्ञापन

स्थानीय विज्ञापन | टेक्स्ट और इमेज वाले विज्ञापन

लोकल

  • कहां: Google Maps, वेबसाइटें, और YouTube
  • विज्ञापन के टाइप: टेक्स्ट और इमेज विज्ञापन

3. बजट तय करना

अपने विज्ञापनों की बोली के लिए पैसे खर्च करने की सीमा रोज़ का औसत बजट तय करके कंट्रोल किया जा सकता है. आप इसे कभी भी बदल सकते हैं.

रोज़ के औसत बजट के बारे में ज़्यादा जानें

4. बोली लगाने का विकल्प चुनना

अगर आपने कैंपेन का कोई लक्ष्य चुना है, तो बोली का टाइप चुनते समय, आपको बोली लगाने पर फ़ोकस करने से जुड़ा एक सुझाव दिखेगा. यह सुझाव आपके लक्ष्य पर आधारित होगा. उदाहरण के लिए, “कन्वर्ज़न”.

इससे यह पक्का होता है कि कैंपेन, आपके खास लक्ष्य को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. कुछ कैंपेन टाइप के लिए, अगर बोली लगाने पर फ़ोकस करने के सुझाव का विकल्प नहीं चुना गया है, तो बोली अपने-आप सेट होने की रणनीति चुनी जा सकती है. जैसे कि हर ग्राहक जोड़ने की लागत (सीपीए) का टारगेट या विज्ञापन खर्च पर रिटर्न (आरओएएस) का टारगेट.

ध्यान दें: आपको बोली लगाने की जिस रणनीति का इस्तेमाल करना है, अगर वह इस चरण में विकल्प के तौर पर नहीं दिखती है, तो आपको शुरू में चुने गए कैंपेन के लक्ष्य को बदलना पड़ सकता है.

बोली अपने-आप सेट होने की रणनीतियों के बारे में ज़्यादा जानें

5. अपने विज्ञापनों में एक्सटेंशन जोड़ना

सर्च, वीडियो, और डिस्कवरी कैंपेन की मदद से, आपके विज्ञापनों में वेबसाइट लिंक, निर्देश या कॉल के लिए फ़ोन नंबर जैसी जानकारी जोड़ी जा सकती है.

इन एक्सटेंशन की वजह से लोग आपके कारोबार से जुड़ते हैं. आम तौर पर, इससे विज्ञापन पर क्लिक मिलने की दर (सीटीआर) भी कुछ प्रतिशत बढ़ जाती है. विज्ञापन एक्सटेंशन और कारोबार के लक्ष्यों के आधार पर चुने जा सकने वाले एक्सटेंशन के बारे में ज़्यादा जानें.

6. विज्ञापन ग्रुप बनाना

शॉपिंग कैंपेन को छोड़कर, अन्य सभी कैंपेन के लिए आपको मिलते-जुलते विज्ञापनों के सेट को ग्रुप में एक साथ रखना होगा. आपको ऐसा एक ही टारगेटिंग (विज्ञापन के लिए सही दर्शक चुनना) के आधार पर करना होगा. उदाहरण के लिए, चमड़े के जूतों पर फ़ोकस करने वाले विज्ञापनों का ग्रुप बनाया जाएगा और उन्हें ऐसे लोगों के लिए टारगेट किया जाएगा जो चमड़े के जूते खोज रहे हैं.

विज्ञापन ग्रुप के काम करने के तरीके के बारे में ज़्यादा जानें

शॉपिंग कैंपेन, एक ही टारगेटिंग से जुड़े मिलते-जुलते प्रॉडक्ट का ग्रुप बनाने के लिए, प्रॉडक्ट ग्रुप का इस्तेमाल करते हैं.

7. अपनी टारगेटिंग चुनना

टारगेटिंग से यह तय करने में मदद मिलती है कि आपकी ऑडियंस टारगेटिंग कितनी सीमित या ज़्यादा होगी. टारगेटिंग के बिना आपके विज्ञापनों की पहुंच सबसे ज़्यादा होगी. विज्ञापनों की टारगेटिंग से, ऐसे खास ग्राहकों पर फ़ोकस किया जा सकता है जिनकी दिलचस्पी आपके प्रॉडक्ट या सेवाओं में है.

टारगेटिंग के सामान्य तरीकों में कीवर्ड, ऑडियंस, जगहें, विषय, डिवाइस, और रीमार्केटिंग शामिल होती है.

अपने विज्ञापनों की टारगेटिंग के बारे में ज़्यादा जानें

8. कन्वर्ज़न सेट अप करना

कन्वर्ज़न ट्रैकिंग की मदद से उन कार्रवाइयों को ट्रैक कर सकते हैं जो अपनी वेबसाइट पर ग्राहकों से चाहते हैं. इससे आपके विज्ञापनों, टारगेटिंग, और पूरे कैंपेन के असर का आकलन करने की आपकी क्षमता काफ़ी बेहतर हो सकती है.

कन्वर्ज़न ट्रैकिंग के बारे में ज़्यादा जानें

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