कस्टम लाइटबॉक्स विज्ञापन की ज़रूरी शर्तें

कस्टम लाइटबॉक्स विज्ञापन, Studio में होस्ट किए जाने चाहिए. साथ ही, Campaign Manager 360 से भेजे जाने और Google Ads में लागू किए जाने चाहिए.

लाइटबॉक्स टेंप्लेट, Google Web Designer की मदद से उपलब्ध कराए जाते हैं. उपयोगकर्ता इन टेंप्लेट की मदद से, कस्टम क्रॉस-डिवाइस फ़ुलस्क्रीन लाइटबॉक्स विज्ञापन बना सकते हैं. ये बहुत कम या बिना कोडिंग के, कई स्क्रीन साइज़ और ओरिएंटेशन के हिसाब से बन जाते हैं. एक बार बन जाने के बाद, Google Web Designer, आपके क्रिएटिव को सीधे Studio में प्रकाशित और अपलोड करता है. टेंप्लेट, Google Web Designer में कस्टमाइज़ किए जा सकते हैं. इनके साथ एक सप्लीमेन्टरी बिल्ड गाइड होती है.

Google Web Designer के एक विकल्प के तौर पर, HTML5 लाइटबॉक्स स्टार्टर फ़ाइलें, रिच मीडिया गैलरी में भी उपलब्ध हैं. HTML5 लाइटबॉक्स बिल्ड गाइड में, इन फ़ाइलों के बारे में कदम-दर-कदम निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, इन्हें इस्तेमाल करने का तरीका बताया गया है. लाइटबॉक्स क्रिएटिव के नमूनों के लिए हमारी गैलरी देखें.

फ़ॉर्मैटिंग करना

Campaign Manager 360 की मदद से, सभी कस्टम लाइटबॉक्स विज्ञापन, HTML5 विज्ञापनों के तौर पर लागू करके दिखाए जाते हैं.

न्योते का पैनल

न्योते की स्थिति की इकाई के साइज़: 300x250, 728x90, 160x600, 468x60, 120x600, 200x200, 250x250, 300x600, 336x280, and 320x50

न्योते के पैनल का कॉन्टेंट: न्योते के पैनल में एग्ज़िट हॉटस्पॉट शामिल नहीं हो सकते, लेकिन आप ज़्यादा से ज़्यादा 30 सेकंड का, बिना आवाज़ के अपने-आप चलने वाला वीडियो या ऐनिमेशन शामिल कर सकते हैं.

बड़ा करने के तरीके: डेस्कटॉप पर माउस घुमाने पर और टच-स्क्रीन डिवाइस के लिए, विज्ञापन के बीच वाले हिस्से में टैप करने पर विज्ञापन बड़ा होता है.

  • डेस्कटॉप के लिए: Google AdSense API डेस्कटॉप पर माउस घुमाने पर, अपने-आप दो-सेकंड की देर करता है. विज्ञापन तब तक बड़ा होना शुरू नहीं हो सकता, जब तक AdSense API विज्ञापन को बड़ा हो जाने की सूचना नहीं दे देता. अगर आप माउसओवर हैंडलर को हटा रहे हैं, तो उन्हें सिर्फ़ बड़ा होने की स्थिति के पूरा हो जाने के बाद ही हटाएं. उदाहरण के लिए, Studio में onLoaded() फ़ंक्शन में या बाद में ऐसा हो सकता है, लेकिन start() फ़ंक्शन में नहीं हो सकता.
  • मोबाइल के लिए: टच-स्क्रीन डिवाइस के लिए, विज्ञापन के बीच वाले हिस्से में टैप करने पर विज्ञापन बड़ा होता है. अगर टैप बॉर्डर से 10 पिक्सल के अंदर टैप किया जाता है, तो उपयोगकर्ता को दो सेकंड के लिए, “बड़ा किया जा रहा है” की सूचना दिखेगी. इसके बाद, अगर उपयोगकर्ता ने विज्ञापन पर अनजाने में टैप कर दिया था, तो वह दोबारा टैप करके, बड़ा करना रोक सकता है. ध्यान दें कि जब कोई दर्शक, पेज को स्क्रोल करने की कोशिश कर रहा होता है, तो उस समय विज्ञापन को बड़ा नहीं किया जा सकता.

कॉल-टू-ऐक्शन (CTA) को बड़ा करना: जब तक बड़ा किया गया CTA दिख रहा हो, तब तक न्योते के पैनल को बड़ा नहीं किया जा सकता. बेहतर दर्शक अनुभव के लिए, बड़ा किए गए CTA को जल्द से जल्द लोड करें और न्योते की पूरी स्थिति को बड़ा करने के लिए तैयार करें. आपको बड़ा करने का कॉल-टू-ऐक्शन (CTA)का वाक्यांश (उदाहरण के लिए, "बड़ा करने के लिए माउस घुमाएं") शामिल करना होगा. ऐसा करने से साफ़ तौर पर बड़ा करने का संकेत मिलता है. इसके अलावा, आप Google के बड़ा करने के आइकॉन ग्राफ़िक का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.

  • फ़्रेम दर: ज़्यादा से ज़्यादा 24 फ़्रेम प्रति सेकंड (FPS)
  • Google के बड़ा करने के आइकॉन ग्राफ़िक का इस्तेमाल के लिए: कॉल-टू-ऐक्शन के मैसेज के बजाय ग्राफ़िक का इस्तेमाल करने के लिए, आपको this स्केलेबल वेक्टर ग्राफ़िक का इस्तेमाल करना होगा. इससे अलावा कुछ और स्वीकार नहीं किया जाएगा.
  • क्रॉस-डिवाइस क्रिएटिव के लिए: अगर टेंप्लेट में पहले से इसको ध्यान में नहीं रखा गया है, तो न्योते जोड़ें. इनमें बड़ा करने का कॉल-टू-ऐक्शन का वाक्यांश शामिल होना चाहिए. यह परिवेश के हिसाब से बड़ा करने की कार्रवाई को साफ़ तौर पर दिखाता है. उदाहरण के लिए, डेस्कटॉप के न्योते पर "बड़ा करने के लिए माउस घुमाएं" और टैबलेट के न्योते पर "बड़ा करने के लिए टैप करें".

बड़ा किया गया पैनल

बड़ी की गई स्थिति की इकाई के साइज़: आपको फ़ुलस्क्रीन एपीआई का इस्तेमाल करना चाहिए. यह अपने-आप Google AdSense API के हिसाब से ज़्यादा से ज़्यादा साइज़ चुनता है. साथ ही, विज्ञापन को ज़्यादातर दर्शकों की स्क्रीन पर इस तरह बड़ा करता है कि डेस्कटॉप या मोबाइल वेब पर क्लिक करने की जगह मौजूद हो. बड़ा किए गए पैनल का कोई तय साइज़ नहीं हो सकता.

बड़ा किए गए पैनल से जुड़ी ज़रूरी शर्तें:

  • बड़ा किया गया पैनल क्लिकथ्रू या एग्ज़िट पर छोटा होना चाहिए. iOS इन-ऐप्लिकेशन परिवेश में विज्ञापन दिखाते समय, तकनीकी पाबंदियों की वजह से विज्ञापन एग्ज़िट होने पर, विज्ञापन को छोटा नहीं कर सकता. दूसरे सभी परिवेश, एग्ज़िट पर छोटे होने चाहिए.
  • बड़ा किए गए पैनल के विज्ञापन का कॉन्टेंट पूरी तरह से ज़वाब देने वाला होना चाहिए. विज्ञापन का कॉन्टेंट, किसी तय साइज़ का नहीं हो सकता. जिन स्क्रीन (मोबाइल, टैबलेट, डेस्कटॉप) पर विज्ञापन दिख सकता है उन सभी स्क्रीन पर फ़िट होने के लिए, उसे बड़ा या छोटा होना चाहिए. छोटे साइज़ वाली स्क्रीन पर दिखने के लिए, कॉन्टेंट को हटाया या छिपाया जा सकता है. दिखने वाले कॉन्टेंट को, उन सभी साइज़ के स्क्रीन पर काम करने लायक और क्लिक करने लायक (अगर लागू हो) होना चाहिए जिन पर विज्ञापन दिख सकते हैं.
  • विज्ञापन का पूरा कॉन्टेंट ब्रांडेड होना चाहिए. बड़ा किए गए पैनल में किसी भी साइज़ वाली स्क्रीन पर ऐसी बहुत ज़्यादा खाली सफ़ेद जगह या गैर-ब्रैंडेड कॉन्टेंट नहीं हो सकते जिन पर विज्ञापन दिख सकता है.
  • डेस्कटॉप और मोबाइल के बड़े किए जाने को ठीक करने के लिए, अपने विज्ञापन को लैंडस्केप और पोर्ट्रेट के दोनों आसपेक्ट रेशियो के हिसाब से बनाएं.
  • फ़िलहाल, बड़ा किए जाने लायक विज्ञापन JavaScript टैग के इस्तेमाल करने के मुताबिक होते हैं. Iframe टैग इस्तेमाल नहीं किए जा सकते.
  • लाइटबॉक्स विज्ञापन में मास्टहेड के लिए, मोबाइल वीडियो मास्टहेड या यूनिवर्सल वीडियो मास्टहेड दोबारा नहीं बनाया जा सकता.

बंद करने के तरीके: लाइटबॉक्स कॉम्पोनेंट 12x12 की जगह को घेरने वाले क्रिएटिव के ऊपरी-दाएं कोने पर, अपने-आप "बंद करें" का बटन जोड़ देता है. दर्शकों के पास किसी बड़ी की गई स्थिति की इकाई के ऊपरी-दाएं कोने पर मौजूद “X” पर क्लिक करने या बड़ी की गई स्थिति वाले लाइटबॉक्स के ग्रे रंग के बैकग्राउंड पर क्लिक करने की सुविधा होनी चाहिए. आप क्रिएटिव के कॉन्टेंट में ही, उससे जुड़ा तरीका भी बता सकते हैं, लेकिन इसकी ज़रूरत नहीं है.

लोड करना

आरंभिक लोड आकार: सबसे तेज़ आरंभिक लोड समय के लिए 200 KB से कम आकार वाले एसेट बनाएं. सर्वोत्तम दर्शक अनुभव प्रदान करने के लिए, आरंभिक लोड में उपयोग किए जाने वाले आवश्यक एसेट को कंप्रेस करके उनका न्यूनतम संख्या में उपयोग करें.

गैर-दर्शक द्वारा आरंभ किया गया कुल लोड आकार: अधिकतम 2.2 MB (गैर-दर्शक द्वारा आरंभ किए गए कुल लोड आकार में आरंभिक और अनुवर्ती/आसान लोड शामिल हैं.)

दर्शक द्वारा आरंभ किया गया लोड आकार: अधिकतम 10 MB प्रति इंटरैक्शन (YouTube वीडियो और स्ट्रीमिंग वीडियो की गणना नहीं की जाती.) सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए, एसेट का आकार 2.2 MB से कम रखें. कुल लोड आकार 2.2 MB से अधिक होने पर, बैंडविड्थ लक्ष्यीकरण सेटिंग लागू की जाएंगी.

CPU उपयोग: सर्वोत्तम दर्शक अनुभव के लिए, लाइटबॉक्स विज्ञापनों को किसी दर्शक के कंप्यूटर या मोबाइल डिवाइस की सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) की 30% से अधिक क्षमता का उपयोग नहीं करना चाहिए.

एट्रिब्यूट

बॉर्डर और iFrame: विज्ञापन का बॉर्डर आमंत्रण स्थिति और विस्तृत दोनों ही स्थितियों में iFrame के अंदर होना चाहिए. आंशिक रूप से काली, सफ़ेद या पारदर्शी पृष्ठभूमियों वाली सभी आमंत्रण स्थितियों पर, क्रिएटिव के अधिकांश पृष्ठभूमि रंग के विपरीत रंग वाला एक दृश्यमान बॉर्डर आवश्यक है.

माउसओवर नीति: Google AdSense API ने होवर करने पर एक दो-सेकंड के विलंब की नीति शुरू की है. विज्ञापन तब तक विस्तारित नहीं हो सकता, जब तक AdSense API विज्ञापन को विस्तार पूरा होने के बारे में सूचित नहीं करता.

विशेष डिज़ाइन वाली सुविधाएं: आमंत्रण स्थिति में 9,010 से कम वाला एक z-इंडेक्स मान होना चाहिए, ताकि Google या किसी तृतीय-पक्ष विक्रेता द्वारा प्रदत्त ऑनलाइन व्यावहारिक विकल्प आइकन को समायोजित किया जा सके.

Google प्रदर्शन नेटवर्क नीलामी अभियान: AdChoices लोगो को समायोजित करने के लिए, विज्ञापन के ऊपरी-दाएं किनारे पर (संक्षिप्त या आमंत्रण स्थिति में) 76x15-पिक्सेल का एक स्थान छोड़ दें. AdChoices लोगो स्वतः सम्मिलित हो जाएगा और आपके विज्ञापन के उस क्षेत्र की सामग्री को ब्लॉक कर देगा. Google प्रदर्शन नेटवर्क के लिए इन-ऐड सूचना के बारे में अधिक जानें.

वैकल्पिक छवि: सभी क्रिएटिव के लिए 200 KB या उससे कम की एक वैकल्पिक छवि आवश्यक है. वैकल्पिक छवि में एक एकल, जेनरिक क्लिक-थ्रू कॉल-टू-एक्शन (CTA) का उपयोग किया जाना चाहिए. होवर या रोलओवर CTA का उपयोग न करें क्योंकि वैकल्पिक छवियां विस्तृत नहीं हो सकतीं और छवि पर किसी "बंद करें X" बटन का उपयोग न करें.

  • HTML5 विज्ञापनों में Flash सामग्री और Flash फ़ॉलबैक (SWF और FLV) की अनुमति नहीं है.
  • सभी HTML5 विज्ञापनों को बुनियादी HTML5 का समर्थन करने के साथ-साथ सभी आधुनिक ब्राउज़र में कार्यक्षमता सुनिश्चित करनी होगी.
वीडियो और ऐनिमेशन

ऑटोप्ले वीडियो: अधिकतम अवधि 30 सेकंड

दर्शक द्वारा शुरू किया गया वीडियो और ऐनिमेशन: वीडियो के लिए रोकें/चलाएं, म्यूट करें/अनम्यूट करें तथा वीडियो अवधि एवं वीडियो देखने में बीत चुकी अवधि को दर्शाने वाला संकेतक होना चाहिए. यदि विज्ञापन के किसी टैबलेट पर प्रस्तुत होते समय इनमें से कोई भी कार्यक्षमता हार्डवेयर द्वारा नियंत्रित की जाती है तो संबंधित बटन की आवश्यकता नहीं है. विस्तार होने पर, वीडियो विस्तृत पैनल में ध्वनि के साथ चल सकता है, लेकिन वीडियो को ध्वनि के बिना ऑटोप्ले पर सेट करने और वीडियो के ऊपर एक “अनम्यूट” बटन शामिल करने पर विचार करें. विस्तृत पैनल में एक छोटी काउंटडाउन घड़ी (200x50) की अनुमति है.

  • प्रति वीडियो या ऐनिमेशन की अधिकतम अवधि 4 मिनट.
  • GIF फ़ाइलों के लिए अधिकतम 24 फ़्रेम प्रति सेकंड (FPS)
  • YouTube वीडियो व्याख्याओं से होने वाले निकास एक नई विंडो में खुलने के लिए सेट किए जाने चाहिए.
  • HTML5 क्रिएटिव के लिए HTML5 वीडियो टैग या पूर्व-निर्धारित YouTube प्लेयर आवश्यक है.

दर्शक क्लिक पर होने वाली कार्रवाइयां (वीडियो): रोकें या बंद करें बटन पर एक बार क्लिक करने पर वीडियो बंद हो जाना चाहिए. निकास क्लिक पर सभी ध्वनियां और वीडियो बंद हो जाने चाहिए.

प्रोग्रेसिव या स्ट्रीमिंग वीडियो: वीडियो का प्रकार प्रोग्रेसिव या स्ट्रीमिंग हो सकता है. यदि आपके लाइटबॉक्स विज्ञापन में लाइव वीडियो है तो कृपया विज्ञापनों में लाइव स्ट्रीमिंग संबंधी दिशानिर्देश देखें.

वीडियो प्रारूप संगतता: सभी प्रमुख ब्राउज़र में संगतता सुनिश्चित करने के लिए गैर-YouTube होस्टेड वीडियो के लिए, MP4 और WebM या Ogg प्रारूप दोनों का उपयोग किया जाना चाहिए. YouTube वीडियो इसका अपवाद हैं, क्योंकि उचित प्रारूप स्वतः कॉल कर लिया जाएगा.

ऐनिमेशन प्रदर्शन: CSS एनिमेशन का सुझाव दिया जाता है.

विज्ञापन दिखाना और ट्रैक करना

विज्ञापन दिखाने की क्षमताएं: लाइटबॉक्स विज्ञापन, Campaign Manager 360 की मदद से, सिर्फ़ Studio पर ही दिख सकते हैं. इन-बैनर सर्वे के न्योते और इन-बैनर सर्वे की अनुमति नहीं है.

कस्टम इवेंट और इंटरैक्शन की ट्रैकिंग करना: सभी ट्रैकिंग और इंटरैक्शन मेट्रिक को हर लॉन्च से पहले, क्लाइंट और लाइटबॉक्स के विशेषज्ञों की मदद से तय किया जाना चाहिए.

तीसरे-पक्ष के पिक्सल के साथ इंप्रेशन और क्लिक-ट्रैकिंग करना: इंप्रेशन और बड़ा करने पर ट्रैकिंग करने की अनुमति, सिर्फ़तीसरे पक्ष की सेवा देने वाली प्रमाणित कंपनियों को ही दी जाती है. क्लिक-थ्रू ट्रैकिंग की मंज़ूरी दूसरे वेबलिंक के इस्तेमाल से दी जाती है. साथ ही, कई एग्ज़िट यूआरएल की भी अनुमति है. किसी सेवा देने वाली कंपनी के साथ रिपोर्टिंग गड़बड़ी होने पर Google, क्रेडिट या मेक-गुड नहीं देता.

ब्रैंड स्टडी के लिए ट्रैकिंग करना: प्रसार और पैनल-के मुताबिक ब्रैंड स्टडी की अनुमति, सिर्फ़ तीसरे-पक्ष की सेवा देने वाली प्रमाणित कंपनियों को ही दी जाती है. टैबलेट परिवेश में, सेवा देने वाली कुछ कंपनियों को फ़िलहाल मंज़ूरी नहीं मिली है. हालांकि, आपके लाइटबॉक्स विशेषज्ञ लॉन्च से पहले, खास रिसर्च करके, सेवा देने वाली कंपनी के पिक्सल का आकलन कर सकते हैं. ब्रैंड स्टडी पिक्सल, सीधे Campaign Manager 360 में नहीं भेजे जा सकते. इन्हें क्रिएटिव में लागू किया जाना चाहिए और शुरुआती लोड पूरा होने के बाद ही कॉल किया जाना चाहिए. ब्रैंड स्टडी पिक्सल, यूज़र ऐक्टिविटी पर लागू किए जा सकते हैं.

रीमार्केटिंग पिक्सल: ग्राहक सूचियां बनाने या अपने लाइटबॉक्स विज्ञापनों के इंप्रेशन से जानकारी इकट्ठा करने के लिए, आप रीमार्केटिंग पिक्सल का इस्तेमाल नहीं कर सकते. हालांकि, आप लाइटबॉक्स विज्ञापनों को मौजूदा रीमार्केटिंग सूचियों पर टारगेट कर सकते हैं या बिना टैग वाले स्टोरीबोर्डिंग रीमार्केटिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं. स्टोरीबोर्डिंग की मदद से विज्ञापन देने वाले, अपने लाइटबॉक्स विज्ञापन में दिलचस्पी लेने वाले लोगों की एक सूची बना सकते हैं. इसे रीमार्केटिंग कैंपेन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. दिलचस्पी लेने वाले ग्राहकों की सूची, Google Ads में "रीमार्केटिंग" टैब पर आपकी दूसरी ग्राहक सूचियों के साथ दिखेगी. हमारी रीमार्केटिंग नीति के बारे में ज़्यादा जानें. अगर आपकी इसमें दिलचस्पी है, तो अपने Google प्रतिनिधि से संपर्क करें.

सोशल मीडिया: किसी लाइटबॉक्स विज्ञापन में कोई भी सोशल मीडिया से जुड़ी सुविधा (उदाहरण के लिए, कोई सोशल मीडिया फ़ीड) शामिल करने से पहले, उसमें दिलचस्पी रखने वाली (सेवा देने वाली) कंपनी को प्रमाणित होना चाहिए. यह नियम चौथे-पक्ष के कॉल के साथ-साथ सेट की या पढ़ी गई किसी भी कुकी पर लागू होता है. सोशल मीडिया के आइकॉन का इस्तेमाल करने और सामाजिक लैंडिंग पेज पर ले जाने वाले क्लिक की मंज़ूरी है.

Facebook: हम Facebook "लाइक" बटन या "लाइक" बॉक्स प्लग-इन वाले विज्ञापनों को Google Display Network या Google Sites पर दिखाने की अनुमति नहीं देते. इस सुविधा या आइकॉन वाले विज्ञापन अस्वीकार कर दिए जाएंगे, चाहे यह सुविधा काम कर रही हो या नहीं. अगर आप अपने विज्ञापन में Facebook के एपीआई या सुविधाओं को शामिल करने के तरीके के बारे में कोई और सवाल पूछना चाहते हैं, तो कृपया Facebook से सीधे संपर्क करें.

HTML5 की सुविधाओं का इस्तेमाल करना

सभी ब्राउज़र सभी HTML5 विशेषताओं का समर्थन नहीं करते. विज़ुअल प्रस्तुति के लिए, HTML5 एवं CSS3 उपलब्धता वेबसाइट देखें. संगतता की पूर्ण सूची के लिए, क्या मैं इसका उपयोग कर सकता/सकती हूं वेबसाइट देखें.

ऐसे डिवाइस जिन पर यह सुविधा काम करती है

विज्ञापन विशिष्ट रूप से डेस्कटॉप, मोबाइल या क्रॉस-डिवाइस (डेस्कटॉप, टैबलेट और मोबाइल) के लिए बनाए जा सकते हैं. वर्तमान में, केवल-टैबलेट लाइटबॉक्स विज्ञापन समर्थित नहीं हैं.

सभी डेस्कटॉप कंप्यूटर, टैबलेट और स्मार्ट फ़ोन HTML5 लाइटबॉक्स विज्ञापन प्रदर्शित कर सकते हैं. WAP और मध्यम-श्रेणी के मोबाइल फ़ोन समर्थित नहीं हैं.

लाइटबॉक्स विज्ञापनों और उनसे जुड़ी वेबसाइटों और ऐप्लिकेशन में अडल्ट कॉन्टेंट या ऐसे कॉन्टेंट नहीं होने चाहिए जो परिवार के साथ नहीं देखे जा सकते हैं. ज़्यादा जानकारी के लिए, अडल्ट कॉन्टेंट की नीति देखें.

सबमिशन और टर्नअराउंड का समय

कस्टम लाइटबॉक्स विज्ञापन

आपके लाइटबॉक्स विज्ञापनों (या Studio QA में प्रकाशित क्रिएटिव) के क्रिएटिव संपत्ति, आपके कैंपेन की शुरू होने की तारीख से 9-11 कामकाजी दिनों के पहले Studio में डिलीवर कर दिए जाने चाहिए. ध्यान दें कि क्रिएटिव की मात्रा और जटिलता के आधार पर, इसके निर्माण और QA प्रक्रिया में ज़्यादा समय लग सकता है.

हर इलाके में सबमिशन और टर्नअराउंड का समय अलग-अलग होता है. इलाके के हिसाब से नियमों के लिए, कृपया अपने Google प्रतिनिधि से संपर्क करें.

चालू कैंपेन के लिए, हर 90-दिनों की अवधि में Google सर्वर से आने वाले विज्ञापनों के लिए, ज़्यादा से ज़्यादा दो क्रिएटिव बदलावों की अनुमति है.

टर्नअराउंड का समय इनके अनुसार बदलता है:

  • पोस्ट-प्रोडक्शन और QA: चार कामकाजी दिन
  • संशोधन और क्लाइंट की मंज़ूरी: दो से तीन कामकाजी दिन
  • Campaign Manager 360 में ट्रैफ़िकिंग: एक से दो कामकाजी दिन
  • Google Display Network साइट टेस्टिंग और बीटा टेस्टिंग: दो कामकाजी दिन
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