Chrome का गुप्त मोड आपकी ब्राउज़िंग को निजी कैसे रखता है

गुप्त मोड की मदद से आप अपने ब्राउज़िंग डेटा को उन लोगों से छिपा सकते हैं जो आपका डिवाइस इस्तेमाल करते हैं.

गुप्त मोड कैसे काम करता है

जब आप पहली बार नई गुप्त विंडो खोलते हैं, तो एक नया गुप्त ब्राउज़िंग सेशन शुरू हो जाता है. इसके बाद, आप जितने भी गुप्त विंडो खोलेंगे, वे इस सेशन का हिस्सा होंगी. आप खुली हुई सभी गुप्त विंडो को बंद करके, इस गुप्त सेशन को बंद कर सकते हैं.

गुप्त मोड चालू होने पर, आपके ब्राउज़िंग इतिहास की किसी भी जानकारी, कुकी, और साइट का डेटा या फ़ॉर्म में डाली गई जानकारी को आपके डिवाइस पर सेव नहीं किया जाता है. इसका मतलब यह है कि आपकी गतिविधि, आपके Chrome ब्राउज़र के इतिहास में नहीं दिखती. इसलिए, अगर कोई और भी आपका डिवाइस इस्तेमाल करता है, तो उसे आपकी गतिविधि नहीं दिखेगी. जब तक आप साइन इन नहीं करते, वेबसाइटें आपको एक नए उपयोगकर्ता के तौर पर देखती हैं और वे यह नहीं जान पाती हैं कि आप कौन हैं.

अगर आप Chrome के गुप्त मोड में ब्राउज़ कर रहे हैं, तो आप डिफ़ॉल्ट रूप से किसी खाते या साइट में साइन इन नहीं हैं.

हालांकि, आपका स्कूल, इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनी या सभी ऐसे सॉफ़्टवेयर आपकी गतिविधि देख सकते हैं जिन्हें अभिभावक ने आप पर नज़र रखने के लिए सेट अप किया है. आप देख सकते हैं कि आपका Chrome ब्राउज़र प्रबंधित किया जा रहा है या नहीं.

नई गुप्त विंडो खोलते समय, आप चाहें, तो तीसरे पक्ष की कुकी ब्लॉक कर सकते हैं. कुकी के बारे में ज़्यादा जानें.

गुप्त मोड आपकी निजता की सुरक्षा कैसे करता है

गुप्त मोड क्या करता है

  • गुप्त मोड में ब्राउज़िंग करने का मतलब है कि आपकी गतिविधि का डेटा आपके डिवाइस पर या उस Google खाते में सेव नहीं है जिसमें आपने साइन इन नहीं किया है.
    • उदाहरण के लिए, आपके परिवार का एक सदस्य आपका डिवाइस शेयर करता है और उसका जन्मदिन है. आप गुप्त मोड का इस्तेमाल करके उसके लिए ऑनलाइन उपहार की खरीदारी कर सकते हैं. अगर आप अपने Google खाते में साइन इन नहीं करते हैं, तो आपकी खरीदारी की गतिविधि आपकी Chrome की ब्राउज़िंग गतिविधि में नहीं दिखेगी. साथ ही, यह आपके Google खाते में भी सेव नहीं होगी.
  • हर बार जब आप सभी गुप्त विंडो को बंद करते हैं, तो Chrome उस ब्राउज़िंग सत्र की साइटों से जुड़े सभी डेटा और कुकीज़ को मिटा देता है
  • जब आप गुप्त मोड में निजी तौर पर ब्राउज़ करते हैं, तो Chrome, Google और अन्य वेबसाइटों को इसकी जानकारी नहीं देता.

गुप्त मोड क्या नहीं करता है

  • किसी भी वेबसाइट से आपकी पहचान छुपाए रखता है. गुप्त मोड में किसी भी वेबसाइट में साइन इन करने पर, उस साइट को आपकी पहचान पता चल जाएगी और वह साइट उसी समय से आपकी गतिविधियों पर नज़र रख सकती है.
  • अपनी गतिविधि या जगह की जानकारी को, देखी जाने वाली वेबसाइटों, अपने स्कूल, आपको नौकरी देने वाली कंपनी या इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनी से छिपाएं.
  • गुप्त सत्र के दौरान आप जिन वेबसाइटों पर जाते हैंं उन्हें आपकी गतिविधि के आधार पर विज्ञापन दिखाने से रोकें. सभी गुप्त विंडो बंद करने के बाद, उस बंद सत्र के दौरान आपकी साइन-आउट गतिविधि के आधार पर वेबसाइटें आपको विज्ञापन नहीं दिखा सकेंगी.

सब कुछ आपके नियंत्रण में

  • जब आपकी ब्राउज़िंग पूरी हो चुकी हो, तो सभी गुप्त विंडो और टैब बंद कर दें. जब आप सभी गुप्त विंडो बंद करते हैं, तो आप एक सत्र को खत्म करते हैं. इसलिए, एक टैब को बंद करने से आपका डेटा नहीं मिटेगा. अगर आपको अपने डेस्कटॉप पर गुप्त आइकॉन के आगे या मोबाइल डिवाइस पर ब्राउज़र के नीचे कोई संख्या दिखती है, तो इसका मतलब है कि आपने एक से ज़्यादा गुप्त विंडो या टैब खोल रखी हैं.
  • जब आप गुप्त मोड में हों, तो किसी भी खाते में साइन इन कर सकते हैं. अगर आप Google की सेवाओं, जैसे कि Gmail या किसी साइट पर साइन इन करते हैं, तो वह साइट आपकी गतिविधि याद रख सकती है.
  • वे सभी डाउनलोड और बुकमार्क हटाएं जिन्हें आप नहीं चाहते कि आपका डिवाइस याद रखे. आपने जो फ़ाइलें डाउनलोड की हैं और जो बुकमार्क बनाए हैं वे किसी भी मोड में सेव हो जाते हैं.

गुप्त मोड का इस्तेमाल करने के बारे में ज़्यादा जानें.